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CBSE Class X
Hindi
Question Paper
From previous CBSE Board Exam questions
Code: JA8U3BQuestions: 22Maximum Marks: 63Generated: 2026-06-15 13:05
Selections used
SourcePrevious-year board
SubjectHindi
Lessonsसपनों के-से दिन
Questions selected22
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Q1. [3]
‘सपनों के-से दिन’ पाठ के आधार पर लिखिए कि लेखक को नयी श्रेणी में जाने की प्रसन्नता अन्य विद्यार्थियों की तरह क्यों नहीं होती थी ?
Previously asked in: 2022 4/4/1 Q3 (ख)
Q2. [3]
"वर्तमान में विद्यालयों में बढ़ती हुई अनुशासनहीनता को देखते हुए मास्टर प्रीतमचंद जैसे अध्यापकों की आवश्यकता है ।" इस कथन से सहमति या असहमति के संबंध में अपने तर्कसम्मत विचार लिखिए ।
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q13 (ख)
Q3. [1]
निम्नलिखित वाक्यों में उपयुक्त कथन है –
  1. (a) सरल वाक्य में एक उद्देश्य और एक ही विधेय होता है ।
  2. (b) सरल वाक्य में एक से अधिक उद्देश्य और विधेय होते हैं ।
  3. (c) संयुक्त वाक्य में एक ही वाक्य संयोजक द्वारा जुड़े रहते हैं ।
  4. (d) संयुक्त वाक्य में संयोजक द्वारा जुड़े वाक्य परस्पर आश्रित होते हैं ।
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q4 (iii)
Q4. [5]
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 100 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए :
  1. (क) पार्क में खेलते बच्चे संकेत बिंदु – पार्क की शोभा, बच्चों द्वारा खेले जाने वाले खेलों का प्रारूप, बच्चों का उत्साह, उमंग और प्रसन्नता, उपस्थित लोगों की प्रतिक्रिया [5]
  2. (ख) बड़े मॉल : रोजगार के नवीन अवसर संकेत-बिंदु – क्या है ? अलग कैसे ?, सकारात्मक-नकारात्मक प्रभाव, सुझाव [5]
  3. (ग) नारी सशक्तिकरण : सुदृढ़ समाज का आधार संकेत-बिंदु – क्या है ? क्यों ? बाधाएँ सुझाव [5]
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q14
Q5. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में वर्णित 'ओमा' जैसा व्यक्तित्व कभी भी अनुकरणीय क्यों नहीं हो सकता ?
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q13 (ख)
Q6. [3]
'सपनों के से दिन' पाठ में अंग्रेजों द्वारा गाँव के लोगों को सेना में भर्ती करने के लिए नौटंकी का सहारा लिया गया । वर्तमान समय में प्रचार-प्रसार के साधनों में, तरीकों में क्या अंतर आया है ?
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q13 (ग)
Q7. [3]
'सपनों के से दिन' पाठ के आधार पर लिखिए कि बच्चों का खेलकूद में अधिक रुचि लेना अभिभावकों को अप्रिय क्यों लगता है ? पढ़ाई के साथ खेलों का छात्र जीवन में क्या महत्त्व है ? इससे किन जीवन-मूल्यों की प्रेरणा मिलती है ?
Previously asked in: 2024 4/2/1 Q13 (ग)
Q8. [3]
'खेलकूद बच्चों को अनुशासित, सक्रिय और मिलनसार बनाता है ।' – इस कथन पर अपने विचार 'सपनों के से दिन' पाठ से उदाहरण देते हुए लिखिए ।
Previously asked in: 2025 4/6/1 Q11 (III)
Q9. [3]
आपको अपने किन-किन विषयों के अध्यापक पसंद हैं और क्यों ? 'सपनों के से दिन' पाठ के संदर्भ में लिखिए ।
Previously asked in: 2025 4/5/1 Q11 (II)
Q10. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक और उसके मित्रों ने अपने एक सहपाठी का नाम 'रेलबम्बा' किस आधार पर रखा हुआ था ? इस तरह का नामकरण आपने भी अपने किसी मित्र का किया होगा, उसका उल्लेख करते हुए, नामकरण का आधार स्पष्ट कीजिए।
Previously asked in: 2025 4/3/1 Q11 (ख)
Q11. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में वर्णित लेखक के ग्रीष्मावकाश व्यतीत करने के तरीकों में और आपके तरीकों में क्या अंतर है ?
