Code: 2WTI2FQuestions: 17Maximum Marks: 52Generated: 2026-06-15 13:05
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SubjectHindi
Lessonsफणीश्वरनाथ रेणु – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
Questions selected17
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Q1. [3]
बढ़ती हुई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किए गए मानवीय क्रियाकलापों ने प्रकृति को नकारात्मक रूप में प्रभावित कर उसे असंतुलित किया है । प्रकृति के इस असंतुलन का मानवीय जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा है ? 'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठे के संदर्भ में लिखिए ।
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q11 (क)
Q2. [3]
'अब कहाँ दूसरों के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ के आधार पर लिखिए कि लेखक की माँ द्वारा उन्हें समय-समय पर क्या निर्देश दिए जाते थे ? उन निर्देशों के माध्यम से पाठकों को क्या सीख दी गई है ?
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q11 (क)
Q3. [1]
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए उचित उत्तर वाले विकल्प का चयन कर लिखिए : 'व्यथा आदमी को पराजित नहीं करती, उसे आगे बढ़ने का संदेश देती है ।' – पंक्ति का भाव है –
- A जीवन की प्रत्येक घटना किसी उद्देश्य को लेकर घटित होती है ।
- B सुख-दुख का सम्मिश्रण ही जीवन का आधार है ।
- C विपरीत परिस्थितियाँ मनुष्य को सक्षम बनाने में सहायक हैं ।
- D विपरीत परिस्थितियाँ मनुष्य को सुखों की ओर अग्रसर करती हैं ।
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q10 (i)
Q4. [5]
ग्वालियर से बंबई की दूरी ने संसार को काफ़ी कुछ बदल दिया है । वर्सोवा में आज जहाँ मेरा घर है, पहले यहाँ दूर तक जंगल था । पेड़ थे, परिंदे थे और दूसरे जानवर थे । अब यहाँ समंदर के किनारे लंबी-चौड़ी बस्ती बन गई है । इस बस्ती ने न जाने कितने परिंदों-चरिंदों से उनका घर छीन लिया है । इनमें से कुछ शहर छोड़कर चले गए हैं । जो नहीं जा सके हैं उन्होंने यहाँ-वहाँ डेरा डाल लिया है । इनमें से दो कबूतरों ने मेरे फ्लैट के एक मचान में घोंसला बना लिया है । बच्चे अभी छोटे हैं । उनके खिलाने-पिलाने की जिम्मेदारी अभी बड़े कबूतरों की है । वे दिन में कई-कई बार आते-जाते हैं । और क्यों न आएँ-जाएँ आखिर उनका भी घर है । लेकिन उनके आने-जाने से हमें परेशानी भी होती है । वे कभी किसी चीज को गिराकर तोड़ देते हैं । कभी मेरी लाइब्रेरी में घुसकर कबीर या मिर्ज़ा गालिब को सताने लगते हैं । इस रोज़-रोज़ की परेशानी से तंग आकर मेरी पत्नी ने उस जगह जहाँ उनका आशियाना था, एक जाली लगा दी है, उनके बच्चों को दूसरी जगह कर दिया है । उनके आने की खिड़की को भी बंद किया जाने लगा है । खिड़की के बाहर अब दोनों कबूतर रातभर खामोश और उदास बैठे रहते हैं ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
- (i) पहले वर्सोवा की क्या स्थिति थी ? [1]
- A दूर तक सुनसान था ।
- B समुद्र किनारे बस्ती थी ।
- C आवागमन के साधन नहीं थे ।
- D प्राकृतिक परिवेश था ।
- (ii) 'इस बस्ती ने न जाने कितने परिंदों-चरिंदों से उनका घर छीन लिया' – पंक्ति संकेत करती है – [1]
- A बढ़ते शहरीकरण के दुष्परिणामों की ओर
- B बढ़ते शहरीकरण से जीव-जंतुओं के बेघर होने की ओर
- C जीव-जंतुओं के प्राकृतिक आशियानों से चले जाने की ओर
- D जीव-जंतुओं की प्रजातियाँ विलुप्त हो जाने की ओर
- (iii) 'जो नहीं जा सके हैं उन्होंने यहाँ-वहाँ डेरा डाल लिया है' – पंक्ति में 'डेरा डालना' का आशय है – [1]
- A स्थायी पड़ाव बनाना ।
- B अस्थायी पड़ाव बनाना ।
- C जबरदस्ती घर बनाना ।
- D किसी भी प्रकार से रहना ।
- (iv) कबूतर लेखक के घर क्यों आया-जाया करते थे ? [1]
- A उस घर को अपना मानने के कारण
- B वहाँ अपना घोंसला होने के कारण
- C खिड़की खुली होने के कारण
- D अपने बच्चों को खिलाने-पिलाने के लिए
- (v) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए : कथन : खिड़की के बाहर दोनों कबूतर रातभर खामोश और उदास बैठे रहते थे । कारण : उनका आशियाना छिन गया था । [1]
- A कथन तथा कारण दोनों गलत हैं ।
- B कारण सही है, किंतु कथन गलत है ।
- C कथन सही है, लेकिन कारण उसकी गलत व्याख्या करता है ।
- D कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है ।
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q9
Q5. [5]
ग्वालियर से बंबई की दूरी ने संसार को काफ़ी कुछ बदल दिया है । वर्सोवा में जहाँ आज मेरा घर है, पहले यहाँ दूर तक जंगल था । पेड़ थे, परिंदे थे और दूसरे जानवर थे । अब यहाँ समंदर के किनारे लंबी-चौड़ी बस्ती बन गई है । इस बस्ती ने न जाने कितने परिंदों-चरिंदों से उनका घर छीन लिया है । इनमें से कुछ शहर छोड़कर चले गए हैं । जो नहीं जा सके हैं उन्होंने यहाँ-वहाँ डेरा डाल लिया है । इनमें से दो कबूतरों ने मेरे फ्लैट के एक मचान में घोंसला बना लिया है । बच्चे अभी छोटे हैं । उनके खिलाने-पिलाने की ज़िम्मेदारी अभी बड़े कबूतरों की है । वे दिन में कई-कई बार आते-जाते हैं । और क्यों न आएँ-जाएँ आखिर उनका भी घर है । लेकिन उनके आने-जाने से हमें परेशानी भी होती है । वे कभी किसी चीज़ को गिराकर तोड़ देते हैं । कभी मेरी लाइब्रेरी में घुसकर कबीर या मिर्ज़ा गालिब को सताने लगते हैं । इस रोज़-रोज़ की परेशानी से तंग आकर मेरी पत्नी ने उस जगह जहाँ उनका आशियाना था, एक जाली लगा दी है, उनके बच्चों को दूसरी जगह कर दिया है । उनके आने की खिड़की को भी बंद किया जाने लगा है । खिड़की के बाहर अब दोनों कबूतर रात-भर खामोश और उदास बैठे रहते हैं ।
निम्नलिखित पठित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर सर्वाधिक उचित विकल्प चुनकर लिखिए : (5 × 1 = 5)
- (I) लेखक पहले कहाँ रहता था और अब कहाँ रहने लगा है ? [1]
- (A) बंबई (मुंबई)-ग्वालियर
- (B) वर्सोवा – ग्वालियर
- (C) बंबई – वर्सोवा
- (D) ग्वालियर – बंबई
- (II) लेखक जब वर्सोवा रहने आया तो वहाँ स्थिति कैसी थी ? [1]
- (A) प्राकृतिक वातावरण समृद्ध था ।
- (B) आधुनिक सुविधाओं से भरपूर वातावरण था ।
- (C) हवा-पानी की पर्याप्त सुविधा थी ।
- (D) अड़ोस-पड़ोस बहुत अच्छा था ।
- (III) कबूतरों की उदासी का कारण था [1]
- (A) वे अपने बच्चों को खाना नहीं दे पाते थे ।
- (B) घर में अंदर जाने के रास्ते बंद हो गए थे ।
