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CBSE Class X
Hindi
Question Paper
From previous CBSE Board Exam questions
Code: U3TR2CQuestions: 18Maximum Marks: 51Generated: 2026-06-15 13:05
Selections used
SourcePrevious-year board
SubjectHindi
Lessonsमैथिलीशरण गुप्त – मनुष्यता
Questions selected18
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Q1. [2]
‘मनुष्यता’ कविता में कवि ने सब को साथ चलने की प्रेरणा क्यों दी है ? इससे समाज को क्या लाभ हो सकता है ? तर्क सहित उत्तर दीजिए ।
Previously asked in: 2022 4/4/1 Q1 (क)
Q2. [3]
'मनुष्यता' कविता में कवि ने कैसे जीवन को व्यर्थ बताया है, और क्यों ?
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q12 (ख)
Q3. [3]
'मनुष्यता' कविता के संदर्भ में लिखिए कि उदार लोगों के प्रति संसार कैसा आचरण करता है ?
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q12 (ग)
Q4. [1]
काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए उचित उत्तर वाले विकल्प का चयन कर लिखिए : 'मनुष्यता' कविता के अनुसार संसार में मनुष्यों की स्थिति में भिन्नता का कारण है –
  1. A भौगोलिक परिस्थितियाँ
  2. B आर्थिक परिस्थितियाँ
  3. C मनुष्य द्वारा किए गए उसके कर्म
  4. D मनुष्य द्वारा प्राप्त किया गया ज्ञान
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q8 (i)
Q5. [1]
काव्य-खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए सर्वाधिक उचित उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए : 'मनुष्यता' कविता से उद्धृत – "तभी समर्थ भाव है कि तारता हुआ तरे" – पंक्ति का भाव है –
  1. A सामर्थ्य के अनुसार दूसरों की रक्षा करनी चाहिए ।
  2. B मानव जीवन की सार्थकता सबको साथ लेकर चलने में है ।
  3. C अपनी ही उन्नति में संतुष्ट नहीं रहना चाहिए ।
  4. D सामर्थ्य के अनुसार तैरने वाले व्यक्ति की रक्षा करनी चाहिए ।
Previously asked in: 2024 4/2/1 Q8 (i)
Q6. [2]
'मनुष्यता' कविता में कवि लोगों से किस प्रकार के व्यवहार की अपेक्षा करता है ? किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए ।
Previously asked in: 2025 4/6/1 Q10 (III)
Q7. [2]
पशु प्रवृत्ति मनुष्य द्वारा अपनाने योग्य है अथवा नहीं ? 'मनुष्यता' कविता के आधार पर कारण सहित उत्तर दीजिए ।
Previously asked in: 2025 4/5/1 Q10 (II)
Q8. [2]
किसी भी देश के विकास के लिए उदार व्यक्तियों की आवश्यकता होती है, कैसे? 'मनुष्यता' कविता के आधार पर लिखिए।
Previously asked in: 2025 4/4/1 Q10 (ii)
Q9. [2]
'मनुष्यता' कविता में 'अभीष्ट मार्ग' पर आगे बढ़ते हुए कवि ने किस बात का ध्यान रखने की बात कही है ?
Previously asked in: 2025 4/3/1 Q10 (ख)
Q10. [7]
भोजन की बर्बादी से तात्पर्य उस भोजन से है जिसे खाया नहीं जाता और फेंक दिया जाता है। अनेक लोग अधिक मात्रा में भोजन खरीदते हैं और समाप्ति तिथि के बाद खोले बिना ही उसे फेंक दिया जाता है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन द्वारा प्रकाशित आँकड़ों के अनुसार दुनियाभर में हर साल 1-3 अरब टन भोजन बर्बाद हो जाता है। यह आँकड़ा मानव उपयोग के लिए बनाए गए सभी खाद्य पदार्थों का एक-तिहाई है। दुनिया भर में लगभग एक अरब लोग कुपोषित या भूखे हैं। हम जिस भोजन को बर्बाद करने की प्रवृत्ति रखते हैं उसका केवल एक-चौथाई हिस्सा ही उन्हें ठीक से खिलाने में मदद कर सकता है। हमारे ग्रह पर उभर रही इस बड़ी समस्या का समाधान माँग के साथ खाद्य उत्पादन को संतुलित करना, खाद्य संचयन, भंडारण, प्रसंस्करण और वितरण प्रणालियों को बेहतर बनाना है। बर्बादी को सीमित करने के लिए अत्यधिक बिक्री को भी कम किया जा सकता है। प्रत्येक व्यक्ति एक योजना के साथ भोजन खरीदे और तैयार करे ताकि कम भोजन बर्बाद हो। खाद्य पुनर्चक्रण सबसे ज्ञात समाधानों में से एक है। भोजन की बर्बादी पृथ्वी ग्रह पर सबसे बड़ी समस्याओं में से एक रही है जिसमें पृथ्वी को काफी हद तक प्रभावित किया है। इस समस्या को नियंत्रित कर आने वाली पीढ़ियों को भविष्य में होने वाली बड़ी समस्याओं जैसे ग्लोबल वार्मिंग और ग्रीन हाउस गैसों की पहुँच के कारण जलवायु परिवर्तन से बचा सकती है। खाद्य प्रणालियों की दक्षता में वृद्धि और भोजन की बर्बादी में कमी लाने के लिए नवाचार टेक्नोलॉजी व बुनियादी ढाँचे के संसाधनों में निवेश की आवश्यकता है। बर्बाद भोजन को कूड़ा खाद के रूप में इस्तेमाल करके भी पर्यावरण पर इसके दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए :
