📚 CBSE Grade-10 Study Guide Open in the Study Guide single page app →
CBSE Class X
Hindi
Question Paper
From previous CBSE Board Exam questions
Code: WYEGWHQuestions: 14Maximum Marks: 38Generated: 2026-06-15 13:05
Selections used
SourcePrevious-year board
SubjectHindi
Lessonsकबीर – साखी
Questions selected14
If a question refers to an image, map, graph or diagram that is not shown here, open the Study Guide single page app, go to Library and find the actual CBSE question paper. The original papers are also available on the CBSE website: cbse.gov.in.
Q1. [3]
'साखी' पाठ के आधार पर 'घर' की प्रतीकात्मकता स्पष्ट करते हुए लिखिए कि कबीर अपने बताए मार्ग पर चलने वालों का घर क्यों जलाना चाहते हैं ?
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q12 (क)
Q2. [5]
सुखिया सब संसार है, खायै अरू सोवै । दुखिया दास कबीर है, जागै अरू रोवै ।। बिरह भुवंगम तन बसै, मंत्र न लागै कोइ । राम बियोगी ना जिवै, जिवै तो बौरा होइ ।।
निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) पहले दोहे में 'सोना' और 'जागना' प्रतीकार्थ है – [1]
    1. A अज्ञानता और ज्ञान का
    2. B निष्क्रियता और सक्रियता का
    3. C अचेतना और चेतनता का
    4. D निर्जीवता और सजीवता का
  2. (ii) कबीर दुखी हैं क्योंकि वे – [1]
    1. A एकाकी जीवन व्यतीत कर रहे हैं ।
    2. B ईश्वर से वियोग के कारण व्यथित हैं ।
    3. C सांसारिक सुखों का भोग नहीं कर पा रहे हैं ।
    4. D ईश्वरीय सत्य से लोगों को परिचित नहीं करवा पा रहे हैं ।
  3. (iii) 'मंत्र न लगना' का आशय है – [1]
    1. A मंत्रों का निष्फल होना
    2. B पूजा-पाठ का काम न आना
    3. C कोई उपाय काम न आना
    4. D मंत्रोच्चार की विधि न जानना
  4. (iv) राम वियोगी व्यक्ति की तुलना किससे की गई है ? [1]
    1. A विक्षिप्त व्यक्ति से
    2. B विरह रूपी व्यक्ति से
    3. C विष युक्त सर्प के तन से
    4. D विरह रूपी सर्प से ग्रसित व्यक्ति से
  5. (v) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए : कथन : सांसारिक मनुष्य सुख-पूर्वक जीवन यापन कर रहे हैं । कारण : वह भौतिक सुखों को ही सच्चा सुख मानते हैं । [1]
    1. A कथन तथा कारण दोनों गलत हैं ।
    2. B कारण सही है, किंतु कथन गलत है ।
    3. C कथन सही है, लेकिन कारण कथन की गलत व्याख्या करता है ।
    4. D कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है ।
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q7
Q3. [5]
कस्तूरी कुंडलि बसै, मृग ढूँढ़ै बन माँहि । ऐसैं घटि घटि राँम है, दुनियाँ देखै नाँहिं ।। जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं मैं नाँहि । सब अँधियारा मिटि गया, जब दीपक देख्या माँहि ।।
निम्नलिखित पठित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) 'कस्तूरी कुंडलि बसै ...' दोहे में किसका वर्णन किया गया है ? [1]
    1. A कस्तूरी ढूँढ़ने वाले मृग का
    2. B सांसारिकता में लीन मानव का
