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CBSE Class X
Hindi
Question Paper
From previous CBSE Board Exam questions
Code: VXZSR1Questions: 19Maximum Marks: 55Generated: 2026-06-15 13:05
Selections used
SourcePrevious-year board
SubjectHindi
Lessonsसुमित्रानंदन पंत – पर्वत प्रदेश में पावस
Questions selected19
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Q1. [2]
‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता के आधार पर लिखिए कि कवि ने वृक्षों को पर्वतों की उच्चाकांक्षाएँ क्यों कहा है ?
Previously asked in: 2022 4/4/1 Q1 (ख)
Q2. [3]
'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर लिखिए कि कवि को ऐसा क्यों लगता है कि जैसे अचानक पर्वत पंख लगाकर उड़ गया हो ?
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q12 (ग)
Q3. [3]
'हैं झाँक रहे नीरव नभ पर' 'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता से ली गई पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए ।
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q12 (ख)
Q4. [3]
'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में वर्णित पर्वतीय प्रदेश की सुंदरता का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए ।
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q12 (क)
Q5. [2]
बादलों से पर्वत के छिप जाने पर कवि की कल्पना, 'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए ।
Previously asked in: 2025 4/6/1 Q10 (II)
Q6. [2]
'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में – 'पल-पल परिवर्तित प्रकृति वेश' से कवि का क्या तात्पर्य है ?
Previously asked in: 2025 4/5/1 Q10 (III)
Q7. [2]
'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में कवि ने पर्वत की विशालता को किस प्रकार चित्रित किया है? स्पष्ट कीजिए।
Previously asked in: 2025 4/4/1 Q10 (iii)
Q8. [5]
उड़ गया अचानक लो, भूधर फड़का अपार पारद के पर! रव-शेष रह गए हैं निर्झर! है टूट पड़ा भू पर अंबर! धँस गए धरा में सभय शाल! उठ रहा धुआँ, जल गया ताल! – यों जलद-यान में विचर-विचर था इंद्र खेलता इंद्रजाल।
निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) 'भूधर' के उड़ने से क्या अभिप्राय है ? [1]
    1. (A) पर्वतों के पंख लगना
    2. (B) पर्वतों का अदृश्य होना
    3. (C) पर्वतों का बादलों के पार जाना
    4. (D) पर्वतों का आकाश की ऊँचाई को छूना
  2. (ii) 'भूधर' किसके पंख लगाकर उड़ गए ? [1]
    1. (A) बादलों के
    2. (B) कल्पना के
    3. (C) बारिश के
    4. (D) कोहरे के
  3. (iii) 'रव-शेष रह गए हैं निर्झर' – का आशय है : [1]
    1. (A) केवल झरने दिखाई दे रहे हैं
    2. (B) केवल झरनों की ध्वनि शेष रह गई है
    3. (C) वृक्षों का अस्तित्व नष्ट हो गया है
    4. (D) पर्वतों का अस्तित्व नष्ट हो गया है
  4. (iv) 'है टूट पड़ा भू पर अंबर' – पंक्ति में अंबर के टूटने से क्या अभिप्राय है ? [1]
    1. (A) आकाश का धरती पर आक्रमण करना
    2. (B) आकाश द्वारा धरती पर मूसलाधार वर्षा करना
    3. (C) आकाश द्वारा धरती पर बिजली गिराना
    4. (D) आकाश का टूट कर धरती पर आ गिरना
  5. (v) काव्यांश में इंद्रजाल किसे कहा गया है ? [1]
    1. (A) पावस ऋतु में प्रकृति के पल-पल परिवर्तित रूप को
    2. (B) इंद्र के बादलों रूपी यान पर विचरण करने को
    3. (C) शाल के वृक्षों के गहरी खाई में छिप जाने को
    4. (D) तालाबों के चारों तरफ उड़ते घने धुएँ को
Previously asked in: 2025 4/3/1 Q9
Q9. [5]
गिरि का गौरव गाकर झर-झर मद में नस-नस उत्तेजित कर मोती की लड़ियों-से सुन्दर झरते हैं झाग भरे निर्झर ! गिरिवर के उर से उठ-उठ कर उच्चाकांक्षाओं से तरुवर हैं झाँक रहे नीरव नभ पर अनिमेष, अटल, कुछ चिंता पर ।
निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कीजिए :
  1. (i) झरने पर्वतों के यश का गुणगान क्यों कर रहे हैं ? [1]
    1. (A) प्रसन्नता अभिव्यक्त करने के लिए
    2. (B) उनका आभार प्रकट करने के लिए
    3. (C) पर्वतों की महानता दर्शाने के लिए
    4. (D) जोश, उमंग, उत्साह प्रकट करने के लिए