  1. (i) इस गद्यांश में लेखक की चिंता का विषय है : [1]
    1. (A) वैश्विक स्तर पर बढ़ता प्रदूषण का स्तर
    2. (B) वैश्विक स्तर पर लोगों का कुपोषित होना
    3. (C) विश्व स्तर पर होने वाली भोजन की बर्बादी
    4. (D) विश्व की एक-तिहाई आबादी का भूखे रहना
  2. (ii) मानवीयता के साथ-साथ भोजन की बर्बादी प्रभावित करती है : [1]
    1. (A) पर्यावरण को
    2. (B) जीव-जंतुओं को
    3. (C) अर्थव्यवस्था को
    4. (D) समाज को
  3. (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यान से पढ़िए और सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए : कथन : भोजन की बर्बादी जलवायु परिवर्तन का भी कारक है। कारण : भूमि पर फेंका गया भोजन तीव्र मात्रा में ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन करता है। [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
    2. (B) कारण सही है, लेकिन कथन ग़लत है।
    3. (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है।
    4. (D) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
  4. (iv) भोजन की बर्बादी पर्यावरण को किस प्रकार क्षति पहुँचाती है ? इसे किस प्रकार कम किया जा सकता है ? [2]
  5. (v) भोजन की बर्बादी से आप क्या समझते हैं और इसके क्या कारण हैं ? [2]
Previously asked in: 2025 4/3/1 Q2
Q11. [2]
'मनुष्यता' कविता के संदर्भ में लिखिए कि पशु-प्रवृत्ति क्या है । पशु-प्रवृत्ति मानव के लिए निंदनीय क्यों है ?
Previously asked in: 2025 4/2/1 Q10 (ख)
Q12. [5]
चलो अभीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए, विपत्ति, विघ्न जो पड़ें उन्हें ढकेलते हुए । घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी, अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी । तभी समर्थ भाव है कि तारता हुआ तरे, वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे ।
निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्पों का चयन करके लिखिए :
  1. (i) मनुष्य की वास्तविक सफलता क्या है ? [1]
    1. (A) सिर्फ स्वयं का उत्थान
    2. (B) सिर्फ समाज का उत्थान
    3. (C) स्वयं के साथ समाज का उत्थान
    4. (D) साथ चलने वालों का उत्थान
  2. (ii) इच्छित मार्ग की ओर कैसे बढ़ना चाहिए ? [1]
    1. (A) तेज़ी के साथ
    2. (B) शांति के साथ
    3. (C) खुशी के साथ
    4. (D) गर्व के साथ
  3. (iii) जीवन-पथ पर आगे बढ़ते हुए किस बात का ध्यान रखना चाहिए ? [1]
    1. (A) हर तरह के लोगों के साथ मिल-जुलकर आगे बढ़ना ।
    2. (B) स्वयं से अधिक दूसरों के सामर्थ्य पर भरोसा करना ।
    3. (C) पथ में सिर्फ समान विचारधारा वाले लोगों को साथ लेना ।
    4. (D) भिन्न विचार रखने वालों से दूर रहने का प्रयास करना ।
  4. (iv) 'मानव जीवन की सार्थकता स्वयं के साथ दूसरों को भी आगे बढ़ाने में है' – यह भाव किस पंक्ति में है ? [1]
    1. (A) घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी
    2. (B) अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हो सभी
    3. (C) तभी समर्थ भाव है कि तारता हुए तरे
    4. (D) वही मनुष्य है जो मनुष्य के लिए मरे
  5. (v) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : हर तरह के भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्र का विकास करना चाहिए । कारण : सम्मिलित प्रयास से हुआ विकास अस्थाई प्रकृति का होता है । [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं ।
    2. (B) कथन ग़लत है, लेकिन कारण सही है ।
    3. (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
    4. (D) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है ।
Previously asked in: 2026 4/3/1 Q9
Q13. [2]
'विचार लो कि मर्त्य हो, न मृत्यु से डरो कभी' — 'मनुष्यता' कविता से उद्धृत प्रस्तुत पंक्ति का भाव कविता के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए ।