    3. C अपनी ही विशेषता से अनजान मनुष्य का
    4. D ईश्वर की सर्वव्यापकता का
  2. (ii) 'जब मैं था तब हरि नहीं' पंक्ति में 'मैं' से अभिप्राय है – [1]
    1. A अहंकार की भावना
    2. B स्वार्थ की भावना
    3. C सांसारिक माया-मोह
    4. D स्वयं कवि
  3. (iii) 'जब मैं था तब हरि नहीं' दोहे के अनुसार हृदय में ईश्वर का निवास कब तक असंभव है ? [1]
    1. A जब तक सच्चे हृदय से उसे याद न किया जाए ।
    2. B जब तक सांसारिक विषय-वासनाओं को न छोड़ा जाए ।
    3. C जब तक अहंकारपूर्ण व्यवहार का नाश न किया जाए ।
    4. D जब तक सच्चे हृदय से उसकी सेवा न की जाए ।
  4. (iv) 'जब दीपक देख्या माँहि' – पंक्ति में 'दीपक' प्रतीकार्थ है – [1]
    1. A प्रभु प्रेम के प्रकाश का
    2. B रोशनी के साधन का
    3. C प्रकाश का
    4. D संपन्नता का
  5. (v) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए : कथन : ईश्वर सृष्टि के कण-कण में निवास करते हैं पर हम उन्हें देख नहीं पाते । कारण : मनुष्य के पास दिव्य-दृष्टि नहीं है । [1]
    1. A कथन तथा कारण दोनों गलत हैं ।
    2. B कथन गलत है, लेकिन कारण सही है ।
    3. C कथन सही है, लेकिन कारण उसकी गलत व्याख्या करता है ।
    4. D कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है ।
Previously asked in: 2024 4/2/1 Q7
Q4. [2]
'कबीर' की साखियों में कौन-कौन से जीवन-मूल्य उभरते हैं ?
Previously asked in: 2025 4/6/1 Q10 (I)
Q5. [2]
कबीर के, निंदक को पास रखने वाले विचार से आप कहाँ तक सहमत हैं और क्यों?
Previously asked in: 2025 4/4/1 Q10 (i)
Q6. [2]
कबीर की साखी के अनुसार उनके रुदन का कारण स्पष्ट कीजिए।
Previously asked in: 2025 4/3/1 Q10 (क)
Q7. [2]
साधारणत: निंदक किसी को पसंद नहीं होते फिर भी कबीरदासजी ने निंदकों को अपने पास रखने की सलाह क्यों दी है ?
Previously asked in: 2025 4/1/1 Q10 (क)
Q8. [2]
ईश्वर की सर्वव्यापकता का उल्लेख करने के लिए कबीर ने 'साखी' में क्या उदाहरण दिया है ? इसके माध्यम से कवि ने क्या स्पष्ट किया है ?
Previously asked in: 2026 4/2/1 Q8 (iii)
Q9. [3]
'साखी' शब्द का अर्थ स्पष्ट करते हुए अपने पाठ्यक्रम में संकलित कबीर की साखियों का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए ।
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q12 (क)
Q10. [3]
'सुखिया सब संसार है, खायै अरु सोवै । दुखिया दास कबीर है, जागै अरु रोवै ।' — साखी के संदर्भ में कबीर के दुखी और जाग्रत होने का कारण लिखिए । क्या जागना भी दुख का कारण हो सकता है ? स्पष्ट कीजिए ।
Previously asked in: 2023 4/2/1 Q12 (क)
Q11. [1]
पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए उपयुक्त विकल्प को चुनकर लिखिए : कबीर ने कस्तूरी मृग के उदाहरण से क्या समझाया है ?
  1. (A) कस्तूरी मृग जंगल में कस्तूरी खोजता है ।
  2. (B) हृदय में आत्मा के रूप में ही परमात्मा हैं ।
  3. (C) हिरन की नाभि में ही कस्तूरी पाई जाती है ।
  4. (D) जगह-जगह खोजने से परमात्मा मिल जाते हैं ।
Previously asked in: 2024 4/5/1 Q8 (i)
