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CBSE Class X
Hindi
Question Paper
From previous CBSE Board Exam questions
Code: ZP77OVQuestions: 35Maximum Marks: 211Generated: 2026-06-15 13:05
Selections used
SourcePrevious-year board
SubjectHindi
Lessonsअपठित गद्यांश (Reading)
Questions selected35
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Q1. [5]
शोर से होने वाली बहरेपन की बीमारी एक गंभीर स्वास्थ्यगत समस्या है । तेज आवाज हमारी श्रवण कोशिकाओं पर बहुत दबाव डालती है, जिससे वे स्थायी रूप से चोटिल हो सकती हैं । यदि सुनने की क्षमता एकबार चली गई तो उसे पुनः पाना नामुमकिन है । विश्व स्वास्थ्य संगठन की 'वर्ल्ड हीयरिंग रिपोर्ट' के मुताबिक विश्व की 1.5 अरब आबादी बहरेपन के साथ जी रही है । ध्वनि प्रदूषण दरअसल ऐसे अवांछित विद्युत चुंबकीय संकेत है, जो इंसान को कई रूपों में नुकसान पहुँचाते हैं । इसीलिए, शोर-प्रेरित बहरेपन पर फौरन ध्यान देने की जरूरत है । वैश्विक अध्ययन बताते हैं कि निर्माण कार्य, औद्योगिक कामकाज, जहाज बनाने या मरम्मत करने संबंधी काम, अग्निशमन, नागरिक उड्डयन आदि सेवाओं में लगे श्रमिकों में शोर-प्रेरित बहरेपन का खतरा अधिक होता है । आकलन है कि 15 फीसदी नौजवान संगीत-कार्यक्रमों, खेल-आयोजनों और दैनिक कामकाज में होने वाले शोर से बहरेपन का शिकार होते हैं । शोर-प्रेरित बहरेपन की समस्या विकासशील देशों में ज्यादा है, जहाँ तीव्र औद्योगीकरण, अनौपचारिक क्षेत्र के विस्तार और सुरक्षात्मक व शोर-नियंत्रणरोधी उपायों की कमी से लोग चौतरफा शोर-शराबे में दिन बिताने को अभिशप्त हैं । हमें यह समझना ही होगा कि श्रवण-शक्ति का ह्रास न सिर्फ इंसान को प्रभावित करता है, बल्कि समाज पर भी नकारात्मक असर डालता है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इस पर आधारित प्रश्नों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) शोर-प्रेरित बहरेपन का खतरा किस क्षेत्र से जुड़े लोगों को कम है ? [1]
    1. (a) जहाज-निर्माण से जुड़े लोगों को
    2. (b) स्वास्थ्य-सेवाओं से जुड़े लोगों को
    3. (c) खेल-आयोजनों से जुड़े लोगों को
    4. (d) संगीत-कार्यक्रमों से जुड़े लोगों को
  2. (ii) गद्यांश के संदर्भ में अनुपयुक्त कथन है – [1]
    1. (a) विकासशील देशों में अनौपचारिक क्षेत्र विस्तार की समस्या नहीं है ।
    2. (b) विकासशील देशों में शोर-नियंत्रणरोधी उपायों पर अधिक ध्यान नहीं दिया जाता है ।
    3. (c) कुछ सेवाओं से जुड़े लोग अन्य की तुलना में बहरेपन के अधिक शिकार हैं ।
    4. (d) कुछ खास सेवाओं से जुड़े युवा भी आज बहरेपन का शिकार हो रहे हैं ।
  3. (iii) विकासशील देशों के लोगों के जीवन को अभिशप्त क्यों कहा गया है ? [1]
    1. (a) उनका जीवन अनेक सामाजिक संकटों से घिरा है ।
    2. (b) उनका जीवन अनेक आर्थिक संकटों से घिरा है ।
    3. (c) वे खराब सेहत वाली विवश जिंदगी बसर करते हैं ।
    4. (d) वे शोर-शराबे से भरी जिंदगी जीने को विवश हैं ।
  4. (iv) तीव्र आवाज़ का हमारे शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है ? [1]
    1. (a) तंत्रिका-कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त
    2. (b) श्रवण-कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त
    3. (c) रक्त-कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त
    4. (d) हृदय-कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त
  5. (v) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए : कथन (A) – वर्तमान में श्रवण शक्ति का ह्रास एक सार्वजनिक समस्या बन गई है । कारण (R) – आर्थिक विकास की अनियमित होड़ इस समस्या के मूल कारणों में से एक है । [1]
    1. (a) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत हैं ।
    2. (b) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है ।
    3. (c) कथन (A) सही है तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है ।
    4. (d) कथन (A) सही है, परंतु कारण (R) कथन (A) की गलत व्याख्या करता है ।
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q2
Q2. [5]
कभी-कभी सहज से तेज़ गति में परिवर्तित होते क्रोध को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया तो उसके परिणाम अत्यंत घातक और पश्चात्ताप के भाव जगाने वाले हो सकते हैं । कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी के मनोविश्लेषक टॉम जी. स्टीवेन्स ने अपनी किताब 'ओवरकम एंगर ऐंड एग्रेसन' में स्पष्ट किया है कि क्रोध-नियंत्रण का एक प्रमुख तरीका यह है कि स्थिति को अपने नहीं, दूसरों के नजरिये से देखें । दूसरों को उन स्थितियों पर प्रकाश डालने के लिए प्रोत्साहित करें, क्षमा करना सीखें, बीते को बिसारने की आदत विकसित करें और किसी को चोट पहुँचाने के बजाय प्रशंसा से उसका मूल्यांकन करें । याद रखें, क्रोध-नियंत्रण से आप स्वयं को शक्तिशाली बनाते हैं । इससे आपकी खुशहाली और स्मृतियों का विस्तार होता है । यूनिवर्सिटी ऑफ सिनसिनाटी के वैज्ञानिकों ने अपनी किताब 50 साइंस ऑफ मेंटल इलनेस में इन कमजोरियों पर प्रकाश डालते हुए गुस्से को काबू में रखने के कारगर सूत्र दिए हैं । क्रोध-नियंत्रण से हम अपना ही नहीं, दूसरों के उजड़ते संसार को फिर से आबाद कर सकते हैं क्योंकि शांत मन सृजन में समर्थ होता है । हमारे सृजनात्मक होने से ही मानवता का हित सध सकता है । तो जब भी क्रोध आए, इन उपायों को आजमाएँ । जीवन में बिखरी हुई चीजों को सँवारने की ओर कदम खुद बढ़ चलेंगे ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इस पर आधारित प्रश्नों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) क्रोध-नियंत्रण से होने वाले लाभों के संबंध में अनुपयुक्त कथन है [1]
    1. (a) इससे व्यक्ति स्वयं को शक्तिशाली बनाता है ।
    2. (b) इससे व्यक्ति के जीवन में खुशहाली आती है ।
    3. (c) इससे व्यक्ति की विस्मृतियों का विस्तार होता है ।
    4. (d) इससे व्यक्ति की रचनात्मकता में वृद्धि होती है ।
  2. (ii) किस तरह का क्रोध अंततः पश्चात्ताप का कारण बनता है ? [1]
    1. (a) अत्यंत आवेग में किया गया क्रोध
    2. (b) सहज भाव से किया गया क्रोध
    3. (c) प्रायश्चित्त भाव से किया गया क्रोध
    4. (d) आत्मघात भाव से किया गया क्रोध
  3. (iii) मनोविश्लेषक स्टीवेन्स के अनुसार क्रोध पर काबू पाने पर सर्वोपयुक्त उपाय है [1]
    1. (a) परिस्थितियों पर दूसरों के नियंत्रण को स्वीकार करना ।
    2. (b) परिस्थितियों पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित करना ।
    3. (c) परिस्थितियों को अपने नजरिये से और अच्छे से समझना ।
    4. (d) परिस्थितियों को दूसरों के नजरिये से जानने का प्रयास करना ।
  4. (iv) क्रोध आने पर क्या करना चाहिए ? [1]
    1. (a) उसकी असहज अभिव्यक्ति
    2. (b) उसकी सहज अभिव्यक्ति
    3. (c) संयमित रहने का प्रयत्न
    4. (d) घातक परिणाम का स्मरण
  5. (v) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए : कथन (A) – क्रोध नवसृजन का संहारक है । कारण (R) – क्रोध अवस्था में क्षमाशीलता न्यून हो जाती है । [1]
    1. (a) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत हैं ।
    2. (b) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है ।
    3. (c) कथन (A) सही है तथा कारण (R) उसकी सही व्याख्या है ।
    4. (d) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) उसकी सही व्याख्या नहीं है ।
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q1
Q3. [5]
पृथ्वी पर लगातार मँडराते खतरे को देखते हुए एक अमेरिकी उद्यमी द्वारा एक इंसानी बीज बैंक को चाँद पर स्थापित करने की तैयारी हो गई है । अगर कभी इस धरती पर इंसान खत्म हो गए तो मानव सभ्यता को फिर शुरू करने में यह बैंक सहायक होगा । एक भी इंसान नहीं बचा, तो फिर बैंक का क्या होगा ? यह भी सोच लिया गया है । उस स्थिति में शायद कभी किसी और ग्रह से जीव या एलियन आएँगे और चाँद पर पहुँचकर उस बैंक के सहारे इंसान जैसी खूबसूरत कृति पुनः निर्मित करेंगे । पृथ्वी पर विनाश की स्थिति में मानव बीज बैंक ही मानव के पुनर्जन्म की संभावना को जीवित रखेगा । ऐसा स्वप्न देखने वाली कंपनी लाइफशिप की स्थापना 2019 में हो गई थी । यह कंपनी लार के रूप में लोगों का डी एन ए चाँद पर भेजने की पेशकश करती है । यह एक तरह से 99 डॉलर में चाँद के लिए एकतरफा टिकट है । चाँद पर आपकी लार मानव बीज बैंक में हमेशा के लिए रह जाएगी । वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो यह मानव डाटा या मानव अस्तित्व के मूल को हमेशा के लिए संरक्षित करने का काम है । सौरमंडल के विभिन्न हिस्सों में और शायद उससे आगे भी ऐसे किसी बैंक की स्थापना संभव है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) 'लाइफशिप' मानव बीजों को किस रूप में संरक्षित करने के लिए प्रयासरत है ? [1]
    1. (a) रक्त के रूप में डी एन ए
    2. (b) लार के रूप में डी एन ए
    3. (c) बीज के रूप में डी एन ए
    4. (d) सेल के रूप में डी एन ए
  2. (ii) भविष्य में मानव अस्तित्व को संरक्षित करना संभव है – [1]
    1. (a) सौरमंडल के दूसरे ग्रहों के प्राणियों से मदद लेकर ।
    2. (b) सौरमंडल के दूसरे ग्रहों के प्राणियों को मदद देकर ।
    3. (c) सौरमंडल को छोड़कर उससे आगे बीज बैंक स्थापित करके ।
    4. (d) सौरमंडल तथा उससे आगे भी बीज बैंक स्थापित करके ।
  3. (iii) मानव मूल को चाँद पर मानव बीज बैंक के रूप में स्थापित करने जैसे प्रयास को क्या माना जा सकता है ? [1]
    1. (a) काल्पनिक
    2. (b) वैज्ञानिक
    3. (c) अवैज्ञानिक
    4. (d) वैचारिक
  4. (iv) लाइफशिप कंपनी की स्थापना किस उद्देश्य से की गई है ? [1]
    1. (a) एलियन्स को धरती पर मानव जैसी सर्वश्रेष्ठ कृति के बारे में बताना परंतु उन्हें पृथ्वी से दूर रखना :
    2. (b) एलियन्स को धरती पर मानव जैसी सर्वश्रेष्ठ कृति के बारे में बताना परंतु उन्हें चाँद पर ही रखना ।
    3. (c) पृथ्वी पर संपूर्ण विनाश की स्थिति में मानव को पुनर्जन्म देने की संभावना को जीवित रखना ।
    4. (d) पृथ्वी पर संपूर्ण विनाश की स्थिति में मानव को चाँद पर जीवित रखने की कोशिश करना ।
  5. (v) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : (क) मानव बीज बैंक धरती पर इंसानी सभ्यता के नष्ट होने की स्थिति में उपयोगी होगा । (ख) मानव बीज बैंक चाँद पर सामान्य परिस्थितियों में भी सामान्य बैंक की तरह कार्यरत होगा । (ग) मानव बीज बैंक की चाँद पर स्थापना करने का विचार सर्वथा अवास्तविक और काल्पनिक है । (घ) मानव बीज बैंक की स्थापना नासा द्वारा किया गया एक विशेष अभियान है । उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा / कौन-से, कथन सही है / सही हैं ? [1]
    1. (a) केवल (क)
    2. (b) केवल (ख)
    3. (c) (क) और (ग)
    4. (d) (ख) और (घ)
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q2
Q4. [5]
कम उम्र में स्क्रीन पर अधिक से अधिक समय बिताना बच्चों के लिए बेहद हानिकारक है । अब तक तो टीवी या कंप्यूटर ही था, जिसे माता-पिता या घर के बड़े लोग नियंत्रित कर सकते हैं, मगर मोबाइल, टैब तो हाथ में होता है । उस पर कितना समय बिताया, यह आसानी से पता नहीं चलता । फिर अगर ये पढ़ाई का हिस्सा हो, तब भी कोई रोक-टोक भी कैसे की जा सकती है ? एक वक्त था, जब स्कूलों में बच्चों के मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध था । लेकिन कोरोना महामारी के कारण उपजी परिस्थितियों ने बच्चों और स्मार्ट-फोन की दूरी हटा दी । उन दिनों माता-पिता ऐसी शिकायत करते हुए पाए गए कि आखिर 24 घंटे वे कैसे नज़र रख सकते हैं कि बच्चे क्या देख रहे हैं ? ऐसी रिपोट भी आई हैं कि अपने देश में बच्चे सबसे अधिक फेसबुक का इस्तेमाल करते हैं । गलत वेबसाइटों पर जाकर तथा उसे देखकर कई बच्चे ऐसे-ऐसे अपराध करने लगे हैं जिनके बारे में पहले सुना नहीं जाता था । समय आ गया है कि बच्चों के गैजेट्स इस्तेमाल करने को लेकर एक सुस्पष्ट सलाह के साथ देश में जागरूकता अभियान चलाया जाए । यदि समय के साथ प्रतिस्पर्धा करनी है तो इन्हें नई-नई तकनीक से दूर नहीं किया जा सकता, मगर एक संतुलन भी आवश्यक है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) गद्यांश में कंप्यूटर की तुलना में मोबाइल को अधिक हानिप्रद क्यों माना गया है ? [1]
    1. (a) इसका स्क्रीन छोटा होने के कारण आँखों पर बुरा असर पड़ता है ।
    2. (b) इसका स्क्रीन छोटा होने के कारण इसका रेडियेशन भी अधिक होता है ।
    3. (c) छोटा होने के कारण इस पर बिताए समय का हिसाब नहीं रखा जा सकता ।
    4. (d) छोटा होने के कारण इसके गुम जाने पर इसे खोजना मुश्किल होता है ।
  2. (ii) टैब और मोबाइल पर रोक लगाने में सबसे बड़ी बाधा क्या है ? [1]
    1. (a) माता-पिता तथा अभिभावकों का शिक्षित न होना ।
    2. (b) टैब और मोबाइल का पढ़ाई का हिस्सा होना ।
    3. (c) रोक लगाने के उपायों की जानकारी न होना ।
    4. (d) बच्चों का टैब और मोबाइल का आदी होना ।
  3. (iii) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए । कथन (A) – गैजेट्स के इस्तेमाल को लेकर एक जागरूकता अभियान आवश्यक है । कारण (R) – गैजेट्स वर्तमान में शिक्षा-व्यवस्था का एक अहम हिस्सा है । [1]
    1. (a) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत हैं ।
    2. (b) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है ।
    3. (c) कथन (A) गलत है, लेकिन कारण (R) सही है ।
    4. (d) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या है ।
  4. (iv) उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार किस देश के बच्चे सबसे अधिक फेसबुक का इस्तेमाल करते हैं ? [1]
    1. (a) जापान
    2. (b) चीन
    3. (c) भारत
    4. (d) अमेरिका
  5. (v) कोरोना ने छोटे स्क्रीन के उपयोग को किस रूप में प्रभावित किया ? [1]
    1. (a) छोटे स्क्रीन का उपयोग कम हो गया ।
    2. (b) छोटे स्क्रीन का उपयोग न्यूनतम हो गया ।
    3. (c) इसका उपयोग बिलकुल अप्रभावित ही रहा ।
    4. (d) इसका उपयोग काफी अधिक बढ़ गया ।
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q1
Q5. [5]
गरमियों के दिन 'छुट्टी और यात्रा' पर जाने के दिन होते हैं । 'छुट्टी पर जाने' का यह अनुराग काफ़ी आधुनिक है, क्योंकि लोग 'कर्मोन्मत्त' बन गए हैं और वे जो कुछ भी करते हैं या नहीं करते हैं, वह उनके लिए तनाव पैदा करता है । पहले 'छुट्टी' शब्द मूल रूप से धार्मिक दिनों के लिए इस्तेमाल होता था; आजकल इसका मतलब सामान्य दिनों के विपरीत आराम या विश्राम का कोई विशेष दिन है । लेकिन असली सवाल है कि छुट्टी पर जाने से पहले क्या आपका मन और शरीर नई जगह का आनंद लेने की स्थिति में है ? यात्रा की सारी तैयारी बाहरी होती है, लोग विश्राम की भाषा पूरी तरह भूल चुके हैं । जब आप कुछ नहीं करते, तो यह मत सोचना कि समय बर्बाद हो रहा है । कुछ न करने के दौरान आपकी ऊर्जा खुद को स्वस्थ करती है । सतत काम करते रहने का जुनून ही आपको छुट्टी का आनंद नहीं लेने देता । आप जहाँ हैं, वहाँ मौजूद रहना सीखें, इसका अर्थ है – अभी और यहीं होना । बाहरी दुनिया के बिना जीवित रहना सीखें । इसका स्पष्ट मतलब है, अपने साथ रहना शुरू करें, खुद को जानना सीखें । छुट्टी का मतलब यह कदापि नहीं कि आप सिर्फ कामकाज से दूरी बनाएँ, बल्कि अपने मन, उसके दबावों और उलझनों से भी दूरी बनाइए ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) 'छुट्टी पर जाने का यह अनुराग काफ़ी आधुनिक है' – पंक्ति का आशय है – [1]
    1. A प्राचीन समय में लोग छुट्टियों का आनंद घर पर ही लेते थे ।
    2. B छुट्टियों में घर से बाहर जाने का प्रचलन वर्तमान समय की देन है ।
    3. C वर्तमान समय में छुट्टियों के प्रति प्रेम बढ़ा है ।
    4. D कार्यस्थलों/शिक्षा केन्द्रों में छुट्टी पर जाने का प्रचलन बढ़ा है ।
  2. (ii) 'कर्मोन्मत्त' शब्द का अर्थ है – [1]
    1. A कार्य से विमुख
    2. B कार्य करने का आदी
    3. C कार्य न करने का आदी
    4. D आराम करने का आदी
  3. (iii) यात्रा पर निकलने से पहले क्या आवश्यक है ? [1]
    1. A गंतव्य स्थल की जानकारी हासिल करना
    2. B गंतव्य स्थल की टिकट बुक कराना
    3. C आवश्यक सामान को बैग में डालना
    4. D तन और मन को आनंद लेने के लिए तैयार करना
  4. (iv) गद्यांश के अनुसार कुछ न करने से भी समय बर्बाद नहीं होता, क्यों ? [1]
    1. A शरीर की ऊर्जा नष्ट नहीं होती ।
    2. B शरीर की ऊर्जा खुद को स्वस्थ करती है ।
    3. C हम आत्मावलोकन करते हैं ।
    4. D तन और मन को विश्राम मिलता है ।
  5. (v) 'जहाँ हैं, वहाँ मौजूद रहना' का अभिप्राय है – [1]
    1. A निर्धारित स्थल पर उपस्थित रहना ।
    2. B बिना हिले-डुले एक स्थान पर बने रहना ।
    3. C एक ही स्थान पर लंबे समय तक बने रहना ।
    4. D शारीरिक उपस्थिति के साथ मानसिक उपस्थिति का होना ।
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q2
Q6. [5]
"जब गांधीजी जीवित थे, हम अपनी गुत्थियों को सुलझाने के लिए प्रायः उनके पास पहुँचा करते थे । परन्तु आज वह स्थूल रूप में हमारे बीच विद्यमान नहीं हैं । हमको अब पथ-निर्देश के लिए जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उनके सिखाए सुन्दर उसूलों का आश्रय लेना होगा ।" उपर्युक्त शब्द 30 अप्रैल, 1948 को गांधीजी के सिद्धांतों का स्मरण करते हुए श्री गोविन्दवल्लभ पंत ने रेडियो में प्रसारित एक भाषण के दौरान कहे थे । पंत जी ने कहा सत्य और अहिंसा गांधीजी के जीवन का मूल मंत्र था । उन्होंने मूलतः इन्हीं दो उसूलों पर भारत की स्वतंत्रता के महल को खड़ा करने में खून-पसीना एक किया और जो सफलता उन्हें प्राप्त हुई वह अपूर्व है । गांधीजी का यह विश्वास था कि कोई भी सरकार तब तक लोकप्रिय नहीं हो सकती जब तक कि आधारतः इन दो सिद्धांतों का पालन न करे । सत्य और अहिंसा भारत की संस्कृति की आधारशिलाएँ हैं । हमारे पूर्वजों में से महावीर व बुद्ध प्रभृति बहुत से महापुरुषों ने अपनी शिक्षाओं में इन सिद्धांतों को सर्वोपरि स्थान दिया है । इन्हीं सिद्धांतों को व्यापक रूप देने और एक वृहद् मानव समुदाय के कष्ट निवारण के लिए उनको प्रयोग करने का श्रेय महात्माजी को ही है । परन्तु उनकी अहिंसा कायर की लाचारी का अन्तिम अस्त्र नहीं थी । उनकी अहिंसा उन बलवानों की अहिंसा है, जो किसी सद्उद्देश्य के लिए करने या मरने में विश्वास रखते हैं । पश्चिम देशों ने गत दो महायुद्धों से कोई पाठ ग्रहण नहीं किया, जबकि इनसे विश्व को न केवल सामान की क्षति, बल्कि करोड़ों जान का नुकसान भी उठाना पड़ा है । ये राष्ट्र अब भी एक-दूसरे के विरुद्ध घृणा और संदेह का बीजारोपण कर रहे हैं । अभी समय है कि विश्व बापू की शिक्षाओं से शान्ति, भाईचारे और साम्प्रदायिक ऐक्य का पाठ ग्रहण करे ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) 'जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में पथ-निर्देश के लिए गांधीजी के द्वारा सिखाए उसूलों का आश्रय लेना होगा ।' – पंत जी द्वारा ऐसा क्यों कहा गया ? [1]
    1. A गांधीजी विश्व प्रसिद्ध व्यक्ति थे ।
    2. B गांधीजी आज हमारे बीच जीवित नहीं हैं ।
    3. C गांधीजी की शिक्षाओं से ही विश्व में शांति संभव है ।
    4. D गांधीजी ने देश को स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए मार्ग प्रशस्त किया ।
  2. (ii) गांधीजी द्वारा स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए किन जीवन-मूल्यों को महत्त्व दिया ? [1]
    1. A सत्य और अहिंसा
    2. B त्याग और बलिदान
    3. C संयम और उदारता
    4. D संघर्ष और वीरता
  3. (iii) संदर्भ के अनुसार गद्यांश में 'प्रभृति' शब्द का सटीक अर्थ हो सकता है – [1]
    1. A बड़े
    2. B बुद्धिमान
    3. C विद्वान
    4. D आदि/इत्यादि
  4. (iv) सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों को व्यापक और व्यावहारिक रूप दिया – [1]
    1. A बुद्ध ने
    2. B गांधी ने
    3. C महावीर ने
    4. D पंत ने
  5. (v) गद्यांश के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं, सही उत्तर के लिए उचित विकल्प चुनकर लिखिए : (i) सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही सरकार लोकप्रियता प्राप्त कर सकती है । (ii) युद्ध जन-धन की क्षति का कारक है । (iii) अहिंसा कायर की विवशता का अस्त्र है । [1]
    1. A केवल कथन (i) सही है ।
    2. B कथन (i) और (ii) सही हैं ।
    3. C कथन (ii) और (iii) सही हैं ।
    4. D कथन (i), (ii) और (iii) सही हैं ।
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q1
Q7. [5]
दुनिया कैसे वजूद में आई ? पहले क्या थी ? किस बिंदु से इसकी यात्रा शुरू हुई ? इन प्रश्नों के उत्तर विज्ञान अपनी तरह से देता है, धार्मिक ग्रंथ अपनी-अपनी तरह से । संसार की रचना भले ही कैसे हुई हो लेकिन धरती किसी एक की नहीं है । पंछी, मानव, पशु, नदी, पर्वत, समंदर आदि की इसमें बराबर की हिस्सेदारी है । यह और बात है कि इस हिस्सेदारी में मानव जाति ने अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर दी हैं । पहले पूरा संसार एक परिवार के समान था अब टुकड़ों में बँटकर एक-दूसरे से दूर हो चुका है । पहले बड़े-बड़े दालानों-आँगनों में सब मिल-जुलकर रहते थे, अब छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में जीवन सिमटने लगा है । बढ़ती हुई आबादियों ने समंदर को पीछे सरकाना शुरू कर दिया है, पेड़ों को रास्तों से हटाना शुरू कर दिया है, फैलते हुए प्रदूषण ने पंछियों को बस्तियों से भगाना शुरू कर दिया है । बारूदों की विनाशलीलाओं ने वातावरण को सताना शुरू कर दिया । अब गरमी में ज़्यादा गरमी, बेवक्त की बरसातें, जलज़ले, सैलाब, तूफान और नित नए रोग, मानव और प्रकृति के इसी असंतुलन के परिणाम हैं ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) गद्यांश में आई पंक्ति – 'पहले पूरा संसार एक परिवार के समान था अब टुकड़ों में बँटकर एक-दूसरे से दूर हो चुका है ।' का भाव है – [1]
    1. A संसार देश और प्रांत में बँट चुका है ।
    2. B संयुक्त परिवार एकल परिवारों में बँट गए हैं ।
    3. C वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना समाप्त हो गई है ।
    4. D एक देश से दूसरे देश को जाना कठिन हो गया है ।
  2. (ii) गद्यांश में प्रयुक्त 'छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घर' – संकेत करते हैं – [1]
    1. A फ़्लैट संस्कृति की ओर
    2. B छोटे-छोटे घरों की ओर
    3. C एक कमरे के घरों की ओर
    4. D बहुमंजिला इमारतों की ओर
  3. (iii) बढ़ती हुई आबादी को बसाने के लिए क्या नहीं किया गया ? [1]
    1. A समंदर की जमीन को हथियाना शुरू कर दिया गया ।
    2. B वन प्रदेश का सफाया करना शुरू कर दिया गया ।
    3. C पशु-पक्षियों को घर से बेघर कर दिया गया ।
    4. D खनिज पदार्थों का मनमाना दोहन किया गया ।
  4. (iv) गद्यांश के अनुसार बढ़ती प्राकृतिक आपदाएँ परिणाम हैं – [1]
    1. A दिनोंदिन बढ़ने वाले प्रदूषण का
    2. B मनुष्य के बढ़ते लालच का
    3. C मानव और प्रकृति के बीच असंतुलन का