Previously asked in: 2022 4/1/1 Q1 (क)
Q14. [3]
'मनुष्यता' कविता के आधार पर लिखिए कि कैसा जीवन जीने वाले लोग मरकर अमर हो जाते हैं ।
Previously asked in: 2023 4/2/1 Q12 (ख)
Q15. [5]
उसी उदार की कथा सरस्वती बखानती, उसी उदार से धरा कृतार्थ भाव मानती । उसी उदार की सदा सजीव कीर्ति कूजती; तथा उसी उदार को समस्त सृष्टि पूजती । अखंड आत्म भाव जो असीम विश्व में भरे, वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे ।।
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) पद्यांश के अनुसार उदार किसे माना गया है ? [1]
    1. (A) सभ्य व्यक्ति
    2. (B) परोपकारी व्यक्ति
    3. (C) प्रसिद्ध व्यक्ति
    4. (D) मिलनसार व्यक्ति
  2. (ii) देवी सरस्वती किसका गुणगान करती है ? [1]
    1. (A) संगीत का
    2. (B) गायकों का
    3. (C) सहृदयी का
    4. (D) ज्ञानी का
  3. (iii) उदार के प्रति धरती का भाव है : [1]
    1. (A) संवेदनशीलता
    2. (B) प्रेम
    3. (C) मित्रता
    4. (D) कृतज्ञता
  4. (iv) रिक्त स्थान के लिए उपयुक्त शब्द का चयन कीजिए : सब जगह अपने लिए न जीकर दूसरों के लिए जीने वालों की _________ गूँजती है । [1]
    1. (A) चहलपहल
    2. (B) कीर्ति
    3. (C) रौनक
    4. (D) अखंडता
  5. (v) "अखंड आत्म भाव जो असीम विश्व में भरे" — पंक्ति का भाव है : [1]
    1. (A) वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना का प्रसार करना
    2. (B) आध्यात्मिक विचारों को विश्व में प्रसारित करना
    3. (C) परमात्मा की अखंडता का उल्लेख करना
    4. (D) आत्मा को परमात्मा का अंश बताना
Previously asked in: 2024 4/5/1 Q7
Q16. [5]
विचार लो कि मर्त्य हो न मृत्यु से डरो कभी, मरो, परंतु यों मरो कि याद जो करें सभी । हुई न यों सुमृत्यु तो वृथा मरे, वृथा जिए, मरा नहीं वही कि जो जिया न आपके लिए । वही पशु-प्रवृत्ति है कि आप आप ही चरे, वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे ।।
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) कवि ने ऐसा क्यों कहा कि मृत्यु से नहीं डरना चाहिए ? [1]
    1. (A) मृत्यु से यश प्राप्त होता है
    2. (B) जन्म-मरण ईश्वर के हाथ में है
    3. (C) मृत्यु के बाद नया शरीर मिलता है
    4. (D) मृत्यु तो अवश्यंभावी है
  2. (ii) कवि कैसी मृत्यु को सुमृत्यु कहता है ? [1]
    1. (A) बिना किसी पीड़ा के हुई मृत्यु
    2. (B) अपनों के हित प्राप्त होने वाली मृत्यु
    3. (C) महान उद्देश्य के लिए मरने वाले की मृत्यु
    4. (D) स्वार्थ सिद्ध करते समय हुई मृत्यु
  3. (iii) कैसी मृत्यु व्यर्थ है ? [1]
    1. (A) देश हित प्राप्त होने वाली मृत्यु
    2. (B) जिस मृत्यु को याद न किया जाए
    3. (C) दूसरों के लिए संघर्ष करते हुए प्राप्त मृत्यु
    4. (D) मृत्यु के बाद जो हमेशा याद रहे
  4. (iv) पशु प्रवृत्ति क्या है ? [1]
    1. (A) अपने लिए जीना-खाना
    2. (B) दूसरों के लिए जीना-खाना
    3. (C) परोपकार का भाव रखना
    4. (D) दूसरों की भावनाओं को ठेस पहुँचाना
  5. (v) कौन-सा/से वाक्य पद्यांश से मेल खाता है/खाते हैं ? I. उदार मनुष्य दूसरों के लिए जीता-मरता है । II. पशु प्रवृत्ति को समझ के साथ अपनाना चाहिए । III. मनुष्य जीवन की सार्थकता परोपकार में है । IV. जीवन में कुछ पाने के लिए स्वार्थी होना पड़ता है । [1]
    1. (A) केवल I
    2. (B) II, IV
    3. (C) I, III
    4. (D) II, III
Previously asked in: 2024 4/4/1 Q7
Q17. [2]
'मनुष्यता' कविता में कवि ने गर्वरहित जीवन जीने की सलाह क्यों दी है ?
Previously asked in: 2026 4/5/1 Q10 (i)
Q18. [2]
'मनुष्यता' कविता के आधार पर लिखिए कि 'अखंड आत्म भाव' रखने के क्या लाभ हैं ?
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q10 (i)
CBSE Class X
Hindi
Answer Key
From previous CBSE Board Exam questions
Code: U3TR2CQuestions: 18Maximum Marks: 51Generated: 2026-06-15 13:05
Q1. [2]
‘मनुष्यता’ कविता में कवि ने सब को साथ चलने की प्रेरणा क्यों दी है ? इससे समाज को क्या लाभ हो सकता है ? तर्क सहित उत्तर दीजिए ।
Previously asked in: 2022 4/4/1 Q1 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:15 · grounding rag
Model Answer