  2. (ii) 'मद में नस-नस उत्तेजित कर' – पंक्ति के संदर्भ में बताइए, किसकी नस-नस मद में उत्तेजित होने की बात कही जा रही है ? [1]
    1. (A) कवि की
    2. (B) पर्वतों की
    3. (C) झरनों की
    4. (D) वृक्षों की
  3. (iii) पर्वतों पर लगे वृक्ष किसे छूना चाहते हैं ? [1]
    1. (A) आकाश की ऊँचाई को
    2. (B) पर्वतों की ऊँची चोटी को
    3. (C) पर्वतों की गहराई को
    4. (D) झरनों के सौंदर्य को
  4. (iv) पर्वत शिखरों पर लगे वृक्षों के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं ? I. वृक्ष पर्वतों के हृदय में उठने वाली उच्चाकांक्षाओं के मूर्त रूप हैं । II. वृक्ष साधकों की भाँति गंभीर चिंतन में लीन हैं । III. वृक्ष अनहोनी की आशंका से आकाश की ओर झाँक रहे हैं । IV. वृक्ष वर्षा की आशा से आकाश की ओर ताक रहे हैं । [1]
    1. (A) केवल I
    2. (B) केवल III
    3. (C) I और II दोनों
    4. (D) III और IV दोनों
  5. (v) काव्यांश के संदर्भ में 'अनिमेष' शब्द का अर्थ निम्नलिखित में से नहीं है : [1]
    1. (A) एकटक
    2. (B) निरंतर
    3. (C) स्थिर दृष्टि
    4. (D) निर्लिप्त
Previously asked in: 2025 4/2/1 Q9
Q10. [5]
पावस ऋतु थी, पर्वत प्रदेश, पल-पल परिवर्तित प्रकृति-वेश । मेखलाकार पर्वत अपार अपने सहस्र दृग-सुमन फाड़, अवलोक रहा है बार-बार नीचे जल में निज महाकार, – जिसके चरणों में पला ताल दर्पण-सा फैला है विशाल !
निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कीजिए :
  1. (i) 'पल-पल परिवर्तित प्रकृति-वेश' पंक्ति का अभिप्राय है : [1]
    1. A प्रकृति अपनी वेशभूषा बार-बार बदल रही है
    2. B पर्वतों पर बादल बार-बार रूप बदल रहे हैं
    3. C प्रकृति का रूप सौंदर्य पल-पल नए रूप धारण कर रहा है
    4. D बादल बार-बार प्रकृति को नया रूप प्रदान कर रहे हैं
  2. (ii) पर्वतों की आँखें किसे कहा गया है ? [1]
    1. A दर्पण को
    2. B ताल को
    3. C पुष्पों को
    4. D मेखला को
  3. (iii) तालाब की समानता दर्पण से किस आधार पर की गई है ? [1]
    1. A रूपाकार
    2. B चमक
    3. C पारदर्शिता
    4. D स्वच्छता
  4. (iv) पर्वत ताल में क्या देख रहा है ? [1]
    1. A आकाश का प्रतिबिंब
    2. B रंग-बिरंगे पुष्प
    3. C अपना विशाल आकार
    4. D बादलों का सौंदर्य
  5. (v) प्रस्तुत काव्यांश में कवि ने किसका वर्णन किया है ? [1]
    1. A वर्षा ऋतु में पर्वतीय प्रदेश की अलौकिक सुषमा
    2. B वर्षा ऋतु में रंग-बिरंगे पुष्पों की सुंदरता
    3. C पर्वतीय प्रदेशों में पाई जाने वाली वनस्पति
    4. D पर्वतों की तलहटी में पलने वाले तालाब
Previously asked in: 2025 4/1/1 Q9
Q11. [2]
'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर 'अवलोक रहा है बार-बार' पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए ।
Previously asked in: 2026 4/3/1 Q10 (i)
Q12. [2]
'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में कवि ने प्रकृति को मानवीय क्रियाकलाप करते हुए दिखाया है, प्रकृति के किन्हीं दो क्रियाकलापों का उल्लेख कीजिए।
Previously asked in: 2026 4/2/1 Q8 (i)
Q13. [2]
'पावस ऋतु' किसे कहते हैं ? इस ऋतु में पर्वत पर कैसा दृश्य होता है ? 'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर लिखिए ।
Previously asked in: 2022 4/1/1 Q1 (ख)
Q14. [5]
उड़ गया, अचानक लो, भूधर फड़का अपार पारद के पर ! रव-शेष रह गए हैं निर्झर ! है टूट पड़ा भू पर अंबर ! धँस गए धरा में सभय शाल ! उठ रहा धुआँ, जल गया ताल ! – यों जलद-यान में विचर-विचर था इंद्र खेलता इंद्रजाल !
निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) 'भूधर के उड़ जाने' का आशय :
    1. (a) उसके पंछी समान उड़ने से है
    2. (b) उसके अदृश्य हो जाने से है
    3. (c) उसके बादलों के साथ चले जाने से है
    4. (d) उसके बादलों के पंख लगाने से है
  2. (ii) 'है टूट पड़ा भू पर अंबर' — पंक्ति में क्या कल्पना की गई है ?
    1. (a) अंबर ने धरती पर बाणों की वर्षा शुरू कर दी
    2. (b) अंबर ने धरती पर मूसलाधार वर्षा शुरू कर दी
    3. (c) अंबर ने बादलों रूपी सेना द्वारा भूमि पर आक्रमण कर दिया
    4. (d) अंबर बादलों की गड़गड़ाहट के साथ धरती पर गिर पड़ा
  3. (iii) शाल के वृक्षों के भयभीत होने का कारण इनमें से क्या नहीं है ?