- (C) बच्चे जाली के पीछे रह गए थे ।
- (D) बच्चे जाली से बाहर आना चाह रहे थे ।
- (IV) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए ।
कथन : लेखक की पत्नी ने कबूतरों के घोंसले का स्थान बदल दिया ।
कारण : वे घर के अंदर घुसकर टेबल-पुस्तकें आदि गंदी कर देते थे । [1]
- (A) कथन सही है, किंतु कारण गलत है ।
- (B) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं ।
- (C) कथन गलत है, किंतु कारण सही है ।
- (D) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है ।
- (V) गद्यांश के आधार पर बढ़ते शहरीकरण का क्या दुष्परिणाम निकला ? [1]
- (A) पर्यावरण दूषित हो गया ।
- (B) जीवन फ्लैटों में सिमट गया ।
- (C) जीव-जंतु घर से बेघर हो गए ।
- (D) समुद्र किनारे घनी आबादी बस गई ।
Previously asked in: 2025 4/6/1 Q7
Q6. [5]
कई सालों से बड़े–बड़े बिल्डर समंदर को पीछे धकेल कर उसकी ज़मीन को हथिया रहे थे । बेचारा समंदर लगातार सिमटता जा रहा था । पहले उसने अपनी फैली हुई टाँगें समेटीं, थोड़ा सिमटकर बैठ गया । फिर जगह कम पड़ी तो उकड़ूँ बैठ गया । फिर खड़ा हो गया... जब खड़े रहने की जगह कम पड़ी तो उसे गुस्सा आ गया । जो जितना बड़ा होता है उसे उतना ही कम गुस्सा आता है । परंतु आता है तो रोकना मुश्किल हो जाता है, और यही हुआ, उसने एक रात अपनी लहरों पर दौड़ते हुए तीन जहाज़ों को उठाकर बच्चों की गेंद की तरह तीन दिशाओं में फेंक दिया । एक वर्ली के समंदर के किनारे पर आकर गिरा, दूसरा बांद्रा में कार्टर रोड के सामने औंधे मुँह और तीसरा गेट-वे-ऑफ इंडिया पर टूट-फूटकर सैलानियों का नज़ारा बना । बावजूद कोशिश, वे फिर से चलने-फिरने के काबिल नहीं हो सके ।
निम्नलिखित पठित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर सर्वाधिक उचित विकल्प चुनकर लिखिए :
- (I) मनुष्य ने समुद्र के साथ क्या किया ? [1]
- (A) समुद्री ज़मीन पर कब्जा कर लिया ।
- (B) समुद्री जीव-जंतुओं का विनाश किया ।
- (C) समुद्र के सहारे व्यापार किया जाने लगा ।
- (D) समुद्री जल को पीने लायक बनाया ।
- (II) समुद्र की सहनशीलता ने कब जवाब दे दिया ? [1]
- (A) जबरन समेटने पर
- (B) मानव के दुरुपयोग पर
- (C) अपना अस्तित्व ही खतरे में आने पर
- (D) मानव द्वारा उसका पानी सुखाने पर
- (III) कॉलम–1 और कॉलम–2 को सुमेलित करके सही विकल्प चुनिए : [1]
- (A) (1-iii), (2-ii), (3-i)
- (B) (1-ii), (2-iii), (3-i)
- (C) (1-ii), (2-i), (3-iii)
- (D) (1-iii), (2-i), (3-ii)
- (IV) बड़े-बड़े बिल्डर समुद्र की ज़मीन क्यों हथिया रहे हैं ? [1]
- (A) अपनी बढ़ती स्वार्थपरता के कारण
- (B) बढ़ती आबादी के लिए घर बनाने हेतु
- (C) समुद्र किनारे की ज़मीन सस्ती होने के कारण
- (D) सैलानियों के आकर्षण का केन्द्र होने के कारण
- (V) कोशिश के बावजूद भी जहाज चलने-फिरने लायक क्यों नहीं हो सके ? [1]
- (A) पुराने होने के कारण कल-पुर्जे नहीं मिल रहे थे ।
- (B) उन्हें समुद्र में उतारना खतरनाक था ।
- (C) उनकी मरम्मत नहीं हो पा रही थी ।
- (D) उनकी स्थिति बहुत खराब हो गई थी ।
Previously asked in: 2025 4/5/1 Q7
Q7. [5]
दुनिया कैसे वजूद में आई? पहले क्या थी? किस बिंदु से इसकी यात्रा शुरू हुई? इन प्रश्नों के उत्तर विज्ञान अपनी तरह से देता है, धार्मिक ग्रंथ अपनी-अपनी तरह से। संसार की रचना भले ही कैसे हुई हो लेकिन धरती किसी एक की नहीं है। पंछी, मानव, पशु, नदी, पर्वत, समंदर आदि की इसमें बराबर की हिस्सेदारी है। यह और बात है कि इस हिस्सेदारी में मानव जाति ने अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर दी हैं। पहले पूरा संसार एक परिवार के समान था अब टुकड़ों में बँटकर एक-दूसरे से दूर हो चुका है। पहले बड़े-बड़े दालानों-आँगनों में सब मिल-जुलकर रहते थे अब छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में जीवन सिमटने लगा है। बढ़ती हुई आबादियों ने समंदर को पीछे सरकाना शुरू कर दिया है, पेड़ों को रास्तों से हटाना शुरू कर दिया है, फैलते हुए प्रदूषण ने पंछियों को बस्तियों से भगाना शुरू कर दिया है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए बहुविकल्पी प्रश्नों के उत्तर सर्वाधिक उचित विकल्प चुनकर दीजिए :
- (i) धरती के बारे में क्या कहा गया है? [1]
- A धरती मानव की है
- B धरती का अस्तित्व पहले से है
- C धरती सबकी साझी है
- D धरती सहनशीला है
- (ii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर लिखिए :
कथन : पहले धरती पर प्रत्येक जीव-जन्तु अपना अधिकार समझते और मिलजुलकर रहते।
कारण : 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना में विश्वास रखते थे। [1]
- A कथन और कारण दोनों गलत हैं।
- B कथन सही है लेकिन कारण गलत है।
- C कथन गलत है किंतु कारण सही है।
- D कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है।
- (iii) संयुक्त परिवारों की वर्तमान में क्या स्थिति है? [1]
- A एकल परिवारों में सिमटना
- B स्वार्थ का हावी होना
- C परस्पर मिलनसारिता
- D सभी एक-दूसरे के सहायक
- (iv) बढ़ती जनसंख्या का प्रभाव हुआ : [1]
- A समुद्र को धकेलना शुरू हुआ
- B सब अपने लिए स्थान खोजने लगे
- C संसाधनों की खोज शुरू हुई
- D लूट-पाट बढ़ने लगी
- (v) कॉलम-1 और कॉलम-2 को सुमेलित करके सही उत्तर चुनिए : [1]
- A 1-II, 2-I, 3-III
- B 1-I, 2-III, 3-II
- C 1-II, 2-III, 3-I
- D 1-III, 2-I, 3-II
Previously asked in: 2025 4/4/1 Q7
Q8. [2]
जीव-जंतुओं के प्रति व्यवहार में निदाफाज़ली की माँ और पत्नी के व्यवहार के अंतर 'अब कहाँ दूसरों के दुख से दुखी होने वाले' पाठ के आधार पर लिखिए।
Previously asked in: 2025 4/3/1 Q8 (घ)
Q9. [2]
'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठ के आधार पर नूह के मुद्दत तक रोते रहने का कारण स्पष्ट कीजिए। इससे उनके चरित्र की किस विशेषता का पता चलता है ?
Previously asked in: 2025 4/1/1 Q8 (घ)
Q10. [2]
'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठ में लेखक की माँ के कौन-कौन-से विचार आपको आज के संदर्भ में उपयुक्त लगते हैं और क्यों ? स्पष्ट कीजिए ।
Previously asked in: 2026 4/3/1 Q8 (ii)
Q11. [3]
निदा फ़ाज़ली अपनी माँ और पत्नी द्वारा जीव-जंतुओं के साथ किए जाने वाले व्यवहार के अंतर से क्या कहना चाहते हैं ? 'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठ के संदर्भ में लिखिए ।
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q11 (ख)
Q12.
गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : 'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठ के आधार पर शेख अयाज़ के पिता द्वारा भोजन छोड़कर उठने का कारण था :
- (a) भोजन का अच्छा नहीं लगना
- (b) पेट का भर जाना
- (c) आवश्यक काम का याद आ जाना
- (d) बेघर जीव को उसके घर पहुँचाना
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q10 (i)
Q13. [3]
'अब कहाँ दूसरों के दुख से दुखी होने वाले' पाठ में लेखक की माँ उन्हें प्रकृति का ख्याल रखने के बारे में क्या-क्या बताती थीं ? इनके माध्यम से वह लेखक में किन जीवन-मूल्यों का विकास करना चाहती थी ?
Previously asked in: 2023 4/2/1 Q11 (क)
Q14. [3]
'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठ में महाकवि शेख अयाज़ की आत्मकथा से किस घटना को उद्धृत किया गया है ? उस घटना से आपको क्या सीख मिलती है ? अपने शब्दों में लिखिए ।
Previously asked in: 2024 4/5/1 Q11 (ग)
Q15. [3]
'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठ के लेखक की माँ की तरह आपकी माँ भी आपको कुछ हिदायतें देती होंगी, उन्हें अपने शब्दों में लिखिए और बताइए कि आप पर क्या प्रभाव पड़ा ।
Previously asked in: 2024 4/4/1 Q11 (ग)
Q16. [2]
'अब कहाँ दूसरों के दुख से दुखी होने वाले' पाठ में लेखक ने मानवीय क्रियाकलापों और असंवेदनशीलता द्वारा पर्यावरण और प्रकृति को काफी नुकसान पहुँचने की बात की है ? क्या वर्तमान में इसे कम एवं नियंत्रित करना संभव है ? तर्कसम्मत उत्तर लिखिए ।
Previously asked in: 2026 4/5/1 Q8 (iii)
Q17. [5]
पंछी, मानव, पशु, नदी, पर्वत, समंदर आदि की इसमें बराबर की हिस्सेदारी है । यह और बात है कि इस हिस्सेदारी में मानव जाति ने अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर दी हैं । पहले पूरा परिवार एक परिवार के समान था, अब टुकड़ों में बँटकर एक दूसरे से दूर हो चुका है । पहले बड़े-बड़े दालानों-आँगनों में सब मिलजुलकर रहते थे, अब छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में जीवन सिमटने लगा है । बढ़ती हुई आबादियों ने समंदर को पीछे सरकाना शुरू कर दिया है, पेड़ों को रास्तों से हटाना शुरू कर दिया है, फैलते हुए प्रदूषण ने पंछियों को बस्तियों से भगाना शुरू कर दिया है । बारूद की विनाशलीलाओं ने वातावरण को सताना शुरू कर दिया । अब गरमी में ज़्यादा गरमी, बेवक्त की बरसातें, जलजले, सैलाब, तूफान और नित नए रोग, मानव और प्रकृति के इसी असंतुलन के परिणाम हैं । नेचर की सहनशक्ति की एक सीमा होती है । नेचर के गुस्से का एक नमूना कुछ साल पहले बंबई में देखने को मिला था और यह नमूना इतना डरावना था कि बंबई निवासी डरकर अपने-अपने पूजा-स्थल में अपने खुदाओं से प्रार्थना करने लगे थे ।
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
- (i) अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर देने का आशय है – [1]
- (A) धरती पर ऊँची-ऊँची इमारतों का निर्माण
- (B) धरती को देश की सीमाओं में बाँधना
- (C) प्रकृति के अन्य जीवों और तत्त्वों से दूरी
- (D) बुद्धि-बल से प्रकृति को नियंत्रित करना
- (ii) बंबई निवासी ईश्वर से प्रार्थना क्यों करने लगे ? [1]
- (A) ईश्वर की प्रार्थना करना उनका दैनिक कर्म था ।
- (B) प्रार्थना करके वे अपने-अपने पूजा-स्थलों को बचा सकते थे ।
- (C) वे अपने तरीके से अपने प्रार्थना की शक्ति परखना चाहते थे ।
- (D) प्रकृति के कोप को देखकर उन्हें अपना अस्तित्व संकट में लगा ।
- (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : मानव और प्रकृति के बीच बढ़ते असंतुलन का मुख्य कारण मानव की बढ़ती स्वार्थपरता है ।
कारण : बुद्धि के विकास ने ही मानव को अच्छे-बुरे का ज्ञान करवाया जिससे अंतत: पर्यावरण सकारात्मक रूप से प्रभावित हुआ । [1]
- (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
- (B) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है ।
- (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की गलत व्याख्या करता है ।
- (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
- (iv) प्रकृति के असंतुलन का परिणाम नहीं है [1]
- (A) मौसम चक्र में परिवर्तन
- (B) विकास-दर में वृद्धि
- (C) प्राकृतिक आपदाओं में बढ़ोतरी
- (D) नए-नए रोगों की उत्पत्ति
- (v) 'पहले पूरा संसार एक परिवार के समान था' – का भाव है [1]
- (A) पहले संसार परिवार की सीमाओं में नहीं बँटा था ।
- (B) पहले संसार में अलग-अलग देश ही नहीं थे ।
- (C) पहले लोग मानव और प्रकृति के संबंधों से अनजान थे ।
- (D) पहले के लोग सह-अस्तित्व का सम्मान करते थे ।
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q7
Code: 2WTI2FQuestions: 17Maximum Marks: 52Generated: 2026-06-15 13:05
Q1. [3]
बढ़ती हुई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किए गए मानवीय क्रियाकलापों ने प्रकृति को नकारात्मक रूप में प्रभावित कर उसे असंतुलित किया है । प्रकृति के इस असंतुलन का मानवीय जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा है ? 'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठे के संदर्भ में लिखिए ।
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q11 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:17 · grounding rag
Model Answer
मानवीय क्रियाकलापों — जैसे बड़े-बड़े भवनों का निर्माण, समुद्र को पीछे धकेलना, जंगलों की कटाई — से प्रकृति का संतुलन बिगड़ गया है। इसके परिणामस्वरूप:
- तापमान में वृद्धि हुई और बाढ़ व भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएँ बढ़ीं।
- असमय वर्षा और तूफ़ान आने लगे।
- पशु-पक्षियों के आवास नष्ट हो गए और मानव जीवन भी छोटे-छोटे घरों में सिमटने लगा।
- प्रकृति के इस असंतुलन ने मानव के स्वास्थ्य, सुरक्षा और शांति को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित किया।
Source: 'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले', लिखित (ख)
Explanation
परीक्षक यहाँ पाठ के आधार पर प्रकृति के असंतुलन के मानव-जीवन पर प्रभाव (न केवल पर्यावरण पर) पूछ रहे हैं। मुख्य बिंदु: प्राकृतिक आपदाएँ, जीवन का सिकुड़ना, पशु-पक्षियों का विस्थापन और उसका मानव पर असर — ये सब लिखना आवश्यक है। उत्तर पाठ के संदर्भ में ही रखें।
Q2. [3]
'अब कहाँ दूसरों के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ के आधार पर लिखिए कि लेखक की माँ द्वारा उन्हें समय-समय पर क्या निर्देश दिए जाते थे ? उन निर्देशों के माध्यम से पाठकों को क्या सीख दी गई है ?
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q11 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:17 · grounding rag
Model Answer
लेखक की माँ उन्हें निम्नलिखित निर्देश देती थीं:
- सूरज ढले आँगन के पेड़ों से पत्ते मत तोड़ो, पेड़ रोएँगे।
- दीया-बत्ती के वक्त फूलों को मत तोड़ो, फूल बददुआ देते हैं।
- दरिया पर जाओ तो उसे सलाम किया करो।
- कबूतरों को मत सताओ।
- मुर्गे को परेशान मत करो।
सीख: इन निर्देशों के माध्यम से पाठकों को यह सीख दी गई है कि प्रकृति के हर जीव — पेड़, पक्षी, नदी — के प्रति संवेदना और सम्मान का भाव रखना चाहिए। सभी प्राणियों के दुख में दुखी होना ही सच्ची मानवता है।
Source: अब कहाँ दूसरों के दुःख से दुःखी होने वाले, Chapter 12
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Explanation
- The question has two parts: (i) माँ के निर्देश and (ii) उनसे मिली सीख — cover both.
- Directly quote/paraphrase the instructions from the passage; the examiner expects textual accuracy.
- The "सीख" part should connect the instructions to the broader theme of the lesson: compassion toward all living beings and nature.