    4. D पर्वतीय प्रदेशों में होने वाले कटाव का
  5. (v) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए : कथन : फैलते हुए प्रदूषण ने पंछियों को बस्तियों से भगाना शुरू कर दिया है । कारण : मानव ने अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर दी हैं । [1]
    1. A कथन तथा कारण दोनों गलत हैं ।
    2. B कथन गलत है, लेकिन कारण सही है ।
    3. C कथन सही है, लेकिन कारण उसकी गलत व्याख्या करता है ।
    4. D कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है ।
Previously asked in: 2024 4/2/1 Q9
Q8. [5]
प्रायः ऐसा होता है, कोई भी वक्तव्य सुनने के बाद जब सुनने वालों से पूछें कि क्या बोला गया है, तो सौ लोगों के सौ जवाब मिलते हैं; जितने सुनने वाले, उतने ही अर्थ । इसलिए आपस में बड़े विवाद भी होते हैं । बुद्ध से एक बार उनके शिष्य ने पूछा, 'क्या हम वही सुन पाते हैं, जो आप बोलते हैं ? जब मैं दूसरों से बात करता हूँ, तो पता चलता है कि उन्होंने कुछ और सुना, जबकि मैंने कुछ और ।' बुद्ध ने कहा, "यह स्वाभाविक है । बोली तो एक ही बात जाती है, लेकिन सुनी उतनी जाती है जितने सुनने वाले हैं, क्योंकि तुम मन से सुनते हो, आत्मा से नहीं । कल रात मैंने अंतिम प्रवचन के बाद कहा कि-उठो; रात्रि का अंतिम कार्य करो । कल समागम में एक चोर और एक गृहस्थ भी आए थे । जब मैंने कहा कि अब रात्रि के अंतिम काम में संलग्न हो जाओ, तब तुम्हें ख्याल आया ध्यान का, चोर ने सोचा कि काफी रात हो गई, चाँद ऊपर चढ़ गया है, अब चौर्यकर्म का वक्त हुआ । गृहस्थ ने सोचा, बहुत देर हो गई, पता नहीं, घर जाने के लिए कोई वाहन अब मिलेगा भी या नहीं ? मैंने एक ही बात कही थी । गृहस्थ ने अपना अर्थ लिया और चोर ने अपना । फिर भिक्षुओं ने भी इसके अलग-अलग अर्थ ही लिए होंगे । सुनना बहुत कठिन बात है, क्योंकि सुनने की कला वास्तव में कभी सिखाई नहीं जाती । बोलने की कला के तो बड़े प्रशिक्षण दिए जाते हैं । मगर यदि सुनने वाले सही न हों तो अर्थ का अनर्थ हो जाता है । सुनने के लिए आपका मन शांत और स्वीकार भाव में होना चाहिए ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इसके आधार पर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) कहे गए वक्तव्य का, अलग-अलग लोगों द्वारा अलग-अलग जवाब क्यों मिलता है ? [1]
    1. A प्रत्येक व्यक्ति द्वारा अपनी मनःस्थिति के अनुरूप अर्थ लगाने के कारण
    2. B प्रत्येक व्यक्ति द्वारा अपनी योग्यता के अनुरूप अर्थ लगाने के कारण
    3. C कही गई बात को ध्यान से न सुन पाने के कारण
    4. D कही गई बात का महत्त्व न जानने के कारण
  2. (ii) गद्यांश के आधार पर लोगों के बीच विवाद का कारण है – [1]
    1. A कही गई बात का अर्थ न समझ पाना ।
    2. B स्वयं को दूसरे से श्रेष्ठ सिद्ध समझना ।
    3. C अपनी ही बात को सही ठहराना ।
    4. D अपने सामने दूसरों को महत्त्व न देना ।
  3. (iii) शिष्य द्वारा बुद्ध से क्या पूछा गया ? [1]
    1. A संसार में लोगों के दुखों का कारण
    2. B लोगों के बीच आपसी विवाद का कारण
    3. C दो व्यक्तियों के बीच भिन्नता का कारण
    4. D कही गई एक ही बात के भिन्न अर्थ ग्रहण करने का कारण
  4. (iv) गृहस्थ की चिंता का क्या कारण था ? [1]
    1. A रात का काफी समय बीत जाना ।
    2. B वाहन के न मिलने की आशंका ।
    3. C बुद्ध की बातों का अर्थ न समझ पाना ।
    4. D देर रात्रि में अकेले घर जाना ।
  5. (v) सुनने के लिए आवश्यकता है – [1]
    1. A वक्ता की बात में स्पष्टता की
    2. B आसपास के वातावरण में शांति की
    3. C सहज सरल शब्दों में बात कही जाने की
    4. D मन के शांत और स्वीकार भाव में होने की
Previously asked in: 2024 4/2/1 Q2
Q9. [5]
आज पूरी दुनिया में व्यापक जल संकट है । एक तरफ हिमनद (ग्लेशियर) का पिघलना और दूसरी तरफ बाढ़-सुखाड़ का बढ़ना आम होता जा रहा है । आमतौर पर नदियों में पानी घट रहा है । हिमनद जब पिघलता है, तो ऊपर नदियों के उद्गम के पास ही लोग उसका उपयोग कर लेते हैं । हिमनदों के पिघलने के कारण हमारे समुद्रों पर भी उसका दुष्प्रभाव पड़ रहा है । नदियों में जो सतत प्रवाह है, उसमें भी धीरे-धीरे संकट बढ़ता जा रहा है । जल-स्रोत संकट में आते जा रहे हैं । यह जो जल-स्रोत का संकट है, उससे बचने के उपाय भी बहुत साफ हैं । जहाँ हिमनद पिघल रहे हैं, उनके आस-पास जंगलों का होना जरूरी है । जंगल नहीं होते हैं, तो सूरज से आने वाली लाल गरमी वहाँ का तापमान बढ़ा देती है और उस तापमान के चलते हिमनद और तेजी से पिघलकर नीचे आने लगते हैं । जब वहाँ जंगल होते हैं, तो सूरज से आने वाली गरमी से धरती तपती नहीं है, उसे बुखार नहीं चढ़ता । हिमनदों के आस-पास के इलाकों में हरियाली बढ़ाना अब बहुत जरूरी है । इन इलाकों में होने वाले कटाव को भी रोकना चाहिए । आज नदियों और तालाबों की स्थिति भी अच्छी नहीं है । अधिकतर नदियाँ सूख गई हैं और जो बची हैं, वे मैला ढोनेवाली मालगाड़ी बन गई हैं । जिस देश में नदियाँ सूखती हैं, वहाँ की सभ्यता भी सूखने लगती है । नदियों का हमारी सभ्यताओं और जीवन से गहरा रिश्ता है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इसके आधार पर सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) उपर्युक्त गद्यांश में लेखक की चिंता का विषय है – [1]
    1. A पिघलते हिमनद
    2. B घटते वन प्रदेश
    3. C प्रदूषित होती नदियाँ
    4. D बढ़ता जल संकट
  2. (ii) गद्यांश के आधार पर ग्लेशियरों के पिघलने का कारण है – [1]
    1. A धरती का बढ़ता तापमान
    2. B बढ़ती प्राकृतिक आपदाएँ
    3. C नदियों का सूख जाना
    4. D जल स्रोत का बढ़ता संकट
  3. (iii) 'उसे बुखार नहीं चढ़ता' से अभिप्राय है – [1]
    1. A उसकी सेहत खराब नहीं होती ।
    2. B मौसम का मिज़ाज नहीं बिगड़ता ।
    3. C उसका (धरती का) तापमान नहीं बढ़ता ।
    4. D वह हरी-भरी बनी रहती है ।
  4. (iv) निम्नलिखित में नदियों और सभ्यता के बीच के रिश्ते के विषय में क्या असत्य है ? [1]
    1. A दोनों एक-दूसरे पर आश्रित हैं ।
    2. B नदियों के किनारे ही सभ्यता का विकास हुआ है ।
    3. C नदियों के न रहने से सभ्यता का अंत निश्चित है ।
    4. D विश्व की प्राचीन सभ्यता नदियों के किनारे ही पनपी ।
  5. (v) 'दो तिहाई नदियाँ मैला ढोनेवाली मालगाड़ी बन गई हैं' – पंक्ति का आशय है – [1]
    1. A अत्यधिक गर्मी के कारण सूख गई हैं ।
    2. B प्रदूषण के कारण काली पड़ गई हैं ।
    3. C ये नदियाँ शहरी कचरा ढो रही हैं ।
    4. D मालगाड़ी की तरह चल रही हैं ।
Previously asked in: 2024 4/2/1 Q1
Q10. [7]
हर्बल-ऑर्गेनिक (जैविक) आहार ऐसे आहार होते हैं जो प्राकृतिक रूप से शुद्ध और ताज़ा होते हैं और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं । परंपरागत व्यंजन, पेय पदार्थ, फल-सब्जियाँ और मसाले ऋतु के अनुसार हमारे भोजन का महत्त्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं । परंपरागत और स्वदेशी भोजन एवं पेय पदार्थ पाश्चात्य फास्टफूड एवं रसायन युक्त कोल्ड ड्रिंक्स के शानदार विकल्प हैं । सरकार, व्यापारियों और दुकानदारों को नया कुछ भी नहीं करना है । बस उन्हें पहले से स्थापित भोजनालयों, दुकानों एवं शैक्षणिक संस्थाओं, कम्पनी कार्यालयों की कैंटीनों, मॉल्स तक इनको पहुँचाना है । परंपरागत खाद्य पदार्थों के साथ ऑर्गेनिक खाद्य एवं पेय पदार्थों की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए । ऑर्गेनिक फलों और सब्जियों के ताज़ा जूस, सूप, शेक, दूध, छाछ, लस्सी, शरबत, ठंडाई, हर्बल चाय, जौ, गेहूँ, मक्का या बाजरे की राबड़ी, नींबू की शिकंजी के साथ ऑर्गेनिक फल भी उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाए जा सकते हैं । साधारण ढाबों से लेकर पाँच सितारा होटलों तक शरबत, नारियल पानी, जुवारे का जूस, तरबूज का जूस, सत्तू और छाछ जैसे पेय पदार्थों को उपलब्ध करवाकर इनको उपभोक्ताओं में लोकप्रिय बनाया जा सकता है । पृथक से हर्बल फूड सेंटर बनाकर वहाँ ऑर्गेनिक हरी सब्जियों, दालों एवं मिलेट्स से निर्मित भोजन भी उपलब्ध करवाया जा सकता है । अंकुरित दालें, अनाज, दही, मक्खन, मक्का की घाट को भी लोकप्रिय बनाया जा सकता है । भारतीय स्वदेशी परंपरागत पेय पदार्थ, व्यंजन एवं मिष्टान्न, बाज़ार में लोकप्रिय होने से स्वदेशीकरण, समृद्ध किसान और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा । इस तरह के सेंटरों की मदद से रोज़गार के अवसर तो बढ़ेंगे ही रासायनिक खेती से खराब होते खेतों और मानव स्वास्थ्य को भी बचाया जा सकता है ।
निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (I) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए और उत्तर लिखिए । कथन : स्वदेशी, परंपरागत और जैविक खाद्य और पेय पदार्थों की लोकप्रियता से देश की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी । कारण : स्वदेशीकरण किसानों की समृद्धि और देश की आत्मनिर्भरता का आधार है । [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
    2. (B) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है ।
    3. (C) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है ।
    4. (D) कथन गलत है, किंतु कारण सही है ।
  2. (II) फास्टफूड एवं रसायन युक्त पेय पदार्थों से बचने के लिए – [1]
    1. (A) स्वदेशी भोजन एवं परंपरागत पेय का उपयोग करारा जवाब है ।
    2. (B) हर्बल-ऑर्गेनिक सामान सहजता से उपलब्ध करवाना होगा ।
    3. (C) हर्बल-ऑर्गेनिक पेय एवं खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं ।
    4. (D) पाँच सितारा होटलों में ऑर्गेनिक टैग लगा भोजन खाना बेहतर है ।
  3. (III) परंपरागत भोजन को लोकप्रिय कैसे बनाया जा सकता है ? i. उपलब्धता बढ़ाकर ii. प्रचार-प्रसार द्वारा iii. बिक्री की विशेष व्यवस्था करके iv. घर-घर मुफ्त ऑर्गेनिक सामान बाँटकर [1]
    1. (A) ii – iii
    2. (B) iii – iv
    3. (C) i – iv
    4. (D) i – iii
  4. (IV) आत्मनिर्भर भारत का सपना कैसे पूरा होगा ? [2]
  5. (V) हर्बल फूड सेंटर कहाँ-कहाँ लाभदायक होंगे ? [2]
Previously asked in: 2025 4/6/1 Q2
Q11. [7]
पिता हमेशा रुष्ट नहीं होता, सदैव कठोर व्यवहार से घर को संचालित नहीं करता क्योंकि वह भीतर से सौम्य प्रकृति का होता है । पिता का प्रेम दिखाई नहीं देता, उसे महसूस किया जा सकता है । बाहर से कठोर दिखाई देने वाला पिता भीतरी स्तर पर अत्यन्त भावुक होता है । जिस घर में पिता बच्चों के साथ बातचीत करता है, हँसता-बोलता है, उनके सभी क्रियाकलापों में सहयोग करता है, उसी घर में बच्चों का मानसिक व शारीरिक विकास उचित रूप से हो पाता है । अच्छी और सुसंस्कृत संतान हर माता-पिता की ख्वाहिश होती है । बच्चों के पालन-पोषण में दोनों समान भूमिका निभाते हैं । आज का युग इस दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है, जहाँ माता-पिता दोनों कामकाजी हैं । भागदौड़ भरी जिन्दगी में घर के साथ दफ्तर भी सँभालना होता है । ऐसे में केवल माँ के भरोसे घर और बच्चों को छोड़ना सही नहीं है । दोनों के सहयोग से ही घर को सँभाल पाना संभव होता है । पिता का दायित्व आज दफ्तर की सीमा से निकलकर घर तक आ गया है । बच्चों को सुबह उठाकर स्कूल भेजने से लेकर होमवर्क करवाने तक सभी कार्यों में उसकी समान भागीदारी आज अपेक्षित है । आज नई पीढ़ी के युवा घर में इन जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते देखे जा सकते हैं । वर्तमान समय में पढ़े-लिखे कामकाजी-एकल परिवार में व्यक्ति का जीवन दबाव में ही दिखता है, चाहे वह पढ़ाई का हो, कैरियर का हो अथवा कार्यक्षेत्र में हो । परिवार का खुशनुमा और परस्पर सौहार्दपूर्ण वातावरण उस दबाव से बाहर निकलने में सहायक बनता है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (I) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए और उत्तर लिखिए । कथन : पिता सदैव कठोर व्यवहार से घर को संचालित नहीं करता । कारण : बच्चों की गतिविधियों में पिता की सौम्यतापूर्ण भागीदारी और सहयोग रहता है । [1]
    1. (A) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है ।
    2. (B) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं ।
    3. (C) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है ।
    4. (D) कथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है ।
  2. (II) अच्छी और सुसंस्कृत संतान के लिए अपेक्षित है – [1]
    1. (A) बच्चों के पालन-पोषण में केवल माता की सहभागिता
    2. (B) बच्चों के पालन-पोषण में केवल पिता की सहभागिता
    3. (C) बच्चों के पालन-पोषण में माता-पिता दोनों की सहभागिता
    4. (D) बच्चों के पालन-पोषण में समाज की सहभागिता
  3. (III) आज की युवा पीढ़ी में कौन-सा सकारात्मक परिवर्तन आया है ? [1]
    1. (A) युवा माता-पिता दोनों का कामकाजी होना ।
    2. (B) बच्चों की परवरिश में माता को पिता का पूर्ण सहयोग मिलना ।
    3. (C) एकल परिवारों का चलन दिन-प्रतिदिन बढ़ना ।
    4. (D) एकल परिवारों में बच्चों का जल्दी परिपक्व होना ।
  4. (IV) माता-पिता पर अपनी संतान को लेकर कौन-कौन से दबाव हैं ? इन दबावों से आप अपने माता-पिता को मुक्ति कैसे दिलवा सकते हैं ? [2]
  5. (V) पिता की कौन-सी दो विरोधी बातें परिवार को सही दिशा में ले जाती हैं ? [2]
Previously asked in: 2025 4/6/1 Q1
Q12. [7]
धरती के भीतर होने वाले कंपन कई बार नदियों का मार्ग बदल चुके हैं । ऐसे में नदी कभी-कभी अपने मूल स्थान से मीलों दूर चली जाती है । इससे तटवर्ती नगरों-महानगरों के निर्माण तो ध्वस्त होते ही हैं, एक बड़े परिक्षेत्र की कृषि योग्य भूमि भी जलमग्न हो जाती है । अपने सबसे घातक और विनाशकारी रूप में आने वाला भूकंप सड़कों, राजमार्गों को तोड़ते हुए पूरे परिदृश्य को मौलिक रूप से बदलने के साथ ही, नई-नई झीलें भी बना सकता है । विश्व में अनेक ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों में घनी आबादी बसती है और नदियाँ भी बहती हैं । वहाँ गंभीर संकट मुँह बाए खड़ा है । यह जोखिम भरी स्थिति है । जब धरती की सतह के भीतर टेक्टोनिक प्लेटें एक-दूसरे के विरुद्ध घिसती हैं या खिसकती हैं, तो वे कंपन पैदा करती हैं और धरती पर भूकंप आता है, और जब इसका केन्द्र नदी के क़रीब होता है तो अनेक बार नदी अपना रास्ता बदल देती है, भारी तबाही लाती है । चीन, भारत और जापान में आया भूकंप इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है जो जान-माल की हानि का कारण बना । नदी के बदलावों के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों में विकास को सीमित कर, बाढ़ के मैदानों को खुली जगह या कृषि भूमि में वर्गीकृत कर विज्ञान और सतर्कता से इनका सामना किया जा सकता है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (I) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए । कथन : भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में घनी आबादी का बसना जोखिमपूर्ण है । कारण : प्राकृतिक आपदा के समय जान-माल की रक्षा करना चुनौतीपूर्ण कार्य है । [1]
    1. (A) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है ।
    2. (B) कथन गलत है, किन्तु कारण सही है ।
    3. (C) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है ।
    4. (D) कथन और कारण दोनों ही गलत हैं ।
  2. (II) धरती की सतह पर भूकंप आने का कारण है – [1]
    1. (A) नदियों द्वारा अपना रास्ता बदलना ।
    2. (B) धरती के भीतर प्लेटों का प्रतिकूल दिशा में खिसकना ।
    3. (C) मनुष्य द्वारा प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया जाना ।
    4. (D) मनुष्य द्वारा प्रकृति को क्षति पहुँचाकर विकास कार्यों में तेजी लाना ।
  3. (III) गद्यांश के मूल भावों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सत्य है/हैं ? (i) भूकंप के कारण नदियाँ अपना रुख बदल लेती हैं । (ii) विकास की गति को प्रतिबंधित कर भूकंप से बचा जा सकता है । (iii) विनाशकारी भूकंप धरती पर जल के नए स्रोतों को जन्म दे सकता है । (iv) मानवीय गतिविधियाँ नदियों को अपने मूल स्थानों से दूर ले जाने का कारण हैं । [1]
    1. (A) (i) और (iv) सही हैं ।
    2. (B) (ii) और (iv) सही हैं ।
    3. (C) (ii) और (iii) सही हैं ।
    4. (D) (i) और (iii) सही हैं ।
  4. (IV) भूकंप के कारण नदी का मार्ग कैसे बदल जाता है ? [2]
  5. (V) धरती के भीतर उठने वाले 'कंपन' को क्या कहते हैं और उसके क्या परिणाम होते हैं ? [2]
Previously asked in: 2025 4/5/1 Q2
Q13. [7]
माता–पिता द्वारा प्रदत्त संस्कार जीवनभर संतान के साथ रहते हैं । वे पालक हैं, पोषक हैं, साथ ही रक्षक भी हैं । घर–परिवार की जिम्मेदारियों को कुशलता से निभाने का दायित्व उनके कंधों पर ही है । जीवन में अनुशासन रखना कठिन कार्य है, इसमें व्यक्ति को आराम नहीं मिलता । किसी को भी अनुशासित रहना अर्थात् बँधे हुए जीना पसन्द नहीं आता । लेकिन सच्चाई यही है कि बिना अनुशासन के जीवन में संतुलन नहीं रह पाता और हम अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं । इस बात को पतंग के उदाहरण से समझ सकते हैं । एक उड़ती हुई पतंग आसमान पर तब तक राज करती है, जब तक वह डोर से बँधी है । कट जाने पर वह अपना अस्तित्व खो देती है । हमारे जीवन में अनुशासन की यह डोर माता–पिता के हाथों में रहती है । वे ही जीवन को अनुशासित करते हैं । जो बच्चे अनुशासित जीवन जीते हैं, वे आगे जाकर सफल व्यक्ति बन जाते हैं । माता भावनात्मक रूप से साथ जुड़ती है, पिता संघर्षों में ढाल बनकर उसको मजबूती प्रदान करता है । पिता–पुत्र, पिता–पुत्री, सभी रिश्तों में गरिमा है, अनुशासन है, सामंजस्य है, प्रेम है तभी जीवन में सुख बरसता है । माता–पिता की भूमिका जीवन में उस समय और महत्त्वपूर्ण हो जाती है, जब आप कठिन परिस्थितियों में उचित निर्णय नहीं ले पाते । उनके मार्गदर्शन में ही जीवन की गहराइयों की समझ व्यक्ति को हो पाती है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (I) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए और उत्तर लिखिए । कथन : रिश्तों की गरिमा, अनुशासन, ताल–मेल और प्रेम परिवार के लिए अपेक्षित है । कारण : वही सुखी जीवन का रहस्य है । [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
    2. (B) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है ।
    3. (C) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है ।
    4. (D) कथन गलत है, किंतु कारण सही है ।
  2. (II) जीवन को परिपक्व बनाता है [1]
    1. (A) जीवन संघर्ष
    2. (B) माता-पिता का मार्गदर्शन
    3. (C) गुरु के दिशा-निर्देश
    4. (D) मित्रों का साथ
  3. (III) गद्यांश में पतंग का उदाहरण किस उद्देश्य से दिया गया है ? [1]
    1. (A) जीवन में स्वतंत्रता का महत्त्व दर्शाने के ।
    2. (B) जीवन में माता–पिता का महत्त्व दर्शाने के ।
    3. (C) पतंग की तरह आकाश-सा ऊँचा लक्ष्य पाने के ।
    4. (D) जीवन में अनुशासन का महत्त्व दर्शाने के ।
  4. (IV) अनुशासन का जीवन में क्या महत्त्व है ? कोई दो बिंदु लिखिए । [2]
  5. (V) बच्चों की परवरिश में माता–पिता का सहयोग किस प्रकार मिलता है ? [2]
Previously asked in: 2025 4/5/1 Q1
Q14. [7]
जलवायु परिवर्तन के साथ जैसे-जैसे मौसम का 'पैटर्न' समुद्र के स्तर को प्रभावित कर रहा है, नदी प्रणालियों में भूकम्प से होने वाले महाविनाशकारी परिवर्तनों को समझना अपरिहार्य हो चला है। धरती लगातार हिल रही है। पहाड़ों में दरारें पड़ रही हैं। नदियाँ वैसे भी, विशेष रूप से मार्ग और प्रवाह में परिवर्तन के प्रति संवेदनशील होती हैं। भूकम्प से नदी मार्ग में परिवर्तन के विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं, जिससे संपत्ति, कृषि और बुनियादी ढाँचे को भारी नुकसान पहुँच सकता है। हाल में, जब अध्येताओं की एक टीम ने ढाका से सौ किलोमीटर दक्षिण में नदी की पुरानी मुख्यधारा खोजने के लिए सैटेलाइट चित्रों का इस्तेमाल किया तो उस इलाके में भूकम्पीय संकेत-चिह्न मिले। इस क्षेत्र में गंगा और ब्रह्मपुत्र की प्लेटें करीब होने से यहाँ अकसर तेज भूकम्प आते रहे हैं। डेल्टा वाले नदी क्षेत्र में उच्च तीव्रता का भूकम्प आने पर प्रवाह का रास्ता पूरी तरह बदल सकता है। वहाँ तबाही इसलिए बहुत भयावह होगी, क्योंकि अब उस क्षेत्र में लाखों की घनी बसावट है। भूकम्पीय गतिविधियों और नदियों के प्रवाह पर बारीक नजर रखे हुए वैज्ञानिक लगातार ऐसे जोखिम वाले तमाम वैश्विक क्षेत्रों की पहचान करने में जुटे हैं। सब कुछ के बावजूद, किसी भूकम्प के सटीक मापदंडों या किसी भी क्षण नदी के बहाव के बारे में पूर्वानुमान लगाना असंभव है।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (i) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए। दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए : कथन : नदी प्रणालियों में भूकम्पीय विनाशकारी बदलावों को समझना अनिवार्य हो गया है। कारण : भूकम्प से नदी मार्ग में परिवर्तन के विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं। [1]
    1. A कथन और कारण दोनों गलत हैं।
    2. B कथन सही है लेकिन कारण गलत है।
    3. C कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है।
    4. D कथन गलत है किंतु कारण सही है।
  2. (ii) अध्ययनकर्ताओं को ढाका के दक्षिण में नदी की मुख्यधारा खोजते हुए क्या जानकारी मिली? [1]
    1. A उस क्षेत्र के पहाड़ों में दरारें मिलीं
    2. B उस क्षेत्र की संवेदनशीलता की जानकारी मिली
    3. C नदी की पुरानी मुख्यधारा इस क्षेत्र से गायब हो चुकी है
    4. D उस इलाके में नदी की पुरानी मुख्यधारा के संकेत-चिह्न मिले
  3. (iii) डेल्टा वाले क्षेत्र में तीव्र भूकम्प आने से होगा : (I) नदी-मार्ग बदल सकता है (II) भयानक तबाही होगी (III) उन क्षेत्रों में घनी बसावट हो सकती है (IV) वहाँ अकसर तेज भूकम्प आते रहेंगे [1]
    1. A I - II
    2. B II - III
    3. C III - IV
    4. D I - IV
  4. (iv) भूकम्प के सटीक मापदंड और नदी के बहाव का पूर्वानुमान लगाना असंभव क्यों है? किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए। [2]
  5. (v) पृथ्वी में हो रही लगातार भीतरी हलचल के कौन-से परिणाम हो रहे हैं और हो सकते हैं? [2]
Previously asked in: 2025 4/4/1 Q2
Q15. [7]