    1. (a) आसमान से मूसलाधार वर्षा
    2. (b) तालाबों का जलना
    3. (c) चारों तरफ उठता धुआँ
    4. (d) बादलों की गड़गड़ाहट
  4. (iv) प्रस्तुत काव्यांश में किस ऋतु में कहाँ के सौंदर्य का वर्णन किया गया है ?
    1. (a) वर्षा ऋतु में मैदानी भागों के सौंदर्य का
    2. (b) वर्षा ऋतु में पर्वतीय प्रदेश के सौंदर्य का
    3. (c) वसंत ऋतु में तटीय प्रदेश के सौंदर्य का
    4. (d) वसंत ऋतु में पर्वतीय प्रदेश के सौंदर्य का
  5. (v) प्रस्तुत काव्यांश में किसका मानवीकरण किया गया है ?
    1. (a) पर्वतों का
    2. (b) अंबर का
    3. (c) वृक्षों का
    4. (d) प्रकृति का
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q7
Q15. [3]
'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर लिखिए कि झरने पर्वत का गुणगान क्यों और कैसे कर रहे हैं ।
Previously asked in: 2023 4/2/1 Q12 (ग)
Q16. [1]
पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए उपयुक्त विकल्प को चुनकर लिखिए : सुमित्रानंदन पंत ने पहाड़ पर झरनों की किस रूप में कल्पना की है ?
  1. (A) दूध की छोटी नदियों के रूप में
  2. (B) चाँदनी में फूलों की बरसात के रूप में
  3. (C) मोतियों की लड़ियों के रूप में
  4. (D) सोनजूही की बेल के रूप में
Previously asked in: 2024 4/5/1 Q8 (ii)
Q17. [1]
पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए उपयुक्त विकल्प को चुनकर लिखिए : "जिसके चरणों में पला ताल दर्पण-सा फैला है विशाल" — इन पंक्तियों में कवि ने ताल को किस रूप में चित्रित किया है ?
  1. (A) पर्वत की परछाई के रूप में
  2. (B) विशाल जल-स्रोत के रूप में
  3. (C) विशाल दर्पण के रूप में
  4. (D) छत्रछाया में पलने वाले के रूप में
Previously asked in: 2024 4/4/1 Q8 (ii)
Q18. [2]
'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर 'था इंद्र खेलता इंद्रजाल' पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए ।
Previously asked in: 2026 4/5/1 Q10 (ii)
Q19. [5]
गिरि का गौरव गाकर झर-झर मद में नस-नस उत्तेजित कर मोती की लड़ियों-से सुंदर झरते हैं झाग भरे निर्झर! गिरिवर के उर से उठ-उठकर उच्चाकांक्षाओं से तरुवर हैं झाँक रहे नीरव-नभ पर अनिमेष, अटल, कुछ चिंतापर ।
निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कीजिए :
  1. (i) 'अनिमेष' का अर्थ नहीं है [1]
    1. (A) एकटक
    2. (B) लगातार
    3. (C) निर्निमेष
    4. (D) झाँकना
  2. (ii) पद्यांश में किसकी तुलना मोती की लड़ियों से की गई है ? [1]
    1. (A) महाकार पर्वत की
    2. (B) झाग भरे झरने की
    3. (C) निर्मल ताल की
    4. (D) विशाल वृक्ष की
  3. (iii) 'नीरव-नभ' का आशय है [1]
    1. (A) बिना बादल का आकाश
    2. (B) बादलों से भरा आकाश
    3. (C) बादल रहित शांत आकाश
    4. (D) तेज़ हवा से युक्त आकाश
  4. (iv) पेड़ 'चिंतापर' क्यों दिखाई दे रहे हैं ? [1]
    1. (A) वे आकाश जैसी ऊँचाई पाने के लिए विचारमग्न हैं ।
    2. (B) पर्वतों की आकांक्षाओं को पूरा नहीं कर पा रहे हैं ।
    3. (C) पर्वतों से झरने वाले झरनों की गति से भयभीत हैं ।
    4. (D) नीरव-नभ का रूप उन्हें आश्चर्यचकित कर रहा है ।
  5. (v) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों के सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : एकाग्रता, अटल विश्वास और लक्ष्य पर दृष्टि सफल होने के सहायक तत्त्व हैं । कारण : जीवन में सफलता बिना प्रयास के भाग्य से स्वयं ही प्राप्त हो जाती है । [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
    2. (B) कथन और कारण दोनों सही हैं ।
    3. (C) कथन गलत है, परंतु कारण सही है ।
    4. (D) कथन सही है, किंतु कारण गलत है ।
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q9
CBSE Class X
Hindi
Answer Key
From previous CBSE Board Exam questions
Code: VXZSR1Questions: 19Maximum Marks: 55Generated: 2026-06-15 13:05
Q1. [2]
‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता के आधार पर लिखिए कि कवि ने वृक्षों को पर्वतों की उच्चाकांक्षाएँ क्यों कहा है ?
Previously asked in: 2022 4/4/1 Q1 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:13 · grounding rag
Model Answer