कवि ने सबको साथ चलने की प्रेरणा इसलिए दी है क्योंकि एकता और परस्परावलंब से ही मनुष्य विपत्तियों को पार कर सकता है। जब सभी मिलकर चलते हैं तो भिन्नता घटती है और आपसी सहयोग बढ़ता है।

समाज को लाभ: एकजुटता से समाज में भेदभाव समाप्त होता है, परस्पर सहायता की भावना बढ़ती है और सभी मिलकर उन्नति कर सकते हैं। "तभी समर्थ भाव है कि तारता हुआ तरे" — अर्थात् दूसरों को उबारते हुए स्वयं भी उबरा जा सकता है।

Source: मनुष्यता, chapter 3

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Explanation
Q2. [3]
'मनुष्यता' कविता में कवि ने कैसे जीवन को व्यर्थ बताया है, और क्यों ?
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q12 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:15 · grounding rag
Model Answer

'मनुष्यता' कविता में कवि मैथिलीशरण गुप्त ने उस जीवन को व्यर्थ बताया है जो केवल स्वयं के लिए जिया जाए। कवि कहते हैं —

> "हुई न यों सुमृत्यु तो वृथा मरे, वृथा जिए,
> मरा नहीं वही कि जो जिया न आपके लिए।"

अर्थात् जो व्यक्ति दूसरों के लिए कुछ नहीं करता, केवल अपने स्वार्थ के लिए जीता है, उसका जीवन और मृत्यु दोनों व्यर्थ हैं। ऐसी प्रवृत्ति को कवि ने 'पशु-प्रवृत्ति' कहा है। सच्चा मनुष्य वही है जो परोपकार करे और दूसरों के लिए जिए।

Source: मनुष्यता (कविता), स्पर्श — Chapter 3

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Explanation
Q3. [3]
'मनुष्यता' कविता के संदर्भ में लिखिए कि उदार लोगों के प्रति संसार कैसा आचरण करता है ?
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q12 (ग)
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Model Answer

'मनुष्यता' कविता में कवि मैथिलीशरण गुप्त बताते हैं कि उदार व्यक्तियों के प्रति संसार अत्यंत श्रद्धापूर्ण आचरण करता है। सरस्वती उनकी कथा बखानती है, धरती उनसे कृतार्थ अनुभव करती है, उनकी कीर्ति सदा सजीव रहती है और समस्त सृष्टि उन्हें पूजती है। जो व्यक्ति परोपकार करता है, विनम्र लोकवर्ग उसके सामने झुकता है। अर्थात् उदार मनुष्य मृत्यु के बाद भी संसार में अमर रहता है।

Source: मनुष्यता (कविता), स्पर्श — Chapter 3

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Explanation
Q4. [1]
काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए उचित उत्तर वाले विकल्प का चयन कर लिखिए : 'मनुष्यता' कविता के अनुसार संसार में मनुष्यों की स्थिति में भिन्नता का कारण है –
  1. A भौगोलिक परिस्थितियाँ
  2. B आर्थिक परिस्थितियाँ
  3. C मनुष्य द्वारा किए गए उसके कर्म
  4. D मनुष्य द्वारा प्राप्त किया गया ज्ञान
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q8 (i)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:15 · grounding rag
Model Answer

सही उत्तर: (C) मनुष्य द्वारा किए गए उसके कर्म

कविता में कहा गया है — "फलानुसार कर्म के अवश्य बाह्य भेद हैं" — अर्थात् संसार में मनुष्यों की स्थिति में भिन्नता उनके कर्मों के अनुसार होती है।

Source: मनुष्यता, chapter 3

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Explanation

कवि मैथिलीशरण गुप्त स्पष्ट करते हैं कि सभी मनुष्य एक ईश्वर की संतान हैं, अंदर से सब एक हैं — "अंतरैक्य में प्रमाणभूत वेद हैं।" जो बाहरी भेद दिखता है वह केवल कर्मों के फल के कारण है। परीक्षा में सीधे काव्य-पंक्ति उद्धृत करने से पूरा अंक मिलता है।

Q5. [1]
काव्य-खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए सर्वाधिक उचित उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए : 'मनुष्यता' कविता से उद्धृत – "तभी समर्थ भाव है कि तारता हुआ तरे" – पंक्ति का भाव है –
  1. A सामर्थ्य के अनुसार दूसरों की रक्षा करनी चाहिए ।
  2. B मानव जीवन की सार्थकता सबको साथ लेकर चलने में है ।
  3. C अपनी ही उन्नति में संतुष्ट नहीं रहना चाहिए ।
  4. D सामर्थ्य के अनुसार तैरने वाले व्यक्ति की रक्षा करनी चाहिए ।
Previously asked in: 2024 4/2/1 Q8 (i)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:15 · grounding rag
Model Answer

उत्तर: (B) मानव जीवन की सार्थकता सबको साथ लेकर चलने में है।

पंक्ति का भाव है कि सच्ची सामर्थ्य वही है जिसमें व्यक्ति स्वयं तरते हुए दूसरों को भी तारे — अर्थात् सबको साथ लेकर चले।

Source: मनुष्यता, chapter 3

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Explanation
Q6. [2]
'मनुष्यता' कविता में कवि लोगों से किस प्रकार के व्यवहार की अपेक्षा करता है ? किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए ।
Previously asked in: 2025 4/6/1 Q10 (III)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:15 · grounding rag
Model Answer

