Code: 46SMJ0Questions: 13Maximum Marks: 27Generated: 2026-06-15 13:05
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SubjectHindi
Lessonsरवींद्र केलकर – पतझर में टूटी पत्तियाँ
Questions selected13
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Q1. [4]
“हमारे सामने जो वर्तमान क्षण है वही सत्य है । उसी में जीना चाहिए ।” ‘झेन की देन’ पाठ से उद्धृत लेखक का यह कथन वर्तमान परिस्थितियों में कहाँ तक सत्य है ? क्या आप इससे सहमत हैं ? तर्क सहित उत्तर दीजिए ।
Previously asked in: 2022 4/4/1 Q2 (क)
Q2. [1]
पठित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए : वर्तमान समाज में मौजूद शाश्वत मूल्य किसकी देन हैं ? (गिन्नी का सोना)
- (a) व्यवहारवादी व्यक्तियों की
- (b) आदर्शवादी व्यक्तियों की
- (c) प्रैक्टिकल आइडियालिस्टों की
- (d) स्वतंत्रता सेनानियों की
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q10 (i)
Q3. [1]
पठित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर उचित विकल्प चुनकर दीजिए : 'झेन की देन' पाठ के संदर्भ में लिखिए कि मनोरुग्णता से बचाव कैसे किया जा सकता है ?
- (a) अमेरिका जैसे देशों से प्रतिस्पर्धा-भावना का त्याग करके ।
- (b) अमेरिका जैसे देशों से प्रतिस्पर्धा में आगे निकल कर ।
- (c) अतीत और भविष्य की चिंता छोड़ वर्तमान में जी कर ।
- (d) वर्तमान की चिंता त्याग अतीत और भविष्य में जी कर ।
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q10 (ii)
Q4. [3]
'झेन की देन' पाठ में दिमाग को आराम देने के लिए 'टी. सेरेमनी' का उल्लेख किया गया है, टी. सेरेमनी का वर्णन करते हुए लिखिए कि क्या हमारे देश में भी इस प्रकार का कोई उत्सव या विधि अपनाई जाती है ? स्पष्ट कीजिए ।
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q11 (ग)
Q5. [2]
'झेन की देन' प्रसंग से लेखक किस तथ्य को उजागर करना चाहता है ?
Previously asked in: 2025 4/6/1 Q8 (IV)
Q6. [2]
'गिन्नी का सोना' पाठ में दिए गए प्रसंग के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए।
Previously asked in: 2025 4/4/1 Q8 (iv)
Q7. [2]
'चा-नो-यू' जैसी परंपराएँ व्यक्ति को आत्मबोध कराती हैं । 'झेन की देन' पाठ के आधार पर इस कथन पर प्रकाश डालिए ।
Previously asked in: 2026 4/3/1 Q8 (i)
Q8. [4]
लेखक का जापानी मित्र उसे कहाँ ले गया ? वहाँ के वातावरण से लेखक क्यों प्रभावित हुआ ? 'झेन की देन' पाठ के आधार पर लिखिए ।
Previously asked in: 2022 4/1/1 Q2 (क)
Q9. [3]
'पतझर में टूटी पत्तियाँ' के लेखक के अनुसार 'सत्य केवल वर्तमान है, उसी में जीना चाहिए ।' क्या आप लेखक के विचार से सहमत हैं ? अपने पक्ष के समर्थन या विरोध में तर्क सहित उत्तर दीजिए ।
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q11 (क)
Q10.
गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : 'गिन्नी का सोना' पाठ के आधार पर लिखिए कि समाज के पास विद्यमान शाश्वत जीवन मूल्य किनकी देन हैं ।
- (a) महात्मा गाँधी की
- (b) आदर्शवादियों की
- (c) व्यवहारवादियों की
- (d) प्रैक्टिकल आइडियालिस्टों की
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q10 (ii)
Q11. [1]
पठित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : 'झेन की देन' पाठ से हमें क्या सीख मिलती है ?
- (a) हमें अपने से बड़े देशों से कभी प्रतिस्पर्धा नहीं करनी चाहिए ।
- (b) हमें सिर्फ अपने से छोटे देशों से ही प्रतिस्पर्धा रखनी चाहिए ।
- (c) हमें वर्तमान से अधिक अतीत और भविष्य की चिंता करनी चाहिए ।
- (d) हमें अतीत और भविष्य की चिंता त्याग कर वर्तमान में जीना चाहिए ।
Previously asked in: 2023 4/2/1 Q10 (ii)
Q12. [2]
'व्यवहारवादी लोग हमेशा सजग रहते हैं । हानि–लाभ का हिसाब लगाकर ही कदम उठाते हैं । 'गिन्नी का सोना' पाठ के आधार पर लिखिए कि लेखक यहाँ किस 'सजगता' की बात कर रहा है ?