Q12. [1]
पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए उपयुक्त विकल्प को चुनकर लिखिए : कबीर के अनुसार मीठी बोली का क्या प्रभाव होता है ? I. हमारा शरीर शीतल होता है । II. बोली में अहं का भाव आता है । III. हमारा काम सरलतापूर्वक हो जाता है । IV. सुनने वाले को सुखानुभूति होती है ।
  1. (A) I, II
  2. (B) II, III
  3. (C) III, IV
  4. (D) I, IV
Previously asked in: 2024 4/4/1 Q8 (i)
Q13. [5]
कस्तूरी कुंडलि बसै, मृग ढूँढ़ै बन माँहि । ऐसैं घटि घटि राँम है, दुनियाँ देखै नाँहि ।। बिरह भुवंगम तन बसै, मंत्र न लागै कोइ । राम बियोगी ना जिवै, जिवै तो बौरा होई ।।
निम्नलिखित काव्यांश (दोहों) को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कर लिखिए :
  1. (i) 'बौरा' किसे कहा गया है ? [1]
    1. (A) जो परमात्मा के प्रेम में डूबा है ।
    2. (B) जो संसार के प्रेम में डूबा है ।
    3. (C) जिसे किसी साँप ने डँस लिया हो ।
    4. (D) जिसे सांसारिक प्रेम में निराशा मिली हो ।
  2. (ii) 'ऐसैं घटि घटि राँम है' में 'घटि घटि' का गलत अर्थ है – [1]
    1. (A) जीव मात्र
    2. (B) कण-कण
    3. (C) हर जगह
    4. (D) हर घड़ी
  3. (iii) 'विरह भुवंगम तन बसै' का भाव है – [1]
    1. (A) भुजंग का तन में वास होना
    2. (B) भुजंग से विरह की अनुभूति होना
    3. (C) परमात्मा का तन से विरह होना
    4. (D) परमात्मा से विरह की अनुभूति होना
  4. (iv) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : परमात्मा प्रत्येक प्राणी के हृदय में निवास करता है । कारण : सांसारिक मोह-माया में लिप्त प्राणी इस सत्य से सुपरिचित होता है । [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
    2. (B) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है ।
    3. (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की गलत व्याख्या करता है ।
    4. (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या है ।
  5. (v) 'राम वियोगी ना जिवै' का आशय है – [1]
    1. (A) राम का वियोगी स्वयं मृत्यु को प्राप्त हो जाता है ।
    2. (B) राम का वियोगी स्वयं मृत्यु का वरण कर लेता है ।
    3. (C) राम का वियोगी सांसारिक मोह-माया से मुक्त हो जाता है ।
    4. (D) राम से विरही व्यक्ति की स्थिति विक्षिप्तों जैसी हो जाती है ।
Previously asked in: 2026 4/5/1 Q9
Q14. [2]
'साखी' में कबीर ने प्रभु प्राप्ति में सबसे बड़ी बाधा किसे और क्यों बताया है ?
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q10 (ii)
CBSE Class X
Hindi
Answer Key
From previous CBSE Board Exam questions
Code: WYEGWHQuestions: 14Maximum Marks: 38Generated: 2026-06-15 13:05
Q1. [3]
'साखी' पाठ के आधार पर 'घर' की प्रतीकात्मकता स्पष्ट करते हुए लिखिए कि कबीर अपने बताए मार्ग पर चलने वालों का घर क्यों जलाना चाहते हैं ?
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q12 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:18 · grounding rag
Model Answer