Previously asked in: 2025 4/2/1 Q11 (ख)
Q12. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में अंग्रेज़ों द्वारा गाँव के नवयुवकों को फ़ौज में भर्ती करने के लिए नौटंकी द्वारा उन्हें आकर्षित करने का उल्लेख किया गया है । वर्तमान समय में प्रचार-प्रसार के तरीकों में क्या परिवर्तन आया है ?
Previously asked in: 2025 4/1/1 Q11 (ख)
Q13. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक और उनके अधिकांश साथियों को पढ़ाई करने और विद्यालय जाने में रुचि नहीं थी । क्या वर्तमान में आपके तथा आपके साथियों के साथ ऐसा ही है ? कारण सहित उत्तर लिखिए ।
Previously asked in: 2026 4/3/1 Q11 (ii)
Q14. [3]
'कठोर से दिखाई देने वाले पीटी मास्टर के भीतर भी कोमल हृदय धड़कता था।' 'सपनों के-से दिन' पाठ के आधार पर इस कथन की उदाहरण सहित पुष्टि कीजिए।
Previously asked in: 2026 4/2/1 Q11 (iii)
Q15. [3]
' सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक ने बताया है कि कोई भी भाषा आपसी व्यवहार में बाधा नहीं बनती ।' अपने आस-पास के जीवन से कोई उदाहरण देकर इस कथन की पुष्टि कीजिए ।
Previously asked in: 2022 4/1/1 Q3 (ख)
Q16. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में बच्चों को अनुशासन में रखने के लिए माता-पिता, भाई-बहनों और अध्यापकों द्वारा मार-पीट करने का जिक्र आया है । वर्तमान समय में इसमें क्या परिवर्तन आया है ? आपकी दृष्टि में कौन-सा तरीका अधिक बेहतर है ?
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q13 (ख)
Q17.
"मास्टर प्रीतम चंद छोटी-छोटी बातों में छात्रों की _______ तैयार रहते थे ।" रिक्त स्थान की पूर्ति उचित मुहावरे से कीजिए ।
  1. (a) चमड़ी उधेड़ना
  2. (b) नज़र रखना
  3. (c) हाथों में लेना
  4. (d) नामोनिशान मिटाना
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q6 (iv)
Q18. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ के आधार पर लिखिए कि मास्टर प्रीतमचंद जैसे अध्यापकों को मुअत्तल किए जाने को आप कहाँ तक उचित मानते हैं और क्यों ? पक्ष या विपक्ष में तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए ।
Previously asked in: 2023 4/2/1 Q13 (ख)
Q19. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक को विद्यालयी जीवन क्यों अच्छा नहीं लगता था ? कारण सहित उत्तर देते हुए लिखिए कि आप अपने विद्यालयी जीवन को रोचक कैसे बना सकते हैं ।
Previously asked in: 2024 4/5/1 Q13 (ख)
Q20. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक को बचपन में प्रकृति कैसी प्रतीत होती थी ? उस समय लेखक फूलों के साथ कैसा व्यवहार करता था ?
Previously asked in: 2024 4/4/1 Q13 (ख)
Q21. [3]
'सपनों के से दिन' के लेखक और उनके साथी द्वारा ओमा को अपना नेता मानने के क्या कारण थे ? क्या आप भी ओमा जैसे किसी को अपना आदर्श बनाना चाहेंगे ? तर्कसम्मत उत्तर लिखिए ।
Previously asked in: 2026 4/5/1 Q11 (i)
Q22. [3]
'सपनों के से दिन' पाठ में लेखक और उन जैसे परिवारों की अपने बच्चों को पढ़वाने में अरुचि के क्या कारण रहे होंगे ? क्या वर्तमान में भी बच्चों की पढ़ाई को लेकर समान दृष्टिकोण है ? अपने विचार के पक्ष में तर्कपूर्ण उत्तर लिखिए ।
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q11 (ii)
CBSE Class X
Hindi
Answer Key
From previous CBSE Board Exam questions
Code: JA8U3BQuestions: 22Maximum Marks: 63Generated: 2026-06-15 13:05
Q1. [3]
‘सपनों के-से दिन’ पाठ के आधार पर लिखिए कि लेखक को नयी श्रेणी में जाने की प्रसन्नता अन्य विद्यार्थियों की तरह क्यों नहीं होती थी ?
Previously asked in: 2022 4/4/1 Q3 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:20 · grounding rag
Model Answer