- 3 marks = ~3-4 instructions + 1-2 lines on the lesson's message. Do not write more.
Q3. [1]
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए उचित उत्तर वाले विकल्प का चयन कर लिखिए : 'व्यथा आदमी को पराजित नहीं करती, उसे आगे बढ़ने का संदेश देती है ।' – पंक्ति का भाव है –
- A जीवन की प्रत्येक घटना किसी उद्देश्य को लेकर घटित होती है ।
- B सुख-दुख का सम्मिश्रण ही जीवन का आधार है ।
- C विपरीत परिस्थितियाँ मनुष्य को सक्षम बनाने में सहायक हैं ।
- D विपरीत परिस्थितियाँ मनुष्य को सुखों की ओर अग्रसर करती हैं ।
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q10 (i)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:17 · grounding rag
Model Answer
उत्तर: (C) विपरीत परिस्थितियाँ मनुष्य को सक्षम बनाने में सहायक हैं।
Explanation
The line says "व्यथा (pain/suffering) पराजित नहीं करती, आगे बढ़ने का संदेश देती है" — meaning hardship doesn't defeat a person, it motivates them to move forward. This directly matches option C: adverse circumstances help make a person capable. Options A and B are unrelated themes; option D incorrectly says hardships lead toward pleasures, which is not the meaning.
Q4. [5]
ग्वालियर से बंबई की दूरी ने संसार को काफ़ी कुछ बदल दिया है । वर्सोवा में आज जहाँ मेरा घर है, पहले यहाँ दूर तक जंगल था । पेड़ थे, परिंदे थे और दूसरे जानवर थे । अब यहाँ समंदर के किनारे लंबी-चौड़ी बस्ती बन गई है । इस बस्ती ने न जाने कितने परिंदों-चरिंदों से उनका घर छीन लिया है । इनमें से कुछ शहर छोड़कर चले गए हैं । जो नहीं जा सके हैं उन्होंने यहाँ-वहाँ डेरा डाल लिया है । इनमें से दो कबूतरों ने मेरे फ्लैट के एक मचान में घोंसला बना लिया है । बच्चे अभी छोटे हैं । उनके खिलाने-पिलाने की जिम्मेदारी अभी बड़े कबूतरों की है । वे दिन में कई-कई बार आते-जाते हैं । और क्यों न आएँ-जाएँ आखिर उनका भी घर है । लेकिन उनके आने-जाने से हमें परेशानी भी होती है । वे कभी किसी चीज को गिराकर तोड़ देते हैं । कभी मेरी लाइब्रेरी में घुसकर कबीर या मिर्ज़ा गालिब को सताने लगते हैं । इस रोज़-रोज़ की परेशानी से तंग आकर मेरी पत्नी ने उस जगह जहाँ उनका आशियाना था, एक जाली लगा दी है, उनके बच्चों को दूसरी जगह कर दिया है । उनके आने की खिड़की को भी बंद किया जाने लगा है । खिड़की के बाहर अब दोनों कबूतर रातभर खामोश और उदास बैठे रहते हैं ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
- (i) पहले वर्सोवा की क्या स्थिति थी ? [1]
- A दूर तक सुनसान था ।
- B समुद्र किनारे बस्ती थी ।
- C आवागमन के साधन नहीं थे ।
- D प्राकृतिक परिवेश था ।
- (ii) 'इस बस्ती ने न जाने कितने परिंदों-चरिंदों से उनका घर छीन लिया' – पंक्ति संकेत करती है – [1]
- A बढ़ते शहरीकरण के दुष्परिणामों की ओर
- B बढ़ते शहरीकरण से जीव-जंतुओं के बेघर होने की ओर
- C जीव-जंतुओं के प्राकृतिक आशियानों से चले जाने की ओर
- D जीव-जंतुओं की प्रजातियाँ विलुप्त हो जाने की ओर
- (iii) 'जो नहीं जा सके हैं उन्होंने यहाँ-वहाँ डेरा डाल लिया है' – पंक्ति में 'डेरा डालना' का आशय है – [1]
- A स्थायी पड़ाव बनाना ।
- B अस्थायी पड़ाव बनाना ।
- C जबरदस्ती घर बनाना ।
- D किसी भी प्रकार से रहना ।
- (iv) कबूतर लेखक के घर क्यों आया-जाया करते थे ? [1]
- A उस घर को अपना मानने के कारण
- B वहाँ अपना घोंसला होने के कारण
- C खिड़की खुली होने के कारण
- D अपने बच्चों को खिलाने-पिलाने के लिए
- (v) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए : कथन : खिड़की के बाहर दोनों कबूतर रातभर खामोश और उदास बैठे रहते थे । कारण : उनका आशियाना छिन गया था । [1]
- A कथन तथा कारण दोनों गलत हैं ।
- B कारण सही है, किंतु कथन गलत है ।
- C कथन सही है, लेकिन कारण उसकी गलत व्याख्या करता है ।
- D कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है ।
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q9
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Model Answer
(i) D — प्राकृतिक परिवेश था ।
(पहले वर्सोवा में दूर तक जंगल था, पेड़ थे, परिंदे थे और दूसरे जानवर थे — अर्थात् प्राकृतिक परिवेश था।)
---
(ii) B — बढ़ते शहरीकरण से जीव-जंतुओं के बेघर होने की ओर
(बस्ती बनने से परिंदों-चरिंदों का घर छिन गया — यह सीधे बेघर होने की ओर संकेत करता है।)
---
(iii) B — अस्थायी पड़ाव बनाना ।
(जो जानवर शहर छोड़कर नहीं जा सके, उन्होंने यहाँ-वहाँ अस्थायी रूप से रहना शुरू कर दिया।)
---
(iv) D — अपने बच्चों को खिलाने-पिलाने के लिए
(गद्यांश में स्पष्ट है कि बच्चे छोटे थे और बड़े कबूतर उन्हें खिलाने-पिलाने के लिए दिन में कई-कई बार आते-जाते थे।)
---
(v) D — कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है ।
(पत्नी ने जाली लगाकर उनका आशियाना छीन लिया, इसीलिए कबूतर रातभर खामोश और उदास बैठे रहते थे।)
Source: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले, गद्यांश-1
---
Explanation
- (i): "पेड़ थे, परिंदे थे और दूसरे जानवर थे" — यह प्राकृतिक परिवेश को दर्शाता है। Option A (सुनसान) गलत है क्योंकि जंगल था।
- (ii): Option B सबसे सटीक है। Option A बहुत सामान्य है; पंक्ति विशेष रूप से बेघर होने की बात करती है।
- (iii): 'डेरा डालना' मुहावरे का अर्थ पड़ाव डालना/रुकना है। यहाँ अस्थायी आश्रय बनाने का भाव है।
- (iv): गद्यांश में "खिलाने-पिलाने की जिम्मेदारी" सीधे लिखी है — यही सबसे सटीक कारण है।
- (v): कथन और कारण दोनों गद्यांश से सिद्ध होते हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
Q5. [5]
ग्वालियर से बंबई की दूरी ने संसार को काफ़ी कुछ बदल दिया है । वर्सोवा में जहाँ आज मेरा घर है, पहले यहाँ दूर तक जंगल था । पेड़ थे, परिंदे थे और दूसरे जानवर थे । अब यहाँ समंदर के किनारे लंबी-चौड़ी बस्ती बन गई है । इस बस्ती ने न जाने कितने परिंदों-चरिंदों से उनका घर छीन लिया है । इनमें से कुछ शहर छोड़कर चले गए हैं । जो नहीं जा सके हैं उन्होंने यहाँ-वहाँ डेरा डाल लिया है । इनमें से दो कबूतरों ने मेरे फ्लैट के एक मचान में घोंसला बना लिया है । बच्चे अभी छोटे हैं । उनके खिलाने-पिलाने की ज़िम्मेदारी अभी बड़े कबूतरों की है । वे दिन में कई-कई बार आते-जाते हैं । और क्यों न आएँ-जाएँ आखिर उनका भी घर है । लेकिन उनके आने-जाने से हमें परेशानी भी होती है । वे कभी किसी चीज़ को गिराकर तोड़ देते हैं । कभी मेरी लाइब्रेरी में घुसकर कबीर या मिर्ज़ा गालिब को सताने लगते हैं । इस रोज़-रोज़ की परेशानी से तंग आकर मेरी पत्नी ने उस जगह जहाँ उनका आशियाना था, एक जाली लगा दी है, उनके बच्चों को दूसरी जगह कर दिया है । उनके आने की खिड़की को भी बंद किया जाने लगा है । खिड़की के बाहर अब दोनों कबूतर रात-भर खामोश और उदास बैठे रहते हैं ।