'मनुष्यता' कविता में कवि लोगों से निम्न प्रकार के व्यवहार की अपेक्षा करता है:

  1. परोपकार व उदारता — कवि चाहता है कि मनुष्य केवल अपने लिए न जिए, बल्कि दूसरों के हित के लिए कार्य करे, जैसे रंतिदेव, दधीचि और कर्ण ने किया।
  2. एकता व सहानुभूति — कवि अपेक्षा करता है कि लोग आपस में मिल-जुलकर चलें, भिन्नता न बढ़ाएँ और सभी के प्रति सहानुभूति रखें, क्योंकि "मनुष्य मात्र बंधु है।"

Source: मनुष्यता (कविता), chapter 3

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Explanation
Q7. [2]
पशु प्रवृत्ति मनुष्य द्वारा अपनाने योग्य है अथवा नहीं ? 'मनुष्यता' कविता के आधार पर कारण सहित उत्तर दीजिए ।
Previously asked in: 2025 4/5/1 Q10 (II)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:15 · grounding rag
Model Answer

नहीं, पशु प्रवृत्ति मनुष्य द्वारा अपनाने योग्य नहीं है। कवि मैथिलीशरण गुप्त के अनुसार —

> "वही पशु-प्रवृत्ति है कि आप आप ही चरे,
> वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे।"

केवल अपने लिए जीना पशु का स्वभाव है। सच्चा मनुष्य वह है जो परोपकार करे और दूसरों के लिए जिए।

Source: मनुष्यता, chapter 3, स्पर्श

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Explanation
Q8. [2]
किसी भी देश के विकास के लिए उदार व्यक्तियों की आवश्यकता होती है, कैसे? 'मनुष्यता' कविता के आधार पर लिखिए।
Previously asked in: 2025 4/4/1 Q10 (ii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:15 · grounding rag
Model Answer

'मनुष्यता' कविता के अनुसार उदार व्यक्ति वह है जो परोपकार करे और दूसरों के लिए जीए-मरे। उसी उदार की कीर्ति सदा जीवित रहती है और समस्त सृष्टि उसे पूजती है। ऐसे व्यक्ति परस्परावलंब और सहानुभूति से देश को उन्नति के मार्ग पर ले जाते हैं।

Source: मनुष्यता, स्पर्श — Chapter 3

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Explanation
Q9. [2]
'मनुष्यता' कविता में 'अभीष्ट मार्ग' पर आगे बढ़ते हुए कवि ने किस बात का ध्यान रखने की बात कही है ?
Previously asked in: 2025 4/3/1 Q10 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:15 · grounding rag
Model Answer

'अभीष्ट मार्ग' पर आगे बढ़ते हुए कवि ने यह ध्यान रखने की बात कही है कि आपस में मेल-जोल बना रहे और भिन्नता न बढ़े। सभी लोग एक ही पंथ के सतर्क पथिक बनकर विपत्तियों और विघ्नों को हँसते हुए ढकेलते आगे बढ़ें।

Source: मनुष्यता (कविता), chapter 3

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Explanation

परीक्षक इस श्लोक की अंतिम दो पंक्तियों पर ध्यान देते हैं — "घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी / अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी।" उत्तर में 'हेलमेल', 'भिन्नता न बढ़े' और 'सतर्क पथिक' — ये तीनों भाव आने चाहिए। दो अंक के लिए यही पर्याप्त है।