Previously asked in: 2026 4/5/1 Q8 (ii)
Q13. [2]
'गिन्नी का सोना' के आधार पर लिखिए कि किस तरह के लोग समाज के पतन का कारण बनते हैं और क्यों ?
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q8 (ii)
Code: 46SMJ0Questions: 13Maximum Marks: 27Generated: 2026-06-15 13:05
Q1. [4]
“हमारे सामने जो वर्तमान क्षण है वही सत्य है । उसी में जीना चाहिए ।” ‘झेन की देन’ पाठ से उद्धृत लेखक का यह कथन वर्तमान परिस्थितियों में कहाँ तक सत्य है ? क्या आप इससे सहमत हैं ? तर्क सहित उत्तर दीजिए ।
Previously asked in: 2022 4/4/1 Q2 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:19 · grounding rag
Model Answer
लेखक रवींद्र केलकर का यह कथन वर्तमान परिस्थितियों में पूर्णतः सत्य एवं प्रासंगिक है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मनुष्य या तो बीते हुए दिनों की यादों में उलझा रहता है या भविष्य की चिंता में। किंतु भूतकाल जा चुका है और भविष्यकाल अभी आया नहीं — दोनों मिथ्या हैं।
हाँ, मैं इससे पूरी तरह सहमत हूँ। तर्क यह है कि जापान में बढ़ती मानसिक बीमारियों का मुख्य कारण यही था कि लोग वर्तमान को भूलकर केवल प्रतिस्पर्धा और भविष्य की चिंता में जी रहे थे। टी-सेरेमनी में वर्तमान क्षण पर ध्यान केंद्रित करने से लेखक को मानसिक शांति मिली। वर्तमान में जीना तनाव कम करता है और जीवन को सार्थक बनाता है।
Source: ज़ेन की देन, chapter 13
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Explanation
- Examiner expects: agreement/disagreement with justification from the text — not just opinion.
- Key points to include: reference to Japan's mental illness problem, the concept of past/future being mithya, and the tea ceremony experience as proof.
- The answer should show personal view ("मैं सहमत हूँ") supported by textual evidence — this is a value-based/opinion question worth 4 marks.
- Avoid writing only personal opinion without linking to the lesson.
Q2. [1]
पठित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए : वर्तमान समाज में मौजूद शाश्वत मूल्य किसकी देन हैं ? (गिन्नी का सोना)
- (a) व्यवहारवादी व्यक्तियों की
- (b) आदर्शवादी व्यक्तियों की
- (c) प्रैक्टिकल आइडियालिस्टों की
- (d) स्वतंत्रता सेनानियों की
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q10 (i)
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Model Answer
(b) आदर्शवादी व्यक्तियों की
समाज के पास जो शाश्वत मूल्य हैं, वे आदर्शवादी लोगों की ही देन हैं।
Explanation
The passage explicitly states: "समाज के पास अगर शाश्वत मूल्यों जैसा कुछ है तो वह आदर्शवादी लोगों का ही दिया हुआ है।" So the correct answer is (b). Students often confuse this with 'प्रैक्टिकल आइडियालिस्ट' — remember, the text praises pure idealists, not the practical ones, for giving timeless values to society.
Q3. [1]
पठित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर उचित विकल्प चुनकर दीजिए : 'झेन की देन' पाठ के संदर्भ में लिखिए कि मनोरुग्णता से बचाव कैसे किया जा सकता है ?