निम्नलिखित पठित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर सर्वाधिक उचित विकल्प चुनकर लिखिए : (5 × 1 = 5)
- (I) लेखक पहले कहाँ रहता था और अब कहाँ रहने लगा है ? [1]
- (A) बंबई (मुंबई)-ग्वालियर
- (B) वर्सोवा – ग्वालियर
- (C) बंबई – वर्सोवा
- (D) ग्वालियर – बंबई
- (II) लेखक जब वर्सोवा रहने आया तो वहाँ स्थिति कैसी थी ? [1]
- (A) प्राकृतिक वातावरण समृद्ध था ।
- (B) आधुनिक सुविधाओं से भरपूर वातावरण था ।
- (C) हवा-पानी की पर्याप्त सुविधा थी ।
- (D) अड़ोस-पड़ोस बहुत अच्छा था ।
- (III) कबूतरों की उदासी का कारण था [1]
- (A) वे अपने बच्चों को खाना नहीं दे पाते थे ।
- (B) घर में अंदर जाने के रास्ते बंद हो गए थे ।
- (C) बच्चे जाली के पीछे रह गए थे ।
- (D) बच्चे जाली से बाहर आना चाह रहे थे ।
- (IV) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए ।
कथन : लेखक की पत्नी ने कबूतरों के घोंसले का स्थान बदल दिया ।
कारण : वे घर के अंदर घुसकर टेबल-पुस्तकें आदि गंदी कर देते थे । [1]
- (A) कथन सही है, किंतु कारण गलत है ।
- (B) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं ।
- (C) कथन गलत है, किंतु कारण सही है ।
- (D) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है ।
- (V) गद्यांश के आधार पर बढ़ते शहरीकरण का क्या दुष्परिणाम निकला ? [1]
- (A) पर्यावरण दूषित हो गया ।
- (B) जीवन फ्लैटों में सिमट गया ।
- (C) जीव-जंतु घर से बेघर हो गए ।
- (D) समुद्र किनारे घनी आबादी बस गई ।
Previously asked in: 2025 4/6/1 Q7
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Model Answer
(I) (D) ग्वालियर – बंबई
(II) (A) प्राकृतिक वातावरण समृद्ध था ।
(III) (B) घर में अंदर जाने के रास्ते बंद हो गए थे ।
(IV) (D) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है ।
(V) (C) जीव-जंतु घर से बेघर हो गए ।
---
Explanation
- (I): गद्यांश की पहली पंक्ति "ग्वालियर से बंबई की दूरी" तथा "वर्सोवा में जहाँ आज मेरा घर है" से स्पष्ट है कि लेखक पहले ग्वालियर में था, अब बंबई (वर्सोवा) में है।
- (II): "पहले यहाँ दूर तक जंगल था, पेड़ थे, परिंदे थे" — यह प्राकृतिक समृद्धि दर्शाता है।
- (III): "उनके आने की खिड़की को भी बंद किया जाने लगा है" — घर में प्रवेश के रास्ते बंद होना ही उदासी का मुख्य कारण है।
- (IV): कबूतरों ने चीज़ें गिराईं, लाइब्रेरी में उपद्रव किया — यही रोज़-रोज़ की परेशानी थी जिस कारण पत्नी ने जाली लगाई। कथन और कारण दोनों सटीक हैं।
- (V): बस्ती बनने से पक्षी-जानवर बेघर हुए — यही शहरीकरण का सीधा दुष्परिणाम गद्यांश में दिखाया गया है।
Q6. [5]
कई सालों से बड़े–बड़े बिल्डर समंदर को पीछे धकेल कर उसकी ज़मीन को हथिया रहे थे । बेचारा समंदर लगातार सिमटता जा रहा था । पहले उसने अपनी फैली हुई टाँगें समेटीं, थोड़ा सिमटकर बैठ गया । फिर जगह कम पड़ी तो उकड़ूँ बैठ गया । फिर खड़ा हो गया... जब खड़े रहने की जगह कम पड़ी तो उसे गुस्सा आ गया । जो जितना बड़ा होता है उसे उतना ही कम गुस्सा आता है । परंतु आता है तो रोकना मुश्किल हो जाता है, और यही हुआ, उसने एक रात अपनी लहरों पर दौड़ते हुए तीन जहाज़ों को उठाकर बच्चों की गेंद की तरह तीन दिशाओं में फेंक दिया । एक वर्ली के समंदर के किनारे पर आकर गिरा, दूसरा बांद्रा में कार्टर रोड के सामने औंधे मुँह और तीसरा गेट-वे-ऑफ इंडिया पर टूट-फूटकर सैलानियों का नज़ारा बना । बावजूद कोशिश, वे फिर से चलने-फिरने के काबिल नहीं हो सके ।
निम्नलिखित पठित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर सर्वाधिक उचित विकल्प चुनकर लिखिए :
- (I) मनुष्य ने समुद्र के साथ क्या किया ? [1]
- (A) समुद्री ज़मीन पर कब्जा कर लिया ।
- (B) समुद्री जीव-जंतुओं का विनाश किया ।
- (C) समुद्र के सहारे व्यापार किया जाने लगा ।
- (D) समुद्री जल को पीने लायक बनाया ।
- (II) समुद्र की सहनशीलता ने कब जवाब दे दिया ? [1]
- (A) जबरन समेटने पर
- (B) मानव के दुरुपयोग पर
- (C) अपना अस्तित्व ही खतरे में आने पर
- (D) मानव द्वारा उसका पानी सुखाने पर
- (III) कॉलम–1 और कॉलम–2 को सुमेलित करके सही विकल्प चुनिए : [1]
- (A) (1-iii), (2-ii), (3-i)
- (B) (1-ii), (2-iii), (3-i)
- (C) (1-ii), (2-i), (3-iii)
- (D) (1-iii), (2-i), (3-ii)
- (IV) बड़े-बड़े बिल्डर समुद्र की ज़मीन क्यों हथिया रहे हैं ? [1]
- (A) अपनी बढ़ती स्वार्थपरता के कारण
- (B) बढ़ती आबादी के लिए घर बनाने हेतु
- (C) समुद्र किनारे की ज़मीन सस्ती होने के कारण
- (D) सैलानियों के आकर्षण का केन्द्र होने के कारण
- (V) कोशिश के बावजूद भी जहाज चलने-फिरने लायक क्यों नहीं हो सके ? [1]
- (A) पुराने होने के कारण कल-पुर्जे नहीं मिल रहे थे ।
- (B) उन्हें समुद्र में उतारना खतरनाक था ।
- (C) उनकी मरम्मत नहीं हो पा रही थी ।
- (D) उनकी स्थिति बहुत खराब हो गई थी ।
Previously asked in: 2025 4/5/1 Q7
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Model Answer
(I) (A) समुद्री ज़मीन पर कब्जा कर लिया।
(II) (C) अपना अस्तित्व ही खतरे में आने पर
(III) (D) (1-iii), (2-i), (3-ii)
(IV) (A) अपनी बढ़ती स्वार्थपरता के कारण
(V) (D) उनकी स्थिति बहुत खराब हो गई थी।
Source: गद्यांश (साबरमती के संत / अथवा संबंधित पाठ — समुद्र वर्णन अंश)
---
Explanation
- (I): गद्यांश स्पष्ट कहता है — "बिल्डर समंदर को पीछे धकेल कर उसकी ज़मीन को हथिया रहे थे।" अतः (A) सही है।
- (II): समुद्र ने तब गुस्सा किया जब "खड़े रहने की जगह भी कम पड़ी" — अर्थात् उसका अस्तित्व खतरे में आने पर। (C) सही है।
- (III): (1) समुद्र के रौद्र रूप ने → जहाज़ों को गेंद की तरह उछाल दिया (iii); (2) बड़े आदमी को → गुस्सा कम आता है (i); (3) बिल्डर की हठ ने → स्वयं अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मारी (ii)। अतः (D) सही है।
- (IV): गद्यांश में बिल्डरों की स्वार्थपरता का संकेत है; अन्य विकल्पों का उल्लेख नहीं। (A) सही है।
- (V): गद्यांश कहता है जहाज़ "टूट-फूटकर" गिरे और कोशिश के बावजूद चलने-फिरने के काबिल नहीं हुए — यानी स्थिति बहुत खराब थी। (D) सही है।
Q7. [5]