लेखक को नई श्रेणी में जाने की प्रसन्नता अन्य विद्यार्थियों की तरह इसलिए नहीं होती थी, क्योंकि नई कापियों और पुरानी पुस्तकों से आने वाली विशेष गंध उनके मन को उदास कर देती थी। इसका कारण था — आगे की कठिन पढ़ाई का भय और नए मास्टरों की मार-पीट का डर। नए अध्यापक यह अपेक्षा रखते कि वे 'हरफ़नमौला' हो गए हैं, और अपेक्षाएँ पूरी न होने पर 'चमड़ी उधेड़ने' को तैयार रहते। यह भय भीतर इतना गहरा जम गया था कि किताबों-कापियों की गंध से ही नहीं, स्कूल के रास्ते पर उगे अलियार के झाड़ों की गंध भी मन उदास कर देती थी।

Source: सपनों के-से दिन, Chapter 2

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Explanation
Q2. [3]
"वर्तमान में विद्यालयों में बढ़ती हुई अनुशासनहीनता को देखते हुए मास्टर प्रीतमचंद जैसे अध्यापकों की आवश्यकता है ।" इस कथन से सहमति या असहमति के संबंध में अपने तर्कसम्मत विचार लिखिए ।
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q13 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:20 · grounding rag
Model Answer

इस कथन से मैं आंशिक असहमति रखता/रखती हूँ।

मास्टर प्रीतमचंद कठोर अनुशासनप्रिय अध्यापक थे। उनके भय से विद्यार्थी कतार में सीधे खड़े रहते, स्काउट परेड में अनुशासन बनाए रखते और उनकी एक 'शाबाश' बच्चों को फ़ौजी तमगे जैसी लगती थी। इस दृष्टि से कठोर अनुशासन उपयोगी है।

परंतु चौथी श्रेणी के बच्चों को पीठ ऊँची कर कान पकड़वाना जैसी क्रूर सजा उचित नहीं। हेडमास्टर शर्मा जी ने इसे बर्बरता माना और उन्हें निलंबित किया। आधुनिक बाल-मनोविज्ञान के अनुसार भय नहीं, प्रेम और प्रोत्साहन से अनुशासन स्थायी होता है।

अतः अनुशासन आवश्यक है, किंतु शारीरिक दंड नहीं।

Source: सपनों के-से दिन, अध्याय 2

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Explanation
Q3. [1]
निम्नलिखित वाक्यों में उपयुक्त कथन है –
  1. (a) सरल वाक्य में एक उद्देश्य और एक ही विधेय होता है ।
  2. (b) सरल वाक्य में एक से अधिक उद्देश्य और विधेय होते हैं ।
  3. (c) संयुक्त वाक्य में एक ही वाक्य संयोजक द्वारा जुड़े रहते हैं ।
  4. (d) संयुक्त वाक्य में संयोजक द्वारा जुड़े वाक्य परस्पर आश्रित होते हैं ।
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q4 (iii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:27 · grounding rag
Model Answer

उत्तर: (a) सरल वाक्य में एक उद्देश्य और एक ही विधेय होता है।

Explanation

सरल वाक्य की परिभाषा के अनुसार उसमें केवल एक उद्देश्य (कर्ता) और एक विधेय (क्रिया-भाग) होता है। संयुक्त वाक्य में दो स्वतंत्र (निरपेक्ष) वाक्य संयोजकों से जुड़े होते हैं, वे परस्पर आश्रित नहीं होते — इसलिए (c) और (d) गलत हैं। (b) भी गलत है क्योंकि वह सरल नहीं, मिश्र/संयुक्त वाक्य का लक्षण है।

Q4. [5]
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 100 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए :
  1. (क) पार्क में खेलते बच्चे संकेत बिंदु – पार्क की शोभा, बच्चों द्वारा खेले जाने वाले खेलों का प्रारूप, बच्चों का उत्साह, उमंग और प्रसन्नता, उपस्थित लोगों की प्रतिक्रिया [5]
  2. (ख) बड़े मॉल : रोजगार के नवीन अवसर संकेत-बिंदु – क्या है ? अलग कैसे ?, सकारात्मक-नकारात्मक प्रभाव, सुझाव [5]
  3. (ग) नारी सशक्तिकरण : सुदृढ़ समाज का आधार संकेत-बिंदु – क्या है ? क्यों ? बाधाएँ सुझाव [5]
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q14
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:26 · grounding rag
Model Answer

(विकल्प ग — नारी सशक्तिकरण : सुदृढ़ समाज का आधार)

नारी सशक्तिकरण : सुदृढ़ समाज का आधार

नारी सशक्तिकरण का अर्थ है — महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षिक दृष्टि से इतना सक्षम बनाना कि वे स्वतंत्र निर्णय ले सकें। जब नारी सशक्त होती है, तो परिवार, समाज और राष्ट्र — तीनों सुदृढ़ होते हैं।

सशक्तिकरण इसलिए आवश्यक है क्योंकि नारी समाज की आधी शक्ति है। उसकी उपेक्षा से समाज का विकास अधूरा रहता है।

किंतु इस राह में अनेक बाधाएँ हैं — रूढ़िवादी सोच, लिंग-भेद, कम शिक्षा, घरेलू हिंसा और आर्थिक परनिर्भरता।

इन बाधाओं को दूर करने के लिए आवश्यक है कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए, महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलें, कानूनी अधिकारों की जानकारी दी जाए और समाज की मानसिकता बदली जाए। सशक्त नारी ही सशक्त राष्ट्र की नींव है।