'साखी' में कबीर ने 'घर' को मोह-माया, अहंकार और सांसारिक आसक्ति का प्रतीक माना है। यह वह 'घर' नहीं जहाँ हम रहते हैं, बल्कि मन का वह कोना है जहाँ लोभ, ममता और अहंकार का वास होता है।

कबीर चाहते हैं कि उनके मार्ग पर चलने वाला साधक इन विकारों को पूरी तरह नष्ट कर दे — अर्थात् भीतरी मोह-माया रूपी 'घर' को जला दे। जब तक यह घर (अहंकार व आसक्ति) जीवित है, तब तक ईश्वर की प्राप्ति संभव नहीं। इसीलिए कबीर कहते हैं — जो मेरे साथ चलना चाहे, वह अपना यह घर (मोह का बंधन) जलाकर चले।

---

Explanation
Q2. [5]
सुखिया सब संसार है, खायै अरू सोवै । दुखिया दास कबीर है, जागै अरू रोवै ।। बिरह भुवंगम तन बसै, मंत्र न लागै कोइ । राम बियोगी ना जिवै, जिवै तो बौरा होइ ।।
निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) पहले दोहे में 'सोना' और 'जागना' प्रतीकार्थ है – [1]
    1. A अज्ञानता और ज्ञान का
    2. B निष्क्रियता और सक्रियता का
    3. C अचेतना और चेतनता का
    4. D निर्जीवता और सजीवता का
  2. (ii) कबीर दुखी हैं क्योंकि वे – [1]
    1. A एकाकी जीवन व्यतीत कर रहे हैं ।
    2. B ईश्वर से वियोग के कारण व्यथित हैं ।
    3. C सांसारिक सुखों का भोग नहीं कर पा रहे हैं ।
    4. D ईश्वरीय सत्य से लोगों को परिचित नहीं करवा पा रहे हैं ।
  3. (iii) 'मंत्र न लगना' का आशय है – [1]
    1. A मंत्रों का निष्फल होना
    2. B पूजा-पाठ का काम न आना
    3. C कोई उपाय काम न आना
    4. D मंत्रोच्चार की विधि न जानना
  4. (iv) राम वियोगी व्यक्ति की तुलना किससे की गई है ? [1]
    1. A विक्षिप्त व्यक्ति से
    2. B विरह रूपी व्यक्ति से
    3. C विष युक्त सर्प के तन से
    4. D विरह रूपी सर्प से ग्रसित व्यक्ति से
  5. (v) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए : कथन : सांसारिक मनुष्य सुख-पूर्वक जीवन यापन कर रहे हैं । कारण : वह भौतिक सुखों को ही सच्चा सुख मानते हैं । [1]
    1. A कथन तथा कारण दोनों गलत हैं ।
    2. B कारण सही है, किंतु कथन गलत है ।
    3. C कथन सही है, लेकिन कारण कथन की गलत व्याख्या करता है ।
    4. D कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है ।
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q7
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:18 · grounding stimulus+chapter
Model Answer

(i) A — अज्ञानता और ज्ञान का

(ii) B — ईश्वर से वियोग के कारण व्यथित हैं ।

(iii) C — कोई उपाय काम न आना

(iv) D — विरह रूपी सर्प से ग्रसित व्यक्ति से

(v) D — कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है ।

Source: कबीर (साखी), स्पर्श (पद्य खंड)

---

Explanation
Q3. [5]
कस्तूरी कुंडलि बसै, मृग ढूँढ़ै बन माँहि । ऐसैं घटि घटि राँम है, दुनियाँ देखै नाँहिं ।। जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं मैं नाँहि । सब अँधियारा मिटि गया, जब दीपक देख्या माँहि ।।
निम्नलिखित पठित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) 'कस्तूरी कुंडलि बसै ...' दोहे में किसका वर्णन किया गया है ? [1]
    1. A कस्तूरी ढूँढ़ने वाले मृग का
    2. B सांसारिकता में लीन मानव का
    3. C अपनी ही विशेषता से अनजान मनुष्य का
    4. D ईश्वर की सर्वव्यापकता का
  2. (ii) 'जब मैं था तब हरि नहीं' पंक्ति में 'मैं' से अभिप्राय है – [1]
    1. A अहंकार की भावना
    2. B स्वार्थ की भावना
    3. C सांसारिक माया-मोह
    4. D स्वयं कवि
  3. (iii) 'जब मैं था तब हरि नहीं' दोहे के अनुसार हृदय में ईश्वर का निवास कब तक असंभव है ? [1]
    1. A जब तक सच्चे हृदय से उसे याद न किया जाए ।
    2. B जब तक सांसारिक विषय-वासनाओं को न छोड़ा जाए ।
    3. C जब तक अहंकारपूर्ण व्यवहार का नाश न किया जाए ।
    4. D जब तक सच्चे हृदय से उसकी सेवा न की जाए ।
  4. (iv) 'जब दीपक देख्या माँहि' – पंक्ति में 'दीपक' प्रतीकार्थ है – [1]
    1. A प्रभु प्रेम के प्रकाश का
    2. B रोशनी के साधन का
    3. C प्रकाश का
    4. D संपन्नता का
  5. (v) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए : कथन : ईश्वर सृष्टि के कण-कण में निवास करते हैं पर हम उन्हें देख नहीं पाते । कारण : मनुष्य के पास दिव्य-दृष्टि नहीं है । [1]
    1. A कथन तथा कारण दोनों गलत हैं ।
    2. B कथन गलत है, लेकिन कारण सही है ।
    3. C कथन सही है, लेकिन कारण उसकी गलत व्याख्या करता है ।
    4. D कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है ।
Previously asked in: 2024 4/2/1 Q7
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:18 · grounding stimulus+chapter
Model Answer