Q10. [7]
भोजन की बर्बादी से तात्पर्य उस भोजन से है जिसे खाया नहीं जाता और फेंक दिया जाता है। अनेक लोग अधिक मात्रा में भोजन खरीदते हैं और समाप्ति तिथि के बाद खोले बिना ही उसे फेंक दिया जाता है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन द्वारा प्रकाशित आँकड़ों के अनुसार दुनियाभर में हर साल 1-3 अरब टन भोजन बर्बाद हो जाता है। यह आँकड़ा मानव उपयोग के लिए बनाए गए सभी खाद्य पदार्थों का एक-तिहाई है। दुनिया भर में लगभग एक अरब लोग कुपोषित या भूखे हैं। हम जिस भोजन को बर्बाद करने की प्रवृत्ति रखते हैं उसका केवल एक-चौथाई हिस्सा ही उन्हें ठीक से खिलाने में मदद कर सकता है। हमारे ग्रह पर उभर रही इस बड़ी समस्या का समाधान माँग के साथ खाद्य उत्पादन को संतुलित करना, खाद्य संचयन, भंडारण, प्रसंस्करण और वितरण प्रणालियों को बेहतर बनाना है। बर्बादी को सीमित करने के लिए अत्यधिक बिक्री को भी कम किया जा सकता है। प्रत्येक व्यक्ति एक योजना के साथ भोजन खरीदे और तैयार करे ताकि कम भोजन बर्बाद हो। खाद्य पुनर्चक्रण सबसे ज्ञात समाधानों में से एक है। भोजन की बर्बादी पृथ्वी ग्रह पर सबसे बड़ी समस्याओं में से एक रही है जिसमें पृथ्वी को काफी हद तक प्रभावित किया है। इस समस्या को नियंत्रित कर आने वाली पीढ़ियों को भविष्य में होने वाली बड़ी समस्याओं जैसे ग्लोबल वार्मिंग और ग्रीन हाउस गैसों की पहुँच के कारण जलवायु परिवर्तन से बचा सकती है। खाद्य प्रणालियों की दक्षता में वृद्धि और भोजन की बर्बादी में कमी लाने के लिए नवाचार टेक्नोलॉजी व बुनियादी ढाँचे के संसाधनों में निवेश की आवश्यकता है। बर्बाद भोजन को कूड़ा खाद के रूप में इस्तेमाल करके भी पर्यावरण पर इसके दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए :
  1. (i) इस गद्यांश में लेखक की चिंता का विषय है : [1]
    1. (A) वैश्विक स्तर पर बढ़ता प्रदूषण का स्तर
    2. (B) वैश्विक स्तर पर लोगों का कुपोषित होना
    3. (C) विश्व स्तर पर होने वाली भोजन की बर्बादी
    4. (D) विश्व की एक-तिहाई आबादी का भूखे रहना
  2. (ii) मानवीयता के साथ-साथ भोजन की बर्बादी प्रभावित करती है : [1]
    1. (A) पर्यावरण को
    2. (B) जीव-जंतुओं को
    3. (C) अर्थव्यवस्था को
    4. (D) समाज को
  3. (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यान से पढ़िए और सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए : कथन : भोजन की बर्बादी जलवायु परिवर्तन का भी कारक है। कारण : भूमि पर फेंका गया भोजन तीव्र मात्रा में ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन करता है। [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
    2. (B) कारण सही है, लेकिन कथन ग़लत है।
    3. (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है।
    4. (D) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
  4. (iv) भोजन की बर्बादी पर्यावरण को किस प्रकार क्षति पहुँचाती है ? इसे किस प्रकार कम किया जा सकता है ? [2]
  5. (v) भोजन की बर्बादी से आप क्या समझते हैं और इसके क्या कारण हैं ? [2]
Previously asked in: 2025 4/3/1 Q2
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Model Answer

(i) (C) विश्व स्तर पर होने वाली भोजन की बर्बादी

(ii) (A) पर्यावरण को

(iii) (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है।
(गद्यांश में ग्रीन हाउस गैसों का उल्लेख है, परंतु भूमि पर फेंके गए भोजन से गैस उत्सर्जन का विशेष उल्लेख नहीं है।)

(iv) भोजन की बर्बादी ग्लोबल वार्मिंग और ग्रीन हाउस गैसों के कारण जलवायु परिवर्तन को बढ़ावा देकर पर्यावरण को क्षति पहुँचाती है। इसे निम्न प्रकार कम किया जा सकता है —

(v) भोजन की बर्बादी से तात्पर्य उस भोजन से है जिसे खाया नहीं जाता और फेंक दिया जाता है। इसके प्रमुख कारण हैं —

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Explanation
Q11. [2]
'मनुष्यता' कविता के संदर्भ में लिखिए कि पशु-प्रवृत्ति क्या है । पशु-प्रवृत्ति मानव के लिए निंदनीय क्यों है ?
Previously asked in: 2025 4/2/1 Q10 (ख)
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Model Answer

पशु-प्रवृत्ति वह स्वभाव है जिसमें प्राणी केवल अपने लिए जीता है — जैसे पशु चरागाह में केवल अपना हिस्सा चरकर लौट आते हैं। कवि के अनुसार — "वही पशु-प्रवृत्ति है कि आप आप ही चरे।"

यह प्रवृत्ति मानव के लिए निंदनीय है क्योंकि मनुष्य में चेतना-शक्ति होती है; वह दूसरों के हित का ध्यान रख सकता है। जो केवल अपने लिए जीता है, वह मनुष्य कहलाने योग्य नहीं।

Source: मनुष्यता (कविता), पाठ प्रवेश — chapter 3

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Explanation
Q12. [5]
चलो अभीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए, विपत्ति, विघ्न जो पड़ें उन्हें ढकेलते हुए । घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी, अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी । तभी समर्थ भाव है कि तारता हुआ तरे, वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे ।
निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्पों का चयन करके लिखिए :
  1. (i) मनुष्य की वास्तविक सफलता क्या है ? [1]
    1. (A) सिर्फ स्वयं का उत्थान
    2. (B) सिर्फ समाज का उत्थान
    3. (C) स्वयं के साथ समाज का उत्थान
    4. (D) साथ चलने वालों का उत्थान
  2. (ii) इच्छित मार्ग की ओर कैसे बढ़ना चाहिए ? [1]
    1. (A) तेज़ी के साथ
    2. (B) शांति के साथ
    3. (C) खुशी के साथ
    4. (D) गर्व के साथ
  3. (iii) जीवन-पथ पर आगे बढ़ते हुए किस बात का ध्यान रखना चाहिए ? [1]
    1. (A) हर तरह के लोगों के साथ मिल-जुलकर आगे बढ़ना ।
    2. (B) स्वयं से अधिक दूसरों के सामर्थ्य पर भरोसा करना ।
    3. (C) पथ में सिर्फ समान विचारधारा वाले लोगों को साथ लेना ।
    4. (D) भिन्न विचार रखने वालों से दूर रहने का प्रयास करना ।
  4. (iv) 'मानव जीवन की सार्थकता स्वयं के साथ दूसरों को भी आगे बढ़ाने में है' – यह भाव किस पंक्ति में है ? [1]
    1. (A) घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी
    2. (B) अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हो सभी
    3. (C) तभी समर्थ भाव है कि तारता हुए तरे
    4. (D) वही मनुष्य है जो मनुष्य के लिए मरे
  5. (v) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : हर तरह के भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्र का विकास करना चाहिए । कारण : सम्मिलित प्रयास से हुआ विकास अस्थाई प्रकृति का होता है । [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं ।
    2. (B) कथन ग़लत है, लेकिन कारण सही है ।
    3. (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
    4. (D) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है ।
Previously asked in: 2026 4/3/1 Q9
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Model Answer