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Explanation
Q5. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में वर्णित 'ओमा' जैसा व्यक्तित्व कभी भी अनुकरणीय क्यों नहीं हो सकता ?
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q13 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:20 · grounding rag
Model Answer

'सपनों के-से दिन' पाठ में ओमा का व्यक्तित्व कभी भी अनुकरणीय नहीं हो सकता, क्योंकि:

  1. शारीरिक हिंसा: ओमा लड़ाई हाथ-पाँव से नहीं, बल्कि सिर से किया करता था। साँड़ की भाँति फुँकारकर किसी के पेट या छाती में सिर मार देता, जिससे दुगने-तिगुने शरीर वाले लड़के भी पीड़ा से चिल्लाने लगते।
  1. गालियाँ और मार-पीट: उसकी बातें, गालियाँ और मार-पीट का ढंग सबसे अलग और हानिकारक था।
  1. पढ़ाई से पलायन: वह छुट्टियों का काम करने की बजाय मास्टरों की पिटाई को 'सस्ता सौदा' समझता था — यह दृष्टिकोण अत्यंत गलत है।

ऐसा हिंसक, उद्दंड और अनुशासनहीन व्यवहार समाज तथा विद्यार्थी जीवन के लिए कभी आदर्श नहीं हो सकता।

Source: सपनों के-से दिन, पाठ 2

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Explanation
Q6. [3]
'सपनों के से दिन' पाठ में अंग्रेजों द्वारा गाँव के लोगों को सेना में भर्ती करने के लिए नौटंकी का सहारा लिया गया । वर्तमान समय में प्रचार-प्रसार के साधनों में, तरीकों में क्या अंतर आया है ?
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q13 (ग)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:20 · grounding rag
Model Answer

वर्तमान समय में प्रचार-प्रसार के तरीकों में अत्यधिक बदलाव आया है।

पाठ में अंग्रेजों ने सेना में भर्ती के लिए नौटंकी जैसे सीमित साधन का उपयोग किया, जबकि आज टेलीविजन, रेडियो, समाचार-पत्र, सोशल मीडिया (फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब) जैसे अनेक प्रभावशाली माध्यम उपलब्ध हैं। पहले केवल स्थानीय और सीमित दर्शकों तक पहुँचा जा सकता था, अब प्रचार देश-विदेश में पलभर में फैल जाता है। पहले प्रचार एकतरफा होता था, आज डिजिटल माध्यमों से दर्शक सीधे संवाद कर सकते हैं। इस प्रकार प्रचार-प्रसार अधिक व्यापक, तीव्र और प्रभावी हो गया है।

Source: सपनों के-से दिन, Chapter 2

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Explanation
Q7. [3]
'सपनों के से दिन' पाठ के आधार पर लिखिए कि बच्चों का खेलकूद में अधिक रुचि लेना अभिभावकों को अप्रिय क्यों लगता है ? पढ़ाई के साथ खेलों का छात्र जीवन में क्या महत्त्व है ? इससे किन जीवन-मूल्यों की प्रेरणा मिलती है ?
Previously asked in: 2024 4/2/1 Q13 (ग)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:20 · grounding rag
Model Answer

अभिभावकों को खेलकूद अप्रिय क्यों लगता है:
पाठ में वर्णित है कि बच्चे खेलते समय गिरकर चोट खाते, कपड़े फाड़ते और गंदे होकर लौटते थे। माँ-बाप इसे समय और ऊर्जा की बर्बादी समझते थे। उन्हें लगता था कि पढ़ाई से ही भविष्य बनेगा, खेल से नहीं।

छात्र जीवन में खेलों का महत्त्व:
खेल से शारीरिक और मानसिक विकास होता है। पाठ में बाल-मनोविज्ञान का उल्लेख है जो बताता है कि खेल बच्चों की स्वाभाविक आवश्यकता है। स्काउटिंग जैसी गतिविधियाँ अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना सिखाती हैं।

जीवन-मूल्यों की प्रेरणा:
खेल से सहयोग, अनुशासन, हार-जीत को समभाव से स्वीकार करना और परिश्रम जैसे जीवन-मूल्य विकसित होते हैं।

Source: सपनों के से दिन, Chapter 2

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Explanation
Q8. [3]
'खेलकूद बच्चों को अनुशासित, सक्रिय और मिलनसार बनाता है ।' – इस कथन पर अपने विचार 'सपनों के से दिन' पाठ से उदाहरण देते हुए लिखिए ।
Previously asked in: 2025 4/6/1 Q11 (III)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding rag
Model Answer

'सपनों के से दिन' पाठ में खेल के महत्त्व को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