कवि ने वृक्षों को पर्वतों की उच्चाकांक्षाएँ इसलिए कहा है क्योंकि वृक्ष पर्वत के हृदय से उठकर आकाश की ओर ऊँचे-ऊँचे झाँक रहे हैं। जिस प्रकार मनुष्य की उच्चाकांक्षाएँ उसे ऊपर उठने की प्रेरणा देती हैं, उसी प्रकार ये वृक्ष पर्वत की ऊँचाई पाने की चाहत को व्यक्त करते हैं — अनिमेष, अटल और चिंतामग्न।

Source: पर्वत प्रदेश में पावस, प्रश्न-अभ्यास (प्रश्न 5)

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Explanation
Q2. [3]
'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर लिखिए कि कवि को ऐसा क्यों लगता है कि जैसे अचानक पर्वत पंख लगाकर उड़ गया हो ?
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q12 (ग)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:13 · grounding rag
Model Answer

वर्षा ऋतु में पर्वत के चारों ओर घने बादल छा जाते हैं। ये बादल पर्वत को पूरी तरह ढक लेते हैं, जिससे पर्वत दिखाई नहीं देता। कवि को ऐसा प्रतीत होता है मानो पर्वत ने बादलों रूपी पंख लगा लिए हों और वह उड़ गया हो। बादलों में पर्वत का अदृश्य हो जाना ही इस भ्रम का कारण है। इस प्रकार कवि ने पर्वत का मानवीकरण करते हुए उसे पक्षी की भाँति उड़ता हुआ दिखाया है।

Source: पर्वत प्रदेश में पावस, प्रश्न-अभ्यास

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Explanation
Q3. [3]
'हैं झाँक रहे नीरव नभ पर' 'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता से ली गई पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए ।
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q12 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:13 · grounding rag
Model Answer

इन पंक्तियों में कवि पर्वत पर उगे ऊँचे-ऊँचे वृक्षों का मानवीकरण करते हैं। पर्वत के हृदय (गहराई) से उठकर वृक्ष उच्चाकांक्षाओं से भरे हुए शांत आकाश को एकटक, स्थिर और कुछ चिंतित भाव से झाँक रहे हैं। 'अनिमेष' (पलक न झपकाते हुए) और 'अटल' शब्द दर्शाते हैं कि ये वृक्ष किसी गहरे चिंतन में लीन हैं। वे उस मनुष्य के समान हैं जो महत्वाकांक्षी तो है, किंतु लक्ष्य की अनिश्चितता से चिंतित भी है।

Source: पर्वत प्रदेश में पावस, प्रश्न-अभ्यास (ख)-3

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Explanation
Q4. [3]
'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में वर्णित पर्वतीय प्रदेश की सुंदरता का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए ।
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q12 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:13 · grounding rag
Model Answer

'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में कवि सुमित्रानंदन पंत ने वर्षा ऋतु के पर्वतीय सौंदर्य का अद्भुत चित्रण किया है। मेखलाकार (करधनी के आकार का) विशाल पर्वत अपने हज़ारों फूल-रूपी नेत्रों से नीचे फैले तालाब में अपना विशाल प्रतिबिंब निहारता है। झरने मोती की लड़ियों जैसे सुंदर दिखते हैं। ऊँचे वृक्ष उच्चाकांक्षा से आकाश की ओर झाँकते हैं। अचानक बादलों के छा जाने से लगता है जैसे आकाश धरती पर टूट पड़ा हो और इंद्र जादू खेल रहा हो।

Source: पर्वत प्रदेश में पावस, chapter 4

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Explanation
Q5. [2]
बादलों से पर्वत के छिप जाने पर कवि की कल्पना, 'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए ।
Previously asked in: 2025 4/6/1 Q10 (II)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:13 · grounding rag
Model Answer

जब बादल पर्वत को ढक लेते हैं, तो कवि की कल्पना है कि विशालकाय पर्वत अचानक अदृश्य हो गया, मानो उसने अपने पंख समेटकर कहीं उड़ान भर ली हो। कवि को लगता है जैसे पर्वत ने माया फैला दी हो और वह अपनी विशालता को बादलों में छुपाकर इंद्र का इंद्रजाल रच रहा हो।

Source: पर्वत प्रदेश में पावस, प्रश्न-अभ्यास, Chapter 4

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Explanation
Q6. [2]
'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में – 'पल-पल परिवर्तित प्रकृति वेश' से कवि का क्या तात्पर्य है ?
Previously asked in: 2025 4/5/1 Q10 (III)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:13 · grounding rag
Model Answer

'पल-पल परिवर्तित प्रकृति-वेश' से कवि का तात्पर्य है कि वर्षा ऋतु (पावस) में पर्वतीय प्रदेश की प्रकृति का रूप हर पल बदलता रहता है। कभी बादल छा जाते हैं, कभी छँट जाते हैं, कभी झरने बहने लगते हैं — इस प्रकार प्रकृति क्षण-क्षण नया वेश (रूप) धारण करती है।