(i) D — ईश्वर की सर्वव्यापकता का

(ii) A — अहंकार की भावना

(iii) C — जब तक अहंकारपूर्ण व्यवहार का नाश न किया जाए ।

(iv) A — प्रभु प्रेम के प्रकाश का

(v) C — कथन सही है, लेकिन कारण उसकी गलत व्याख्या करता है ।

Source: साखी – कबीर, स्पर्श (काव्य खंड)

---

Explanation
Q4. [2]
'कबीर' की साखियों में कौन-कौन से जीवन-मूल्य उभरते हैं ?
Previously asked in: 2025 4/6/1 Q10 (I)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:18 · grounding rag
Model Answer

कबीर की साखियों में निम्नलिखित जीवन-मूल्य उभरते हैं:

  1. मीठी वाणी — मधुर बोली से दूसरों को सुख देना और स्वयं भी शीतलता पाना।
  2. ईश्वर-प्रेम — सच्चे मन से परमात्मा की भक्ति करना।
  3. अहंकार-त्याग — घमंड छोड़कर विनम्र रहना।
  4. सांप्रदायिक सद्भाव — जाति-धर्म के भेद से ऊपर उठकर मानवता को महत्त्व देना।
Explanation
Q5. [2]
कबीर के, निंदक को पास रखने वाले विचार से आप कहाँ तक सहमत हैं और क्यों?
Previously asked in: 2025 4/4/1 Q10 (i)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:18 · grounding rag
Model Answer

मैं कबीर के इस विचार से पूर्णतः सहमत हूँ। निंदक हमारी कमियाँ बताता है, जिससे हम अपना सुधार कर सकते हैं। बिना साबुन और पानी के वह हमारे स्वभाव को निर्मल बना देता है। यह आत्म-सुधार का सबसे सरल और निःशुल्क उपाय है।

Explanation
Q6. [2]
कबीर की साखी के अनुसार उनके रुदन का कारण स्पष्ट कीजिए।
Previously asked in: 2025 4/3/1 Q10 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:18 · grounding rag
Model Answer

कबीर कहते हैं कि वे इसलिए रोते हैं क्योंकि उन्हें अपने प्रियतम (ईश्वर) से बिछड़ने का दुख है। वे उस वियोग में तड़पते हैं। साथ ही, वे इस बात पर भी दुखी हैं कि संसार में लोग ईश्वर को भूलकर माया-मोह में लिप्त हैं और उन्हें अपने जीवन का असली उद्देश्य नहीं दिखता।

Explanation
Q7. [2]
साधारणत: निंदक किसी को पसंद नहीं होते फिर भी कबीरदासजी ने निंदकों को अपने पास रखने की सलाह क्यों दी है ?
Previously asked in: 2025 4/1/1 Q10 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:18 · grounding rag
Model Answer

कबीरदासजी ने निंदकों को पास रखने की सलाह इसलिए दी क्योंकि निंदक हमारी कमियाँ और बुराइयाँ हमारे सामने लाता है। इससे हम अपना सुधार कर सकते हैं। निंदक बिना साबुन-पानी के हमारे स्वभाव को निर्मल बना देता है — यानी वह हमारा सच्चा हितैषी है।

Explanation
Q8. [2]
ईश्वर की सर्वव्यापकता का उल्लेख करने के लिए कबीर ने 'साखी' में क्या उदाहरण दिया है ? इसके माध्यम से कवि ने क्या स्पष्ट किया है ?
Previously asked in: 2026 4/2/1 Q8 (iii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:18 · grounding rag
Model Answer