अनुशासन: स्काउटिंग परेड में पीटी साहब के नेतृत्व में बच्चे सीधी कतार, सही दूरी और सटीक टर्न का अभ्यास करते थे। यह अनुशासन उन्हें स्वयं को फ़ौजी जवान जैसा महत्त्वपूर्ण महसूस कराता था।

सक्रियता: बच्चे तालाब में कूदना, रेतीले टीले पर दौड़ना, लकड़ी के ढेर पर चढ़ना जैसी शारीरिक गतिविधियों में इतने लीन रहते कि पिटाई होने पर भी अगले दिन खेलने आ जाते — यह उनकी सक्रियता का प्रमाण है।

मिलनसारिता: राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के अलग-अलग भाषाओं वाले बच्चे खेल के मैदान में एक-दूसरे की बात भली-भाँति समझ लेते थे — "खेलते तो सभी एक-दूसरे की बात खूब अच्छी तरह समझ लेते।"

इस प्रकार पाठ यह सिद्ध करता है कि खेल बच्चों को अनुशासित, सक्रिय और मिलनसार बनाता है।

Source: सपनों के से दिन, पाठ 2

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Explanation
Q9. [3]
आपको अपने किन-किन विषयों के अध्यापक पसंद हैं और क्यों ? 'सपनों के से दिन' पाठ के संदर्भ में लिखिए ।
Previously asked in: 2025 4/5/1 Q11 (II)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding rag
Model Answer

'सपनों के से दिन' पाठ में दो प्रमुख अध्यापकों का वर्णन है।

हेडमास्टर शर्मा जी मुझे सबसे अधिक पसंद हैं क्योंकि वे स्नेही और न्यायप्रिय थे। वे गुस्से में केवल हल्की चपत मारते थे जो पापड़ी जैसी मज़ेदार लगती थी। जब पीटी साहब ने चौथी कक्षा के छात्रों को कठोर सजा दी, तो शर्मा जी ने तुरंत उसे रुकवाया और उन्हें मुअत्तल कर दिया — यह उनकी बच्चों के प्रति संवेदनशीलता दर्शाता है।

पीटी साहब प्रीतमचंद भी एक विशेष तरह से पसंद थे — उनकी 'शाबाश' फ़ौज के तमगों-सी लगती थी। स्काउटिंग में उनका अनुशासन हमें फ़ौजी जवान जैसा गौरव देता था।

Source: सपनों के से दिन, गद्य-खंड

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Explanation
Q10. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक और उसके मित्रों ने अपने एक सहपाठी का नाम 'रेलबम्बा' किस आधार पर रखा हुआ था ? इस तरह का नामकरण आपने भी अपने किसी मित्र का किया होगा, उसका उल्लेख करते हुए, नामकरण का आधार स्पष्ट कीजिए।
Previously asked in: 2025 4/3/1 Q11 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding rag
Model Answer

'सपनों के-से दिन' पाठ में ओमा नामक सहपाठी की सिर से लड़ने की विशेष आदत के कारण उसकी टक्कर का नाम 'रेलबम्बा' रखा गया था। ओमा का सिर हाँड़ी जितना बड़ा था और वह साँड़ की भाँति फुँकारते हुए सिर झुकाकर किसी के पेट या छाती में मारता था। उसकी यह टक्कर कोयले से चलने वाले रेल इंजन की भाँति बड़ी और भयंकर थी, इसीलिए यह नाम रखा गया।

मेरे एक मित्र को हम 'तोता' कहते हैं, क्योंकि वह कक्षा में जो भी पढ़ता है उसे बिना समझे बिल्कुल रटकर दोहरा देता है — बिल्कुल तोते की तरह। यही उसके नाम का आधार है।

Source: सपनों के-से दिन, Chapter 2

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Explanation
Q11. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में वर्णित लेखक के ग्रीष्मावकाश व्यतीत करने के तरीकों में और आपके तरीकों में क्या अंतर है ?
Previously asked in: 2025 4/2/1 Q11 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding rag
Model Answer

लेखक के ग्रीष्मावकाश बिताने के तरीके:
पाठ के अनुसार लेखक छुट्टियों में ननिहाल जाकर दूध-दही-मक्खन खाते, नानी का प्यार पाते और तालाब में खूब नहाते थे। घर पर रहने पर तालाब के किनारे रेतीले टीले पर लोट-पोट करते, पानी में छलाँग लगाते और साथियों के साथ खूब खेल-कूद करते थे। छुट्टियों का काम अंतिम दिनों के लिए छोड़ देते और पिटाई के डर से योजनाएँ बनाते रहते थे।