दुनिया कैसे वजूद में आई? पहले क्या थी? किस बिंदु से इसकी यात्रा शुरू हुई? इन प्रश्नों के उत्तर विज्ञान अपनी तरह से देता है, धार्मिक ग्रंथ अपनी-अपनी तरह से। संसार की रचना भले ही कैसे हुई हो लेकिन धरती किसी एक की नहीं है। पंछी, मानव, पशु, नदी, पर्वत, समंदर आदि की इसमें बराबर की हिस्सेदारी है। यह और बात है कि इस हिस्सेदारी में मानव जाति ने अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर दी हैं। पहले पूरा संसार एक परिवार के समान था अब टुकड़ों में बँटकर एक-दूसरे से दूर हो चुका है। पहले बड़े-बड़े दालानों-आँगनों में सब मिल-जुलकर रहते थे अब छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में जीवन सिमटने लगा है। बढ़ती हुई आबादियों ने समंदर को पीछे सरकाना शुरू कर दिया है, पेड़ों को रास्तों से हटाना शुरू कर दिया है, फैलते हुए प्रदूषण ने पंछियों को बस्तियों से भगाना शुरू कर दिया है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए बहुविकल्पी प्रश्नों के उत्तर सर्वाधिक उचित विकल्प चुनकर दीजिए :
- (i) धरती के बारे में क्या कहा गया है? [1]
- A धरती मानव की है
- B धरती का अस्तित्व पहले से है
- C धरती सबकी साझी है
- D धरती सहनशीला है
- (ii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर लिखिए :
कथन : पहले धरती पर प्रत्येक जीव-जन्तु अपना अधिकार समझते और मिलजुलकर रहते।
कारण : 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना में विश्वास रखते थे। [1]
- A कथन और कारण दोनों गलत हैं।
- B कथन सही है लेकिन कारण गलत है।
- C कथन गलत है किंतु कारण सही है।
- D कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है।
- (iii) संयुक्त परिवारों की वर्तमान में क्या स्थिति है? [1]
- A एकल परिवारों में सिमटना
- B स्वार्थ का हावी होना
- C परस्पर मिलनसारिता
- D सभी एक-दूसरे के सहायक
- (iv) बढ़ती जनसंख्या का प्रभाव हुआ : [1]
- A समुद्र को धकेलना शुरू हुआ
- B सब अपने लिए स्थान खोजने लगे
- C संसाधनों की खोज शुरू हुई
- D लूट-पाट बढ़ने लगी
- (v) कॉलम-1 और कॉलम-2 को सुमेलित करके सही उत्तर चुनिए : [1]
- A 1-II, 2-I, 3-III
- B 1-I, 2-III, 3-II
- C 1-II, 2-III, 3-I
- D 1-III, 2-I, 3-II
Previously asked in: 2025 4/4/1 Q7
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:17 · grounding stimulus
Model Answer
(i) उत्तर : C — धरती सबकी साझी है
गद्यांश में कहा गया है कि धरती किसी एक की नहीं है — पंछी, मानव, पशु, नदी, पर्वत, समंदर आदि सबकी इसमें बराबर की हिस्सेदारी है।
---
(ii) उत्तर : D — कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है।
गद्यांश में स्पष्ट है कि पहले पूरा संसार एक परिवार जैसा था, जो 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना को ही दर्शाता है।
---
(iii) उत्तर : A — एकल परिवारों में सिमटना
गद्यांश के अनुसार पहले बड़े-बड़े दालानों-आँगनों में सब मिल-जुलकर रहते थे, किंतु अब जीवन छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में सिमट गया है।
---
(iv) उत्तर : A — समुद्र को धकेलना शुरू हुआ
गद्यांश में कहा गया है कि बढ़ती हुई आबादियों ने समंदर को पीछे सरकाना शुरू कर दिया है।
---
(v) उत्तर : D — 1-III, 2-I, 3-II
- प्रदूषण ने → पक्षियों को बेघर किया (III)
- बढ़ती आबादी ने → पेड़ साफ़ कर दिए (I)
- परिवार की → परिभाषा बदल गई (II)
---
Source: गद्यांश (अपठित गद्यांश)
---
Explanation
- (i) गद्यांश की मूल भावना 'साझी धरती' है — यही केंद्रीय विचार है।
- (ii) कथन-कारण प्रश्न में देखें कि क्या कारण, कथन को तार्किक आधार देता है। यहाँ 'वसुधैव कुटुंबकम' = एक परिवार की भावना, इसलिए D सही है।
- (iii) 'छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घर' = एकल परिवार की ओर संकेत।
- (iv) गद्यांश में सीधे लिखा है — समंदर को पीछे सरकाना।
- (v) सुमेलन के लिए गद्यांश की अंतिम पंक्तियाँ ध्यान से पढ़ें: प्रदूषण → पंछी, आबादी → पेड़, परिवार की परिभाषा बदली।
Q8. [2]
जीव-जंतुओं के प्रति व्यवहार में निदाफाज़ली की माँ और पत्नी के व्यवहार के अंतर 'अब कहाँ दूसरों के दुख से दुखी होने वाले' पाठ के आधार पर लिखिए।
Previously asked in: 2025 4/3/1 Q8 (घ)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:17 · grounding rag
Model Answer
निदा फ़ाज़ली की माँ जीव-जंतुओं के प्रति अत्यंत संवेदनशील थीं। जब बिल्ली के कारण कबूतर के अंडे टूट गए तो उनकी आँखों में आँसू आ गए और उन्होंने पूरे दिन रोज़ा रखकर खुदा से माफ़ी माँगी।
इसके विपरीत, पत्नी ने कबूतरों की रोज़-रोज़ की परेशानी से तंग आकर उनके घोंसले वाली जगह पर जाली लगा दी, बच्चों को दूसरी जगह कर दिया और खिड़की बंद कर दी। इससे कबूतर रात-भर खामोश और उदास बैठे रहते हैं।
इस प्रकार माँ में करुणा थी जबकि पत्नी का व्यवहार व्यावहारिक किंतु असंवेदनशील था।
Source: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले, Chapter 12
---
Explanation
- The examiner expects contrast between the two characters — name both clearly and state what each did differently.
- Key evidence from the text: माँ का रोज़ा रखना और रोना vs. पत्नी का जाली लगाना और खिड़की बंद करना.
- End with a one-line conclusion summing up the contrast (करुणा vs. व्यावहारिकता) — this shows analytical thinking and earns full marks.
Q9. [2]
'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठ के आधार पर नूह के मुद्दत तक रोते रहने का कारण स्पष्ट कीजिए। इससे उनके चरित्र की किस विशेषता का पता चलता है ?
Previously asked in: 2025 4/1/1 Q8 (घ)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:17 · grounding rag
Model Answer
नूह के सामने से एक बार एक घायल कुत्ता गुज़रा। नूह ने उसे दुत्कारते हुए कहा, "दूर हो जा गंदे कुत्ते!" इस पर कुत्ते ने उत्तर दिया — "न मैं अपनी मर्ज़ी से कुत्ता हूँ, न तुम अपनी पसंद से इनसान हो। बनाने वाला सबका तो वही एक है।" यह सुनकर नूह को अपनी गलती का गहरा पछतावा हुआ और वे मुद्दत तक दुखी होकर रोते रहे।
इससे उनके चरित्र की संवेदनशीलता और पश्चाताप की विशेषता का पता चलता है। वे किसी निर्दोष प्राणी को दुत्कारने पर सच्चे मन से पछताते हैं, जो उनकी दयालुता और आत्म-चिंतन की क्षमता को दर्शाता है।
Source: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले, Chapter 12
---
Explanation
- The examiner expects two parts: (i) the reason for weeping, and (ii) the character trait revealed.