Source: पर्वत प्रदेश में पावस, प्रश्न-अभ्यास

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Explanation
Q7. [2]
'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में कवि ने पर्वत की विशालता को किस प्रकार चित्रित किया है? स्पष्ट कीजिए।
Previously asked in: 2025 4/4/1 Q10 (iii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:13 · grounding rag
Model Answer

कवि ने पर्वत को 'मेखलाकार' और 'अपार' बताया है। पर्वत अपने सहस्र फूल-रूपी नेत्रों से नीचे तालाब में अपना विशाल प्रतिबिंब देख रहा है। तालाब दर्पण की तरह फैला है जिसमें पर्वत का 'महाकार' प्रतिबिंबित होता है — इससे पर्वत की अपार विशालता का चित्रण होता है।

Source: पर्वत प्रदेश में पावस, प्रश्न-अभ्यास

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Explanation
Q8. [5]
उड़ गया अचानक लो, भूधर फड़का अपार पारद के पर! रव-शेष रह गए हैं निर्झर! है टूट पड़ा भू पर अंबर! धँस गए धरा में सभय शाल! उठ रहा धुआँ, जल गया ताल! – यों जलद-यान में विचर-विचर था इंद्र खेलता इंद्रजाल।
निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) 'भूधर' के उड़ने से क्या अभिप्राय है ? [1]
    1. (A) पर्वतों के पंख लगना
    2. (B) पर्वतों का अदृश्य होना
    3. (C) पर्वतों का बादलों के पार जाना
    4. (D) पर्वतों का आकाश की ऊँचाई को छूना
  2. (ii) 'भूधर' किसके पंख लगाकर उड़ गए ? [1]
    1. (A) बादलों के
    2. (B) कल्पना के
    3. (C) बारिश के
    4. (D) कोहरे के
  3. (iii) 'रव-शेष रह गए हैं निर्झर' – का आशय है : [1]
    1. (A) केवल झरने दिखाई दे रहे हैं
    2. (B) केवल झरनों की ध्वनि शेष रह गई है
    3. (C) वृक्षों का अस्तित्व नष्ट हो गया है
    4. (D) पर्वतों का अस्तित्व नष्ट हो गया है
  4. (iv) 'है टूट पड़ा भू पर अंबर' – पंक्ति में अंबर के टूटने से क्या अभिप्राय है ? [1]
    1. (A) आकाश का धरती पर आक्रमण करना
    2. (B) आकाश द्वारा धरती पर मूसलाधार वर्षा करना
    3. (C) आकाश द्वारा धरती पर बिजली गिराना
    4. (D) आकाश का टूट कर धरती पर आ गिरना
  5. (v) काव्यांश में इंद्रजाल किसे कहा गया है ? [1]
    1. (A) पावस ऋतु में प्रकृति के पल-पल परिवर्तित रूप को
    2. (B) इंद्र के बादलों रूपी यान पर विचरण करने को
    3. (C) शाल के वृक्षों के गहरी खाई में छिप जाने को
    4. (D) तालाबों के चारों तरफ उड़ते घने धुएँ को
Previously asked in: 2025 4/3/1 Q9
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:13 · grounding stimulus+chapter
Model Answer

(i) (B) पर्वतों का अदृश्य होना

(ii) (A) बादलों के

(iii) (B) केवल झरनों की ध्वनि शेष रह गई है

(iv) (B) आकाश द्वारा धरती पर मूसलाधार वर्षा करना

(v) (A) पावस ऋतु में प्रकृति के पल-पल परिवर्तित रूप को

Source: पर्वत प्रदेश में पावस, सुमित्रानंदन पंत

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Explanation
Q9. [5]
गिरि का गौरव गाकर झर-झर मद में नस-नस उत्तेजित कर मोती की लड़ियों-से सुन्दर झरते हैं झाग भरे निर्झर ! गिरिवर के उर से उठ-उठ कर उच्चाकांक्षाओं से तरुवर हैं झाँक रहे नीरव नभ पर अनिमेष, अटल, कुछ चिंता पर ।
निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कीजिए :
  1. (i) झरने पर्वतों के यश का गुणगान क्यों कर रहे हैं ? [1]
    1. (A) प्रसन्नता अभिव्यक्त करने के लिए
    2. (B) उनका आभार प्रकट करने के लिए
    3. (C) पर्वतों की महानता दर्शाने के लिए
    4. (D) जोश, उमंग, उत्साह प्रकट करने के लिए
  2. (ii) 'मद में नस-नस उत्तेजित कर' – पंक्ति के संदर्भ में बताइए, किसकी नस-नस मद में उत्तेजित होने की बात कही जा रही है ? [1]
    1. (A) कवि की
    2. (B) पर्वतों की
    3. (C) झरनों की
    4. (D) वृक्षों की
  3. (iii) पर्वतों पर लगे वृक्ष किसे छूना चाहते हैं ? [1]
    1. (A) आकाश की ऊँचाई को
    2. (B) पर्वतों की ऊँची चोटी को
    3. (C) पर्वतों की गहराई को
    4. (D) झरनों के सौंदर्य को
  4. (iv) पर्वत शिखरों पर लगे वृक्षों के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं ? I. वृक्ष पर्वतों के हृदय में उठने वाली उच्चाकांक्षाओं के मूर्त रूप हैं । II. वृक्ष साधकों की भाँति गंभीर चिंतन में लीन हैं । III. वृक्ष अनहोनी की आशंका से आकाश की ओर झाँक रहे हैं । IV. वृक्ष वर्षा की आशा से आकाश की ओर ताक रहे हैं । [1]
    1. (A) केवल I
    2. (B) केवल III
    3. (C) I और II दोनों
    4. (D) III और IV दोनों
  5. (v) काव्यांश के संदर्भ में 'अनिमेष' शब्द का अर्थ निम्नलिखित में से नहीं है : [1]
    1. (A) एकटक
    2. (B) निरंतर
    3. (C) स्थिर दृष्टि
    4. (D) निर्लिप्त
Previously asked in: 2025 4/2/1 Q9
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Model Answer