अपने तरीकों से अंतर:
मेरी छुट्टियाँ लेखक से भिन्न हैं — मैं ट्यूशन और ऑनलाइन कक्षाओं में व्यस्त रहता/रहती हूँ। मोबाइल, टेलीविजन और इंटरनेट मेरे प्रमुख साथी हैं। तालाब में नहाने जैसी खुली प्रकृति में खेलने की जगह नहीं मिलती। परिवार पढ़ाई पर अधिक ध्यान देता है। ग्रामीण सरलता की जगह शहरी व्यस्तता ने ले ली है।

Source: सपनों के-से दिन, Chapter 2

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Explanation
Q12. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में अंग्रेज़ों द्वारा गाँव के नवयुवकों को फ़ौज में भर्ती करने के लिए नौटंकी द्वारा उन्हें आकर्षित करने का उल्लेख किया गया है । वर्तमान समय में प्रचार-प्रसार के तरीकों में क्या परिवर्तन आया है ?
Previously asked in: 2025 4/1/1 Q11 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding rag
Model Answer

वर्तमान में प्रचार-प्रसार के तरीके बिल्कुल बदल गए हैं। पाठ में वर्णित है कि अंग्रेज़ अफ़सर नौटंकी वालों के माध्यम से रात को शामियाने लगाकर फ़ौज के सुख-आराम और बहादुरी के दृश्य दिखाते थे तथा गाने गाकर नौजवानों को आकर्षित करते थे।

आज के युग में टेलीविज़न, रेडियो, सोशल मीडिया (फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम) तथा समाचारपत्रों के माध्यम से प्रचार किया जाता है। विज्ञापन अत्यंत आकर्षक और प्रभावशाली बनाए जाते हैं। मोबाइल और इंटरनेट ने प्रचार को घर-घर तक पहुँचा दिया है। इस प्रकार प्रचार का दायरा और प्रभाव दोनों अत्यधिक बढ़ गए हैं।

Source: सपनों के-से दिन, Chapter 2

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Explanation
Q13. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक और उनके अधिकांश साथियों को पढ़ाई करने और विद्यालय जाने में रुचि नहीं थी । क्या वर्तमान में आपके तथा आपके साथियों के साथ ऐसा ही है ? कारण सहित उत्तर लिखिए ।
Previously asked in: 2026 4/3/1 Q11 (ii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:20 · grounding rag
Model Answer

वर्तमान समय में हम और हमारे साथियों की स्थिति पाठ के लेखक से भिन्न है। हम स्कूल जाने में रुचि रखते हैं, क्योंकि आज शिक्षा का महत्व सभी समझते हैं। माता-पिता भी बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता देते हैं।

कारण:

इस प्रकार, आज परिस्थितियाँ बदल गई हैं और विद्यालय जाना 'कैद' नहीं, बल्कि अवसर लगता है।

Source: सपनों के-से दिन, Chapter 2

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Explanation

यह एक मूल्यपरक/व्यक्तिगत उत्तर (value-based / personal response) प्रश्न है। परीक्षक देखते हैं कि:

  1. पाठ से जोड़ा गया हो — लेखक का स्कूल को 'कैद' समझना, मारपीट का भय आदि।
  2. अपना मत स्पष्ट हो — हाँ/नहीं में सीधा उत्तर।
  3. कारण तर्कसंगत हों — कम से कम 3-4 बिंदु।
  4. लंबाई सही हो — 3 अंक = 60-80 शब्द।
Q14. [3]
'कठोर से दिखाई देने वाले पीटी मास्टर के भीतर भी कोमल हृदय धड़कता था।' 'सपनों के-से दिन' पाठ के आधार पर इस कथन की उदाहरण सहित पुष्टि कीजिए।
Previously asked in: 2026 4/2/1 Q11 (iii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding rag
Model Answer

पीटी मास्टर प्रीतमचंद अत्यंत कठोर और अनुशासनप्रिय थे — उनसे सभी विद्यार्थी डरते और नफ़रत भी करते थे। परंतु उनके भीतर एक कोमल हृदय भी था।

उदाहरण 1: स्काउट परेड में जब विद्यार्थी अच्छा प्रदर्शन करते, तो वे "शाबाश! वेल बिगिन अगेन" कहते — यह एक शब्द विद्यार्थियों को फ़ौज के सभी तमगों जैसा मूल्यवान लगता था।

उदाहरण 2: वे अपने चौबारे में पिंजरे में रखे दो तोतों से अत्यंत स्नेह से व्यवहार करते थे — भीगे बादाम छीलकर खिलाते और मीठी-मीठी बातें करते। स्कूल में चमड़ी उधेड़ने वाला वही व्यक्ति घर पर इतना कोमल था — यह लेखक को चमत्कार जैसा लगता था।

Source: सपनों के-से दिन, अध्याय 2

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Explanation
Q15. [3]
' सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक ने बताया है कि कोई भी भाषा आपसी व्यवहार में बाधा नहीं बनती ।' अपने आस-पास के जीवन से कोई उदाहरण देकर इस कथन की पुष्टि कीजिए ।
Previously asked in: 2022 4/1/1 Q3 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding rag
Model Answer