रंगमंच की दुनिया में मोबाइल थियेटर अबूझा नाम नहीं और असम में तो ये मनोरंजन का दूसरा नाम है। देश ही नहीं दुनिया भर में अपनी तरह का अनोखा, चलता-फिरता रंगमंच जो खानाबदोश जिंदगी जीता है। जिसका आज यहाँ ठौर, तो कल वहाँ ठिकाना इसलिए इसे भ्रमण थियेटर भी कहते हैं। असम में फिल्मों से ज्यादा मोबाइल थियेटर लोकप्रिय है। असम के लेखकों और कलाकारों के लिए ये थियेटर किसी संजीवनी से कुछ कम नहीं हैं। ट्रकों पर खाने-पीने से लेकर स्टेज, कुर्सी, पोशाक, तकनीकी उपकरणों समेत सारे सामानों से लदकर ये आठ से नौ महीनों तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में लगातार प्रदर्शन करते हैं। रूपरेखा भले ही नाटक की हो, पर इसका स्टाइल पूरा फिल्मी है। फिल्मों की तरह इन थियेटरों में दिखाए जाने वाले नाटकों का भी बैनर, पोस्टर लगाकर खूब प्रचार होता है। थियेटर शब्द सुनकर आमतौर पर गंभीर विषयवस्तु और श्वेत-श्याम स्टेज के नाटकों का खाका मस्तिष्क में उभरता है। ये घुमक्कड़ रंगमंच मंचन भले ही नाटकों का करते हैं, लेकिन इनमें पटकथा से लेकर नाच-गाना, एक्शन, इमोशन हर तरह का फिल्मी मसाला होता है। अभिनय और प्रस्तुति के मामले में यहाँ मनोरंजन से कोई समझौता नहीं होता। टी.वी., केबल चैनलों और नई तकनीकों का इसके बाज़ार पर भी असर पड़ा है। बाज़ार और तकनीकी चहलकदमी ने इसका रूप ही नहीं रुख भी बदल दिया है लेकिन फिर भी इंटरनेट की तकनीकी आँधी इसके तंबू को उखाड़ नहीं पाई है। इसकी वजह है इसकी विविधता में वास्तविकता। पुरानी लाइटिंग, साउंड, तकनीकी उपकरणों के बावजूद इनके सेट एकदम असली लगते हैं और उस पर कलाकारों की जीवंत और उम्दा प्रस्तुति की तो बात ही क्या! अपनी मौलिकता की वजह से समय की रेत पर यह आज भी अपनी पहचान के साथ स्थिर खड़ा है।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
  1. (i) मोबाइल थियेटर से क्या अभिप्राय है? [1]
    1. A मोबाइल पर देखे जाने वाला थियेटर
    2. B मोबाइल की सहायता से बना थियेटर
    3. C चलते-फिरते देखे जाने वाला थियेटर
    4. D चलता-फिरता थियेटर
  2. (ii) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यान से पढ़िए और उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : कथन : असम के लेखकों, कलाकारों के लिए मोबाइल थियेटर संजीवनी हैं। कारण : मोबाइल थियेटर उन्हें आत्मिक, सामाजिक और आर्थिक संतुष्टि प्रदान करता है। [1]
    1. A कथन और कारण दोनों गलत हैं।
    2. B कारण सही है किंतु कथन गलत है।
    3. C कथन सही है किंतु कारण कथन की गलत व्याख्या करता है।
    4. D कथन तथा कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
  3. (iii) मोबाइल थियेटर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं : (I) मोबाइल थियेटर फिल्मी मसालों से युक्त होते हैं। (II) मोबाइल थियेटर असम में मनोरंजन का एकमात्र साधन हैं। (III) बाज़ारवाद और तकनीक का प्रभाव मोबाइल थियेटरों पर भी पड़ा है। [1]
    1. A केवल (II) सही है।
    2. B केवल (III) सही है।
    3. C (I) और (II) सही हैं।
    4. D (I) और (III) सही हैं।
  4. (iv) मोबाइल थियेटर पारंपरिक थियेटर से किस प्रकार भिन्न हैं? 25-30 शब्दों में लिखिए। [2]
  5. (v) समय की रेत पर मोबाइल थियेटर की पहचान को स्थिर रखने वाली कौन-सी विशेषता है? किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए। [2]
Previously asked in: 2025 4/4/1 Q1
Q16. [7]
पीने के पानी की समस्या दिनोंदिन भयावह रूप लेती जा रही है । इसका मुख्य कारण पारंपरिक जल स्रोतों का लगातार सूखते जाना, ज़मीन के अंदर जल स्तर का नीचे जाना और जल स्रोतों का प्रदूषित होना है । यही कारण है कि जिस गति से जनसंख्या बढ़ रही है लोगों को पीने के पानी की कमी होती जा रही है और यह समस्या सिर्फ़ शहरों में ही नहीं बल्कि गाँवों में भी अपने पाँव पसार रही है । नदियाँ और ज़मीन के भीतर का जमा जल ही मुख्य रूप से हमारे पारंपरिक जल स्रोत हैं । लेकिन बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के कारण वैश्विक तापमान बढ़ने से पहाड़ों पर जमी बर्फ अब जल्दी पिघलने लगी है, जिससे नदियों में वर्षभर पानी नहीं आ पाता । बरसात की कमी या वर्षा जल का सही संरक्षण न हो पाने के कारण एक ओर ज़मीन उचित मात्रा में जल सोख नहीं पाती तो दूसरी ओर आधुनिक संयंत्रों से धरती और नदी के जल का अधिक दोहन होने लगा है । हर साल ज़मीन के नीचे जितना जल संचय नहीं होता उससे अधिक पानी खींच लिया जाता है । इस तरह सदियों से संचित जल का स्तर काफी नीचे चला गया है । सरकार अब वर्षा जल के संग्रहण के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर रही है, जिसे 'जल-खेती' के नाम से जाना जाता है । वर्षा-जल संग्रहण, पारंपरिक जल स्रोतों के दोहन और जल प्रदूषण पर रोक लगाकर ही इसका समाधान किया जा सकता है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए :
  1. (i) गद्यांश के आधार पर पीने के पानी की समस्या का भयावह रूप धारण करने का कारण नहीं है : [1]
    1. (A) पारंपरिक जल स्रोतों का सूखते जाना
    2. (B) भू-जल स्तर का निरंतर कम होना
    3. (C) जल स्रोतों का दिनोंदिन प्रदूषित होना
    4. (D) वैश्विक स्तर पर जलवायु में परिवर्तन होना
  2. (ii) निम्नलिखित कथन और परिणाम को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : संचित जल से अधिक भू-जल विभिन्न माध्यमों से निकाला जा रहा है । परिणाम : भू-जल स्तर दिन प्रतिदिन नीचे जाता जा रहा है । [1]
    1. (A) कथन सही है, लेकिन परिणाम ग़लत है ।
    2. (B) कथन और परिणाम दोनों सही हैं ।
    3. (C) कथन ग़लत है, लेकिन परिणाम सही है ।
    4. (D) कथन और परिणाम दोनों ग़लत हैं ।
  3. (iii) 'जल-खेती' से अभिप्राय है : [1]
    1. (A) जल का संग्रहण
    2. (B) जल का संरक्षण
    3. (C) जल के लिए खेती
    4. (D) जल में खेती
  4. (iv) वैश्विक तापमान में वृद्धि का क्या दुष्प्रभाव देखने को मिल रहा है ? [2]
  5. (v) धरती के जल स्तर में आने वाली गिरावट के कारणों की समीक्षा कीजिए । [2]
Previously asked in: 2025 4/2/1 Q2
Q17. [7]
गाँधीजी ने संसार को जो संदेश दिया था, वह सर्वोदय का संदेश था । उस संदेश की जितनी पहले आवश्यकता थी, उतनी ही आज भी है । गाँधीजी ने अपने जीवन-काल में न केवल वाणी और लेखनी द्वारा, बल्कि अपने आचरण द्वारा भी उस महान संदेश का प्रचार किया था । गाँधीजी ने इस पर ख़ूब जोर दिया था कि किसी अच्छे उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए अशुद्ध साधनों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए । उन्होंने हमें सिखाया था कि अशुद्ध साधनों द्वारा उत्तम उद्देश्य हासिल नहीं किया जा सकता । यही कारण था कि उन्होंने देश की स्वतंत्रता के श्रेष्ठ लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हिंसात्मक और आतंकवादी कार्रवाइयों का त्याग करने और सत्य तथा अहिंसा का मार्ग अपनाने की सलाह दी है । इसका परिणाम हम अपनी आँखों से देख चुके हैं । व्यवहार में यह रास्ता ज्यादा सीधा और सरल साबित हुआ । कम-से-कम हानि उठाकर हमने अपनी स्वतंत्रता हासिल की और जो कल तक हमारे विरोधी थे, वही हमारे मित्र बन गए हैं । इसके विपरीत यूरोप के पिछले दो महायुद्धों के उदाहरण भी हमारे सामने हैं । इन महायुद्धों में जन-धन का भयंकर विनाश हुआ, वह तो हुआ ही; उन नैतिक मूल्यों का भी ह्रास हो गया, जिनके कारण मनुष्य मनुष्य कहलाने का अधिकारी होता है । वे समस्याएँ आज भी बनी हुई हैं जिन्हें हल करने के लिए महायुद्ध लड़े गए थे । अत: सर्वोदय सम्मेलन में साधनों की शुद्धता पर जो बल दिया गया है, वह सर्वथा उचित है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए :
  1. (i) 'गाँधीजी ने अपने आचरण द्वारा भी उस महान संदेश का प्रचार किया था ।' – पंक्ति में किस महान संदेश की ओर संकेत किया गया है ? [1]
    1. (A) सत्य और अहिंसा का संदेश
    2. (B) सर्वोदय का संदेश
    3. (C) शुभ आचरण का संदेश
    4. (D) नैतिक मूल्यों का संदेश
  2. (ii) 'गाँधीजी के भौतिक रूप से हमारे बीच उपस्थित न रहने' – से क्या अभिप्राय है ? [1]
    1. (A) आत्मिक रूप से उपस्थित न होना
    2. (B) सैद्धांतिक रूप से उपस्थित न होना
    3. (C) प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित न होना
    4. (D) मानसिक रूप में उपस्थित न होना
  3. (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : सर्वोदय के संदेश की दुनिया को जितनी आवश्यकता पहले थी, उतनी ही आवश्यकता आज भी है । कारण : समाज में विद्यमान समस्याओं के मूल रूप में पहले से अब तक विशेष अंतर नहीं आया है । [1]
    1. (A) कथन ग़लत है, परन्तु कारण सही है ।
    2. (B) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं ।
    3. (C) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
    4. (D) कथन सही है, परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है ।
  4. (iv) देश की स्वतंत्रता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए गाँधीजी ने किस मार्ग को अपनाने की सलाह दी और क्यों ? [2]
  5. (v) स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए गाँधीजी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने के क्या परिणाम निकले ? [2]
Previously asked in: 2025 4/2/1 Q1
Q18. [7]
क्रोध दुःख के चेतन कारण के साक्षात्कार या अनुमान से उत्पन्न होता है। साक्षात्कार के समय दुःख और उसके कारण के संबंध का परिज्ञान आवश्यक है। तीन-चार महीने के बच्चे को कोई हाथ उठाकर मार दे, तो उसने हाथ उठाते तो देखा है पर उसकी पीड़ा और उस हाथ उठाने से क्या संबंध है, यह वह नहीं जानता है। अतः वह केवल रोकर अपना दुःख मात्र प्रकट कर देता है। दुःख के कारण की स्पष्ट धारणा के बिना क्रोध का उदय नहीं होता। दुःख के सज्ञान कारण पर प्रबल प्रभाव डालने में प्रवृत्त करवाने वाला मनोविकार होने के कारण क्रोध का आविर्भाव बहुत पहले देखा जाता है। शिशु अपनी माता की आकृति से परिचित हो जाने पर ज्यों ही यह जान जाता है कि दूध इसी से मिलता है, भूखा होने पर वह उसे देखते ही अपने रोने में कुछ क्रोध का आभास देने लगता है। सामाजिक जीवन में क्रोध की ज़रूरत बराबर पड़ती है। यदि क्रोध न हो तो मनुष्य दूसरों के द्वारा पहुँचाए जाने वाले बहुत से कष्टों की चिरनिवृत्ति का उपाय ही न कर सकेगा। समाज में निराशा और अत्याचार का बोलबाला बढ़ जाएगा। कोई मनुष्य किसी दुष्ट के नित्य दो-चार प्रहार सहता है। यदि उसमें क्रोध का विकास नहीं हुआ है तो वह केवल आह-ऊह करेगा, जिसका उस दुष्ट पर कोई प्रभाव नहीं। उस दुष्ट के हृदय में विवेक, दया आदि उत्पन्न करने में बहुत समय लगेगा। संसार किसी को इतना समय ऐसे छोटे-छोटे कामों के लिए नहीं दे सकता।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए :
  1. (i) क्रोध की उत्पत्ति का क्या कारण है ? [1]
    1. A सामने वाले के हृदय में दया उत्पन्न करना
    2. B दुःख के चेतन कारण के साक्षात्कार का अनुमान
    3. C क्रोध को अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानना
    4. D अपनी भावनाओं पर नियंत्रण न रख पाना
  2. (ii) माँ की गोद में जाते ही शिशु क्यों शांत हो जाता है ? [1]
    1. A माता शिशु की जननी है।
    2. B सुरक्षा का अनुभव करता है।
    3. C माँ की गोद में ममता का अनुभव करता है।
    4. D माँ की आकृति पहचान भूख शांत हो जाने की आशा है।
  3. (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : क्रोध की आह-ऊह का दुष्ट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। कारण : दुष्ट के हृदय में विवेक, दया आदि उत्पन्न करने में बहुत समय लगेगा। [1]
    1. A कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है।
    2. B कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
    3. C कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
    4. D कथन ग़लत है, लेकिन कारण सही है।
  4. (iv) गद्यांश का लेखक सामाजिक जीवन में क्रोध का समर्थन करता है, क्यों ? [2]
  5. (v) गद्यांश के आधार पर क्रोध की व्याख्या कीजिए। [2]
Previously asked in: 2025 4/1/1 Q2
Q19. [7]
भारतीय चिंतन में स्वास्थ्य का अर्थ 'स्व' में स्थित होता है। दूसरे शब्दों में एक आत्मस्थ व्यक्ति को स्वस्थ कहा जा सकता है। जीवन का आनंद लेने के लिए स्वस्थ रहने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य व्यक्ति के व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन के लिए महत्त्वपूर्ण है। समाज का एक उत्पादक सदस्य होने के नाते हमें जागरूक और शरीर से क्रियाशील होने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य मनोविज्ञान में वे मनोवैज्ञानिक कारक आते हैं जो स्वास्थ्य को बनाए रखने और उन्नत करने में सहायक होते हैं। यह उन कारकों की भी खोज करता है जो रोग की स्थिति पैदा करते हैं। हमारी जीवन शैली और सोचने एवं व्यवहार करने के तरीके लोगों के स्वास्थ्य स्तर में योगदान करते हैं। व्यायाम, पौष्टिक भोजन लेने और धूम्रपान जैसे दुर्व्यसनों में परिवर्तन से शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है। स्वास्थ्य शारीरिक और मानसिक कुशलक्षेम की अवस्था को कहते हैं। यह एक सकारात्मक अवस्था है। लोगों के व्यक्तिगत तथा सामाजिक जीवन में स्वास्थ्य का केन्द्रीय स्थान है। आज की दुनिया में लोगों के गुणात्मक जीवन को चारों ओर से चुनौतियों का सामना करना पड़ता है जिसका परिणाम लोगों का गिरता स्वास्थ्य है। एक ओर बाहरी पर्यावरण बड़ी तेजी से बदल रहा है। इससे अनेक पर्यावरणीय तनावों से सफलतापूर्वक निपटने की आवश्यकता है। सामाजिक संरचना में आए बदलाव जैसे परिवार और अन्य सामाजिक संस्थाओं का विघटन, प्रतिस्पर्धा और उपभोक्तावादी संस्कृति द्वंद्व और असहयोग को बढ़ावा प्रदान कर स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए :
  1. (i) गद्यांश के अनुसार व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन के लिए महत्त्वपूर्ण है : [1]
    1. A धन
    2. B संघर्ष
    3. C स्वास्थ्य
    4. D परिश्रम
  2. (ii) 'समाज का उत्पादक सदस्य होने से' क्या अभिप्राय है ? [1]
    1. A समाज के विकास में योगदान देने वाला सक्रिय नागरिक
    2. B कल-कारखानों में काम करने वाला मेहनती श्रमिक
    3. C खेत-खलिहानों में काम करने वाला परिश्रमी किसान
    4. D देश के विकास में योगदान देने वाला चिंतनशील वैज्ञानिक
  3. (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : उत्तम स्वास्थ्य व्यक्ति के व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन के लिए आवश्यक है। कारण : मन की जागरूकता और शरीर की क्रियाशीलता स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है। [1]
    1. A कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है।
    2. B कथन और कारण दोनों सही हैं।
    3. C कथन ग़लत है, लेकिन कारण सही है।
    4. D कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
  4. (iv) स्वास्थ्य पर प्रभाव डालने वाले नकारात्मक कारकों का उल्लेख कीजिए। [2]
  5. (v) स्वास्थ्य किसे कहते हैं ? शरीर को स्वस्थ कैसे रखा जा सकता है ? [2]
Previously asked in: 2025 4/1/1 Q1
Q20. [7]
'किडल्टिंग' दो शब्दों के मेल से बना है – 'किड' और 'एडल्ट' । यानि बचपन और वयस्क की संधि । इस शब्द का इस्तेमाल पिछले कुछ वर्षों से हो रहा है । वास्तव में यह बचपन की जानी-पहचानी गतिविधियों की ओर एक स्वाभाविक सरल वापसी है । 'किडल्टिंग' ज़िंदगी के भागमभाग में फँसे, अकेले रह गए या अवसाद से जूझ रहे लोगों को बहुत पसंद आ रहा है । पसंदीदा गतिविधियाँ करना अकसर तनाव दूर करने के लिए एकदम सही विकल्प होता है । बड़ी कंपनियाँ भी ऐसी गतिविधियों के चलन को बढ़ावा देने में तेज़ी से जुट गई हैं । लंदन और मैट्रिड में एक संवाद संग्रहालय 'डोपामाइन लैंड' अपने अंदर के बच्चे को जगाने के लिए बचपन और वयस्क अवस्था के संधिकाल की गतिविधियाँ करवाता है । दिनभर मोबाइल और कंप्यूटर से ऊबे हुए कामकाजी लोग इससे दूरी बनाने के दिलचस्प बहाने खोजने लगे हैं । ऐसे में बचपन की दुनिया में वापसी उन्हें पसंद आ रही है क्योंकि इसमें वे बिना मोबाइल और कंप्यूटर वाले बीते जीवन को जीते हैं । खबर यह भी है कि 'डोपामाइन लैंड' जैसी जगहें 'हैप्पी हॉर्मोन्स' को भी सक्रिय कर रही हैं । आखिर कुछ तो कारण होगा कि वर्तमान में तमाम सुविधाओं के बावजूद लोग ऐसी परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं जिसमें वे जीवन की संवेदनाओं का अहसास नहीं कर पाते ।
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (i) तनाव को कम करने का सबसे अच्छा तरीका है : [1]
    1. (A) अपने पसंदीदा कार्यों में समय लगाना
    2. (B) स्क्रीन पर और अधिक समय बिताना
    3. (C) काम में और अधिक ध्यान लगाना
    4. (D) नियत कार्य को समय से पूर्व निबटाना
  2. (ii) 'डोपामाइन लैंड' क्या है ? [1]
    1. (A) बच्चों के खेलने की खुली जगह
    2. (B) एक विशेष हॉर्मोन मिलने की जगह
    3. (C) बड़ों के खेलने के लिए निर्मित स्थान
    4. (D) बच्चों के हॉर्मोन संतुलित करने का स्थान
  3. (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : वर्तमान में सुख-सुविधाओं से भरी ज़िंदगी में खुशियों के अहसास की कमी हो गई है । कारण : प्रसन्न रहने के लिए सिर्फ भौतिक सुख-सुविधाएँ ही पर्याप्त नहीं हैं । [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं ।
    2. (B) कथन सही है, लेकिन कारण ग़लत है ।
    3. (C) कथन ग़लत है, लेकिन कारण सही है ।
    4. (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
  4. (iv) बड़ी-बड़ी कंपनियों के 'डोपामाइन लैंड' जैसी गतिविधियों में बढ़ती रुचि के क्या कारण हैं ? [2]
  5. (v) वर्तमान में 'किडल्टिंग' की आवश्यकता क्यों महसूस हो रही है ? [2]
Previously asked in: 2026 4/3/1 Q2
Q21. [7]
प्राकृतिक आपदा का अर्थ है – प्रकृति की ओर से आए संकट । बाढ़, बारिश, तपिश, सूखा, कहने को तो प्राकृतिक घटनाएँ हैं; लेकिन जिस तरह अब इनका रौद्ररूप मौसम–बेमौसम दिखने लगा है, यह चिंताजनक है । बीते साल बाढ़, वनों की आग, तूफान और उच्च तापमान की बेतहाशा घटनाओं ने कई देशों को झकझोर दिया है । ये घटनाएँ न तो साधारण हैं, न प्राकृतिक । पहले भी मौसम का प्रकोप दिखता था, लेकिन भयावहता का ऐसा मंजर यदा-कदा ही दिखा । इसके कारणों को जानते-समझते हुए भी हमारे अनजान बने रहने से प्राकृतिक आपदाएँ दिनोंदिन और विकराल होती जा रही हैं । जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स में प्रकाशित एक शोध ने वैज्ञानिकों, पर्यावरणविदों और प्रकृति को लेकर चिंतित संगठनों की नींद उड़ा दी है । भूजल दोहन के अनुपात में पानी वापस धरती में नहीं पहुँच रहा है । परिणामस्वरूप भूजल का स्तर दिनोंदिन गिरता जा रहा है । पृथ्वी अपने अक्ष पर झुकने लगी है । प्रकृति के साथ छेड़छाड़ कर हम उसे जो हानि पहुँचा रहे हैं, उस पर हमें नियंत्रण करना होगा । गांधी जी ने कहा था – 'यह प्रकृति करोड़ों क्या अरबों-अरबों लोगों का पालन बड़े आराम से कर सकती है किंतु एक इंसान की तृष्णा पूरी नहीं कर सकती ।' – इस संदेश को जीवन में उतारना होगा । साथ ही हमें प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए हमेशा तैयार रहना होगा । तभी हम मौत के किसी भी जलजले से बच सकते हैं ।
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (i) पृथ्वी के अक्ष में विचलन का मुख्य कारण है : [1]
    1. (A) भूजल का अतिदोहन
    2. (B) निरंतर बढ़ता तापमान
    3. (C) कम होते जंगल
    4. (D) बिना मौसम बरसात
  2. (ii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : विगत वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं का स्वरूप भयावह हुआ है । कारण : प्राकृतिक संसाधनों के प्रति असंवेदनशील मानवीय कृत्यों ने प्रकृति के सहज स्वरूप को प्रभावित किया है । [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं ।
    2. (B) कारण सही है, किंतु कथन ग़लत है ।
    3. (C) कथन सही है, किंतु कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है ।
    4. (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
  3. (iii) 'जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स' में प्रकाशित शोध में किस खतरे का ज़िक्र है ? [1]
    1. (A) तेज़ी से बदलता मौसम-चक्र
    2. (B) भूजल का कम होता स्तर
    3. (C) पृथ्वी के अक्ष में झुकाव
    4. (D) बेतहाशा बढ़ती प्राकृतिक आपदाएँ
  4. (iv) भूजल के बड़े पैमाने पर दोहन से पृथ्वी पर क्या असर पड़ा ? [2]
  5. (v) प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए क्या अनिवार्य है ? [2]
Previously asked in: 2026 4/3/1 Q1
Q22. [7]
साइकिल की सवारी न केवल हमारे स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सक्षम है, बल्कि सामाजिक समानता और सतत विकास की दिशा में भी योगदान देती है। यह परिवहन का ही साधन नहीं है बल्कि एक ऐसी विचारधारा भी है जो आधुनिकता के कोलाहल में खोई मानवता को फिर से जोड़ती है। साइकिल एक सस्ता, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल माध्यम है जो न केवल शहरों की भीड़ और प्रदूषण को कम करता है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक सुविधाओं तक समाज के प्रत्येक वर्ग की पहुँच को आसान करता है। मार्च 2022 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें साइकिल को सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में मुख्यधारा में लाने की बात कही गई। साथ ही इसे सतत उपभोग और उत्पादन को बढ़ावा देने वाला, जलवायु परिवर्तन से लड़ाई में सकारात्मक भूमिका निभाने वाला एक साधन बताया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक का कहना है कि पैदल चलना और साइकिल चलाना स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और शहरों को ज़्यादा टिकाऊ बनाता है। रोजाना आधा घंटा साइकिल चलाने से न केवल सेहत अच्छी रहती है, बल्कि सालाना 150 किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन को भी रोका जा सकता है। समाज का वह वर्ग, जो महँगे निजी वाहन नहीं खरीद सकता, यह उनके लिए आवागमन का मुख्य साधन है। यह उन्हें उनके कार्यक्षेत्र, स्कूल, अस्पताल जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुँच प्रदान करती है। इस तरह साइकिल न केवल स्वास्थ्य के लिए बल्कि सामाजिक समानता और आर्थिक रूप से भी एक प्रभावी विकल्प है।
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (i) सार्वजनिक परिवहन प्रणाली से आशय है : [1]
    1. (A) देश की आम जनता के आवागमन के लिए उपलब्ध यातायात के साधन
    2. (B) देश की विशिष्ट जनता के आवागमन के लिए उपलब्ध यातायात के साधन
    3. (C) देश के वरिष्ठ नागरिकों के आवागमन के लिए उपलब्ध यातायात के साधन
    4. (D) देश के बच्चों के आवागमन के लिए उपलब्ध यातायात के साधन
  2. (ii) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : साइकिल जलवायु परिवर्तन से लड़ाई में सकारात्मक भूमिका निभाने वाला एक प्रमुख साधन है। कारण : साइकिल जीरो-कार्बन उत्सर्जन के साथ चलती है। [1]
    1. (A) कथन तथा कारण दोनों ग़लत हैं।
    2. (B) कारण सही है, लेकिन कथन ग़लत है।
    3. (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
    4. (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
  3. (iii) साइकिल से होने वाले लाभों के विषय में कौन-सा कथन असत्य है ? [1]
    1. (A) सामाजिक समानता का माध्यम है।
    2. (B) पर्यावरण को सुरक्षित रखती है।
    3. (C) शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।
    4. (D) आर्थिक समानता को बढ़ावा देती है।
  4. (iv) साइकिल स्वच्छ पर्यावरण के लिए अनुकूल माध्यम कैसे है ? [2]
  5. (v) साइकिल के सस्ता, सुलभ और लाभकारी साधन होते हुए भी लोग इसके प्रयोग को प्राथमिकता क्यों नहीं देते ? [2]
Previously asked in: 2026 4/2/1 Q2
Q23. [7]
पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने और पृथ्वी को संरक्षित करने के लिए स्वीडन से 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस आयोजित करने का सिलसिला प्रारंभ हुआ। वर्ष 2025 में पर्यावरण दिवस का विषय था — 'वैश्विक प्लास्टिक प्रदूषण का अंत'। प्लास्टिक हमारे जीवन के अनेक पहलुओं में आवश्यक है मगर इसके कारण 'एक बार प्रयोग होने वाली उपभोक्ता संस्कृति' और 'इस्तेमाल करो और फेंको' पीढ़ी का जन्म हुआ है। मनुष्य की इस गतिविधि का नुकसान उसके साथ-साथ असहाय पशु-पक्षियों और प्रकृति को भी भुगतना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण की एक रिपोर्ट के अनुसार एक दिन में लगभग 144 करोड़ प्लास्टिक की बोतलों का उपयोग होता है। हम पृथ्वी पर प्लास्टिक कचरे की ऐसी विरासत छोड़ रहे हैं जिसका कोई अंत नहीं। शहरों में जल जमाव की समस्या का मुख्य कारण प्लास्टिक कचरा ही है। 99 प्रतिशत प्लास्टिक जीवाश्म ईंधन से तैयार होता है जो जैविक रूप से कभी नष्ट नहीं होता। लोगों में यह भ्रांति है कि समस्त प्लास्टिक का पुन: उपयोग हो जाता है। देश में मात्र 12 प्रतिशत प्लास्टिक का ही पुन: उपयोग हो रहा है और 20 प्रतिशत प्लास्टिक कचरा जलाया जा रहा है जिससे पर्यावरण को क्षति पहुँच रही है। अजर-अमर दिखने वाले दानव का वध करने के लिए लोगों को इसके समाधान का हिस्सा बनना होगा। प्लास्टिक उत्पादक उद्यमों को इसके विकल्पों को तलाशने और इसके पुनर्चक्रण पर ध्यान देना होगा। आम नागरिकों को अहम् भूमिका निभानी होगी क्योंकि यदि नागरिकों को कर्त्तव्य समझ में आ जाएँ तो स्थिति में सुधार लाया जा सकता है। हम सब अपने और अपने परिजनों के लिए स्वस्थ जीवन चाहते हैं तो हमें अपनी आदतों में बदलाव लाना होगा। बदलाव कठिन हो सकता है लेकिन पर्यावरण बिगाड़ने वाली इस बिल्ली के गले में घंटी बाँधनी ही होगी।
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (i) पर्यावरण बिगाड़ने वाली 'बिल्ली के गले में घंटी बाँधने' से क्या अभिप्राय है ? [1]
    1. (A) नदियों में अपशिष्ट पदार्थों को न डालने की शुरुआत
    2. (B) कूड़े-कचरे को जलाना बंद करने की शुरुआत
    3. (C) सूखे और गीले कचरे को अलग करने की शुरुआत
    4. (D) प्लास्टिक के प्रयोग को धीरे-धीरे बंद करने की शुरुआत
  2. (ii) प्लास्टिक के विषय में लोगों में क्या भ्रांति है ? [1]
    1. (A) सफ़ेद प्लास्टिक की थैलियों में रखी खाद्य सामग्री सुरक्षित है।
    2. (B) समस्त प्लास्टिक कचरे को पुन: उपयोग योग्य बनाया जा सकता है।
    3. (C) समय के साथ प्लास्टिक स्वयं ही धीरे-धीरे नष्ट हो जाता है।
    4. (D) प्लास्टिक कचरे से पर्यावरण को कोई क्षति नहीं पहुँचती।
  3. (iii) गद्यांश के अनुसार शहरों में जल जमाव की समस्या का मुख्य कारण है : [1]
    1. (A) प्लास्टिक कचरा
    2. (B) बढ़ती आबादी
    3. (C) पारंपरिक बनावट
    4. (D) अतिक्रमण
  4. (iv) प्लास्टिक के प्रयोग ने किस नई संस्कृति को जन्म दिया है और उसके क्या दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं ? [2]
  5. (v) 'प्लास्टिक प्रदूषण पर रोकथाम आम आदमी की सहभागिता से ही लग सकता है' – कैसे ? स्पष्ट कीजिए। [2]
Previously asked in: 2026 4/2/1 Q1
Q24. [5]
उस छोटी लड़की का जीवन निराशा से भरा हुआ था । माता-पिता भी लाचार थे । वे चाहकर भी अपनी बेटी के लिए कुछ नहीं कर पाते थे । बचपन से ही वह चलने-फिरने में अक्षम थी । बैसाखी के बिना उसका एक कदम भी चलना मुश्किल था । एक शाम वह लड़की अपने घर के पास ही पार्क में चुपचाप बैठी थी । उसकी नजर पत्थर की उस मूर्ति पर पड़ी, जिसमें एक युवती दौड़ने की मुद्रा में खड़ी थी । वह मूर्ति इतनी जीवंत थी, गोया अभी दौड़ पड़ेगी । लड़की मूर्ति को देखकर सोचने लगी, क्या ऐसा नहीं हो सकता कि मैं भी उस मूर्ति की मुद्रा में दौड़ पाऊँ ? मुझे कोशिश तो करनी चाहिए । अगली सुबह वह उस प्रतिमा के पास देर तक उसी मुद्रा में टिकने की कोशिश करती, बार-बार गिरती, किंतु हरेक विफलता के साथ उसका हौसला दोगुना हो जाता । उसे घोर पीड़ा होती थी, पैर भी लहूलुहान हो जाते थे, किंतु उसने प्रयास करना नहीं छोड़ा और एक दिन वह अपने पैरों पर सीधी खड़ी हो गई । उस लड़की की अथक कोशिश में मानव जीवन के लिए एक गहरा संदेश छिपा है — हमारी सोच से ही हमारे जीवन और संस्कारों का निर्माण होता है । सोच सकारात्मक हो, उसके प्रति दृढ़ रहा जाए, तो हम दुनिया की हर तस्वीर को बदल सकते हैं । स्वामी विवेकानंद कहा करते थे, हम सभी वही होते हैं, जो हमारे विचार हमें बनाते हैं । इसलिए आप जो सोचते हैं उसके बारे में ध्यान रखना चाहिए । हमारे विचार दूर तक जाते हैं । हम अपने जीवन में हज़ारों बार असफल हो सकते हैं, लेकिन ख़ुद को कभी भी हारा हुआ नहीं समझना चाहिए । हालाँकि विफलता के बाद सोच को स्थिर रखना आसान नहीं होता । इसके लिए मस्तिष्क के अनुकूलन की जरूरत होती है । इसलिए नकारात्मक सोच से हमें सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि गिरना तो जीवन की कुदरती प्रक्रिया है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) छोटी लड़की का जीवन निराशापूर्ण क्यों था ?
    1. (a) माता-पिता की बेबसी के कारण
    2. (b) चलने-फिरने की अक्षमता के कारण
    3. (c) पैरों का इलाज ठीक से न होने के कारण
    4. (d) घर में आर्थिक अभावों के कारण
  2. (ii) छोटी लड़की के चलने का श्रेय जाता है :
    1. (a) छोटी लड़की के अथक प्रयासों को
    2. (b) छोटी लड़की की सकारात्मक सोच को
    3. (c) पार्क में दौड़ने की मुद्रा में लगी मूर्ति को
    4. (d) छोटी लड़की की सकारात्मक सोच व कोशिश को
  3. (iii) गद्यांश में प्रयुक्त 'मुद्रा' शब्द का उचित अर्थ है :
    1. (a) मुहर
    2. (b) आकृति
    3. (c) धन
    4. (d) सिक्का
  4. (iv) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : (क) हमारी सोच से ही हमारे जीवन और संस्कारों का निर्माण होता है । (ख) अपने विचारों के साथ दूसरों की सोच पर भी ध्यान दीजिए । (ग) नकारात्मक सोच से हमें सावधान रहने की जरूरत है । (घ) असफलता के बाद जीवन में आराम की जरूरत है । उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं ?
    1. (a) (क) और (ग)
    2. (b) केवल (क)
    3. (c) केवल (ख)
    4. (d) (क), (ख) और (ग)
  5. (v) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए । कथन (A) : विफलता के बाद सोच को स्थिर रखना आसान नहीं होता । कारण (R) : व्यक्ति का मनोबल टूट जाता है । मस्तिष्क को अनुकूलन की जरूरत होती है ।
    1. (a) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों ग़लत हैं ।
    2. (b) कथन (A) ग़लत है, लेकिन कारण (R) सही है ।
    3. (c) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R), कथन (A) की ग़लत व्याख्या करता है ।
    4. (d) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है ।
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q2
Q25. [5]
जलवायु परिवर्तन के दौर में गरमी का बढ़ता प्रकोप अनेक चिंताएँ उत्पन्न कर रहा है । भूमि के सभी क्षेत्र गरमी के प्रकोप से समान रूप से प्रभावित नहीं होते हैं । जहाँ अधिक हरियाली है, पेड़ हैं, वहाँ गरमी की मार अपेक्षाकृत कम है, जहाँ पूरा क्षेत्र सीमेंट-कंक्रीट के निर्माणों और सड़कों से भरा पड़ा है, वहाँ गरमी अधिक होती है । प्रायः किसी भी शहर के लिए एक ही तापमान बताया जाता है, पर वास्तव में एक ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों के तापमान में बहुत अंतर होता है । 10 डिग्री सेल्सियस या उससे भी अधिक का अंतर एक ही महानगर या बड़े शहर के भीतर देखा जा सकता है । वृद्ध और पहले से कमज़ोर स्वास्थ्य के लोगों पर चरम गरमी के दिनों में विशेष ध्यान देने की जरूरत है । गरमी के प्रकोप से उन लोगों की स्थिति और बिगड़ सकती है, जो पहले से साँस व हृदय संबंधी समस्याओं से त्रस्त हैं । पर्यावरणविदों के अनुसार, शहरों में अधिक तापमान के कुछ प्रमुख कारण इस प्रकार हैं । आधुनिक शहरों का आकार-प्रकार वायु के बहाव के हिसाब से ठीक नहीं है । गाँव में हवा रुकती नहीं है, लेकिन शहरों में ऊँची इमारतों की वजह से हवा रुकती है और बेचैनी बढ़ती है । शहर रेगिस्तान की तरह होने लगे हैं । कई जगहों पर किसी वनस्पति का नामोनिशान नहीं होता है, ऐसे इलाकों पर बारिश भी बेअसर होती है । वाष्पीकरण कम होता है और गरमी बढ़ जाती है । शहरों में मानव-जनित ऊष्मा भी बहुत बढ़ गई है । पेट्रोलियम पदार्थों के अधिकतम उपयोग से भी शहरी तापमान बढ़ रहा है । गरमी के प्रकोप को कम करने के लिए बसावट सुधारने से हरियाली बढ़ाने तक बहुत काम हैं, जो हमें करने चाहिए । स्थानीय प्रजाति के वृक्षों की संख्या बढ़ाने तथा परंपरागत जलस्रोतों की रक्षा पर ध्यान देना चाहिए ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) शहरी क्षेत्रों में अधिक तापमान का क्या कारण है ?
    1. (a) शहरों में बहुमंज़िला इमारतों का होना
    2. (b) शहरों में पक्की सड़कों का जाल होना
    3. (c) शहरों में हरियाली का असमान रूप में पाया जाना
    4. (d) शहरों में सीमेंट-कंक्रीट के निर्माण का अधिक होना
  2. (ii) शहरी क्षेत्रों में असमान तापमान का क्या कारण है ?
    1. (a) हरियाली की तुलना में सीमेंट-कंक्रीट का अधिक होना
    2. (b) हरियाली की तुलना में सीमेंट-कंक्रीट के निर्माण का अधिक होना
    3. (c) शहरों में हरियाली का असमान अनुपात
    4. (d) शहरों में हरियाली का कम होना
  3. (iii) गरमी के प्रकोप से किन लोगों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है ?
    1. (a) कमज़ोर लोगों पर
    2. (b) वृद्ध लोगों पर
    3. (c) वृद्ध व कमज़ोर स्वास्थ्य के लोगों पर
    4. (d) साँस व हृदय संबंधी समस्याओं से ग्रसित लोगों पर
  4. (iv) परंपरागत जलस्रोतों का उचित विकल्प है :
    1. (a) कुआँ, पोखर, नलकूप
    2. (b) कुआँ, हैंडपंप, पोखर
    3. (c) कुआँ, तालाब, नलकूप
    4. (d) कुआँ, तालाब, बावड़ी
  5. (v) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए । कथन (A) : गाँव में हवा रुकती नहीं है, लेकिन शहरों में हवा रुकती है । कारण (R) : आधुनिक शहरों का आकार-प्रकार वायु के बहाव के हिसाब से ठीक नहीं है ।
    1. (a) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों ग़लत हैं ।
    2. (b) कथन (A) ग़लत है, लेकिन कारण (R) सही है ।
    3. (c) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R), कथन (A) की ग़लत व्याख्या करता है ।
    4. (d) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है ।
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q1
Q26. [5]
देश के एक प्रसिद्ध आयुर्विज्ञान संस्थान के बाल रोग विभाग ने 660 बच्चों का दो साल तक गहन अध्ययन किया है । इस अध्ययन में पाँच साल तक के बच्चों को शामिल किया गया था । पता चला कि ये बच्चे एक घंटा से भी अधिक समय मोबाइल पर बिताते हैं । मोबाइल और टीवी का कुल समय पाँच घंटे निकला । यही नहीं, इनके माता-पिता भी लगभग साढ़े छह घंटे विभिन्न गैजेट्स पर बिताते हैं । इसी अध्ययन में यह भी पाया गया कि 60 प्रतिशत बच्चे सोने से पहले इन उपकरणों के इस्तेमाल के आदी हो चले हैं । यह भी एक तरह का नशा ही है, जिस पर अगर समय रहते ध्यान न दिया गया तो यह आदत आने वाली पीढ़ियों के लिए भारी मुसीबत बन सकती है । विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्पष्ट सलाह है कि दो साल तक के बच्चों के हाथों में गैजेट्स या इलैक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं देने चाहिए । यहाँ तक कि पाँच साल की उम्र में भी इनका 'स्क्रीन टाइम' एक घंटे से अधिक नहीं होना चाहिए । लेकिन संपन्न होते घरों में यह देखने को मिलता है कि इसे वे अपनी हैसियत से जोड़ने लगे हैं । ऐसा करते हुए वे भूल जाते हैं कि वे अपने बच्चों का आज ही नहीं, भविष्य भी बिगाड़ रहे हैं ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) निम्नलिखित में से किस कथन को गद्यांश की सीख के आधार के रूप में कहा जा सकता है ? [1]
    1. (a) इलैक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रयोग नहीं करना चाहिए ।
    2. (b) इलैक्ट्रॉनिक उपकरणों का सीमित उपयोग करना चाहिए ।
    3. (c) इलैक्ट्रॉनिक उपकरणों को हैसियत से नहीं जोड़ना चाहिए ।
    4. (d) इलैक्ट्रॉनिक उपकरणों का आदी नहीं होना चाहिए ।
  2. (ii) माता-पिता की कौन-सी प्रवृत्ति उनके बच्चों के लिए अनुचित है ? [1]
    1. (a) उनका बहुत अधिक साधन-संपन्न होना ।
    2. (b) उनका बहुत अधिक शिक्षा संपन्न होना ।
    3. (c) गैजेट्स को अपनी हैसियत से जोड़ना ।
    4. (d) हैसियत के अनुरूप गैजेट्स न खरीदना ।
  3. (iii) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : (क) सोने से पूर्व गैजेट्स के उपयोग से अच्छी नींद आती है । (ख) आजकल के अभिभावक गैजेट्स को अपनी हैसियत का आधार मानते हैं । (ग) वर्तमान में गैजेट्स का उपयोग एक नशे के समान हो गया है । (घ) गैजेट्स का अनियंत्रित इस्तेमाल बच्चों के भविष्य के लिए हानिकारक है । उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन गद्यांश के आधार पर सही हैं ? [1]
    1. (a) (क) और (घ)
    2. (b) (ख) और (ग)
    3. (c) (क), (ख) और (ग)
    4. (d) (ख), (ग) और (घ)
  4. (iv) गद्यांश के आधार पर छोटे बच्चों के हाथों में इलैक्ट्रॉनिक उपकरण दिए जाने का कारण है : [1]
    1. (a) बच्चों की जिद
    2. (b) समय की माँग
    3. (c) संपन्नता का दिखावा
    4. (d) बच्चों के लिए समय का अभाव
  5. (v) 'स्क्रीन टाइम' से क्या आशय है ? [1]
    1. (a) सिर्फ मोबाइल पर बिताया गया समय
    2. (b) सिर्फ टीवी पर बिताया गया समय
    3. (c) सिर्फ लैपटॉप पर बिताया गया समय
    4. (d) उपर्युक्त तीनों पर बिताया गया समय
Previously asked in: 2023 4/2/1 Q2
Q27. [5]
पृथ्वी पर लगातार ख़तरे मँडराते रहते हैं । हर साल हज़ारों की संख्या में उल्का पिंड पृथ्वी की ओर आते हैं । और इनसे कभी-कभी वैज्ञानिकों को भी ख़तरा महसूस होने लगता है । उल्का से पैदा ख़तरे से निबटने के लिए वैज्ञानिक तरीके भी खोजते रहे हैं । नासा की सोच रही है कि क्या परमाणु हथियारों के दम पर किसी ख़तरनाक उल्का पिंड को पृथ्वी से टकराने से पहले ही नष्ट किया जा सकता है ? क्या उल्का पिंड की दिशा को रॉकेट बूस्टर इत्यादि से मोड़ा जा सकता है ? अभी इन दोनों ही उपायों पर ज्यादा काम नहीं हुआ है । लेकिन वैज्ञानिकों को यह भी लगता है कि कभी कोई ज्यादा ही ख़तरनाक उल्का पिंड पृथ्वी से टकराया तो क्या होगा ? पृथ्वी के इंसान अगर ख़त्म हो गए तो क्या होगा ? एक समाधान एक अमेरिकी उद्यमी की ओर से आया है, जो काफी रोचक है । बेन हल्डमैन नामक उद्यमी 'लाइफशिप' नामक एक स्टार्टअप के संस्थापक हैं, जिनका सिर्फ एक ही अभियान है — मानव बीज बैंक बनाना । दूसरे शब्दों में कहें तो इस बैंक में मानव डीएनए को संरक्षित किया जाएगा । यह बैंक चाँद पर स्थापित होगा । अगर इस धरती पर इंसान ख़त्म हो गए, तो मानव सभ्यता को फिर शुरू करने में यह बैंक सहायक होगा ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) मानव बीज बैंक में किसे संरक्षित किए जाने की योजना है ? [1]
    1. (a) मानव डीएनए को
    2. (b) मानव कोशिका को
    3. (c) मानव रक्त को
    4. (d) मानव सभ्यता को
  2. (ii) बेन हल्डमैन की भविष्य में इंसानों को बचाने के क्षेत्र में किए जाने वाले प्रयास को क्या कहा जा सकता है ? [1]
    1. (a) रोचक और विचारणीय
    2. (b) अरोचक और विचारणीय
    3. (c) रोचक और अविचारणीय
    4. (d) अरोचक और अविचारणीय
  3. (iii) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए । कथन (A): प्रत्येक वर्ष हज़ारों की संख्या में पृथ्वी की ओर आते उल्का पिंडों को वैज्ञानिक ख़तरा मानते हैं । कारण (R): पृथ्वी की ओर आने वाले उल्का पिंडों को परमाण्विक हथियारों से सफलतापूर्वक पूरी तरह नष्ट किया जा सकता है । [1]
    1. (a) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों ग़लत हैं ।
    2. (b) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) ग़लत है ।
    3. (c) कथन (A) ग़लत है, लेकिन कारण (R) सही है ।
    4. (d) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है ।
  4. (iv) मानव बीज बैंक को कहाँ स्थापित किए जाने की योजना है ? [1]
    1. (a) नासा में
    2. (b) पृथ्वी पर
    3. (c) मंगल पर
    4. (d) चाँद पर
  5. (v) गद्यांश के आधार पर वैज्ञानिकों के चिंतन का कारण इनमें से क्या नहीं है ? [1]
    1. (a) उल्का पिंड का पृथ्वी से टकराना
    2. (b) पृथ्वी के इंसान विहीन हो जाने की स्थिति
    3. (c) उल्का पिंड को पृथ्वी से टकराने से पहले नष्ट करना
    4. (d) परमाणु हथियार के प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभाव रोकना
Previously asked in: 2023 4/2/1 Q1
Q28. [5]
भारतीय संस्कृति में नदियों, जलाशयों, झीलों, तालाबों एवं कुओं का बहुत महत्त्व है । भारतीय समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक पक्षों से नदियाँ और दूसरे जलस्रोत काफी गहरे से जुड़े हैं । जीवन के अधिकांश पक्ष जलाशयों के किनारे ही पूरे होते हैं । तालाबों ने हमारे सामाजिक जीवन को बहुत अधिक प्रभावित किया है । तालाब अपने जीवन के लिए मानसून एवं प्रकृति पर निर्भर रहते हैं । पहले समाज अपने अस्तित्व के लिए तालाबों पर निर्भर रहता था । तब उसे प्राकृतिक आपदा के समय पीने के पानी की समस्या से कम जूझना पड़ता था क्योंकि तालाबों में पानी का पर्याप्त भण्डार रहता था । उससे ग्रामीण पेयजल और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध रहता था । पहले हमारा समाज प्रकृति के रहस्यों और उसकी शक्तियों के इर्द-गिर्द घूमता था । पानी, वायु, धूप को वह दैवी कृपा मानकर उसकी पूजा करता था । इसका अभिप्राय यह था कि वह मानव जीवन के लिए उपयोगी प्राकृतिक चीज़ों में भगवान को देखता था इसलिए वह उसे गंदा करने या जरूरत से अधिक इस्तेमाल करने का विरोधी था । तालाब निर्माण से लेकर उसकी रक्षा में लोक अपनी जिम्मेदारी समझता था । नल, ट्यूबवेल आदि के आने से पानी के परंपरागत स्रोतों की उपेक्षा हुई । लोग वर्षा जल संग्रह का पुराना तरीका भूलते गए जिससे नए-नए तरह के खतरे हमारे सामने आने लगे । अब सरकारी और ग़ैर-सरकारी स्तर पर फिर से तालाबों के महत्त्व को समझकर उसके लिए काम शुरू हुआ है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इस पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) तालाब अपने अस्तित्व के लिए निर्भर करते हैं : [1]
    1. (A) भूगर्भ में स्थित जल पर
    2. (B) मानवीय कृपा-दृष्टि पर
    3. (C) मानसून और प्रकृति पर
    4. (D) नदियों और जलकूपों पर
  2. (ii) निम्नलिखित में जल का प्राकृतिक स्रोत नहीं है : [1]
    1. (A) नदी
    2. (B) झरने
    3. (C) तालाब
    4. (D) झील
  3. (iii) हमारे समाज द्वारा प्रकृति को दैवी शक्ति के रूप में पूजने का क्या कारण है ? [1]
    1. (A) प्राकृतिक शक्तियों से भयभीत रहना
    2. (B) प्रकृति के रहस्यों को न समझ पाना
    3. (C) प्रकृति के कण-कण में ईश्वर का वास मानना
    4. (D) मानवोपयोगी वस्तुओं को ईश्वर का प्रतिरूप मानना
  4. (iv) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर लिखिए : कथन : भारतीय लोक मानस में तालाब एक स्थूल वस्तु न होकर जीवन का अविभाज्य अंग है । कारण : तालाबों और जलाशयों के देखरेख का काम पूरा समाज करता था । [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं ।
    2. (B) कारण ग़लत है, लेकिन कथन सही है ।
    3. (C) कथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है ।
    4. (D) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
  5. (v) जल के परंपरागत स्रोतों की उपेक्षा का कारण है : [1]
    1. (A) इनका समाप्त हो जाना
    2. (B) अशुद्ध जल का होना
    3. (C) आधुनिक स्रोतों का होना
    4. (D) वर्तमान जीवन-शैली
Previously asked in: 2024 4/5/1 Q2
Q29. [5]
संबंधों के मामले में सलाह देने वाले पेशेवरों का भी यह मानना रहा है कि कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं, जिनको आप जरा-से यत्न से रखें और समुचित मान-सम्मान दें तो हमारी खुशी का कारण बन सकते हैं । अपने निकट के रिश्तों या आत्मीय रिश्तों में सहयोग और सम्मान का भाव संबंधों को न सिर्फ प्रगाढ़ बनाता है, बल्कि दुख-सुख में एक सुंदर सहयोग का तंत्र भी बन सकता है । इनका साथ मन को आंतरिक संतोष और शांति भी देता है । इसलिए समय-समय पर किसी त्योहार के बहाने या जन्मदिन के समारोह के बहाने इनसे मेलजोल बनाए रखना चाहिए और आने वाले रिश्तेदारों को समुचित सम्मान देना चाहिए । जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में परिवार, रिश्तेदार ही तो हमारी सबसे बड़ी ताकत होते हैं जो परेशानियों में हमारी हिम्मत बढ़ाते हैं । मुसीबतों में हमारा समर्थन करते हैं और खुशियों को सौ गुना बढ़ा देते हैं । अकेले रहने वाला इंसान हमेशा चिंताग्रस्त रहता है । उसके पास अपनी समस्याओं को साझा करने के लिए, उन्हें सँभालने के लिए कोई अपना नहीं होता । रिश्तेदारों के बीच रहकर ही व्यक्ति आपसी प्रेम के महत्त्व को, अपनी जिम्मेदारी को समझता है और मुसीबत में पड़े दूसरे लोगों की मदद करता है । इसलिए छोटी-छोटी बातों में रिश्तेदारों की अनदेखी करना, उनसे किनारा करना उचित नहीं है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इसके आधार पर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) खुशी पाई जा सकती है यदि : [1]
    1. (A) रिश्तों के मामले में पेशेवरों की सलाह मानें
    2. (B) रिश्तों को प्रेमपूर्वक समुचित मान-सम्मान से बनाए रखें
    3. (C) जो रिश्ते बोझ हैं उन्हें भी समझाकर अपने मन के अनुसार ढालें
    4. (D) दोस्तों के साथ अधिक-से-अधिक समय बिताएँ
  2. (ii) संबंधों में परस्पर सहयोग और सम्मान का भाव किस कार्य की पूर्ति करता है ? I. रिश्तों को घनिष्ठ बनाता है II. बेहतरीन सहयोग का तंत्र बनता है III. अड़ोस-पड़ोस भी आपकी मदद करता है IV. ज्यादा लोग आपका ध्यान रखते हैं [1]
    1. (A) I, IV
    2. (B) II, III
    3. (C) III, IV
    4. (D) I, II
  3. (iii) निम्नलिखित कथन तथा कारण को पढ़कर, सही विकल्प चुनकर लिखिए : कथन : समय-समय पर अपने सगे-संबंधियों से त्योहार, जन्मदिन या अन्य समारोह के बहाने मिलते रहना चाहिए । कारण : ये मिलन मन को संतोष और शांति देते हैं । [1]
    1. (A) कथन ग़लत है, लेकिन कारण सही है ।
    2. (B) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं ।
    3. (C) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
    4. (D) कथन सही है, लेकिन कारण उसकी ग़लत व्याख्या करता है ।
  4. (iv) जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में संबंधी हमारी सबसे बड़ी ताकत क्यों हैं ? [1]
    1. (A) संकटों में समर्थन और सहयोग के लिए
    2. (B) समाज में अपनी ताकत दिखाने के लिए
    3. (C) अपनी जिम्मेदारियों को आसानी से समझने के लिए
    4. (D) सुख-दुख में सच्चे हृदय से साथ देने के लिए
  5. (v) निम्नलिखित कथनों में गद्यांश के विचारों से कौन-सा/से विचार मेल खाते हैं ? उचित विकल्प का चयन करके लिखिए : I. आत्मीय रिश्तेदार सुख-दुख के सच्चे साथी होते हैं । II. अकेला व्यक्ति जीवन में सफलता प्राप्त नहीं कर सकता । III. रिश्तेदारों से त्योहारों के अवसर पर ही मिलना चाहिए । IV. रिश्तेदार सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वाह करना सिखाते हैं । [1]