(i) (D) जोश, उमंग, उत्साह प्रकट करने के लिए

(ii) (A) कवि की

(iii) (A) आकाश की ऊँचाई को

(iv) (C) I और II दोनों

(v) (D) निर्लिप्त

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Explanation
Q10. [5]
पावस ऋतु थी, पर्वत प्रदेश, पल-पल परिवर्तित प्रकृति-वेश । मेखलाकार पर्वत अपार अपने सहस्र दृग-सुमन फाड़, अवलोक रहा है बार-बार नीचे जल में निज महाकार, – जिसके चरणों में पला ताल दर्पण-सा फैला है विशाल !
निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कीजिए :
  1. (i) 'पल-पल परिवर्तित प्रकृति-वेश' पंक्ति का अभिप्राय है : [1]
    1. A प्रकृति अपनी वेशभूषा बार-बार बदल रही है
    2. B पर्वतों पर बादल बार-बार रूप बदल रहे हैं
    3. C प्रकृति का रूप सौंदर्य पल-पल नए रूप धारण कर रहा है
    4. D बादल बार-बार प्रकृति को नया रूप प्रदान कर रहे हैं
  2. (ii) पर्वतों की आँखें किसे कहा गया है ? [1]
    1. A दर्पण को
    2. B ताल को
    3. C पुष्पों को
    4. D मेखला को
  3. (iii) तालाब की समानता दर्पण से किस आधार पर की गई है ? [1]
    1. A रूपाकार
    2. B चमक
    3. C पारदर्शिता
    4. D स्वच्छता
  4. (iv) पर्वत ताल में क्या देख रहा है ? [1]
    1. A आकाश का प्रतिबिंब
    2. B रंग-बिरंगे पुष्प
    3. C अपना विशाल आकार
    4. D बादलों का सौंदर्य
  5. (v) प्रस्तुत काव्यांश में कवि ने किसका वर्णन किया है ? [1]
    1. A वर्षा ऋतु में पर्वतीय प्रदेश की अलौकिक सुषमा
    2. B वर्षा ऋतु में रंग-बिरंगे पुष्पों की सुंदरता
    3. C पर्वतीय प्रदेशों में पाई जाने वाली वनस्पति
    4. D पर्वतों की तलहटी में पलने वाले तालाब
Previously asked in: 2025 4/1/1 Q9
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Model Answer

(i) सही उत्तर: C — प्रकृति का रूप सौंदर्य पल-पल नए रूप धारण कर रहा है।

(ii) सही उत्तर: C — पुष्पों को। ('सहस्र दृग-सुमन' में पर्वत के फूलों को उसकी हजारों आँखें कहा गया है।)

(iii) सही उत्तर: A — रूपाकार। (तालाब भी दर्पण की तरह समतल और विशाल फैला है, जिसमें पर्वत का प्रतिबिंब दिखता है।)

(iv) सही उत्तर: C — अपना विशाल आकार। (पर्वत बार-बार नीचे जल में 'निज महाकार' — अपना विशाल रूप — देख रहा है।)

(v) सही उत्तर: A — वर्षा ऋतु में पर्वतीय प्रदेश की अलौकिक सुषमा।

Source: पर्वत प्रदेश में पावस, सुमित्रानंदन पंत

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Explanation
Q11. [2]
'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर 'अवलोक रहा है बार-बार' पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए ।
Previously asked in: 2026 4/3/1 Q10 (i)
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Model Answer

'अवलोक रहा है बार-बार' पंक्ति का आशय है कि विशाल मेखलाकार पर्वत अपने पैरों में फैले विशाल तालाब को दर्पण की तरह उपयोग करते हुए बार-बार उसमें अपना प्रतिबिंब देख रहा है। यहाँ मानवीकरण अलंकार है — पर्वत को एक अहंकारी विशालकाय पुरुष की भाँति चित्रित किया गया है।

Source: पर्वत प्रदेश में पावस, chapter 4

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Explanation
Q12. [2]
'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में कवि ने प्रकृति को मानवीय क्रियाकलाप करते हुए दिखाया है, प्रकृति के किन्हीं दो क्रियाकलापों का उल्लेख कीजिए।
Previously asked in: 2026 4/2/1 Q8 (i)
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Model Answer

'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में कवि ने मानवीकरण अलंकार के माध्यम से प्रकृति को मानवीय क्रियाएँ करते दिखाया है:

  1. पर्वत के हृदय से उठ-उठकर ऊँचे वृक्ष आकाश की ओर अनिमेष, अटल व चिंतित भाव से झाँक रहे हैं — जैसे कोई उच्चाकांक्षी मनुष्य ऊपर देखता है।
  1. झरने पर्वत के गौरव का गान करते हुए बह रहे हैं — जैसे कोई गायक स्तुति गा रहा हो।

Source: पर्वत प्रदेश में पावस, प्रश्न-अभ्यास

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Explanation
Q13. [2]
'पावस ऋतु' किसे कहते हैं ? इस ऋतु में पर्वत पर कैसा दृश्य होता है ? 'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर लिखिए ।
Previously asked in: 2022 4/1/1 Q1 (ख)
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Model Answer

पावस ऋतु वर्षा ऋतु को कहते हैं।

'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के अनुसार इस ऋतु में पर्वत पर प्रकृति का वेश पल-पल बदलता रहता है। घने बादल छा जाते हैं, झरने झर-झर बहते हैं, शाल के वृक्ष भयभीत होकर धरती में धँसते से लगते हैं और ऐसा प्रतीत होता है जैसे आकाश धरती पर टूट पड़ा हो।

Source: पर्वत प्रदेश में पावस, chapter 4

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Explanation
Q14. [5]
उड़ गया, अचानक लो, भूधर फड़का अपार पारद के पर ! रव-शेष रह गए हैं निर्झर ! है टूट पड़ा भू पर अंबर ! धँस गए धरा में सभय शाल ! उठ रहा धुआँ, जल गया ताल ! – यों जलद-यान में विचर-विचर था इंद्र खेलता इंद्रजाल !
निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) 'भूधर के उड़ जाने' का आशय :
    1. (a) उसके पंछी समान उड़ने से है
    2. (b) उसके अदृश्य हो जाने से है
    3. (c) उसके बादलों के साथ चले जाने से है
    4. (d) उसके बादलों के पंख लगाने से है
  2. (ii) 'है टूट पड़ा भू पर अंबर' — पंक्ति में क्या कल्पना की गई है ?
    1. (a) अंबर ने धरती पर बाणों की वर्षा शुरू कर दी
    2. (b) अंबर ने धरती पर मूसलाधार वर्षा शुरू कर दी
    3. (c) अंबर ने बादलों रूपी सेना द्वारा भूमि पर आक्रमण कर दिया
    4. (d) अंबर बादलों की गड़गड़ाहट के साथ धरती पर गिर पड़ा
  3. (iii) शाल के वृक्षों के भयभीत होने का कारण इनमें से क्या नहीं है ?
    1. (a) आसमान से मूसलाधार वर्षा
    2. (b) तालाबों का जलना
    3. (c) चारों तरफ उठता धुआँ
    4. (d) बादलों की गड़गड़ाहट
  4. (iv) प्रस्तुत काव्यांश में किस ऋतु में कहाँ के सौंदर्य का वर्णन किया गया है ?
    1. (a) वर्षा ऋतु में मैदानी भागों के सौंदर्य का
    2. (b) वर्षा ऋतु में पर्वतीय प्रदेश के सौंदर्य का
    3. (c) वसंत ऋतु में तटीय प्रदेश के सौंदर्य का
    4. (d) वसंत ऋतु में पर्वतीय प्रदेश के सौंदर्य का
  5. (v) प्रस्तुत काव्यांश में किसका मानवीकरण किया गया है ?
    1. (a) पर्वतों का
    2. (b) अंबर का
    3. (c) वृक्षों का
    4. (d) प्रकृति का
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q7
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Model Answer

(i) (c) उसके बादलों के साथ चले जाने से है

(ii) (b) अंबर ने धरती पर मूसलाधार वर्षा शुरू कर दी

(iii) (d) बादलों की गड़गड़ाहट

(iv) (b) वर्षा ऋतु में पर्वतीय प्रदेश के सौंदर्य का

(v) (d) प्रकृति का

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Explanation
Q15. [3]
'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर लिखिए कि झरने पर्वत का गुणगान क्यों और कैसे कर रहे हैं ।
Previously asked in: 2023 4/2/1 Q12 (ग)
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Model Answer

कविता 'पर्वत प्रदेश में पावस' में झरने पर्वत के गौरव का गान कर रहे हैं क्योंकि वे पर्वत की ही संतान हैं और उसी की ऊँचाई से उत्पन्न होते हैं। पर्वत उनका आश्रयदाता है, इसलिए वे उसकी महिमा का बखान करते हैं।

झरने ऊँचाई से तेज़ गति से बहते हुए जब शोर मचाते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे वे पर्वत की स्तुति में मधुर संगीत गा रहे हों। कवि ने बहते हुए झरने की तुलना गाते हुए वीणा से की है, जो पर्वत के गौरवगान को और भी सजीव बना देती है।

Source: पर्वत प्रदेश में पावस, प्रश्न-अभ्यास (प्रश्न 7)