पाठ 'सपनों के-से दिन' में लेखक बताते हैं कि उनके साथी राजस्थान और हरियाणा से आए परिवारों के बच्चे थे। शुरू में उनकी बोली कम समझ आती थी और उनके कुछ शब्द सुनकर हँसी आती थी, परंतु खेलते समय सभी एक-दूसरे की बात खूब अच्छी तरह समझ लेते थे।

इसी प्रकार आज भी हम देखते हैं कि दिल्ली जैसे शहरों में पंजाबी, बंगाली, तमिल और हिंदी भाषी बच्चे एक साथ क्रिकेट या फुटबॉल खेलते हैं। खेल के मैदान में भाषा की भिन्नता कभी रुकावट नहीं बनती — संकेत, हाव-भाव और खेल की भावना सबको जोड़ देती है।

Source: सपनों के-से दिन, अनुभव और भावबोध

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Explanation
Q16. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में बच्चों को अनुशासन में रखने के लिए माता-पिता, भाई-बहनों और अध्यापकों द्वारा मार-पीट करने का जिक्र आया है । वर्तमान समय में इसमें क्या परिवर्तन आया है ? आपकी दृष्टि में कौन-सा तरीका अधिक बेहतर है ?
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q13 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding rag
Model Answer

पाठ में बताया गया है कि उस समय माता-पिता, भाई-बहन और अध्यापक सभी बच्चों को अनुशासित करने के लिए मार-पीट का सहारा लेते थे। पीटी मास्टर प्रीतमचंद इसका प्रमुख उदाहरण हैं जो चमड़ी उधेड़ देने की हद तक सज़ा देते थे।

वर्तमान में परिवर्तन: आजकल स्कूलों में विद्यार्थियों को शारीरिक दंड देना कानूनी रूप से पूर्णतः वर्जित है (जैसा पाठ के फुटनोट में भी उल्लेख है)। अब बच्चों को प्रेम, प्रोत्साहन और सकारात्मक सुदृढ़ीकरण से अनुशासित किया जाता है।

बेहतर तरीका: मेरी दृष्टि में प्रेम और प्रोत्साहन का तरीका अधिक बेहतर है, क्योंकि भय से बच्चे अस्थायी रूप से अनुशासित होते हैं जबकि प्रेम से स्थायी संस्कार विकसित होते हैं।

Source: सपनों के-से दिन, Chapter 2

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Explanation
Q17.
"मास्टर प्रीतम चंद छोटी-छोटी बातों में छात्रों की _______ तैयार रहते थे ।" रिक्त स्थान की पूर्ति उचित मुहावरे से कीजिए ।
  1. (a) चमड़ी उधेड़ना
  2. (b) नज़र रखना
  3. (c) हाथों में लेना
  4. (d) नामोनिशान मिटाना
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q6 (iv)
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उत्तर: (a) चमड़ी उधेड़ना

"मास्टर प्रीतम चंद छोटी-छोटी बातों में छात्रों की चमड़ी उधेड़ने को तैयार रहते थे।"

Explanation
Q18. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ के आधार पर लिखिए कि मास्टर प्रीतमचंद जैसे अध्यापकों को मुअत्तल किए जाने को आप कहाँ तक उचित मानते हैं और क्यों ? पक्ष या विपक्ष में तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए ।
Previously asked in: 2023 4/2/1 Q13 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding rag
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मास्टर प्रीतमचंद को मुअत्तल किए जाने को मैं उचित मानता/मानती हूँ।

पक्ष में तर्क:

  1. पाठ में वर्णित है कि उन्होंने चौथी श्रेणी के छोटे बच्चों को पीठ ऊँची करके कान पकड़वाए जिससे कमज़ोर बच्चे गिर पड़े — यह शारीरिक दंड अमानवीय था।
  1. हेडमास्टर शर्मा जी ने स्वयं कहा — "चौथी श्रेणी को सजा देने का यह ढंग नहीं है।" एक वरिष्ठ अधिकारी की दृष्टि में भी यह बर्बरता थी।
  1. बच्चों का मानसिक भय इतना गहरा था कि प्रीतमचंद के मुअत्तल होने के बाद भी फ़ारसी की घंटी बजते ही उनकी छाती धड़कने लगती थी। ऐसी शिक्षा-पद्धति हानिकारक है।
  1. शिक्षक का कर्तव्य ज्ञान देना है, भय नहीं।