    1. (A) केवल I
    2. (B) I और III
    3. (C) II और IV
    4. (D) I और IV
Previously asked in: 2024 4/5/1 Q1
Q30. [5]
अठारह साल के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानंदा इन दिनों छाए हुए हैं । पाँच बार विश्व चैंपियन रहे मैग्नस कार्लसन के साथ शतरंज वर्ल्ड कप का अंतिम मुकाबला भले ही वह नहीं जीत पाए । पर, कम उम्र में ही सफलता और उम्मीदों का भारी ताज वह पहन चुके हैं । उनकी सादगी, शालीनता पसंद की जा रही है । अच्छी बात है कि वे हार-जीत दोनों में सहज दिखते हैं । बीते साल एक ऑनलाइन शतरंज टूर्नामेंट में कार्लसन को हराने के बाद प्रज्ञान ने कमाल बात कही । उन्होंने कहा, 'यह केवल एक जीत है, कोई अंतिम नहीं । आगे कई चुनौतियाँ हैं । बहुत कुछ करना है । यही हार के साथ होता है । किसी एक हार से सब खत्म नहीं हो जाता ।' अब सवाल यह है क्या अपनी सफलता की खुशी मनाना ग़लत है ? माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स कहते हैं, 'सफलता की खुशी मनाने में हर्ज नहीं है । पर ज्यादा जरूरी है कि हम असफलताओं के सबक पर भी ध्यान देते रहें ।' सफलता के साथ बहुत कुछ बदलता है । कभी हम बदल जाते हैं तो कभी दूसरे । कितनी ही बार तो हमें अपने से आगे दिखना ही बंद हो जाता है । इस कारण कभी हम अतिआत्मविश्वास के शिकार होकर जरूरी मेहनत नहीं करते, तो कभी दूसरों से हमारे रिश्ते खराब हो जाते हैं । ऐसे में सबसे पहले अपने घमंड और आक्रामक होने की इच्छा को काबू करना जरूरी हो जाता है । कितनी ही प्रतिभाएँ एक-दो बड़ी जीत की चमक-धमक में ही अटक कर रह जाती हैं । या समझ नहीं आता कि आगे क्या ? ऐसे में सहजता ही हमारी उपलब्धियों के कद को बढ़ाती है । हम विनम्र रहें, सफलता की चाह हो और मेहनत करने में आगे रहें । ध्यान प्रक्रिया पर हो । हम नतीजा भले ही हार जाएँ, पर हमारा उत्साह हमेशा बना रहे ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इस पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) प्रज्ञानंदा की प्रसिद्धि का कारण है : [1]
    1. (A) कम उम्र में शतरंज के क्षेत्र में नाम कमाना
    2. (B) उनकी सादगी, सरलता और शालीनता
    3. (C) हार-जीत को समान भाव से स्वीकारना
    4. (D) जीवन को चुनौती के रूप में स्वीकारना
  2. (ii) 'किसी एक हार से सब खत्म नहीं हो जाता' — पंक्ति का आशय है : [1]
    1. (A) जीत-हार जीवन के दिन और रात हैं ।
    2. (B) असफल होने से जीवन समाप्त नहीं होता ।
    3. (C) हार के बाद जीत अवश्य आती है ।
    4. (D) लक्ष्य प्राप्ति के लिए संघर्ष करना चाहिए ।
  3. (iii) बिल गेट्स के अनुसार सफलता की खुशी मनाने से अधिक आवश्यक है : [1]
    1. (A) असफलताओं की चुनौतियों को स्वीकारना
    2. (B) असफलताओं के कारणों पर ध्यान देना
    3. (C) नए लक्ष्य के लिए संघर्ष करना
    4. (D) असफलताओं से शिक्षा ग्रहण करना
  4. (iv) सफलता प्राप्ति के बाद किसे अपने नियंत्रण में रखना आवश्यक है ? [1]
    1. (A) दूसरों के प्रति अपने व्यवहार को
    2. (B) अहंकार और आक्रोश की इच्छा को
    3. (C) आत्मविश्वास और जीत की खुशी को
    4. (D) अपने प्रति दूसरों के व्यवहार को
  5. (v) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए । कथन : सफलता के मद में हमें अपने से आगे दिखना ही बंद हो जाता है । कारण : हम अति आत्मविश्वास के शिकार होकर जरूरी मेहनत नहीं करते । [1]
    1. (A) कथन तथा कारण दोनों ग़लत हैं ।
    2. (B) कथन ग़लत है लेकिन कारण सही है ।
    3. (C) कथन सही है लेकिन कारण उसकी ग़लत व्याख्या करता है ।
    4. (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
Previously asked in: 2024 4/4/1 Q2
Q31. [5]
आज के दौर में जिसे देखो, वही दुखी, परेशान, हताश और उदास नज़र आता है । तमाम तरह की चिंताओं ने लोगों को घेर रखा है । कोई अपनी सेहत को लेकर परेशान रहता है, तो कोई काम-धंधे की मंदी या वेतन में कटौती से दुखी है । किसी को भविष्य की चिंता सता रही है तो कोई अपने मान-सम्मान के बारे में सोच कर मायूस महसूस कर रहा है । ज़ाहिर है, ऐसे में हर कोई खुशी के पीछे भाग रहा है । कई लोग सोचते हैं कि अमीर उद्योगपति या मोटा वेतन पाने वाले पेशेवर लोग खुश रहते हैं और ग़रीबी या आर्थिक विपन्नता ही खुशी से वंचित रहने की एकमात्र वजह है । लेकिन अगर धन से खुशी आती तो दुनिया में कई धनी लोग कुंठा और हताशा में जीवन नहीं जीते । खुशी पैसा नहीं, संतुष्टि का भाव है । यह पैसे से नहीं, हमारे प्रयासों से आती है और सबसे बड़ी बात है कि खुशी के पीछे भागने से खुशी नहीं मिलती । खुशी हमारे बिल्कुल आसपास होती है, जिसे हमें पहचानना और ग्रहण करना होता है । ज्यादातर लोग खुशी हमेशा बाहर खोजते हैं, जबकि यह उसी परिवार में उपलब्ध होती है, जिसका हम अहम हिस्सा होते हैं । मुश्किल यह है कि आजकल परिवार की परिभाषा सिकुड़ गई है । हम सिर्फ पति-पत्नी और अपने बच्चों को ही परिवार मानने लगे हैं जबकि भाई-बहन, देवर-देवरानी, जेठ-जेठानी, सास-ससुर, चाचा-मामा आदि सभी इस परिवार के सदस्य होते हैं । जब हम अपने परिवार के सदस्यों की खुशी में सच्चे मन से सम्मिलित होने लगते हैं और उनकी खुशी के लिए सक्रिय रहते हैं, तो खुशी स्वयं हमारे पास आती है । जब हम इस मानसिकता से व्यवहार करते हैं, तो परिवार के दूसरे सदस्य भी हमारे लिए ऐसा ही करते हैं । फिर खुशी न मिलने का कोई कारण नहीं हो सकता । इसलिए हम भले ही एक चारदीवारी में न रह कर अलग रहते हों, अलग खाना बनाते हैं, लेकिन मन से हम अपने संपूर्ण परिवार से जुड़े रह सकते हैं ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इसके आधार पर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) आजकल लोगों की चिंता के कारण हैं : [1]
    1. (A) अस्वस्थ होना, वेतन कटौती, व्यावसायिक मंदी
    2. (B) आर्थिक मंदी, अस्वस्थ होना, हताशा
    3. (C) उदासी, वेतन कटौती, व्यावसायिक मंदी
    4. (D) निराशा, आर्थिक मंदी, अस्वस्थ होना
  2. (ii) खुश रहने के लिए आवश्यक है : [1]
    1. (A) आर्थिक संपन्नता
    2. (B) प्रतिष्ठित होना
    3. (C) उद्योगपति होना
    4. (D) संतोषी होना
  3. (iii) प्रत्येक व्यक्ति खुशी के पीछे क्यों भाग रहा है ? [1]
    1. (A) आर्थिक विपन्नता के कारण
    2. (B) विभिन्न चिंताओं से घिरे होने के कारण
    3. (C) 'खुशी' से स्वस्थ रह पाएँगे, ऐसी सोच के कारण
    4. (D) 'खुशी' से पैसा आएगा, ऐसी सोच के कारण
  4. (iv) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर लिखिए : कथन : हमें अपने परिवार की खुशियों में सच्चे मन से और सक्रियता से उपस्थित रहना चाहिए । कारण : यही प्रसन्न रहने का एकमात्र साधन है । [1]
    1. (A) कथन तथा कारण दोनों ग़लत हैं ।
    2. (B) कथन ग़लत है, लेकिन कारण सही है ।
    3. (C) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
    4. (D) कथन सही है, लेकिन कारण उसकी ग़लत व्याख्या करता है ।
  5. (v) निम्नलिखित में से कौन-सा/से वाक्य गद्यांश से मेल खाते हैं ? I. संपूर्ण परिवार से जुड़कर खुशी पाई जा सकती है । II. दादा-दादी, चाचा-चाची, बुआ आदि को मिलाकर परिवार मानना चाहिए । III. दुनिया में सभी धनी कुंठाग्रस्त और हताश नहीं हैं । IV. तथाकथित खुशी को धन से नहीं खरीदा जा सकता । [1]
    1. (A) केवल I
    2. (B) II और III
    3. (C) केवल IV
    4. (D) I, II, IV
Previously asked in: 2024 4/4/1 Q1
Q32. [7]
विटामिन–डी एक ऐसा पोषक तत्त्व है, जिसे अकसर 'सनशाइन विटामिन' भी कहा जाता है, क्योंकि यह प्राकृतिक रूप से सूर्य की रोशनी से प्राप्त होता है । हमारे शरीर में यह विटामिन हड्डियों को मज़बूत बनाने, कैल्सियम और फॉस्फोरस के संतुलन को बनाए रखने तथा प्रतिरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है । हाल के वर्षों में दुनिया-भर में विटामिन–डी की कमी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या के रूप में उभर कर सामने आई है । आधुनिक जीवन–शैली, प्रदूषण और दफ़्तर तथा घर के भीतर लगातार रहने के कारण बहुत से लोगों में इस विटामिन की कमी हो रही है । यह कमी न केवल शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालती है, बल्कि मानसिक और सामाजिक स्तर पर भी इसके दूरगामी प्रभाव देखने को मिलते हैं । सूर्य की किरणें हमारे स्वास्थ्य के लिए एक अनमोल उपहार है, लेकिन आज के समय में लोग कम्प्यूटर, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ इतने व्यस्त हो गए हैं कि वे बाहरी वातावरण में निकलने का समय ही नहीं निकाल पाते । परिणामस्वरूप उन्हें सूर्य की किरणों का लाभ नहीं मिल पाता । हमारे शरीर को आवश्यक मात्रा में यह विटामिन प्राप्त करने के लिए सूर्य की रोशनी के साथ–साथ संतुलित आहार भी उतना ही अहम् है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (i) गद्यांश के अनुसार आधुनिक जीवन–शैली का कौन सा दुष्प्रभाव स्वास्थ्य पर प्रमुख रूप से दिखाई दे रहा है ? [1]
    1. (A) शरीर में विटामिन डी की कमी
    2. (B) मानसिक तनाव में वृद्धि
    3. (C) शरीर के पाचन तंत्र पर प्रभाव
    4. (D) शारीरिक विकास पर दुष्प्रभाव
  2. (ii) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए : कथन : विटामिन–डी को 'सनशाइन विटामिन' भी कहा जाता है । कारण : यह प्राकृतिक रूप से सूर्य की रोशनी से प्राप्त होता है । [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
    2. (B) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है ।
    3. (C) कथन गलत है, किन्तु कारण सही है ।
    4. (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या है ।
  3. (iii) निम्नलिखित में से मानव शरीर में विटामिन–डी की कोई भूमिका नहीं होती ? [1]
    1. (A) हड्डियों को मज़बूत करना
    2. (B) प्रदूषक तत्त्वों का अवशोषण
    3. (C) कैल्सियम-फॉस्फोरस का संतुलन
    4. (D) प्रतिरक्षा प्रणाली की सुदृढ़ता
  4. (iv) विटामिन–डी किन-किन स्रोतों से प्राप्त किया जा सकता है ? [2]
  5. (v) विटामिन–डी की कमी के प्रमुख कारण लिखिए । [2]
Previously asked in: 2026 4/5/1 Q2
Q33. [7]
कृत्रिम वर्षा या क्लाउड सीडिंग आधुनिक विज्ञान की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है जिसके माध्यम से बादलों से इच्छानुसार वर्षा कराई जा सकती है । इस तकनीक में सिल्वर आयोडाइड या ठोस आइस जैसे रसायनों को बादलों के बहाव के साथ फैला दिया जाता है । जहाँ बारिश करानी होती है वहाँ पर हवा की विपरीत दिशा में इसका छिड़काव किया जाता है । ये रसायन बादलों में मौजूद जलवाष्प के कणों को संघनित (और घना) करने में सहायता करते हैं, जिससे बूँदें बनती हैं और वर्षा होती है । यह प्रक्रिया विशेष रूप से सुसज्जित विमानों या ज़मीन से दागे जाने वाले रॉकेटों के माध्यम से संपन्न की जाती है । कृत्रिम वर्षा की आवश्यकता मुख्यतः उन क्षेत्रों में होती है जहाँ सूखा पड़ता है, जल संकट होता है या कृषि के लिए पर्याप्त वर्षा नहीं होती । संयुक्त अरब अमीरात, चीन, भारत और अमेरिका जैसे देश इस तकनीक का सफलतापूर्वक उपयोग कर रहे हैं । यह तकनीक वायु प्रदूषण को कम करने, जंगल की आग बुझाने और बाँधों में जलस्तर बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध हुई है । कहाँ और किस बादल पर इसे छिड़कने से बारिश की संभावना ज़्यादा होगी, इसका निर्णय मौसम वैज्ञानिक करते हैं । इसके लिए मौसम के आँकड़ों का सहारा लिया जाता है । कृत्रिम वर्षा के कुछ दुष्प्रभाव भी हैं । अत्यधिक रसायनों के प्रयोग से पर्यावरण प्रदूषित हो सकता है और मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है । इसके अतिरिक्त यह तकनीक अत्यंत महँगी और इसकी सफलता की दर 10 से 30 प्रतिशत तक होती है । कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि यह प्राकृतिक जल चक्र को भी बाधित कर सकती है । फिर भी, जलवायु परिवर्तन के इस युग में कृत्रिम वर्षा जल संकट के समाधान का एक महत्त्वपूर्ण विकल्प बनती जा रही है । आवश्यकता इसके समझदारपूर्ण उपयोग की है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (i) कृत्रिम वर्षा में प्रयुक्त रसायनों का मुख्य कार्य क्या है ? [1]
    1. (A) बादलों को एकत्रित करना
    2. (B) जलवाष्प के कणों को घना करना
    3. (C) हवा की गति को नियंत्रित करना
    4. (D) तापमान को नियंत्रित करना
  2. (ii) कृत्रिम वर्षा के दुष्प्रभावों के विषय में निम्नलिखित में से कौन से / सा कथन सही हैं / है ? (1) इससे पर्यावरण प्रदूषित हो सकता है । (2) मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ जाती है । (3) जलवायु परिवर्तन को प्रभावित करती है । [1]
    1. (A) केवल (1) सही है ।
    2. (B) केवल (3) सही है ।
    3. (C) (2) और (3) सही हैं ।
    4. (D) (1) और (3) सही हैं ।
  3. (iii) कृत्रिम वर्षा का नकारात्मक पहलू क्या है ? [1]
    1. (A) इसके लिए अधिक ऊर्जा चाहिए ।
    2. (B) इसके लिए संसाधन चाहिए ।
    3. (C) यह प्राकृतिक जल चक्र को प्रभावित कर सकती है ।
    4. (D) इसके लिए तकनीक की आवश्यकता होती है ।
  4. (iv) कृत्रिम वर्षा की आवश्यकता किन परिस्थितियों में होती है ? [2]
  5. (v) जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में कृत्रिम वर्षा का क्या महत्त्व है ? [2]
Previously asked in: 2026 4/5/1 Q1
Q34. [7]
फ्रैंकलिन का प्रसिद्ध कथन है – 'वक्त को बरबाद न करो क्योंकि जीवन इसी से बना है ।' समय ही जीवन है । जो अवसरों और संभावनाओं से भरा हुआ है । जो बुद्धिमानी से इसका उपयोग करते हैं, वे सफलता की नींव रखते हैं, जबकि समय को व्यर्थ करने वाले अधूरे कार्यों और अपूर्ण लक्ष्यों के साथ रह जाते हैं । शास्त्रों में कहा गया है, 'एक-एक पैसे को जोड़कर कोई धनी बनता है, और एक-एक क्षण का उपयोग करके कोई विद्वान ।' समय वास्तव में सीमित संसाधन है । जब हम किसी एक चीज के लिए 'हाँ' कहते हैं, तो किसी दूसरी चीज के लिए 'ना' कह रहे होते हैं । प्राचीन ज्ञान भी यही सिखाता है । अवसर को समय रहते पहचानो और उसका सदुपयोग करो । मानव जीवन एक दुर्लभ उपहार है । यही जीवन हमें विवेक देता है, जो लाभकारी और सुखद के बीच अंतर करने में सक्षम बनाता है । इसलिए हर क्षण का विवेकपूर्ण उपयोग आवश्यक है । जैसे विद्यार्थी परीक्षा के आने के ठीक पहले समय को अच्छी तरह समझकर पूरी निष्ठा से पढ़ाई करते हैं, वैसे ही हमें भी जीवन के हर क्षण को उद्देश्यपूर्ण बनाना चाहिए । हम अकसर कहते हैं, 'काश मेरे पास और समय होता ।' यह सोच हमें थकान और असंतोष की ओर ले जाती है । साथ ही, हम एक तरह की नकारात्मकता से घिर जाते हैं । सच यह है कि हम सबको समान 24 घंटे मिलते हैं । फ़र्क सिर्फ इस बात से पड़ता है कि हम उनका उपयोग कैसे करते हैं । विद्वानों ने सिखाया कि सफलता उन्हीं को मिलती है, जो अपने समय को केवल सबसे महत्त्वपूर्ण कार्यों में निवेश करते हैं । प्रकृति हमें हर दिन समय का समान उपहार देती है । समय की कद्र कीजिए, घड़ी की सूइयों की फुसफुसाहट को सुनिए और उसके संकेतों को समझिए । जो लोग हर क्षण को सार्थक बनाते हैं, वे ही जीवन में संतोष और सफलता का सच्चा संतुलन पाते हैं ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (i) निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प चुनिए : कथन : समय के सदुपयोग का सफलता से गहरा नाता है । कारण : सफलता उन्हीं को मिलती है, जो अपने समय को सबसे महत्त्वपूर्ण कार्यों में निवेश करते हैं । [1]
    1. (A) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है ।
    2. (B) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
    3. (C) कथन गलत है और कारण सही है ।
    4. (D) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
  2. (ii) गद्यांश के आधार पर लिखिए कि जो व्यक्ति समय का सदुपयोग करते हैं, उनका जीवन कैसा होता है ? (I) सफल (II) व्यस्त (III) सार्थक (IV) अनियमित [1]
    1. (A) केवल विकल्प (I) सही है ।
    2. (B) (II) और (III) सही हैं ।
    3. (C) (I), (II) और (III) सही हैं ।
    4. (D) (I) और (III) सही हैं ।
  3. (iii) 'काश मेरे पास और समय होता ।' ऐसी सोच किस प्रकार के व्यक्तियों की होती है ? [1]
    1. (A) अकर्मण्य और आलसी लोगों की
    2. (B) भाग्यवादी लोगों की
    3. (C) समय की कद्र करने वालों की
    4. (D) परिश्रमी लोगों की
  4. (iv) समय को व्यर्थ गँवाने के क्या परिणाम होते हैं ? [2]
  5. (v) हर क्षण का विवेकपूर्ण उपयोग क्यों आवश्यक है ? [2]
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q2
Q35. [7]
विश्व में जल-संकट बड़ी समस्या बन चुकी है । इससे हर साल करोड़ों लोग प्रभावित होते हैं । गर्मियों में यह संकट और बढ़ जाता है । गाँवों से महानगरों तक पानी के लिए त्राहि-त्राहि मचने लगती है । यह संकट न केवल ग्रामीण और शहरी आबादी के लिए गंभीर चुनौती है बल्कि कृषि पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ रहा है । लगातार गिरता भू-जल स्तर, जल संसाधनों की बर्बादी, बढ़ती जनसंख्या और जलवायु परिवर्तन इस संकट को और विकराल बना रहे हैं । अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है । जल-संकट गहराने के कई कारण हैं । हमें पता है कि पानी सीमित है, फिर भी उसे बूँद-बूँद बचाने के बजाए हम उसे व्यर्थ बहा रहे हैं । विश्व की तेजी से बढ़ती आबादी के कारण पानी की माँग बढ़ती जा रही है लेकिन जल संसाधनों का उतनी ही अधिक तेजी से क्षय हो रहा है । कृषि, उद्योग और घरेलू उपयोग के लिए भू-जल का अत्यधिक दोहन किया जा रहा है, जिससे भू-जल का स्तर गिरता जा रहा है । नदियों, झीलों और भू-जल में औद्योगिक कचरे, रसायनों और प्लास्टिक के बढ़ते स्तर के कारण पीने योग्य पानी की लगातार कमी आ रही है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (i) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यान से पढ़िए और उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : कथन : भूमिगत जल के प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ा है । कारण : जल के विविध स्रोतों को संरक्षित एवं सुरक्षित रखने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं । [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
    2. (B) कथन सही है, किंतु कारण गलत है ।
    3. (C) कथन गलत है, किंतु कारण सही है ।
    4. (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
  2. (ii) विश्व में पानी की माँग दिनोंदिन क्यों बढ़ रही है [1]
    1. (A) जलवायु परिवर्तन के कारण
    2. (B) भू-जल के गिरते स्तर के कारण
    3. (C) कृषि योग्य भूमि के विस्तार के कारण
    4. (D) बढ़ती हुई आबादी के कारण
  3. (iii) जल-संकट गहराने के प्रमुख कारण नहीं हैं । [1]
    1. (A) लगातार गिरता भू-जल स्तर
    2. (B) लगातार बढ़ती जनसंख्या
    3. (C) जल स्रोतों का सुनियोजित उपयोग
    4. (D) जल संरक्षण के अनुपयुक्त उपाय
  4. (iv) 'पानी को बूँद-बूँद बचाने के बजाए हम उसे व्यर्थ कर रहे हैं ।' कथन – का आशय स्पष्ट कीजिए । [2]
  5. (v) पेय जल की उपलब्धता में निरंतर गिरावट क्यों आ रही है ? [2]
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q1
CBSE Class X
Hindi
Answer Key
From previous CBSE Board Exam questions
Code: ZP77OVQuestions: 35Maximum Marks: 211Generated: 2026-06-15 13:05
Q1. [5]
शोर से होने वाली बहरेपन की बीमारी एक गंभीर स्वास्थ्यगत समस्या है । तेज आवाज हमारी श्रवण कोशिकाओं पर बहुत दबाव डालती है, जिससे वे स्थायी रूप से चोटिल हो सकती हैं । यदि सुनने की क्षमता एकबार चली गई तो उसे पुनः पाना नामुमकिन है । विश्व स्वास्थ्य संगठन की 'वर्ल्ड हीयरिंग रिपोर्ट' के मुताबिक विश्व की 1.5 अरब आबादी बहरेपन के साथ जी रही है । ध्वनि प्रदूषण दरअसल ऐसे अवांछित विद्युत चुंबकीय संकेत है, जो इंसान को कई रूपों में नुकसान पहुँचाते हैं । इसीलिए, शोर-प्रेरित बहरेपन पर फौरन ध्यान देने की जरूरत है । वैश्विक अध्ययन बताते हैं कि निर्माण कार्य, औद्योगिक कामकाज, जहाज बनाने या मरम्मत करने संबंधी काम, अग्निशमन, नागरिक उड्डयन आदि सेवाओं में लगे श्रमिकों में शोर-प्रेरित बहरेपन का खतरा अधिक होता है । आकलन है कि 15 फीसदी नौजवान संगीत-कार्यक्रमों, खेल-आयोजनों और दैनिक कामकाज में होने वाले शोर से बहरेपन का शिकार होते हैं । शोर-प्रेरित बहरेपन की समस्या विकासशील देशों में ज्यादा है, जहाँ तीव्र औद्योगीकरण, अनौपचारिक क्षेत्र के विस्तार और सुरक्षात्मक व शोर-नियंत्रणरोधी उपायों की कमी से लोग चौतरफा शोर-शराबे में दिन बिताने को अभिशप्त हैं । हमें यह समझना ही होगा कि श्रवण-शक्ति का ह्रास न सिर्फ इंसान को प्रभावित करता है, बल्कि समाज पर भी नकारात्मक असर डालता है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इस पर आधारित प्रश्नों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) शोर-प्रेरित बहरेपन का खतरा किस क्षेत्र से जुड़े लोगों को कम है ? [1]
    1. (a) जहाज-निर्माण से जुड़े लोगों को
    2. (b) स्वास्थ्य-सेवाओं से जुड़े लोगों को
    3. (c) खेल-आयोजनों से जुड़े लोगों को
    4. (d) संगीत-कार्यक्रमों से जुड़े लोगों को
  2. (ii) गद्यांश के संदर्भ में अनुपयुक्त कथन है – [1]
    1. (a) विकासशील देशों में अनौपचारिक क्षेत्र विस्तार की समस्या नहीं है ।
    2. (b) विकासशील देशों में शोर-नियंत्रणरोधी उपायों पर अधिक ध्यान नहीं दिया जाता है ।
    3. (c) कुछ सेवाओं से जुड़े लोग अन्य की तुलना में बहरेपन के अधिक शिकार हैं ।
    4. (d) कुछ खास सेवाओं से जुड़े युवा भी आज बहरेपन का शिकार हो रहे हैं ।
  3. (iii) विकासशील देशों के लोगों के जीवन को अभिशप्त क्यों कहा गया है ? [1]
    1. (a) उनका जीवन अनेक सामाजिक संकटों से घिरा है ।
    2. (b) उनका जीवन अनेक आर्थिक संकटों से घिरा है ।
    3. (c) वे खराब सेहत वाली विवश जिंदगी बसर करते हैं ।
    4. (d) वे शोर-शराबे से भरी जिंदगी जीने को विवश हैं ।
  4. (iv) तीव्र आवाज़ का हमारे शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है ? [1]
    1. (a) तंत्रिका-कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त
    2. (b) श्रवण-कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त
    3. (c) रक्त-कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त
    4. (d) हृदय-कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त
  5. (v) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए : कथन (A) – वर्तमान में श्रवण शक्ति का ह्रास एक सार्वजनिक समस्या बन गई है । कारण (R) – आर्थिक विकास की अनियमित होड़ इस समस्या के मूल कारणों में से एक है । [1]
    1. (a) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत हैं ।
    2. (b) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है ।
    3. (c) कथन (A) सही है तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है ।
    4. (d) कथन (A) सही है, परंतु कारण (R) कथन (A) की गलत व्याख्या करता है ।
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Model Answer