- (a) अमेरिका जैसे देशों से प्रतिस्पर्धा-भावना का त्याग करके ।
- (b) अमेरिका जैसे देशों से प्रतिस्पर्धा में आगे निकल कर ।
- (c) अतीत और भविष्य की चिंता छोड़ वर्तमान में जी कर ।
- (d) वर्तमान की चिंता त्याग अतीत और भविष्य में जी कर ।
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q10 (ii)
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Model Answer
(c) अतीत और भविष्य की चिंता छोड़ वर्तमान में जी कर।
Explanation
'झेन की देन' पाठ में लेखक बताते हैं कि जापानी टी-सेरेमनी का मूल उद्देश्य मन को वर्तमान क्षण में स्थिर करना है। अतीत की पछतावे और भविष्य की चिंता ही मनोरुग्णता का कारण है; वर्तमान में जीना ही इसका उपाय है। अतः विकल्प (c) सही है।
Q4. [3]
'झेन की देन' पाठ में दिमाग को आराम देने के लिए 'टी. सेरेमनी' का उल्लेख किया गया है, टी. सेरेमनी का वर्णन करते हुए लिखिए कि क्या हमारे देश में भी इस प्रकार का कोई उत्सव या विधि अपनाई जाती है ? स्पष्ट कीजिए ।
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q11 (ग)
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Model Answer
टी-सेरेमनी का वर्णन:
जापान में 'टी-सेरेमनी' एक विशेष विधि है जिसमें एक बार में केवल तीन व्यक्तियों को प्रवेश दिया जाता है। चाजीन (चाय पिलाने वाला) अत्यंत गरिमापूर्ण ढंग से चाय तैयार करता है। कमरे में पूर्ण शांति होती है। इस विधि का उद्देश्य मन को शांत कर वर्तमान में जीना सिखाना है।
भारत में समान विधि:
हमारे देश में योग, ध्यान (मेडिटेशन) तथा विपश्यना जैसी विधियाँ अपनाई जाती हैं जो मन को शांत और एकाग्र करती हैं। इसके अलावा भारतीय संस्कृति में पूजा-पाठ की विधियाँ भी मानसिक शांति प्रदान करती हैं।
Source: झेन की देन (पतझर में टूटी पत्तियाँ), Chapter 13
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Explanation
- परीक्षक दो भाग देखते हैं: टी-सेरेमनी का संक्षिप्त वर्णन + भारतीय समकक्ष विधि।
- टी-सेरेमनी के मुख्य बिंदु याद रखें: तीन व्यक्ति, शांत वातावरण, गरिमापूर्ण क्रियाएँ, मन की शांति।
- भारतीय उदाहरण के रूप में योग/ध्यान/विपश्यना सबसे उचित हैं — ये सामान्य ज्ञान से स्वीकृत उत्तर हैं।
- 3 अंक के लिए दोनों भागों को स्पष्ट रखें, अनावश्यक विस्तार न करें।
Q5. [2]
'झेन की देन' प्रसंग से लेखक किस तथ्य को उजागर करना चाहता है ?
Previously asked in: 2025 4/6/1 Q8 (IV)
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Model Answer
'झेन की देन' प्रसंग में लेखक यह तथ्य उजागर करना चाहता है कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ और तनाव से मुक्ति के लिए मन को शांत करना आवश्यक है। जापानी 'टी-सेरेमनी' के माध्यम से झेन बौद्ध धर्म ने मनुष्य को वर्तमान क्षण में जीना और मानसिक शांति प्राप्त करना सिखाया है।
Source: पतझर में टूटी पत्तियाँ, Chapter 13
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Explanation
- परीक्षक इस प्रश्न में झेन की देन का केंद्रीय संदेश जानना चाहते हैं — भागदौड़ भरे जीवन में मानसिक शांति की आवश्यकता।
- 'टी-सेरेमनी' का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है क्योंकि यही लेखक का मुख्य उदाहरण है।
- उत्तर सटीक और 2 अंक के अनुरूप संक्षिप्त रखें।
Q6. [2]
'गिन्नी का सोना' पाठ में दिए गए प्रसंग के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए।
Previously asked in: 2025 4/4/1 Q8 (iv)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:19 · grounding rag
Model Answer
'गिन्नी का सोना' प्रसंग में शुद्ध सोने की तुलना व्यावहारिक आदर्शवाद से की गई है। शुद्ध सोना बहुत कोमल होता है, इसलिए उसमें थोड़ा तांबा मिलाकर गिन्नी बनाई जाती है। इसी प्रकार महात्मा गांधी जैसे आदर्शवादी लोग व्यावहारिकता को भी अपनाते हैं, जिससे उनके आदर्श समाज में टिकाऊ और उपयोगी बनते हैं।
Source: पतझर में टूटी पत्तियाँ, Chapter 13
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Explanation