अतः अनुशासन के नाम पर क्रूर दंड देना अनुचित है और निलंबन न्यायसंगत था।

Source: सपनों के-से दिन, पाठ 2

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Explanation
Q19. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक को विद्यालयी जीवन क्यों अच्छा नहीं लगता था ? कारण सहित उत्तर देते हुए लिखिए कि आप अपने विद्यालयी जीवन को रोचक कैसे बना सकते हैं ।
Previously asked in: 2024 4/5/1 Q13 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding rag
Model Answer

लेखक को विद्यालयी जीवन अच्छा न लगने के कारण:

लेखक को स्कूल खुशी से भागकर जाने की जगह नहीं लगता था। इसके मुख्य कारण थे:

विद्यालयी जीवन रोचक बनाने के उपाय:

Source: सपनों के-से दिन, Chapter 2

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Explanation
Q20. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक को बचपन में प्रकृति कैसी प्रतीत होती थी ? उस समय लेखक फूलों के साथ कैसा व्यवहार करता था ?
Previously asked in: 2024 4/4/1 Q13 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding rag
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बचपन में लेखक को प्रकृति बहुत आकर्षक लगती थी। उनके अनुसार बचपन में घास अधिक हरी और फूलों की सुगंध अधिक मनमोहक लगती है। स्कूल के रास्ते पर उगे अलियार के झाड़ों की महक और क्यारियों में खिले गुलाब, गेंदा तथा मोतिया की दूध-सी सफेद कलियाँ उन्हें बहुत सुंदर और मनमोहक लगती थीं।

फूलों के साथ लेखक का व्यवहार शरारतपूर्ण था। वह चंदू चपरासी से आँख बचाकर कभी-कभार एक-दो कलियाँ तोड़ लिया करता था। उन्हें कुछ देर सूँघता और संभवतः जेब में रख लेता या बकरी के मेमनों की भाँति 'चर' जाता था।

Source: सपनों के-से दिन, Chapter 2

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Explanation
Q21. [3]
'सपनों के से दिन' के लेखक और उनके साथी द्वारा ओमा को अपना नेता मानने के क्या कारण थे ? क्या आप भी ओमा जैसे किसी को अपना आदर्श बनाना चाहेंगे ? तर्कसम्मत उत्तर लिखिए ।
Previously asked in: 2026 4/5/1 Q11 (i)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding rag
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लेखक और उनके साथी ओमा को अपना नेता इसलिए मानते थे क्योंकि वह सबसे अलग और साहसी था। वह मास्टरों की पिटाई से ज़रा भी नहीं डरता था और छुट्टियों का काम न करने पर पिटाई को 'सस्ता सौदा' समझता था। उसकी लड़ाई का तरीका भी अनोखा था — वह सिर से 'रेल-बम्बा' मारकर दुगने-तिगुने शरीर वाले लड़कों को भी चित्त कर देता था।

मैं ओमा जैसे व्यक्ति को आदर्श नहीं बनाना चाहूँगा, क्योंकि उसकी 'निडरता' पढ़ाई से बचने और मार खाने पर आधारित थी, जो आगे चलकर नुकसानदायक है। असली आदर्श वह होता है जो ज़िम्मेदारी और साहस दोनों को साथ लेकर चले।

Source: सपनों के-से दिन, Chapter 2

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Explanation
Q22. [3]
'सपनों के से दिन' पाठ में लेखक और उन जैसे परिवारों की अपने बच्चों को पढ़वाने में अरुचि के क्या कारण रहे होंगे ? क्या वर्तमान में भी बच्चों की पढ़ाई को लेकर समान दृष्टिकोण है ? अपने विचार के पक्ष में तर्कपूर्ण उत्तर लिखिए ।
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q11 (ii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding rag
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लेखक और उनके परिवार जैसे लोगों की पढ़ाई में अरुचि के कारण:

  1. आर्थिक कठिनाई — परिवार गरीब थे; एक-दो रुपये की किताबें भी बड़ी रकम समझी जाती थीं।
  2. व्यावहारिक सोच — अभिभावक मानते थे कि लंडे (हिसाब की लिपि) सीखकर दुकान चला सकते हैं; तहसीलदार नहीं बनना।
  3. पढ़ाई में कोई रुचि नहीं — घर में किसी को शिक्षा का महत्त्व नहीं पता था।
  4. मार-पीट का भय — कठोर अनुशासन और पिटाई से बच्चे स्कूल से भागते थे।

वर्तमान दृष्टिकोण:
आज स्थिति बदल गई है। सरकार ने शिक्षा का अधिकार कानून (RTE) लागू किया है। अभिभावक अब शिक्षा को भविष्य की आधारशिला मानते हैं। स्कूलों में शारीरिक दंड प्रतिबंधित है, जिससे बच्चों का भय कम हुआ है। अतः वर्तमान दृष्टिकोण पूरी तरह बदल चुका है।

Source: सपनों के-से दिन, पाठ 2

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