(i) (b) स्वास्थ्य-सेवाओं से जुड़े लोगों को

(ii) (a) विकासशील देशों में अनौपचारिक क्षेत्र विस्तार की समस्या नहीं है ।

(iii) (d) वे शोर-शराबे से भरी जिंदगी जीने को विवश हैं ।

(iv) (b) श्रवण-कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त

(v) (c) कथन (A) सही है तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है ।

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Explanation
Q2. [5]
कभी-कभी सहज से तेज़ गति में परिवर्तित होते क्रोध को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया तो उसके परिणाम अत्यंत घातक और पश्चात्ताप के भाव जगाने वाले हो सकते हैं । कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी के मनोविश्लेषक टॉम जी. स्टीवेन्स ने अपनी किताब 'ओवरकम एंगर ऐंड एग्रेसन' में स्पष्ट किया है कि क्रोध-नियंत्रण का एक प्रमुख तरीका यह है कि स्थिति को अपने नहीं, दूसरों के नजरिये से देखें । दूसरों को उन स्थितियों पर प्रकाश डालने के लिए प्रोत्साहित करें, क्षमा करना सीखें, बीते को बिसारने की आदत विकसित करें और किसी को चोट पहुँचाने के बजाय प्रशंसा से उसका मूल्यांकन करें । याद रखें, क्रोध-नियंत्रण से आप स्वयं को शक्तिशाली बनाते हैं । इससे आपकी खुशहाली और स्मृतियों का विस्तार होता है । यूनिवर्सिटी ऑफ सिनसिनाटी के वैज्ञानिकों ने अपनी किताब 50 साइंस ऑफ मेंटल इलनेस में इन कमजोरियों पर प्रकाश डालते हुए गुस्से को काबू में रखने के कारगर सूत्र दिए हैं । क्रोध-नियंत्रण से हम अपना ही नहीं, दूसरों के उजड़ते संसार को फिर से आबाद कर सकते हैं क्योंकि शांत मन सृजन में समर्थ होता है । हमारे सृजनात्मक होने से ही मानवता का हित सध सकता है । तो जब भी क्रोध आए, इन उपायों को आजमाएँ । जीवन में बिखरी हुई चीजों को सँवारने की ओर कदम खुद बढ़ चलेंगे ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इस पर आधारित प्रश्नों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) क्रोध-नियंत्रण से होने वाले लाभों के संबंध में अनुपयुक्त कथन है [1]
    1. (a) इससे व्यक्ति स्वयं को शक्तिशाली बनाता है ।
    2. (b) इससे व्यक्ति के जीवन में खुशहाली आती है ।
    3. (c) इससे व्यक्ति की विस्मृतियों का विस्तार होता है ।
    4. (d) इससे व्यक्ति की रचनात्मकता में वृद्धि होती है ।
  2. (ii) किस तरह का क्रोध अंततः पश्चात्ताप का कारण बनता है ? [1]
    1. (a) अत्यंत आवेग में किया गया क्रोध
    2. (b) सहज भाव से किया गया क्रोध
    3. (c) प्रायश्चित्त भाव से किया गया क्रोध
    4. (d) आत्मघात भाव से किया गया क्रोध
  3. (iii) मनोविश्लेषक स्टीवेन्स के अनुसार क्रोध पर काबू पाने पर सर्वोपयुक्त उपाय है [1]
    1. (a) परिस्थितियों पर दूसरों के नियंत्रण को स्वीकार करना ।
    2. (b) परिस्थितियों पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित करना ।
    3. (c) परिस्थितियों को अपने नजरिये से और अच्छे से समझना ।
    4. (d) परिस्थितियों को दूसरों के नजरिये से जानने का प्रयास करना ।
  4. (iv) क्रोध आने पर क्या करना चाहिए ? [1]
    1. (a) उसकी असहज अभिव्यक्ति
    2. (b) उसकी सहज अभिव्यक्ति
    3. (c) संयमित रहने का प्रयत्न
    4. (d) घातक परिणाम का स्मरण
  5. (v) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए : कथन (A) – क्रोध नवसृजन का संहारक है । कारण (R) – क्रोध अवस्था में क्षमाशीलता न्यून हो जाती है । [1]
    1. (a) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत हैं ।
    2. (b) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है ।
    3. (c) कथन (A) सही है तथा कारण (R) उसकी सही व्याख्या है ।
    4. (d) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) उसकी सही व्याख्या नहीं है ।
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q1
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Model Answer

(i) (c) इससे व्यक्ति की विस्मृतियों का विस्तार होता है ।

(गद्यांश में 'स्मृतियों का विस्तार' कहा गया है, 'विस्मृतियों का' नहीं — अतः यह कथन अनुपयुक्त है।)

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(ii) (a) अत्यंत आवेग में किया गया क्रोध

(सहज से तेज़ गति में परिवर्तित होने वाला — अर्थात् आवेग में आया — क्रोध नियंत्रित न हो तो पश्चात्ताप का कारण बनता है।)

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(iii) (d) परिस्थितियों को दूसरों के नजरिये से जानने का प्रयास करना ।

(स्टीवेन्स ने स्पष्ट कहा — "स्थिति को अपने नहीं, दूसरों के नजरिये से देखें।")

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(iv) (c) संयमित रहने का प्रयत्न

(गद्यांश में क्रोध आने पर उपाय आजमाकर संयम बनाए रखने की सलाह दी गई है।)

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(v) (d) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) उसकी सही व्याख्या नहीं है ।

(कथन सही है — शांत मन सृजन में समर्थ होता है, अतः क्रोध सृजन का संहारक है। किंतु कारण में क्षमाशीलता की बात है जो सृजन-संहार की सीधी व्याख्या नहीं करती।)

Source: उपर्युक्त गद्यांश (क्रोध-नियंत्रण)

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Explanation
Q3. [5]
पृथ्वी पर लगातार मँडराते खतरे को देखते हुए एक अमेरिकी उद्यमी द्वारा एक इंसानी बीज बैंक को चाँद पर स्थापित करने की तैयारी हो गई है । अगर कभी इस धरती पर इंसान खत्म हो गए तो मानव सभ्यता को फिर शुरू करने में यह बैंक सहायक होगा । एक भी इंसान नहीं बचा, तो फिर बैंक का क्या होगा ? यह भी सोच लिया गया है । उस स्थिति में शायद कभी किसी और ग्रह से जीव या एलियन आएँगे और चाँद पर पहुँचकर उस बैंक के सहारे इंसान जैसी खूबसूरत कृति पुनः निर्मित करेंगे । पृथ्वी पर विनाश की स्थिति में मानव बीज बैंक ही मानव के पुनर्जन्म की संभावना को जीवित रखेगा । ऐसा स्वप्न देखने वाली कंपनी लाइफशिप की स्थापना 2019 में हो गई थी । यह कंपनी लार के रूप में लोगों का डी एन ए चाँद पर भेजने की पेशकश करती है । यह एक तरह से 99 डॉलर में चाँद के लिए एकतरफा टिकट है । चाँद पर आपकी लार मानव बीज बैंक में हमेशा के लिए रह जाएगी । वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो यह मानव डाटा या मानव अस्तित्व के मूल को हमेशा के लिए संरक्षित करने का काम है । सौरमंडल के विभिन्न हिस्सों में और शायद उससे आगे भी ऐसे किसी बैंक की स्थापना संभव है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) 'लाइफशिप' मानव बीजों को किस रूप में संरक्षित करने के लिए प्रयासरत है ? [1]
    1. (a) रक्त के रूप में डी एन ए
    2. (b) लार के रूप में डी एन ए
    3. (c) बीज के रूप में डी एन ए
    4. (d) सेल के रूप में डी एन ए
  2. (ii) भविष्य में मानव अस्तित्व को संरक्षित करना संभव है – [1]
    1. (a) सौरमंडल के दूसरे ग्रहों के प्राणियों से मदद लेकर ।
    2. (b) सौरमंडल के दूसरे ग्रहों के प्राणियों को मदद देकर ।
    3. (c) सौरमंडल को छोड़कर उससे आगे बीज बैंक स्थापित करके ।
    4. (d) सौरमंडल तथा उससे आगे भी बीज बैंक स्थापित करके ।
  3. (iii) मानव मूल को चाँद पर मानव बीज बैंक के रूप में स्थापित करने जैसे प्रयास को क्या माना जा सकता है ? [1]
    1. (a) काल्पनिक
    2. (b) वैज्ञानिक
    3. (c) अवैज्ञानिक
    4. (d) वैचारिक
  4. (iv) लाइफशिप कंपनी की स्थापना किस उद्देश्य से की गई है ? [1]
    1. (a) एलियन्स को धरती पर मानव जैसी सर्वश्रेष्ठ कृति के बारे में बताना परंतु उन्हें पृथ्वी से दूर रखना :
    2. (b) एलियन्स को धरती पर मानव जैसी सर्वश्रेष्ठ कृति के बारे में बताना परंतु उन्हें चाँद पर ही रखना ।
    3. (c) पृथ्वी पर संपूर्ण विनाश की स्थिति में मानव को पुनर्जन्म देने की संभावना को जीवित रखना ।
    4. (d) पृथ्वी पर संपूर्ण विनाश की स्थिति में मानव को चाँद पर जीवित रखने की कोशिश करना ।
  5. (v) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : (क) मानव बीज बैंक धरती पर इंसानी सभ्यता के नष्ट होने की स्थिति में उपयोगी होगा । (ख) मानव बीज बैंक चाँद पर सामान्य परिस्थितियों में भी सामान्य बैंक की तरह कार्यरत होगा । (ग) मानव बीज बैंक की चाँद पर स्थापना करने का विचार सर्वथा अवास्तविक और काल्पनिक है । (घ) मानव बीज बैंक की स्थापना नासा द्वारा किया गया एक विशेष अभियान है । उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा / कौन-से, कथन सही है / सही हैं ? [1]
    1. (a) केवल (क)
    2. (b) केवल (ख)
    3. (c) (क) और (ग)
    4. (d) (ख) और (घ)
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q2
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Model Answer

(i) (b) लार के रूप में डी एन ए

(ii) (d) सौरमंडल तथा उससे आगे भी बीज बैंक स्थापित करके ।

(iii) (b) वैज्ञानिक

(iv) (c) पृथ्वी पर संपूर्ण विनाश की स्थिति में मानव को पुनर्जन्म देने की संभावना को जीवित रखना ।

(v) (a) केवल (क)

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Explanation
Q4. [5]
कम उम्र में स्क्रीन पर अधिक से अधिक समय बिताना बच्चों के लिए बेहद हानिकारक है । अब तक तो टीवी या कंप्यूटर ही था, जिसे माता-पिता या घर के बड़े लोग नियंत्रित कर सकते हैं, मगर मोबाइल, टैब तो हाथ में होता है । उस पर कितना समय बिताया, यह आसानी से पता नहीं चलता । फिर अगर ये पढ़ाई का हिस्सा हो, तब भी कोई रोक-टोक भी कैसे की जा सकती है ? एक वक्त था, जब स्कूलों में बच्चों के मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध था । लेकिन कोरोना महामारी के कारण उपजी परिस्थितियों ने बच्चों और स्मार्ट-फोन की दूरी हटा दी । उन दिनों माता-पिता ऐसी शिकायत करते हुए पाए गए कि आखिर 24 घंटे वे कैसे नज़र रख सकते हैं कि बच्चे क्या देख रहे हैं ? ऐसी रिपोट भी आई हैं कि अपने देश में बच्चे सबसे अधिक फेसबुक का इस्तेमाल करते हैं । गलत वेबसाइटों पर जाकर तथा उसे देखकर कई बच्चे ऐसे-ऐसे अपराध करने लगे हैं जिनके बारे में पहले सुना नहीं जाता था । समय आ गया है कि बच्चों के गैजेट्स इस्तेमाल करने को लेकर एक सुस्पष्ट सलाह के साथ देश में जागरूकता अभियान चलाया जाए । यदि समय के साथ प्रतिस्पर्धा करनी है तो इन्हें नई-नई तकनीक से दूर नहीं किया जा सकता, मगर एक संतुलन भी आवश्यक है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) गद्यांश में कंप्यूटर की तुलना में मोबाइल को अधिक हानिप्रद क्यों माना गया है ? [1]
    1. (a) इसका स्क्रीन छोटा होने के कारण आँखों पर बुरा असर पड़ता है ।
    2. (b) इसका स्क्रीन छोटा होने के कारण इसका रेडियेशन भी अधिक होता है ।
    3. (c) छोटा होने के कारण इस पर बिताए समय का हिसाब नहीं रखा जा सकता ।
    4. (d) छोटा होने के कारण इसके गुम जाने पर इसे खोजना मुश्किल होता है ।
  2. (ii) टैब और मोबाइल पर रोक लगाने में सबसे बड़ी बाधा क्या है ? [1]
    1. (a) माता-पिता तथा अभिभावकों का शिक्षित न होना ।
    2. (b) टैब और मोबाइल का पढ़ाई का हिस्सा होना ।
    3. (c) रोक लगाने के उपायों की जानकारी न होना ।
    4. (d) बच्चों का टैब और मोबाइल का आदी होना ।
  3. (iii) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए । कथन (A) – गैजेट्स के इस्तेमाल को लेकर एक जागरूकता अभियान आवश्यक है । कारण (R) – गैजेट्स वर्तमान में शिक्षा-व्यवस्था का एक अहम हिस्सा है । [1]
    1. (a) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत हैं ।
    2. (b) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है ।
    3. (c) कथन (A) गलत है, लेकिन कारण (R) सही है ।
    4. (d) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या है ।
  4. (iv) उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार किस देश के बच्चे सबसे अधिक फेसबुक का इस्तेमाल करते हैं ? [1]
    1. (a) जापान
    2. (b) चीन
    3. (c) भारत
    4. (d) अमेरिका
  5. (v) कोरोना ने छोटे स्क्रीन के उपयोग को किस रूप में प्रभावित किया ? [1]
    1. (a) छोटे स्क्रीन का उपयोग कम हो गया ।
    2. (b) छोटे स्क्रीन का उपयोग न्यूनतम हो गया ।
    3. (c) इसका उपयोग बिलकुल अप्रभावित ही रहा ।
    4. (d) इसका उपयोग काफी अधिक बढ़ गया ।
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Model Answer