- Key detail: नूह ने घायल कुत्ते को "गंदा" कहकर दुत्कारा → कुत्ते का जवाब → नूह को पछतावा।
- Character trait: संवेदनशीलता / पश्चाताप / दया — any of these terms with brief explanation earns marks.
- Do not write extra story; stay within the word limit for 2 marks (~40–60 words).
Q10. [2]
'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठ में लेखक की माँ के कौन-कौन-से विचार आपको आज के संदर्भ में उपयुक्त लगते हैं और क्यों ? स्पष्ट कीजिए ।
Previously asked in: 2026 4/3/1 Q8 (ii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:16 · grounding rag
Model Answer
लेखक की माँ के दो विचार आज भी प्रासंगिक हैं:
- वे रात को पेड़ों के पत्ते तोड़ने से मना करती थीं, क्योंकि यह पेड़ों को कष्ट देना है।
- वे कहती थीं कि दरिया को सलाम करो, अर्थात् प्रकृति का सम्मान करो।
आज जब पर्यावरण असंतुलन गंभीर समस्या बन चुका है, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान का यह भाव अत्यंत आवश्यक है।
Source: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले, Chapter 12
---
Explanation
- Examiners look for two specific ideas from the mother's character connected to nature/environment.
- Link each idea to today's context (environmental crisis, deforestation, climate change).
- Keep the answer concise — 2 marks means 2 points with brief justification, not a long essay.
Q11. [3]
निदा फ़ाज़ली अपनी माँ और पत्नी द्वारा जीव-जंतुओं के साथ किए जाने वाले व्यवहार के अंतर से क्या कहना चाहते हैं ? 'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठ के संदर्भ में लिखिए ।
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q11 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:17 · grounding rag
Model Answer
निदा फ़ाज़ली की माँ जीव-जंतुओं के साथ गहरी संवेदना रखती थीं। जब उनके हाथ से कबूतर का अंडा टूट गया तो उन्होंने उसे अपना गुनाह समझा और दिन-भर रोज़ा रखकर खुदा से माफ़ी माँगती रहीं। इसके विपरीत, उनकी पत्नी ने कबूतरों की रोज़-रोज़ की परेशानी से तंग आकर जाली लगा दी, बच्चों को हटा दिया और खिड़की बंद कर दी।
इस अंतर के माध्यम से लेखक यह कहना चाहते हैं कि आधुनिक जीवन में मनुष्य की संवेदनशीलता कम होती जा रही है। पहले लोग दूसरे जीवों के दुख में दुखी होते थे, लेकिन अब स्वार्थ और सुविधा सर्वोपरि हो गई है।
Source: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले, Chapter 12
---
Explanation
- Key contrast: माँ = compassion (guilt, roza, namaz for the broken egg) vs. पत्नी = practicality (jali, closing window, displacing chicks).
- Examiners look for: the specific example of माँ's roza, the example of पत्नी's jali, and the conclusion (decreasing sensitivity in modern times).
- Don't just retell; always end with the message/conclusion the author wants to convey — that's what earns the third mark.
Q12.
गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : 'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठ के आधार पर शेख अयाज़ के पिता द्वारा भोजन छोड़कर उठने का कारण था :
- (a) भोजन का अच्छा नहीं लगना
- (b) पेट का भर जाना
- (c) आवश्यक काम का याद आ जाना
- (d) बेघर जीव को उसके घर पहुँचाना
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q10 (i)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:16 · grounding rag
Model Answer
(d) बेघर जीव को उसके घर पहुँचाना
शेख अयाज़ के पिता ने भोजन करते समय अपनी बाँह पर एक काला च्योंटा देखा। उन्होंने महसूस किया कि वे उसे कुएँ से बेघर कर लाए हैं, इसलिए वे उस च्योंटे को वापस कुएँ पर छोड़ने गए।
Source: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले, Chapter 12
Explanation
The passage clearly states: "मैंने एक घर वाले को बेघर कर दिया है। उस बेघर को कुएँ पर उसके घर छोड़ने जा रहा हूँ।" This eliminates all other options. The examiner tests whether the student has read the anecdote carefully — the ant came from the well where Ayaz's father had bathed, and he felt morally responsible for displacing it.
Q13. [3]
'अब कहाँ दूसरों के दुख से दुखी होने वाले' पाठ में लेखक की माँ उन्हें प्रकृति का ख्याल रखने के बारे में क्या-क्या बताती थीं ? इनके माध्यम से वह लेखक में किन जीवन-मूल्यों का विकास करना चाहती थी ?
Previously asked in: 2023 4/2/1 Q11 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:16 · grounding rag
Model Answer
लेखक की माँ उन्हें प्रकृति का ख्याल रखने के लिए ये बातें बताती थीं:
- सूरज ढले पेड़ों से पत्ते मत तोड़ो, पेड़ रोएँगे।
- दीया-बत्ती के वक्त फूल मत तोड़ो, फूल बददुआ देते हैं।
- दरिया पर जाओ तो उसे सलाम करो, वह खुश होता है।
- कबूतरों और मुर्गे को परेशान मत करो।
इन बातों के माध्यम से माँ लेखक में करुणा, सहानुभूति, जीव-दया, पर्यावरण के प्रति सम्मान और सभी प्राणियों के साथ प्रेमपूर्ण व्यवहार के जीवन-मूल्यों का विकास करना चाहती थीं। वे सिखाना चाहती थीं कि प्रकृति के हर अंग का सम्मान करना मानवीय कर्तव्य है।
Source: 'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले', Chapter 12
---
Explanation
- CBSE examiners expect two parts: माँ की बताई बातें (कम से कम 3-4 बिंदु) + जीवन-मूल्य (2-3 मूल्य स्पष्ट रूप से नामित करें)।
- पाठ से सीधे उदाहरण देना ज़रूरी है — पत्ते, फूल, दरिया, कबूतर।
- जीवन-मूल्यों को सिर्फ गिनाएँ नहीं — एक पंक्ति में संदर्भ भी दें।
- 3 अंक के प्रश्न में बुलेट + निष्कर्ष वाक्य की संरचना अच्छी होती है।
Q14. [3]
'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठ में महाकवि शेख अयाज़ की आत्मकथा से किस घटना को उद्धृत किया गया है ? उस घटना से आपको क्या सीख मिलती है ? अपने शब्दों में लिखिए ।
Previously asked in: 2024 4/5/1 Q11 (ग)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:16 · grounding rag
Model Answer
शेख अयाज़ की आत्मकथा से उनके पिता की घटना उद्धृत की गई है। एक दिन उनके पिता कुएँ से नहाकर लौटे और भोजन के लिए बैठे। जैसे ही रोटी का कौर तोड़ा, उनकी नज़र बाजू पर पड़ी — वहाँ एक काला च्योंटा रेंग रहा था। वे तुरंत भोजन छोड़कर उठ खड़े हुए और बोले, "मैंने एक घर वाले को बेघर कर दिया है, उसे वापस कुएँ पर छोड़ने जा रहा हूँ।"
सीख: इस घटना से यह सीख मिलती है कि हमें अन्य जीवों के प्रति दया और संवेदना रखनी चाहिए। एक छोटे-से कीड़े के दुख को भी महत्त्व देना सच्ची मानवता का प्रतीक है।
Source: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले, Chapter 12
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Explanation
- The question has two parts: (1) घटना का वर्णन and (2) सीख — answer both clearly.
- The incident is specifically from शेख अयाज़ की आत्मकथा (their father's story), not from the Sulaiman or Nuh episodes. Examiners check this distinction.
- Quote the father's words directly for full marks.
- The "सीख" part should be in your own words (अपने शब्दों में), so keep it genuine and brief — 1-2 lines is enough.
- Total ~80 words fits the 3-mark limit perfectly.