(i) (C) स्वयं के साथ समाज का उत्थान

(ii) (C) खुशी के साथ
('सहर्ष खेलते हुए' — अर्थात् प्रसन्नतापूर्वक)

(iii) (A) हर तरह के लोगों के साथ मिल-जुलकर आगे बढ़ना।
(काव्यांश में कहा गया है — 'घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी')

(iv) (C) तभी समर्थ भाव है कि तारता हुआ तरे
(दूसरों को तारते हुए स्वयं भी तरना — यही जीवन की सार्थकता है)

(v) (D) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है।
(काव्यांश में सम्मिलित प्रयास को प्रेरणा दी गई है, परंतु उसे 'अस्थाई' नहीं कहा गया — वास्तव में सामूहिक प्रयास स्थायी और सशक्त होता है।)

Source: मनुष्यता, अंतिम पद

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Explanation
Q13. [2]
'विचार लो कि मर्त्य हो, न मृत्यु से डरो कभी' — 'मनुष्यता' कविता से उद्धृत प्रस्तुत पंक्ति का भाव कविता के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए ।
Previously asked in: 2022 4/1/1 Q1 (क)
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Model Answer

कवि मैथिलीशरण गुप्त कहते हैं कि मनुष्य को यह स्वीकार करना चाहिए कि वह नश्वर है — मृत्यु तो अवश्यंभावी है। इसलिए मृत्यु से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं। बल्कि ऐसा जीवन जियो और ऐसे मरो कि सभी लोग याद करें। परोपकार के लिए जीना-मरना ही सच्ची मनुष्यता है।

Source: मनुष्यता, स्पर्श (पद्य खंड), Chapter 3

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Explanation
Q14. [3]
'मनुष्यता' कविता के आधार पर लिखिए कि कैसा जीवन जीने वाले लोग मरकर अमर हो जाते हैं ।
Previously asked in: 2023 4/2/1 Q12 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:15 · grounding rag
Model Answer

'मनुष्यता' कविता के अनुसार जो व्यक्ति दूसरों के लिए जीता और मरता है, वही मरकर अमर हो जाता है। ऐसे लोग —

कवि कहते हैं — "मरा नहीं वही कि जो जिया न आपके लिए।"

Source: मनुष्यता (कविता), chapter 3

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Explanation

परीक्षक यहाँ देखते हैं कि छात्र कविता की मूल भावना — परोपकार, उदारता, सहानुभूति — को स्पष्ट करे और एक-दो पौराणिक उदाहरण (रंतिदेव, दधीचि, कर्ण) दे। कविता की कोई एक प्रासंगिक पंक्ति उद्धृत करने से अतिरिक्त प्रभाव पड़ता है। केवल स्वार्थ के लिए जीने वालों को कवि 'पशु-प्रवृत्ति' कहता है — यह contrast याद रखें।

Q15. [5]
उसी उदार की कथा सरस्वती बखानती, उसी उदार से धरा कृतार्थ भाव मानती । उसी उदार की सदा सजीव कीर्ति कूजती; तथा उसी उदार को समस्त सृष्टि पूजती । अखंड आत्म भाव जो असीम विश्व में भरे, वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे ।।
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) पद्यांश के अनुसार उदार किसे माना गया है ? [1]
    1. (A) सभ्य व्यक्ति
    2. (B) परोपकारी व्यक्ति
    3. (C) प्रसिद्ध व्यक्ति
    4. (D) मिलनसार व्यक्ति
  2. (ii) देवी सरस्वती किसका गुणगान करती है ? [1]
    1. (A) संगीत का
    2. (B) गायकों का
    3. (C) सहृदयी का
    4. (D) ज्ञानी का
  3. (iii) उदार के प्रति धरती का भाव है : [1]
    1. (A) संवेदनशीलता
    2. (B) प्रेम
    3. (C) मित्रता
    4. (D) कृतज्ञता
  4. (iv) रिक्त स्थान के लिए उपयुक्त शब्द का चयन कीजिए : सब जगह अपने लिए न जीकर दूसरों के लिए जीने वालों की _________ गूँजती है । [1]
    1. (A) चहलपहल
    2. (B) कीर्ति
    3. (C) रौनक
    4. (D) अखंडता
  5. (v) "अखंड आत्म भाव जो असीम विश्व में भरे" — पंक्ति का भाव है : [1]
    1. (A) वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना का प्रसार करना
    2. (B) आध्यात्मिक विचारों को विश्व में प्रसारित करना
    3. (C) परमात्मा की अखंडता का उल्लेख करना
    4. (D) आत्मा को परमात्मा का अंश बताना
Previously asked in: 2024 4/5/1 Q7
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Model Answer