(i) (c) छोटा होने के कारण इस पर बिताए समय का हिसाब नहीं रखा जा सकता ।

(ii) (b) टैब और मोबाइल का पढ़ाई का हिस्सा होना ।

(iii) (d) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या है ।

(iv) (c) भारत

(v) (d) इसका उपयोग काफी अधिक बढ़ गया ।

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Explanation
Q5. [5]
गरमियों के दिन 'छुट्टी और यात्रा' पर जाने के दिन होते हैं । 'छुट्टी पर जाने' का यह अनुराग काफ़ी आधुनिक है, क्योंकि लोग 'कर्मोन्मत्त' बन गए हैं और वे जो कुछ भी करते हैं या नहीं करते हैं, वह उनके लिए तनाव पैदा करता है । पहले 'छुट्टी' शब्द मूल रूप से धार्मिक दिनों के लिए इस्तेमाल होता था; आजकल इसका मतलब सामान्य दिनों के विपरीत आराम या विश्राम का कोई विशेष दिन है । लेकिन असली सवाल है कि छुट्टी पर जाने से पहले क्या आपका मन और शरीर नई जगह का आनंद लेने की स्थिति में है ? यात्रा की सारी तैयारी बाहरी होती है, लोग विश्राम की भाषा पूरी तरह भूल चुके हैं । जब आप कुछ नहीं करते, तो यह मत सोचना कि समय बर्बाद हो रहा है । कुछ न करने के दौरान आपकी ऊर्जा खुद को स्वस्थ करती है । सतत काम करते रहने का जुनून ही आपको छुट्टी का आनंद नहीं लेने देता । आप जहाँ हैं, वहाँ मौजूद रहना सीखें, इसका अर्थ है – अभी और यहीं होना । बाहरी दुनिया के बिना जीवित रहना सीखें । इसका स्पष्ट मतलब है, अपने साथ रहना शुरू करें, खुद को जानना सीखें । छुट्टी का मतलब यह कदापि नहीं कि आप सिर्फ कामकाज से दूरी बनाएँ, बल्कि अपने मन, उसके दबावों और उलझनों से भी दूरी बनाइए ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) 'छुट्टी पर जाने का यह अनुराग काफ़ी आधुनिक है' – पंक्ति का आशय है – [1]
    1. A प्राचीन समय में लोग छुट्टियों का आनंद घर पर ही लेते थे ।
    2. B छुट्टियों में घर से बाहर जाने का प्रचलन वर्तमान समय की देन है ।
    3. C वर्तमान समय में छुट्टियों के प्रति प्रेम बढ़ा है ।
    4. D कार्यस्थलों/शिक्षा केन्द्रों में छुट्टी पर जाने का प्रचलन बढ़ा है ।
  2. (ii) 'कर्मोन्मत्त' शब्द का अर्थ है – [1]
    1. A कार्य से विमुख
    2. B कार्य करने का आदी
    3. C कार्य न करने का आदी
    4. D आराम करने का आदी
  3. (iii) यात्रा पर निकलने से पहले क्या आवश्यक है ? [1]
    1. A गंतव्य स्थल की जानकारी हासिल करना
    2. B गंतव्य स्थल की टिकट बुक कराना
    3. C आवश्यक सामान को बैग में डालना
    4. D तन और मन को आनंद लेने के लिए तैयार करना
  4. (iv) गद्यांश के अनुसार कुछ न करने से भी समय बर्बाद नहीं होता, क्यों ? [1]
    1. A शरीर की ऊर्जा नष्ट नहीं होती ।
    2. B शरीर की ऊर्जा खुद को स्वस्थ करती है ।
    3. C हम आत्मावलोकन करते हैं ।
    4. D तन और मन को विश्राम मिलता है ।
  5. (v) 'जहाँ हैं, वहाँ मौजूद रहना' का अभिप्राय है – [1]
    1. A निर्धारित स्थल पर उपस्थित रहना ।
    2. B बिना हिले-डुले एक स्थान पर बने रहना ।
    3. C एक ही स्थान पर लंबे समय तक बने रहना ।
    4. D शारीरिक उपस्थिति के साथ मानसिक उपस्थिति का होना ।
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q2
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Model Answer

(i) उत्तर: B – छुट्टियों में घर से बाहर जाने का प्रचलन वर्तमान समय की देन है।

(ii) उत्तर: B – कार्य करने का आदी

(iii) उत्तर: D – तन और मन को आनंद लेने के लिए तैयार करना

(iv) उत्तर: B – शरीर की ऊर्जा खुद को स्वस्थ करती है।

(v) उत्तर: D – शारीरिक उपस्थिति के साथ मानसिक उपस्थिति का होना।

Source: गद्यांश (अपठित गद्य)

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Explanation
Q6. [5]
"जब गांधीजी जीवित थे, हम अपनी गुत्थियों को सुलझाने के लिए प्रायः उनके पास पहुँचा करते थे । परन्तु आज वह स्थूल रूप में हमारे बीच विद्यमान नहीं हैं । हमको अब पथ-निर्देश के लिए जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उनके सिखाए सुन्दर उसूलों का आश्रय लेना होगा ।" उपर्युक्त शब्द 30 अप्रैल, 1948 को गांधीजी के सिद्धांतों का स्मरण करते हुए श्री गोविन्दवल्लभ पंत ने रेडियो में प्रसारित एक भाषण के दौरान कहे थे । पंत जी ने कहा सत्य और अहिंसा गांधीजी के जीवन का मूल मंत्र था । उन्होंने मूलतः इन्हीं दो उसूलों पर भारत की स्वतंत्रता के महल को खड़ा करने में खून-पसीना एक किया और जो सफलता उन्हें प्राप्त हुई वह अपूर्व है । गांधीजी का यह विश्वास था कि कोई भी सरकार तब तक लोकप्रिय नहीं हो सकती जब तक कि आधारतः इन दो सिद्धांतों का पालन न करे । सत्य और अहिंसा भारत की संस्कृति की आधारशिलाएँ हैं । हमारे पूर्वजों में से महावीर व बुद्ध प्रभृति बहुत से महापुरुषों ने अपनी शिक्षाओं में इन सिद्धांतों को सर्वोपरि स्थान दिया है । इन्हीं सिद्धांतों को व्यापक रूप देने और एक वृहद् मानव समुदाय के कष्ट निवारण के लिए उनको प्रयोग करने का श्रेय महात्माजी को ही है । परन्तु उनकी अहिंसा कायर की लाचारी का अन्तिम अस्त्र नहीं थी । उनकी अहिंसा उन बलवानों की अहिंसा है, जो किसी सद्उद्देश्य के लिए करने या मरने में विश्वास रखते हैं । पश्चिम देशों ने गत दो महायुद्धों से कोई पाठ ग्रहण नहीं किया, जबकि इनसे विश्व को न केवल सामान की क्षति, बल्कि करोड़ों जान का नुकसान भी उठाना पड़ा है । ये राष्ट्र अब भी एक-दूसरे के विरुद्ध घृणा और संदेह का बीजारोपण कर रहे हैं । अभी समय है कि विश्व बापू की शिक्षाओं से शान्ति, भाईचारे और साम्प्रदायिक ऐक्य का पाठ ग्रहण करे ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) 'जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में पथ-निर्देश के लिए गांधीजी के द्वारा सिखाए उसूलों का आश्रय लेना होगा ।' – पंत जी द्वारा ऐसा क्यों कहा गया ? [1]
    1. A गांधीजी विश्व प्रसिद्ध व्यक्ति थे ।
    2. B गांधीजी आज हमारे बीच जीवित नहीं हैं ।
    3. C गांधीजी की शिक्षाओं से ही विश्व में शांति संभव है ।
    4. D गांधीजी ने देश को स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए मार्ग प्रशस्त किया ।
  2. (ii) गांधीजी द्वारा स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए किन जीवन-मूल्यों को महत्त्व दिया ? [1]
    1. A सत्य और अहिंसा
    2. B त्याग और बलिदान
    3. C संयम और उदारता
    4. D संघर्ष और वीरता
  3. (iii) संदर्भ के अनुसार गद्यांश में 'प्रभृति' शब्द का सटीक अर्थ हो सकता है – [1]
    1. A बड़े
    2. B बुद्धिमान
    3. C विद्वान
    4. D आदि/इत्यादि
  4. (iv) सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों को व्यापक और व्यावहारिक रूप दिया – [1]
    1. A बुद्ध ने
    2. B गांधी ने
    3. C महावीर ने
    4. D पंत ने
  5. (v) गद्यांश के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं, सही उत्तर के लिए उचित विकल्प चुनकर लिखिए : (i) सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही सरकार लोकप्रियता प्राप्त कर सकती है । (ii) युद्ध जन-धन की क्षति का कारक है । (iii) अहिंसा कायर की विवशता का अस्त्र है । [1]
    1. A केवल कथन (i) सही है ।
    2. B कथन (i) और (ii) सही हैं ।
    3. C कथन (ii) और (iii) सही हैं ।
    4. D कथन (i), (ii) और (iii) सही हैं ।
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q1
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Model Answer

(i) B — गांधीजी आज हमारे बीच जीवित नहीं हैं ।

(ii) A — सत्य और अहिंसा

(iii) D — आदि/इत्यादि

(iv) B — गांधी ने

(v) B — कथन (i) और (ii) सही हैं ।

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Explanation
Q7. [5]
दुनिया कैसे वजूद में आई ? पहले क्या थी ? किस बिंदु से इसकी यात्रा शुरू हुई ? इन प्रश्नों के उत्तर विज्ञान अपनी तरह से देता है, धार्मिक ग्रंथ अपनी-अपनी तरह से । संसार की रचना भले ही कैसे हुई हो लेकिन धरती किसी एक की नहीं है । पंछी, मानव, पशु, नदी, पर्वत, समंदर आदि की इसमें बराबर की हिस्सेदारी है । यह और बात है कि इस हिस्सेदारी में मानव जाति ने अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर दी हैं । पहले पूरा संसार एक परिवार के समान था अब टुकड़ों में बँटकर एक-दूसरे से दूर हो चुका है । पहले बड़े-बड़े दालानों-आँगनों में सब मिल-जुलकर रहते थे, अब छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में जीवन सिमटने लगा है । बढ़ती हुई आबादियों ने समंदर को पीछे सरकाना शुरू कर दिया है, पेड़ों को रास्तों से हटाना शुरू कर दिया है, फैलते हुए प्रदूषण ने पंछियों को बस्तियों से भगाना शुरू कर दिया है । बारूदों की विनाशलीलाओं ने वातावरण को सताना शुरू कर दिया । अब गरमी में ज़्यादा गरमी, बेवक्त की बरसातें, जलज़ले, सैलाब, तूफान और नित नए रोग, मानव और प्रकृति के इसी असंतुलन के परिणाम हैं ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) गद्यांश में आई पंक्ति – 'पहले पूरा संसार एक परिवार के समान था अब टुकड़ों में बँटकर एक-दूसरे से दूर हो चुका है ।' का भाव है – [1]
    1. A संसार देश और प्रांत में बँट चुका है ।
    2. B संयुक्त परिवार एकल परिवारों में बँट गए हैं ।
    3. C वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना समाप्त हो गई है ।
    4. D एक देश से दूसरे देश को जाना कठिन हो गया है ।
  2. (ii) गद्यांश में प्रयुक्त 'छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घर' – संकेत करते हैं – [1]
    1. A फ़्लैट संस्कृति की ओर
    2. B छोटे-छोटे घरों की ओर
    3. C एक कमरे के घरों की ओर
    4. D बहुमंजिला इमारतों की ओर
  3. (iii) बढ़ती हुई आबादी को बसाने के लिए क्या नहीं किया गया ? [1]
    1. A समंदर की जमीन को हथियाना शुरू कर दिया गया ।
    2. B वन प्रदेश का सफाया करना शुरू कर दिया गया ।
    3. C पशु-पक्षियों को घर से बेघर कर दिया गया ।
    4. D खनिज पदार्थों का मनमाना दोहन किया गया ।
  4. (iv) गद्यांश के अनुसार बढ़ती प्राकृतिक आपदाएँ परिणाम हैं – [1]
    1. A दिनोंदिन बढ़ने वाले प्रदूषण का
    2. B मनुष्य के बढ़ते लालच का
    3. C मानव और प्रकृति के बीच असंतुलन का
    4. D पर्वतीय प्रदेशों में होने वाले कटाव का
  5. (v) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए : कथन : फैलते हुए प्रदूषण ने पंछियों को बस्तियों से भगाना शुरू कर दिया है । कारण : मानव ने अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर दी हैं । [1]
    1. A कथन तथा कारण दोनों गलत हैं ।
    2. B कथन गलत है, लेकिन कारण सही है ।
    3. C कथन सही है, लेकिन कारण उसकी गलत व्याख्या करता है ।
    4. D कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है ।
Previously asked in: 2024 4/2/1 Q9
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Model Answer

(i) उत्तर : C — वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना समाप्त हो गई है।

(ii) उत्तर : A — फ़्लैट संस्कृति की ओर।

(iii) उत्तर : D — खनिज पदार्थों का मनमाना दोहन किया गया।
(गद्यांश में समंदर की भूमि हथियाने, पेड़ काटने और पंछियों को भगाने का उल्लेख है, परंतु खनिज दोहन का कोई उल्लेख नहीं है।)

(iv) उत्तर : C — मानव और प्रकृति के बीच असंतुलन का।
(गद्यांश की अंतिम पंक्ति स्पष्ट करती है कि ये सभी आपदाएँ "मानव और प्रकृति के इसी असंतुलन के परिणाम हैं।")

(v) उत्तर : C — कथन सही है, लेकिन कारण उसकी गलत व्याख्या करता है।
(पंछियों का भागना प्रदूषण के कारण है, न कि मानव द्वारा खड़ी की गई 'दीवारों' के कारण — जो एक अलग विचार है।)

Source: अपठित गद्यांश (पर्यावरण एवं मानव-प्रकृति संबंध)

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Explanation
Q8. [5]
प्रायः ऐसा होता है, कोई भी वक्तव्य सुनने के बाद जब सुनने वालों से पूछें कि क्या बोला गया है, तो सौ लोगों के सौ जवाब मिलते हैं; जितने सुनने वाले, उतने ही अर्थ । इसलिए आपस में बड़े विवाद भी होते हैं । बुद्ध से एक बार उनके शिष्य ने पूछा, 'क्या हम वही सुन पाते हैं, जो आप बोलते हैं ? जब मैं दूसरों से बात करता हूँ, तो पता चलता है कि उन्होंने कुछ और सुना, जबकि मैंने कुछ और ।' बुद्ध ने कहा, "यह स्वाभाविक है । बोली तो एक ही बात जाती है, लेकिन सुनी उतनी जाती है जितने सुनने वाले हैं, क्योंकि तुम मन से सुनते हो, आत्मा से नहीं । कल रात मैंने अंतिम प्रवचन के बाद कहा कि-उठो; रात्रि का अंतिम कार्य करो । कल समागम में एक चोर और एक गृहस्थ भी आए थे । जब मैंने कहा कि अब रात्रि के अंतिम काम में संलग्न हो जाओ, तब तुम्हें ख्याल आया ध्यान का, चोर ने सोचा कि काफी रात हो गई, चाँद ऊपर चढ़ गया है, अब चौर्यकर्म का वक्त हुआ । गृहस्थ ने सोचा, बहुत देर हो गई, पता नहीं, घर जाने के लिए कोई वाहन अब मिलेगा भी या नहीं ? मैंने एक ही बात कही थी । गृहस्थ ने अपना अर्थ लिया और चोर ने अपना । फिर भिक्षुओं ने भी इसके अलग-अलग अर्थ ही लिए होंगे । सुनना बहुत कठिन बात है, क्योंकि सुनने की कला वास्तव में कभी सिखाई नहीं जाती । बोलने की कला के तो बड़े प्रशिक्षण दिए जाते हैं । मगर यदि सुनने वाले सही न हों तो अर्थ का अनर्थ हो जाता है । सुनने के लिए आपका मन शांत और स्वीकार भाव में होना चाहिए ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इसके आधार पर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) कहे गए वक्तव्य का, अलग-अलग लोगों द्वारा अलग-अलग जवाब क्यों मिलता है ? [1]
    1. A प्रत्येक व्यक्ति द्वारा अपनी मनःस्थिति के अनुरूप अर्थ लगाने के कारण
    2. B प्रत्येक व्यक्ति द्वारा अपनी योग्यता के अनुरूप अर्थ लगाने के कारण
    3. C कही गई बात को ध्यान से न सुन पाने के कारण
    4. D कही गई बात का महत्त्व न जानने के कारण
  2. (ii) गद्यांश के आधार पर लोगों के बीच विवाद का कारण है – [1]
    1. A कही गई बात का अर्थ न समझ पाना ।
    2. B स्वयं को दूसरे से श्रेष्ठ सिद्ध समझना ।
    3. C अपनी ही बात को सही ठहराना ।
    4. D अपने सामने दूसरों को महत्त्व न देना ।
  3. (iii) शिष्य द्वारा बुद्ध से क्या पूछा गया ? [1]
    1. A संसार में लोगों के दुखों का कारण
    2. B लोगों के बीच आपसी विवाद का कारण
    3. C दो व्यक्तियों के बीच भिन्नता का कारण
    4. D कही गई एक ही बात के भिन्न अर्थ ग्रहण करने का कारण
  4. (iv) गृहस्थ की चिंता का क्या कारण था ? [1]
    1. A रात का काफी समय बीत जाना ।
    2. B वाहन के न मिलने की आशंका ।
    3. C बुद्ध की बातों का अर्थ न समझ पाना ।
    4. D देर रात्रि में अकेले घर जाना ।
  5. (v) सुनने के लिए आवश्यकता है – [1]
    1. A वक्ता की बात में स्पष्टता की
    2. B आसपास के वातावरण में शांति की
    3. C सहज सरल शब्दों में बात कही जाने की
    4. D मन के शांत और स्वीकार भाव में होने की
Previously asked in: 2024 4/2/1 Q2
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Model Answer

(i) A — प्रत्येक व्यक्ति द्वारा अपनी मनःस्थिति के अनुरूप अर्थ लगाने के कारण

(ii) A — कही गई बात का अर्थ न समझ पाना ।

(iii) D — कही गई एक ही बात के भिन्न अर्थ ग्रहण करने का कारण

(iv) B — वाहन के न मिलने की आशंका ।

(v) D — मन के शांत और स्वीकार भाव में होने की

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Explanation
Q9. [5]
आज पूरी दुनिया में व्यापक जल संकट है । एक तरफ हिमनद (ग्लेशियर) का पिघलना और दूसरी तरफ बाढ़-सुखाड़ का बढ़ना आम होता जा रहा है । आमतौर पर नदियों में पानी घट रहा है । हिमनद जब पिघलता है, तो ऊपर नदियों के उद्गम के पास ही लोग उसका उपयोग कर लेते हैं । हिमनदों के पिघलने के कारण हमारे समुद्रों पर भी उसका दुष्प्रभाव पड़ रहा है । नदियों में जो सतत प्रवाह है, उसमें भी धीरे-धीरे संकट बढ़ता जा रहा है । जल-स्रोत संकट में आते जा रहे हैं । यह जो जल-स्रोत का संकट है, उससे बचने के उपाय भी बहुत साफ हैं । जहाँ हिमनद पिघल रहे हैं, उनके आस-पास जंगलों का होना जरूरी है । जंगल नहीं होते हैं, तो सूरज से आने वाली लाल गरमी वहाँ का तापमान बढ़ा देती है और उस तापमान के चलते हिमनद और तेजी से पिघलकर नीचे आने लगते हैं । जब वहाँ जंगल होते हैं, तो सूरज से आने वाली गरमी से धरती तपती नहीं है, उसे बुखार नहीं चढ़ता । हिमनदों के आस-पास के इलाकों में हरियाली बढ़ाना अब बहुत जरूरी है । इन इलाकों में होने वाले कटाव को भी रोकना चाहिए । आज नदियों और तालाबों की स्थिति भी अच्छी नहीं है । अधिकतर नदियाँ सूख गई हैं और जो बची हैं, वे मैला ढोनेवाली मालगाड़ी बन गई हैं । जिस देश में नदियाँ सूखती हैं, वहाँ की सभ्यता भी सूखने लगती है । नदियों का हमारी सभ्यताओं और जीवन से गहरा रिश्ता है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इसके आधार पर सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) उपर्युक्त गद्यांश में लेखक की चिंता का विषय है – [1]
    1. A पिघलते हिमनद
    2. B घटते वन प्रदेश
    3. C प्रदूषित होती नदियाँ
    4. D बढ़ता जल संकट
  2. (ii) गद्यांश के आधार पर ग्लेशियरों के पिघलने का कारण है – [1]
    1. A धरती का बढ़ता तापमान
    2. B बढ़ती प्राकृतिक आपदाएँ
    3. C नदियों का सूख जाना
    4. D जल स्रोत का बढ़ता संकट
  3. (iii) 'उसे बुखार नहीं चढ़ता' से अभिप्राय है – [1]
    1. A उसकी सेहत खराब नहीं होती ।
    2. B मौसम का मिज़ाज नहीं बिगड़ता ।
    3. C उसका (धरती का) तापमान नहीं बढ़ता ।
    4. D वह हरी-भरी बनी रहती है ।
  4. (iv) निम्नलिखित में नदियों और सभ्यता के बीच के रिश्ते के विषय में क्या असत्य है ? [1]
    1. A दोनों एक-दूसरे पर आश्रित हैं ।
    2. B नदियों के किनारे ही सभ्यता का विकास हुआ है ।
    3. C नदियों के न रहने से सभ्यता का अंत निश्चित है ।
    4. D विश्व की प्राचीन सभ्यता नदियों के किनारे ही पनपी ।
  5. (v) 'दो तिहाई नदियाँ मैला ढोनेवाली मालगाड़ी बन गई हैं' – पंक्ति का आशय है – [1]
    1. A अत्यधिक गर्मी के कारण सूख गई हैं ।
    2. B प्रदूषण के कारण काली पड़ गई हैं ।
    3. C ये नदियाँ शहरी कचरा ढो रही हैं ।
    4. D मालगाड़ी की तरह चल रही हैं ।
Previously asked in: 2024 4/2/1 Q1
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Model Answer

(i) D — बढ़ता जल संकट

(ii) A — धरती का बढ़ता तापमान

(गद्यांश के अनुसार जंगल न होने से सूर्य की गर्मी तापमान बढ़ा देती है, जिससे हिमनद तेज़ी से पिघलते हैं।)

(iii) C — उसका (धरती का) तापमान नहीं बढ़ता ।

(जंगल होने पर सूर्य की गर्मी धरती को तपाती नहीं, इसलिए 'बुखार नहीं चढ़ता' का अर्थ है तापमान नहीं बढ़ता।)

(iv) C — नदियों के न रहने से सभ्यता का अंत निश्चित है ।

(गद्यांश केवल यह कहता है कि नदियाँ सूखने पर सभ्यता 'सूखने लगती है', अंत निश्चित है — यह नहीं कहा गया।)

(v) C — ये नदियाँ शहरी कचरा ढो रही हैं ।

(जो नदियाँ बची हैं वे प्रदूषण व गंदगी से भरी हैं — मैला ढोनेवाली मालगाड़ी का यही आशय है।)

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Explanation
Q10. [7]
हर्बल-ऑर्गेनिक (जैविक) आहार ऐसे आहार होते हैं जो प्राकृतिक रूप से शुद्ध और ताज़ा होते हैं और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं । परंपरागत व्यंजन, पेय पदार्थ, फल-सब्जियाँ और मसाले ऋतु के अनुसार हमारे भोजन का महत्त्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं । परंपरागत और स्वदेशी भोजन एवं पेय पदार्थ पाश्चात्य फास्टफूड एवं रसायन युक्त कोल्ड ड्रिंक्स के शानदार विकल्प हैं । सरकार, व्यापारियों और दुकानदारों को नया कुछ भी नहीं करना है । बस उन्हें पहले से स्थापित भोजनालयों, दुकानों एवं शैक्षणिक संस्थाओं, कम्पनी कार्यालयों की कैंटीनों, मॉल्स तक इनको पहुँचाना है । परंपरागत खाद्य पदार्थों के साथ ऑर्गेनिक खाद्य एवं पेय पदार्थों की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए । ऑर्गेनिक फलों और सब्जियों के ताज़ा जूस, सूप, शेक, दूध, छाछ, लस्सी, शरबत, ठंडाई, हर्बल चाय, जौ, गेहूँ, मक्का या बाजरे की राबड़ी, नींबू की शिकंजी के साथ ऑर्गेनिक फल भी उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाए जा सकते हैं । साधारण ढाबों से लेकर पाँच सितारा होटलों तक शरबत, नारियल पानी, जुवारे का जूस, तरबूज का जूस, सत्तू और छाछ जैसे पेय पदार्थों को उपलब्ध करवाकर इनको उपभोक्ताओं में लोकप्रिय बनाया जा सकता है । पृथक से हर्बल फूड सेंटर बनाकर वहाँ ऑर्गेनिक हरी सब्जियों, दालों एवं मिलेट्स से निर्मित भोजन भी उपलब्ध करवाया जा सकता है । अंकुरित दालें, अनाज, दही, मक्खन, मक्का की घाट को भी लोकप्रिय बनाया जा सकता है । भारतीय स्वदेशी परंपरागत पेय पदार्थ, व्यंजन एवं मिष्टान्न, बाज़ार में लोकप्रिय होने से स्वदेशीकरण, समृद्ध किसान और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा । इस तरह के सेंटरों की मदद से रोज़गार के अवसर तो बढ़ेंगे ही रासायनिक खेती से खराब होते खेतों और मानव स्वास्थ्य को भी बचाया जा सकता है ।
निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (I) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए और उत्तर लिखिए । कथन : स्वदेशी, परंपरागत और जैविक खाद्य और पेय पदार्थों की लोकप्रियता से देश की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी । कारण : स्वदेशीकरण किसानों की समृद्धि और देश की आत्मनिर्भरता का आधार है । [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
    2. (B) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है ।
    3. (C) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है ।
    4. (D) कथन गलत है, किंतु कारण सही है ।
  2. (II) फास्टफूड एवं रसायन युक्त पेय पदार्थों से बचने के लिए – [1]
    1. (A) स्वदेशी भोजन एवं परंपरागत पेय का उपयोग करारा जवाब है ।
    2. (B) हर्बल-ऑर्गेनिक सामान सहजता से उपलब्ध करवाना होगा ।
    3. (C) हर्बल-ऑर्गेनिक पेय एवं खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं ।
    4. (D) पाँच सितारा होटलों में ऑर्गेनिक टैग लगा भोजन खाना बेहतर है ।
  3. (III) परंपरागत भोजन को लोकप्रिय कैसे बनाया जा सकता है ? i. उपलब्धता बढ़ाकर ii. प्रचार-प्रसार द्वारा iii. बिक्री की विशेष व्यवस्था करके iv. घर-घर मुफ्त ऑर्गेनिक सामान बाँटकर [1]
    1. (A) ii – iii
    2. (B) iii – iv
    3. (C) i – iv
    4. (D) i – iii
  4. (IV) आत्मनिर्भर भारत का सपना कैसे पूरा होगा ? [2]
  5. (V) हर्बल फूड सेंटर कहाँ-कहाँ लाभदायक होंगे ? [2]
Previously asked in: 2025 4/6/1 Q2
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Model Answer