Q15. [3]
'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठ के लेखक की माँ की तरह आपकी माँ भी आपको कुछ हिदायतें देती होंगी, उन्हें अपने शब्दों में लिखिए और बताइए कि आप पर क्या प्रभाव पड़ा ।
Previously asked in: 2024 4/4/1 Q11 (ग)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:16 · grounding rag
Model Answer
पाठ में लेखक की माँ पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों और प्रकृति के प्रति दयाभाव रखने की हिदायत देती थीं। इसी प्रकार मेरी माँ भी मुझे कई हिदायतें देती हैं —
- खाना बर्बाद मत करो — किसी ज़रूरतमंद को दे दो।
- पशु-पक्षियों को मत सताओ — उनमें भी जान होती है।
- पेड़-पौधों को नुकसान मत पहुँचाओ — वे हमें जीवन देते हैं।
- बड़ों का आदर करो और दूसरों के दुख में सहायता करो।
प्रभाव: इन हिदायतों से मुझमें संवेदनशीलता और करुणा का भाव जागा। मैं अब जीव-जंतुओं को परेशान नहीं करता और दूसरों की पीड़ा को समझने की कोशिश करता हूँ।
Source: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले, Chapter 12
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Explanation
यह प्रश्न व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है, इसलिए उत्तर में पाठ का संदर्भ लेते हुए अपनी माँ की हिदायतों का उल्लेख करना अनिवार्य है। परीक्षक देखते हैं कि छात्र ने पाठ के भाव (करुणा, सहानुभूति) को अपने जीवन से जोड़ा है या नहीं। हिदायतों के साथ 'क्या प्रभाव पड़ा' — यह भाग ज़रूर लिखें, अन्यथा अंक कटेंगे।
Q16. [2]
'अब कहाँ दूसरों के दुख से दुखी होने वाले' पाठ में लेखक ने मानवीय क्रियाकलापों और असंवेदनशीलता द्वारा पर्यावरण और प्रकृति को काफी नुकसान पहुँचने की बात की है ? क्या वर्तमान में इसे कम एवं नियंत्रित करना संभव है ? तर्कसम्मत उत्तर लिखिए ।
Previously asked in: 2026 4/5/1 Q8 (iii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:16 · grounding rag
Model Answer
हाँ, वर्तमान में पर्यावरण क्षति को कम और नियंत्रित करना संभव है। इसके लिए:
- वृक्षारोपण को बढ़ावा देना होगा।
- बड़े-बड़े बिल्डरों द्वारा समुद्र और वनों के अतिक्रमण पर सख्त कानूनी रोक लगानी होगी।
- प्रदूषण नियंत्रण के उपाय अपनाने होंगे।
- मनुष्य को प्रकृति के साथ संवेदनशीलता से व्यवहार करना होगा, क्योंकि धरती पर पशु-पक्षी, नदी, पर्वत सबका समान अधिकार है।
Source: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले, Chapter 12
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Explanation
- यह एक मूल्यपरक (value-based) प्रश्न है जो पाठ के केंद्रीय विचार — मानव की असंवेदनशीलता और प्रकृति के असंतुलन — से जुड़ा है।
- उत्तर में पाठ के तथ्य (समुद्र को धकेलना, पेड़ काटना, प्रदूषण) का संदर्भ अवश्य दें।
- तर्क में "हाँ/नहीं" स्पष्ट करें और व्यावहारिक उपाय बताएँ।
- 2 अंक के लिए: एक पक्ष + 2-3 व्यावहारिक उपाय पर्याप्त हैं।
Q17. [5]
पंछी, मानव, पशु, नदी, पर्वत, समंदर आदि की इसमें बराबर की हिस्सेदारी है । यह और बात है कि इस हिस्सेदारी में मानव जाति ने अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर दी हैं । पहले पूरा परिवार एक परिवार के समान था, अब टुकड़ों में बँटकर एक दूसरे से दूर हो चुका है । पहले बड़े-बड़े दालानों-आँगनों में सब मिलजुलकर रहते थे, अब छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में जीवन सिमटने लगा है । बढ़ती हुई आबादियों ने समंदर को पीछे सरकाना शुरू कर दिया है, पेड़ों को रास्तों से हटाना शुरू कर दिया है, फैलते हुए प्रदूषण ने पंछियों को बस्तियों से भगाना शुरू कर दिया है । बारूद की विनाशलीलाओं ने वातावरण को सताना शुरू कर दिया । अब गरमी में ज़्यादा गरमी, बेवक्त की बरसातें, जलजले, सैलाब, तूफान और नित नए रोग, मानव और प्रकृति के इसी असंतुलन के परिणाम हैं । नेचर की सहनशक्ति की एक सीमा होती है । नेचर के गुस्से का एक नमूना कुछ साल पहले बंबई में देखने को मिला था और यह नमूना इतना डरावना था कि बंबई निवासी डरकर अपने-अपने पूजा-स्थल में अपने खुदाओं से प्रार्थना करने लगे थे ।
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
- (i) अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर देने का आशय है – [1]
- (A) धरती पर ऊँची-ऊँची इमारतों का निर्माण
- (B) धरती को देश की सीमाओं में बाँधना
- (C) प्रकृति के अन्य जीवों और तत्त्वों से दूरी
- (D) बुद्धि-बल से प्रकृति को नियंत्रित करना
- (ii) बंबई निवासी ईश्वर से प्रार्थना क्यों करने लगे ? [1]
- (A) ईश्वर की प्रार्थना करना उनका दैनिक कर्म था ।
- (B) प्रार्थना करके वे अपने-अपने पूजा-स्थलों को बचा सकते थे ।
- (C) वे अपने तरीके से अपने प्रार्थना की शक्ति परखना चाहते थे ।
- (D) प्रकृति के कोप को देखकर उन्हें अपना अस्तित्व संकट में लगा ।
- (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : मानव और प्रकृति के बीच बढ़ते असंतुलन का मुख्य कारण मानव की बढ़ती स्वार्थपरता है ।
कारण : बुद्धि के विकास ने ही मानव को अच्छे-बुरे का ज्ञान करवाया जिससे अंतत: पर्यावरण सकारात्मक रूप से प्रभावित हुआ । [1]
- (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
- (B) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है ।
- (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की गलत व्याख्या करता है ।
- (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
- (iv) प्रकृति के असंतुलन का परिणाम नहीं है [1]
- (A) मौसम चक्र में परिवर्तन
- (B) विकास-दर में वृद्धि
- (C) प्राकृतिक आपदाओं में बढ़ोतरी
- (D) नए-नए रोगों की उत्पत्ति
- (v) 'पहले पूरा संसार एक परिवार के समान था' – का भाव है [1]
- (A) पहले संसार परिवार की सीमाओं में नहीं बँटा था ।
- (B) पहले संसार में अलग-अलग देश ही नहीं थे ।
- (C) पहले लोग मानव और प्रकृति के संबंधों से अनजान थे ।
- (D) पहले के लोग सह-अस्तित्व का सम्मान करते थे ।
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q7
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:16 · grounding stimulus+chapter
Model Answer
(i) (C) प्रकृति के अन्य जीवों और तत्त्वों से दूरी
(ii) (D) प्रकृति के कोप को देखकर उन्हें अपना अस्तित्व संकट में लगा।
(iii) (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की गलत व्याख्या करता है।
(iv) (B) विकास-दर में वृद्धि
(v) (D) पहले के लोग सह-अस्तित्व का सम्मान करते थे।
Source: गद्य पाठ — अबू फ़राह (तू जहाँ जहाँ चलेगा / साँवले सपनों की याद संबंधित गद्यांश), पठित गद्यांश
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Explanation
- (i): दीवारें यहाँ लाक्षणिक हैं — मानव ने बुद्धि से प्रकृति के अन्य घटकों से अपनी दूरी बना ली, न कि केवल भौगोलिक सीमाएँ।
- (ii): गद्यांश स्पष्ट कहता है कि बंबई में प्रकृति का डरावना कोप देखकर लोग भयभीत होकर प्रार्थना करने लगे — अस्तित्व-संकट ही कारण था।
- (iii): कथन सही है (मानव स्वार्थ से असंतुलन हुआ), परंतु कारण गलत है क्योंकि बुद्धि के विकास ने पर्यावरण को सकारात्मक नहीं, बल्कि नकारात्मक रूप से प्रभावित किया।
- (iv): गद्यांश में असंतुलन के परिणाम — अधिक गर्मी, बेवक्त बरसात, जलजले, सैलाब, नए रोग — बताए गए हैं। विकास-दर का उल्लेख नहीं।
- (v): 'एक परिवार' का भाव सह-अस्तित्व और परस्पर सम्मान से है, न केवल भौगोलिक एकता से।