कबीर ने 'साखी' में कस्तूरी मृग का उदाहरण दिया है — जैसे मृग की नाभि में ही कस्तूरी होती है, फिर भी वह उसे वन-वन ढूँढता है। इसके माध्यम से कवि ने स्पष्ट किया है कि ईश्वर हमारे भीतर ही विद्यमान है, बाहर खोजने की आवश्यकता नहीं।

Explanation
Q9. [3]
'साखी' शब्द का अर्थ स्पष्ट करते हुए अपने पाठ्यक्रम में संकलित कबीर की साखियों का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए ।
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q12 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:18 · grounding rag
Model Answer

'साखी' शब्द का अर्थ:
'साखी' संस्कृत के 'साक्षी' शब्द से बना है, जिसका अर्थ है — प्रत्यक्ष देखने वाला या गवाह। कबीर ने अपने अनुभव से जो सत्य जाना, उसे साखी के रूप में प्रस्तुत किया।

साखियों का उद्देश्य:

Explanation
Q10. [3]
'सुखिया सब संसार है, खायै अरु सोवै । दुखिया दास कबीर है, जागै अरु रोवै ।' — साखी के संदर्भ में कबीर के दुखी और जाग्रत होने का कारण लिखिए । क्या जागना भी दुख का कारण हो सकता है ? स्पष्ट कीजिए ।
Previously asked in: 2023 4/2/1 Q12 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:17 · grounding rag
Model Answer

कबीर ईश्वर-प्रेम में इतने व्याकुल और विरही हैं कि उन्हें चैन नहीं मिलता। संसार के लोग सांसारिक सुखों में मग्न होकर खाते-सोते रहते हैं, जबकि कबीर परमात्मा की प्राप्ति के लिए जागकर रोते हैं — यही उनके दुख का कारण है।

हाँ, जागना भी दुख का कारण हो सकता है। जब कोई व्यक्ति आत्मज्ञान प्राप्त कर लेता है और संसार की माया-मोह की असलियत समझ लेता है, तो उसे ईश्वर से बिछड़े रहने की पीड़ा होती है। अज्ञान में सोया व्यक्ति सुखी रहता है, किंतु जाग्रत साधक विरह-वेदना में रोता है।

Explanation
Q11. [1]
पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए उपयुक्त विकल्प को चुनकर लिखिए : कबीर ने कस्तूरी मृग के उदाहरण से क्या समझाया है ?
  1. (A) कस्तूरी मृग जंगल में कस्तूरी खोजता है ।
  2. (B) हृदय में आत्मा के रूप में ही परमात्मा हैं ।
  3. (C) हिरन की नाभि में ही कस्तूरी पाई जाती है ।
  4. (D) जगह-जगह खोजने से परमात्मा मिल जाते हैं ।
Previously asked in: 2024 4/5/1 Q8 (i)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:17 · grounding rag
Model Answer

(B) हृदय में आत्मा के रूप में ही परमात्मा हैं।

कबीर ने कस्तूरी मृग के उदाहरण से समझाया है कि जैसे हिरण कस्तूरी को बाहर खोजता है जबकि वह उसकी नाभि में ही होती है, उसी प्रकार परमात्मा हमारे हृदय में ही विद्यमान हैं।

---

Explanation
Q12. [1]
पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए उपयुक्त विकल्प को चुनकर लिखिए : कबीर के अनुसार मीठी बोली का क्या प्रभाव होता है ? I. हमारा शरीर शीतल होता है । II. बोली में अहं का भाव आता है । III. हमारा काम सरलतापूर्वक हो जाता है । IV. सुनने वाले को सुखानुभूति होती है ।
  1. (A) I, II
  2. (B) II, III
  3. (C) III, IV
  4. (D) I, IV
Previously asked in: 2024 4/4/1 Q8 (i)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:17 · grounding rag
Model Answer

(D) I, IV — कबीर के अनुसार मीठी बोली बोलने से हमारा शरीर शीतल होता है और सुनने वाले को सुखानुभूति होती है।