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Explanation
Q16. [1]
पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए उपयुक्त विकल्प को चुनकर लिखिए : सुमित्रानंदन पंत ने पहाड़ पर झरनों की किस रूप में कल्पना की है ?
  1. (A) दूध की छोटी नदियों के रूप में
  2. (B) चाँदनी में फूलों की बरसात के रूप में
  3. (C) मोतियों की लड़ियों के रूप में
  4. (D) सोनजूही की बेल के रूप में
Previously asked in: 2024 4/5/1 Q8 (ii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:12 · grounding rag
Model Answer

(A) दूध की छोटी नदियों के रूप में

सुमित्रानंदन पंत ने पहाड़ पर झरनों की दूध की छोटी नदियों के रूप में कल्पना की है।

Source: पर्वत प्रदेश में पावस, chapter 4

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Explanation
Q17. [1]
पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए उपयुक्त विकल्प को चुनकर लिखिए : "जिसके चरणों में पला ताल दर्पण-सा फैला है विशाल" — इन पंक्तियों में कवि ने ताल को किस रूप में चित्रित किया है ?
  1. (A) पर्वत की परछाई के रूप में
  2. (B) विशाल जल-स्रोत के रूप में
  3. (C) विशाल दर्पण के रूप में
  4. (D) छत्रछाया में पलने वाले के रूप में
Previously asked in: 2024 4/4/1 Q8 (ii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:12 · grounding rag
Model Answer

(C) विशाल दर्पण के रूप में

कवि ने ताल को विशाल दर्पण के रूप में चित्रित किया है, जिसमें पर्वत अपना विशाल प्रतिबिंब देखता है।

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Explanation

The line "दर्पण-सा फैला है विशाल" uses an उपमा अलंकार — the lake (ताल) is compared to a mirror (दर्पण). The mountain sees its own reflection in it. This makes option (C) the direct and correct answer. Examiners expect you to identify the simile and state it clearly.

Q18. [2]
'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर 'था इंद्र खेलता इंद्रजाल' पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए ।
Previously asked in: 2026 4/5/1 Q10 (ii)
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Model Answer

इस पंक्ति का आशय है कि वर्षा ऋतु में बादलों के रूप में इंद्र (वर्षा के देवता) अपने बादल-रूपी विमान (जलद-यान) पर विचरण करते हुए जादू खेल रहे थे। तेज़ बारिश, घने बादल, धुंध और बिजली मिलकर एक जादुई, रहस्यमय दृश्य उत्पन्न कर रहे थे, मानो इंद्र अपना जादू दिखा रहे हों।

Source: पर्वत प्रदेश में पावस, प्रश्न-अभ्यास (ख)-2

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Explanation
Q19. [5]
गिरि का गौरव गाकर झर-झर मद में नस-नस उत्तेजित कर मोती की लड़ियों-से सुंदर झरते हैं झाग भरे निर्झर! गिरिवर के उर से उठ-उठकर उच्चाकांक्षाओं से तरुवर हैं झाँक रहे नीरव-नभ पर अनिमेष, अटल, कुछ चिंतापर ।
निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कीजिए :
  1. (i) 'अनिमेष' का अर्थ नहीं है [1]
    1. (A) एकटक
    2. (B) लगातार
    3. (C) निर्निमेष
    4. (D) झाँकना
  2. (ii) पद्यांश में किसकी तुलना मोती की लड़ियों से की गई है ? [1]
    1. (A) महाकार पर्वत की
    2. (B) झाग भरे झरने की
    3. (C) निर्मल ताल की
    4. (D) विशाल वृक्ष की
  3. (iii) 'नीरव-नभ' का आशय है [1]
    1. (A) बिना बादल का आकाश
    2. (B) बादलों से भरा आकाश
    3. (C) बादल रहित शांत आकाश
    4. (D) तेज़ हवा से युक्त आकाश
  4. (iv) पेड़ 'चिंतापर' क्यों दिखाई दे रहे हैं ? [1]
    1. (A) वे आकाश जैसी ऊँचाई पाने के लिए विचारमग्न हैं ।
    2. (B) पर्वतों की आकांक्षाओं को पूरा नहीं कर पा रहे हैं ।
    3. (C) पर्वतों से झरने वाले झरनों की गति से भयभीत हैं ।
    4. (D) नीरव-नभ का रूप उन्हें आश्चर्यचकित कर रहा है ।
  5. (v) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों के सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : एकाग्रता, अटल विश्वास और लक्ष्य पर दृष्टि सफल होने के सहायक तत्त्व हैं । कारण : जीवन में सफलता बिना प्रयास के भाग्य से स्वयं ही प्राप्त हो जाती है । [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
    2. (B) कथन और कारण दोनों सही हैं ।
    3. (C) कथन गलत है, परंतु कारण सही है ।
    4. (D) कथन सही है, किंतु कारण गलत है ।
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q9
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:12 · grounding stimulus+chapter
Model Answer

(i) (D) झाँकना

(ii) (B) झाग भरे झरने की

(iii) (C) बादल रहित शांत आकाश

(iv) (A) वे आकाश जैसी ऊँचाई पाने के लिए विचारमग्न हैं।

(v) (D) कथन सही है, किंतु कारण गलत है।

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Explanation
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