(i) (B) परोपकारी व्यक्ति

(ii) (C) सहृदयी का

(iii) (D) कृतज्ञता

(iv) (B) कीर्ति

(v) (A) वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना का प्रसार करना

Source: मनुष्यता, स्पर्श (काव्य-खंड)

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Explanation
Q16. [5]
विचार लो कि मर्त्य हो न मृत्यु से डरो कभी, मरो, परंतु यों मरो कि याद जो करें सभी । हुई न यों सुमृत्यु तो वृथा मरे, वृथा जिए, मरा नहीं वही कि जो जिया न आपके लिए । वही पशु-प्रवृत्ति है कि आप आप ही चरे, वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे ।।
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) कवि ने ऐसा क्यों कहा कि मृत्यु से नहीं डरना चाहिए ? [1]
    1. (A) मृत्यु से यश प्राप्त होता है
    2. (B) जन्म-मरण ईश्वर के हाथ में है
    3. (C) मृत्यु के बाद नया शरीर मिलता है
    4. (D) मृत्यु तो अवश्यंभावी है
  2. (ii) कवि कैसी मृत्यु को सुमृत्यु कहता है ? [1]
    1. (A) बिना किसी पीड़ा के हुई मृत्यु
    2. (B) अपनों के हित प्राप्त होने वाली मृत्यु
    3. (C) महान उद्देश्य के लिए मरने वाले की मृत्यु
    4. (D) स्वार्थ सिद्ध करते समय हुई मृत्यु
  3. (iii) कैसी मृत्यु व्यर्थ है ? [1]
    1. (A) देश हित प्राप्त होने वाली मृत्यु
    2. (B) जिस मृत्यु को याद न किया जाए
    3. (C) दूसरों के लिए संघर्ष करते हुए प्राप्त मृत्यु
    4. (D) मृत्यु के बाद जो हमेशा याद रहे
  4. (iv) पशु प्रवृत्ति क्या है ? [1]
    1. (A) अपने लिए जीना-खाना
    2. (B) दूसरों के लिए जीना-खाना
    3. (C) परोपकार का भाव रखना
    4. (D) दूसरों की भावनाओं को ठेस पहुँचाना
  5. (v) कौन-सा/से वाक्य पद्यांश से मेल खाता है/खाते हैं ? I. उदार मनुष्य दूसरों के लिए जीता-मरता है । II. पशु प्रवृत्ति को समझ के साथ अपनाना चाहिए । III. मनुष्य जीवन की सार्थकता परोपकार में है । IV. जीवन में कुछ पाने के लिए स्वार्थी होना पड़ता है । [1]
    1. (A) केवल I
    2. (B) II, IV
    3. (C) I, III
    4. (D) II, III
Previously asked in: 2024 4/4/1 Q7
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:14 · grounding stimulus+chapter
Model Answer

(i) (D) मृत्यु तो अवश्यंभावी है

(ii) (C) महान उद्देश्य के लिए मरने वाले की मृत्यु

(iii) (B) जिस मृत्यु को याद न किया जाए

(iv) (A) अपने लिए जीना-खाना

(v) (C) I, III

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Explanation
Q17. [2]
'मनुष्यता' कविता में कवि ने गर्वरहित जीवन जीने की सलाह क्यों दी है ?
Previously asked in: 2026 4/5/1 Q10 (i)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:14 · grounding rag
Model Answer

कवि ने गर्वरहित जीवन जीने की सलाह इसलिए दी है क्योंकि धन-संपत्ति तुच्छ और नाशवान है। ईश्वर (त्रिलोकनाथ) सभी के साथ हैं, इसलिए कोई भी अनाथ नहीं है। अहंकार मनुष्य को परोपकार से दूर करता है और वास्तविक मनुष्यता का नाश करता है।

Source: मनुष्यता (कविता), chapter 3

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Explanation
Q18. [2]
'मनुष्यता' कविता के आधार पर लिखिए कि 'अखंड आत्म भाव' रखने के क्या लाभ हैं ?
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q10 (i)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:14 · grounding rag
Model Answer

'मनुष्यता' कविता के अनुसार जो व्यक्ति असीम विश्व में 'अखंड आत्म भाव' भरता है, उसे समस्त सृष्टि पूजती है। उसकी कीर्ति सदा सजीव रहती है, धरती उसे कृतार्थ मानती है और सरस्वती उसकी कथा गाती है।

Source: मनुष्यता (कविता), स्पर्श, Chapter 3

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Explanation
Previous-year CBSE Grade 10 board exam questions, organised by subject and chapter, each with a model answer — free to read and print.