- परीक्षक यहाँ 'गिन्नी के सोने' के प्रतीकात्मक अर्थ की अपेक्षा करते हैं — शुद्ध आदर्श + व्यावहारिकता = टिकाऊ आदर्शवाद।
- गांधीजी का उदाहरण अवश्य लिखें।
- 2 अंक के लिए: प्रसंग का अर्थ + उसका महत्त्व (एक-दो वाक्यों में) पर्याप्त है।
Q7. [2]
'चा-नो-यू' जैसी परंपराएँ व्यक्ति को आत्मबोध कराती हैं । 'झेन की देन' पाठ के आधार पर इस कथन पर प्रकाश डालिए ।
Previously asked in: 2026 4/3/1 Q8 (i)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:19 · grounding rag
Model Answer
'चा-नो-यू' (टी-सेरेमनी) में व्यक्ति एक छोटी-सी कुटिया में शांत वातावरण में बैठकर धीरे-धीरे चाय पीता है। इससे मन की भागदौड़ थम जाती है, चित्त एकाग्र होता है और व्यक्ति अपने भीतर झाँकने में सक्षम होता है। यही आत्मबोध है — स्वयं को जानने की अवस्था।
Source: झेन की देन, पतझर में टूटी पत्तियाँ, Chapter 13
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Explanation
- परीक्षा में 'चा-नो-यू' का अर्थ और उसकी प्रक्रिया संक्षेप में लिखना आवश्यक है।
- उत्तर का केंद्र बिंदु है: शांति → एकाग्रता → आत्मबोध।
- 2 अंक के लिए 2-3 वाक्य पर्याप्त हैं; अनावश्यक विस्तार न करें।
Q8. [4]
लेखक का जापानी मित्र उसे कहाँ ले गया ? वहाँ के वातावरण से लेखक क्यों प्रभावित हुआ ? 'झेन की देन' पाठ के आधार पर लिखिए ।
Previously asked in: 2022 4/1/1 Q2 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:19 · grounding rag
Model Answer
लेखक का जापानी मित्र उसे एक टी-सेरेमनी (चाय-पान की परंपरागत जापानी विधि) में ले गया। वह स्थान एक छोटा-सा, शांत और सुसज्जित कमरा था जहाँ तीन-चार लोग ही बैठ सकते थे।
वहाँ का वातावरण पूर्णतः शांत और तनावरहित था। चाय बनाने और पीने की पूरी प्रक्रिया अत्यंत धीमी, सुव्यवस्थित और ध्यानपूर्वक की जाती थी। लेखक ने अनुभव किया कि उस शांत वातावरण में उसके मन की सारी भाग-दौड़ और बेचैनी समाप्त हो गई। मन को गहरी शांति मिली और वह पूरी तरह 'वर्तमान क्षण' में जीने लगा। इसीलिए लेखक उस वातावरण से गहराई से प्रभावित हुआ।
Source: पतझर में टूटी पत्तियाँ, झेन की देन — Chapter 13
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Explanation
- परीक्षक दो बातें देखते हैं: (1) लेखक को कहाँ ले जाया गया (टी-सेरेमनी), और (2) वह क्यों प्रभावित हुआ (शांत वातावरण, मन की बेचैनी का दूर होना, वर्तमान में जीने का अनुभव)।
- उत्तर पाठ "झेन की देन" (पतझर में टूटी पत्तियाँ का भाग) पर आधारित है। दोनों बिंदुओं को स्पष्ट रूप से अलग-अलग लिखें।
- 4 अंक के लिए 3-4 बिंदु पर्याप्त हैं; अनावश्यक विस्तार से बचें।
Q9. [3]
'पतझर में टूटी पत्तियाँ' के लेखक के अनुसार 'सत्य केवल वर्तमान है, उसी में जीना चाहिए ।' क्या आप लेखक के विचार से सहमत हैं ? अपने पक्ष के समर्थन या विरोध में तर्क सहित उत्तर दीजिए ।
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q11 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:19 · grounding rag
Model Answer
हाँ, मैं लेखक के विचार से सहमत हूँ।
लेखक ने 'ज़ेन की देन' में बताया है कि भूतकाल जा चुका है और भविष्यकाल अभी आया नहीं — इसलिए दोनों मिथ्या हैं। केवल वर्तमान क्षण ही सत्य है।
तर्क:
- भूत की यादों में उलझे रहने से दुःख बढ़ता है।
- भविष्य की चिंता मानसिक तनाव का कारण बनती है, जैसा जापानियों में हुआ।
- वर्तमान में जीने से मन शांत रहता है और जीवन का वास्तविक आनंद मिलता है।
जो व्यक्ति वर्तमान में जीता है, वही सच्चे अर्थों में जीवन जीता है।
Source: पतझर में टूटी पत्तियाँ, ज़ेन की देन
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Explanation
- यह एक मूल्य-आधारित / अभिव्यक्ति प्रश्न है। परीक्षक सहमति या असहमति दोनों स्वीकार करते हैं, लेकिन पाठ से जुड़ा तर्क अनिवार्य है।
- उत्तर में पाठ का सीधा संदर्भ (भूत-भविष्य मिथ्या, वर्तमान सत्य) देना अंक दिलाता है।
- असहमत हों तो लिखें: "भविष्य की योजना भी जरूरी है, लेकिन अत्यधिक चिंता हानिकारक है" — और पाठ से जोड़ें।
- 3 अंक के लिए: पक्ष (1) + पाठ-आधारित तर्क (2) पर्याप्त है।
Q10.
गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : 'गिन्नी का सोना' पाठ के आधार पर लिखिए कि समाज के पास विद्यमान शाश्वत जीवन मूल्य किनकी देन हैं ।
- (a) महात्मा गाँधी की
- (b) आदर्शवादियों की
- (c) व्यवहारवादियों की
- (d) प्रैक्टिकल आइडियालिस्टों की
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q10 (ii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:19 · grounding rag
Model Answer
(b) आदर्शवादियों की
Source: गिन्नी का सोना, Chapter 13
Explanation
पाठ में स्पष्ट लिखा है — "समाज के पास अगर शाश्वत मूल्यों जैसा कुछ है तो वह आदर्शवादी लोगों का ही दिया हुआ है।" अतः सही उत्तर (b) है। MCQ में केवल विकल्प लिखना पर्याप्त है।
Q11. [1]
पठित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : 'झेन की देन' पाठ से हमें क्या सीख मिलती है ?
- (a) हमें अपने से बड़े देशों से कभी प्रतिस्पर्धा नहीं करनी चाहिए ।
- (b) हमें सिर्फ अपने से छोटे देशों से ही प्रतिस्पर्धा रखनी चाहिए ।
- (c) हमें वर्तमान से अधिक अतीत और भविष्य की चिंता करनी चाहिए ।
- (d) हमें अतीत और भविष्य की चिंता त्याग कर वर्तमान में जीना चाहिए ।
Previously asked in: 2023 4/2/1 Q10 (ii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:19 · grounding rag
Model Answer
(d) हमें अतीत और भविष्य की चिंता त्याग कर वर्तमान में जीना चाहिए।
Explanation
'झेन की देन' पाठ में जापान की झेन परंपरा और 'टी-सेरेमनी' के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि मन को शांत रखने के लिए अतीत व भविष्य की चिंता छोड़कर पूरी तरह वर्तमान क्षण में जीना चाहिए। यही इस पाठ की मूल सीख है, इसलिए विकल्प (d) सही है।
Q12. [2]
'व्यवहारवादी लोग हमेशा सजग रहते हैं । हानि–लाभ का हिसाब लगाकर ही कदम उठाते हैं । 'गिन्नी का सोना' पाठ के आधार पर लिखिए कि लेखक यहाँ किस 'सजगता' की बात कर रहा है ?
Previously asked in: 2026 4/5/1 Q8 (ii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:19 · grounding rag
Model Answer
लेखक यहाँ स्वार्थपरक सजगता की बात कर रहा है। व्यवहारवादी लोग हमेशा अपने लाभ-हानि का हिसाब लगाकर ही कोई कदम उठाते हैं। वे जीवन में सफल तो होते हैं और दूसरों से आगे भी निकल जाते हैं, परंतु वे समाज को ऊपर उठाने में नहीं, बल्कि गिराने में सहायक होते हैं।
Source: गिन्नी का सोना, पतझर में टूटी पत्तियाँ, chapter 13
Explanation
- परीक्षक यह देखता है कि छात्र 'सजगता' का सही अर्थ पाठ के संदर्भ में समझे — यह सकारात्मक नहीं, बल्कि स्वार्थपूर्ण चतुराई है।
- उत्तर में यह जोड़ना जरूरी है कि ऐसे लोग सफल तो होते हैं पर समाज को गिराते हैं — यही लेखक का मूल भाव है।
- आदर्शवादी बनाम व्यवहारवादी का अंतर स्पष्ट होना चाहिए।
Q13. [2]
'गिन्नी का सोना' के आधार पर लिखिए कि किस तरह के लोग समाज के पतन का कारण बनते हैं और क्यों ?
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q8 (ii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:19 · grounding rag
Model Answer
पाठ के अनुसार व्यवहारवादी लोग समाज के पतन का कारण बनते हैं। ये लोग केवल लाभ-हानि का हिसाब लगाकर चलते हैं और आदर्शों को छोड़ देते हैं। ये स्वयं तो आगे जाते हैं परंतु दूसरों को ऊपर नहीं उठाते, बल्कि समाज को गिराते हैं।
Source: गिन्नी का सोना, पतझर में टूटी पत्तियाँ, Chapter 13
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Explanation
- The question asks which kind of people cause society's downfall and why — both parts must be answered.
- Direct textual evidence: "व्यवहारवादी लोगों ने तो समाज को गिराया ही है।" — quote or paraphrase this.
- Contrast with आदर्शवादी लोग to sharpen the answer; examiners expect this contrast.
- Keep it within 40–60 words; do not write an essay.