Explanation

यह कबीर के दोहे पर आधारित है: "ऐसी बानी बोलिए, मन का आपा खोय / औरन को शीतल करे, आपहु शीतल होय।" मीठी वाणी से बोलने वाले का शरीर/मन शीतल होता है (I) और सुनने वाले को सुख मिलता है (IV)। अहं का भाव (II) तो मीठी बोली से जाता है, आता नहीं।

Q13. [5]
कस्तूरी कुंडलि बसै, मृग ढूँढ़ै बन माँहि । ऐसैं घटि घटि राँम है, दुनियाँ देखै नाँहि ।। बिरह भुवंगम तन बसै, मंत्र न लागै कोइ । राम बियोगी ना जिवै, जिवै तो बौरा होई ।।
निम्नलिखित काव्यांश (दोहों) को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कर लिखिए :
  1. (i) 'बौरा' किसे कहा गया है ? [1]
    1. (A) जो परमात्मा के प्रेम में डूबा है ।
    2. (B) जो संसार के प्रेम में डूबा है ।
    3. (C) जिसे किसी साँप ने डँस लिया हो ।
    4. (D) जिसे सांसारिक प्रेम में निराशा मिली हो ।
  2. (ii) 'ऐसैं घटि घटि राँम है' में 'घटि घटि' का गलत अर्थ है – [1]
    1. (A) जीव मात्र
    2. (B) कण-कण
    3. (C) हर जगह
    4. (D) हर घड़ी
  3. (iii) 'विरह भुवंगम तन बसै' का भाव है – [1]
    1. (A) भुजंग का तन में वास होना
    2. (B) भुजंग से विरह की अनुभूति होना
    3. (C) परमात्मा का तन से विरह होना
    4. (D) परमात्मा से विरह की अनुभूति होना
  4. (iv) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : परमात्मा प्रत्येक प्राणी के हृदय में निवास करता है । कारण : सांसारिक मोह-माया में लिप्त प्राणी इस सत्य से सुपरिचित होता है । [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
    2. (B) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है ।
    3. (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की गलत व्याख्या करता है ।
    4. (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या है ।
  5. (v) 'राम वियोगी ना जिवै' का आशय है – [1]
    1. (A) राम का वियोगी स्वयं मृत्यु को प्राप्त हो जाता है ।
    2. (B) राम का वियोगी स्वयं मृत्यु का वरण कर लेता है ।
    3. (C) राम का वियोगी सांसारिक मोह-माया से मुक्त हो जाता है ।
    4. (D) राम से विरही व्यक्ति की स्थिति विक्षिप्तों जैसी हो जाती है ।
Previously asked in: 2026 4/5/1 Q9
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:17 · grounding stimulus+chapter
Model Answer

(i) (A) जो परमात्मा के प्रेम में डूबा है।

(ii) (D) हर घड़ी

(iii) (D) परमात्मा से विरह की अनुभूति होना

(iv) (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की गलत व्याख्या करता है।

(कथन सही है — परमात्मा हर प्राणी के हृदय में है। परंतु कारण गलत है क्योंकि सांसारिक मोह-माया में लिप्त प्राणी इस सत्य से अनजान रहता है, सुपरिचित नहीं।)

(v) (D) राम से विरही व्यक्ति की स्थिति विक्षिप्तों जैसी हो जाती है।

(दोहे के अनुसार राम-वियोगी या तो जीता नहीं, और यदि जीता है तो बौरा — अर्थात् पागल — हो जाता है।)

Source: साखी – कबीर, स्पर्श (काव्य खंड)

---

Explanation
Q14. [2]
'साखी' में कबीर ने प्रभु प्राप्ति में सबसे बड़ी बाधा किसे और क्यों बताया है ?
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q10 (ii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:17 · grounding rag
Model Answer

कबीर ने 'साखी' में मन को प्रभु प्राप्ति में सबसे बड़ी बाधा बताया है। मन चंचल और अस्थिर होता है, जो मनुष्य को सांसारिक विषय-वासनाओं में उलझाए रखता है। जब तक मन वश में न हो, ईश्वर से सच्चा मिलन संभव नहीं होता।

Explanation
Previous-year CBSE Grade 10 board exam questions, organised by subject and chapter, each with a model answer — free to read and print.