(I) (C) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है।

(II) (A) स्वदेशी भोजन एवं परंपरागत पेय का उपयोग करारा जवाब है।

(III) (D) i – iii

(IV) गद्यांश के अनुसार, भारतीय स्वदेशी परंपरागत पेय पदार्थ, व्यंजन एवं मिष्टान्न जब बाज़ार में लोकप्रिय होंगे, तो स्वदेशीकरण को बढ़ावा मिलेगा और किसान समृद्ध होंगे। हर्बल फूड सेंटरों से रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे, रासायनिक खेती से खराब होते खेतों तथा मानव स्वास्थ्य की रक्षा होगी। इस प्रकार आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।

(V) हर्बल फूड सेंटर निम्नलिखित स्थानों पर लाभदायक होंगे —

इन सेंटरों में ऑर्गेनिक हरी सब्जियाँ, दालें, मिलेट्स से बना भोजन और परंपरागत पेय उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

Source: गद्यांश — हर्बल-ऑर्गेनिक आहार

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Explanation
Q11. [7]
पिता हमेशा रुष्ट नहीं होता, सदैव कठोर व्यवहार से घर को संचालित नहीं करता क्योंकि वह भीतर से सौम्य प्रकृति का होता है । पिता का प्रेम दिखाई नहीं देता, उसे महसूस किया जा सकता है । बाहर से कठोर दिखाई देने वाला पिता भीतरी स्तर पर अत्यन्त भावुक होता है । जिस घर में पिता बच्चों के साथ बातचीत करता है, हँसता-बोलता है, उनके सभी क्रियाकलापों में सहयोग करता है, उसी घर में बच्चों का मानसिक व शारीरिक विकास उचित रूप से हो पाता है । अच्छी और सुसंस्कृत संतान हर माता-पिता की ख्वाहिश होती है । बच्चों के पालन-पोषण में दोनों समान भूमिका निभाते हैं । आज का युग इस दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है, जहाँ माता-पिता दोनों कामकाजी हैं । भागदौड़ भरी जिन्दगी में घर के साथ दफ्तर भी सँभालना होता है । ऐसे में केवल माँ के भरोसे घर और बच्चों को छोड़ना सही नहीं है । दोनों के सहयोग से ही घर को सँभाल पाना संभव होता है । पिता का दायित्व आज दफ्तर की सीमा से निकलकर घर तक आ गया है । बच्चों को सुबह उठाकर स्कूल भेजने से लेकर होमवर्क करवाने तक सभी कार्यों में उसकी समान भागीदारी आज अपेक्षित है । आज नई पीढ़ी के युवा घर में इन जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते देखे जा सकते हैं । वर्तमान समय में पढ़े-लिखे कामकाजी-एकल परिवार में व्यक्ति का जीवन दबाव में ही दिखता है, चाहे वह पढ़ाई का हो, कैरियर का हो अथवा कार्यक्षेत्र में हो । परिवार का खुशनुमा और परस्पर सौहार्दपूर्ण वातावरण उस दबाव से बाहर निकलने में सहायक बनता है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (I) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए और उत्तर लिखिए । कथन : पिता सदैव कठोर व्यवहार से घर को संचालित नहीं करता । कारण : बच्चों की गतिविधियों में पिता की सौम्यतापूर्ण भागीदारी और सहयोग रहता है । [1]
    1. (A) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है ।
    2. (B) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं ।
    3. (C) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है ।
    4. (D) कथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है ।
  2. (II) अच्छी और सुसंस्कृत संतान के लिए अपेक्षित है – [1]
    1. (A) बच्चों के पालन-पोषण में केवल माता की सहभागिता
    2. (B) बच्चों के पालन-पोषण में केवल पिता की सहभागिता
    3. (C) बच्चों के पालन-पोषण में माता-पिता दोनों की सहभागिता
    4. (D) बच्चों के पालन-पोषण में समाज की सहभागिता
  3. (III) आज की युवा पीढ़ी में कौन-सा सकारात्मक परिवर्तन आया है ? [1]
    1. (A) युवा माता-पिता दोनों का कामकाजी होना ।
    2. (B) बच्चों की परवरिश में माता को पिता का पूर्ण सहयोग मिलना ।
    3. (C) एकल परिवारों का चलन दिन-प्रतिदिन बढ़ना ।
    4. (D) एकल परिवारों में बच्चों का जल्दी परिपक्व होना ।
  4. (IV) माता-पिता पर अपनी संतान को लेकर कौन-कौन से दबाव हैं ? इन दबावों से आप अपने माता-पिता को मुक्ति कैसे दिलवा सकते हैं ? [2]
  5. (V) पिता की कौन-सी दो विरोधी बातें परिवार को सही दिशा में ले जाती हैं ? [2]
Previously asked in: 2025 4/6/1 Q1
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Model Answer

(I) (C) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है ।

(II) (C) बच्चों के पालन-पोषण में माता-पिता दोनों की सहभागिता

(III) (B) बच्चों की परवरिश में माता को पिता का पूर्ण सहयोग मिलना ।

(IV) गद्यांश के अनुसार माता-पिता पर पढ़ाई, कैरियर और कार्यक्षेत्र के दबाव रहते हैं। इन दबावों से मुक्ति दिलाने के लिए हम अपना होमवर्क स्वयं समय पर पूरा करें, घर के छोटे-छोटे कामों में सहयोग दें और परिवार में खुशनुमा व सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखें, जिससे माता-पिता का तनाव कम हो ।

(V) पिता की दो विरोधी बातें हैं —

ये दोनों विरोधी गुण मिलकर परिवार को अनुशासन और स्नेह की सही दिशा देते हैं ।

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Explanation
Q12. [7]
धरती के भीतर होने वाले कंपन कई बार नदियों का मार्ग बदल चुके हैं । ऐसे में नदी कभी-कभी अपने मूल स्थान से मीलों दूर चली जाती है । इससे तटवर्ती नगरों-महानगरों के निर्माण तो ध्वस्त होते ही हैं, एक बड़े परिक्षेत्र की कृषि योग्य भूमि भी जलमग्न हो जाती है । अपने सबसे घातक और विनाशकारी रूप में आने वाला भूकंप सड़कों, राजमार्गों को तोड़ते हुए पूरे परिदृश्य को मौलिक रूप से बदलने के साथ ही, नई-नई झीलें भी बना सकता है । विश्व में अनेक ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों में घनी आबादी बसती है और नदियाँ भी बहती हैं । वहाँ गंभीर संकट मुँह बाए खड़ा है । यह जोखिम भरी स्थिति है । जब धरती की सतह के भीतर टेक्टोनिक प्लेटें एक-दूसरे के विरुद्ध घिसती हैं या खिसकती हैं, तो वे कंपन पैदा करती हैं और धरती पर भूकंप आता है, और जब इसका केन्द्र नदी के क़रीब होता है तो अनेक बार नदी अपना रास्ता बदल देती है, भारी तबाही लाती है । चीन, भारत और जापान में आया भूकंप इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है जो जान-माल की हानि का कारण बना । नदी के बदलावों के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों में विकास को सीमित कर, बाढ़ के मैदानों को खुली जगह या कृषि भूमि में वर्गीकृत कर विज्ञान और सतर्कता से इनका सामना किया जा सकता है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (I) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए । कथन : भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में घनी आबादी का बसना जोखिमपूर्ण है । कारण : प्राकृतिक आपदा के समय जान-माल की रक्षा करना चुनौतीपूर्ण कार्य है । [1]
    1. (A) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है ।
    2. (B) कथन गलत है, किन्तु कारण सही है ।
    3. (C) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है ।
    4. (D) कथन और कारण दोनों ही गलत हैं ।
  2. (II) धरती की सतह पर भूकंप आने का कारण है – [1]
    1. (A) नदियों द्वारा अपना रास्ता बदलना ।
    2. (B) धरती के भीतर प्लेटों का प्रतिकूल दिशा में खिसकना ।
    3. (C) मनुष्य द्वारा प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया जाना ।
    4. (D) मनुष्य द्वारा प्रकृति को क्षति पहुँचाकर विकास कार्यों में तेजी लाना ।
  3. (III) गद्यांश के मूल भावों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सत्य है/हैं ? (i) भूकंप के कारण नदियाँ अपना रुख बदल लेती हैं । (ii) विकास की गति को प्रतिबंधित कर भूकंप से बचा जा सकता है । (iii) विनाशकारी भूकंप धरती पर जल के नए स्रोतों को जन्म दे सकता है । (iv) मानवीय गतिविधियाँ नदियों को अपने मूल स्थानों से दूर ले जाने का कारण हैं । [1]
    1. (A) (i) और (iv) सही हैं ।
    2. (B) (ii) और (iv) सही हैं ।
    3. (C) (ii) और (iii) सही हैं ।
    4. (D) (i) और (iii) सही हैं ।
  4. (IV) भूकंप के कारण नदी का मार्ग कैसे बदल जाता है ? [2]
  5. (V) धरती के भीतर उठने वाले 'कंपन' को क्या कहते हैं और उसके क्या परिणाम होते हैं ? [2]
Previously asked in: 2025 4/5/1 Q2
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Model Answer

(I) (A) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है ।

(II) (B) धरती के भीतर प्लेटों का प्रतिकूल दिशा में खिसकना ।

(III) (D) (i) और (iii) सही हैं ।

(IV) जब धरती की सतह के भीतर टेक्टोनिक प्लेटें एक-दूसरे के विरुद्ध घिसती या खिसकती हैं, तो भूकंप आता है । जब इस भूकंप का केंद्र किसी नदी के निकट होता है, तो धरती के भीतर होने वाले कंपन के कारण नदी अपना मूल मार्ग छोड़कर मीलों दूर चली जाती है, जिससे तटवर्ती नगर ध्वस्त हो जाते हैं और कृषि भूमि जलमग्न हो जाती है ।

(V) धरती के भीतर उठने वाले कंपन को भूकंप कहते हैं । इसके परिणामस्वरूप नदियाँ अपना मार्ग बदल लेती हैं, तटवर्ती नगरों के निर्माण ध्वस्त होते हैं, कृषि योग्य भूमि जलमग्न हो जाती है, सड़कें-राजमार्ग टूट जाते हैं और नई झीलें भी बन सकती हैं । जान-माल की भारी हानि होती है ।

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Explanation
Q13. [7]
माता–पिता द्वारा प्रदत्त संस्कार जीवनभर संतान के साथ रहते हैं । वे पालक हैं, पोषक हैं, साथ ही रक्षक भी हैं । घर–परिवार की जिम्मेदारियों को कुशलता से निभाने का दायित्व उनके कंधों पर ही है । जीवन में अनुशासन रखना कठिन कार्य है, इसमें व्यक्ति को आराम नहीं मिलता । किसी को भी अनुशासित रहना अर्थात् बँधे हुए जीना पसन्द नहीं आता । लेकिन सच्चाई यही है कि बिना अनुशासन के जीवन में संतुलन नहीं रह पाता और हम अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं । इस बात को पतंग के उदाहरण से समझ सकते हैं । एक उड़ती हुई पतंग आसमान पर तब तक राज करती है, जब तक वह डोर से बँधी है । कट जाने पर वह अपना अस्तित्व खो देती है । हमारे जीवन में अनुशासन की यह डोर माता–पिता के हाथों में रहती है । वे ही जीवन को अनुशासित करते हैं । जो बच्चे अनुशासित जीवन जीते हैं, वे आगे जाकर सफल व्यक्ति बन जाते हैं । माता भावनात्मक रूप से साथ जुड़ती है, पिता संघर्षों में ढाल बनकर उसको मजबूती प्रदान करता है । पिता–पुत्र, पिता–पुत्री, सभी रिश्तों में गरिमा है, अनुशासन है, सामंजस्य है, प्रेम है तभी जीवन में सुख बरसता है । माता–पिता की भूमिका जीवन में उस समय और महत्त्वपूर्ण हो जाती है, जब आप कठिन परिस्थितियों में उचित निर्णय नहीं ले पाते । उनके मार्गदर्शन में ही जीवन की गहराइयों की समझ व्यक्ति को हो पाती है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (I) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए और उत्तर लिखिए । कथन : रिश्तों की गरिमा, अनुशासन, ताल–मेल और प्रेम परिवार के लिए अपेक्षित है । कारण : वही सुखी जीवन का रहस्य है । [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
    2. (B) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है ।
    3. (C) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है ।
    4. (D) कथन गलत है, किंतु कारण सही है ।
  2. (II) जीवन को परिपक्व बनाता है [1]
    1. (A) जीवन संघर्ष
    2. (B) माता-पिता का मार्गदर्शन
    3. (C) गुरु के दिशा-निर्देश
    4. (D) मित्रों का साथ
  3. (III) गद्यांश में पतंग का उदाहरण किस उद्देश्य से दिया गया है ? [1]
    1. (A) जीवन में स्वतंत्रता का महत्त्व दर्शाने के ।
    2. (B) जीवन में माता–पिता का महत्त्व दर्शाने के ।
    3. (C) पतंग की तरह आकाश-सा ऊँचा लक्ष्य पाने के ।
    4. (D) जीवन में अनुशासन का महत्त्व दर्शाने के ।
  4. (IV) अनुशासन का जीवन में क्या महत्त्व है ? कोई दो बिंदु लिखिए । [2]
  5. (V) बच्चों की परवरिश में माता–पिता का सहयोग किस प्रकार मिलता है ? [2]
Previously asked in: 2025 4/5/1 Q1
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Model Answer

(I) (C) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है ।

(II) (B) माता-पिता का मार्गदर्शन

(III) (D) जीवन में अनुशासन का महत्त्व दर्शाने के ।

(IV) जीवन में अनुशासन का महत्त्व :

  1. अनुशासन जीवन में संतुलन बनाए रखता है और हमें अपने लक्ष्य से भटकने से बचाता है ।
  2. जो बच्चे अनुशासित जीवन जीते हैं, वे आगे जाकर सफल व्यक्ति बनते हैं ।

(V) बच्चों की परवरिश में माता–पिता का सहयोग :
माता भावनात्मक रूप से बच्चे के साथ जुड़ती है और उसे प्रेम व अपनापन देती है । पिता संघर्षों में ढाल बनकर बच्चे को मजबूती प्रदान करता है । माता–पिता अपने संस्कारों से जीवनभर बच्चे का मार्गदर्शन करते हैं और कठिन परिस्थितियों में उचित निर्णय लेने में सहायता करते हैं ।

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Explanation
Q14. [7]
जलवायु परिवर्तन के साथ जैसे-जैसे मौसम का 'पैटर्न' समुद्र के स्तर को प्रभावित कर रहा है, नदी प्रणालियों में भूकम्प से होने वाले महाविनाशकारी परिवर्तनों को समझना अपरिहार्य हो चला है। धरती लगातार हिल रही है। पहाड़ों में दरारें पड़ रही हैं। नदियाँ वैसे भी, विशेष रूप से मार्ग और प्रवाह में परिवर्तन के प्रति संवेदनशील होती हैं। भूकम्प से नदी मार्ग में परिवर्तन के विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं, जिससे संपत्ति, कृषि और बुनियादी ढाँचे को भारी नुकसान पहुँच सकता है। हाल में, जब अध्येताओं की एक टीम ने ढाका से सौ किलोमीटर दक्षिण में नदी की पुरानी मुख्यधारा खोजने के लिए सैटेलाइट चित्रों का इस्तेमाल किया तो उस इलाके में भूकम्पीय संकेत-चिह्न मिले। इस क्षेत्र में गंगा और ब्रह्मपुत्र की प्लेटें करीब होने से यहाँ अकसर तेज भूकम्प आते रहे हैं। डेल्टा वाले नदी क्षेत्र में उच्च तीव्रता का भूकम्प आने पर प्रवाह का रास्ता पूरी तरह बदल सकता है। वहाँ तबाही इसलिए बहुत भयावह होगी, क्योंकि अब उस क्षेत्र में लाखों की घनी बसावट है। भूकम्पीय गतिविधियों और नदियों के प्रवाह पर बारीक नजर रखे हुए वैज्ञानिक लगातार ऐसे जोखिम वाले तमाम वैश्विक क्षेत्रों की पहचान करने में जुटे हैं। सब कुछ के बावजूद, किसी भूकम्प के सटीक मापदंडों या किसी भी क्षण नदी के बहाव के बारे में पूर्वानुमान लगाना असंभव है।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (i) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए। दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए : कथन : नदी प्रणालियों में भूकम्पीय विनाशकारी बदलावों को समझना अनिवार्य हो गया है। कारण : भूकम्प से नदी मार्ग में परिवर्तन के विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं। [1]
    1. A कथन और कारण दोनों गलत हैं।
    2. B कथन सही है लेकिन कारण गलत है।
    3. C कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है।
    4. D कथन गलत है किंतु कारण सही है।
  2. (ii) अध्ययनकर्ताओं को ढाका के दक्षिण में नदी की मुख्यधारा खोजते हुए क्या जानकारी मिली? [1]
    1. A उस क्षेत्र के पहाड़ों में दरारें मिलीं
    2. B उस क्षेत्र की संवेदनशीलता की जानकारी मिली
    3. C नदी की पुरानी मुख्यधारा इस क्षेत्र से गायब हो चुकी है
    4. D उस इलाके में नदी की पुरानी मुख्यधारा के संकेत-चिह्न मिले
  3. (iii) डेल्टा वाले क्षेत्र में तीव्र भूकम्प आने से होगा : (I) नदी-मार्ग बदल सकता है (II) भयानक तबाही होगी (III) उन क्षेत्रों में घनी बसावट हो सकती है (IV) वहाँ अकसर तेज भूकम्प आते रहेंगे [1]
    1. A I - II
    2. B II - III
    3. C III - IV
    4. D I - IV
  4. (iv) भूकम्प के सटीक मापदंड और नदी के बहाव का पूर्वानुमान लगाना असंभव क्यों है? किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए। [2]
  5. (v) पृथ्वी में हो रही लगातार भीतरी हलचल के कौन-से परिणाम हो रहे हैं और हो सकते हैं? [2]
Previously asked in: 2025 4/4/1 Q2
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Model Answer

(i) C — कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है।

(ii) D — उस इलाके में नदी की पुरानी मुख्यधारा के भूकम्पीय संकेत-चिह्न मिले।

(iii) A — I - II (नदी-मार्ग बदल सकता है तथा भयानक तबाही होगी।)

(iv) भूकम्प के सटीक मापदंड और नदी के बहाव का पूर्वानुमान लगाना इसलिए असंभव है क्योंकि —

(v) पृथ्वी की लगातार भीतरी हलचल के निम्नलिखित परिणाम हो रहे हैं और हो सकते हैं —

Source: अपठित गद्यांश (जलवायु परिवर्तन और भूकम्पीय प्रभाव)

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Explanation
Q15. [7]
रंगमंच की दुनिया में मोबाइल थियेटर अबूझा नाम नहीं और असम में तो ये मनोरंजन का दूसरा नाम है। देश ही नहीं दुनिया भर में अपनी तरह का अनोखा, चलता-फिरता रंगमंच जो खानाबदोश जिंदगी जीता है। जिसका आज यहाँ ठौर, तो कल वहाँ ठिकाना इसलिए इसे भ्रमण थियेटर भी कहते हैं। असम में फिल्मों से ज्यादा मोबाइल थियेटर लोकप्रिय है। असम के लेखकों और कलाकारों के लिए ये थियेटर किसी संजीवनी से कुछ कम नहीं हैं। ट्रकों पर खाने-पीने से लेकर स्टेज, कुर्सी, पोशाक, तकनीकी उपकरणों समेत सारे सामानों से लदकर ये आठ से नौ महीनों तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में लगातार प्रदर्शन करते हैं। रूपरेखा भले ही नाटक की हो, पर इसका स्टाइल पूरा फिल्मी है। फिल्मों की तरह इन थियेटरों में दिखाए जाने वाले नाटकों का भी बैनर, पोस्टर लगाकर खूब प्रचार होता है। थियेटर शब्द सुनकर आमतौर पर गंभीर विषयवस्तु और श्वेत-श्याम स्टेज के नाटकों का खाका मस्तिष्क में उभरता है। ये घुमक्कड़ रंगमंच मंचन भले ही नाटकों का करते हैं, लेकिन इनमें पटकथा से लेकर नाच-गाना, एक्शन, इमोशन हर तरह का फिल्मी मसाला होता है। अभिनय और प्रस्तुति के मामले में यहाँ मनोरंजन से कोई समझौता नहीं होता। टी.वी., केबल चैनलों और नई तकनीकों का इसके बाज़ार पर भी असर पड़ा है। बाज़ार और तकनीकी चहलकदमी ने इसका रूप ही नहीं रुख भी बदल दिया है लेकिन फिर भी इंटरनेट की तकनीकी आँधी इसके तंबू को उखाड़ नहीं पाई है। इसकी वजह है इसकी विविधता में वास्तविकता। पुरानी लाइटिंग, साउंड, तकनीकी उपकरणों के बावजूद इनके सेट एकदम असली लगते हैं और उस पर कलाकारों की जीवंत और उम्दा प्रस्तुति की तो बात ही क्या! अपनी मौलिकता की वजह से समय की रेत पर यह आज भी अपनी पहचान के साथ स्थिर खड़ा है।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
  1. (i) मोबाइल थियेटर से क्या अभिप्राय है? [1]
    1. A मोबाइल पर देखे जाने वाला थियेटर
    2. B मोबाइल की सहायता से बना थियेटर
    3. C चलते-फिरते देखे जाने वाला थियेटर
    4. D चलता-फिरता थियेटर
  2. (ii) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यान से पढ़िए और उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : कथन : असम के लेखकों, कलाकारों के लिए मोबाइल थियेटर संजीवनी हैं। कारण : मोबाइल थियेटर उन्हें आत्मिक, सामाजिक और आर्थिक संतुष्टि प्रदान करता है। [1]
    1. A कथन और कारण दोनों गलत हैं।
    2. B कारण सही है किंतु कथन गलत है।
    3. C कथन सही है किंतु कारण कथन की गलत व्याख्या करता है।
    4. D कथन तथा कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
  3. (iii) मोबाइल थियेटर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं : (I) मोबाइल थियेटर फिल्मी मसालों से युक्त होते हैं। (II) मोबाइल थियेटर असम में मनोरंजन का एकमात्र साधन हैं। (III) बाज़ारवाद और तकनीक का प्रभाव मोबाइल थियेटरों पर भी पड़ा है। [1]
    1. A केवल (II) सही है।
    2. B केवल (III) सही है।
    3. C (I) और (II) सही हैं।
    4. D (I) और (III) सही हैं।
  4. (iv) मोबाइल थियेटर पारंपरिक थियेटर से किस प्रकार भिन्न हैं? 25-30 शब्दों में लिखिए। [2]
  5. (v) समय की रेत पर मोबाइल थियेटर की पहचान को स्थिर रखने वाली कौन-सी विशेषता है? किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए। [2]
Previously asked in: 2025 4/4/1 Q1
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Model Answer

(i) उत्तर: D — चलता-फिरता थियेटर

(ii) उत्तर: C — कथन सही है किंतु कारण कथन की गलत व्याख्या करता है।
(गद्यांश में केवल यह कहा गया है कि यह थियेटर लेखकों-कलाकारों के लिए संजीवनी है; 'आत्मिक, सामाजिक और आर्थिक संतुष्टि' का उल्लेख नहीं है।)

(iii) उत्तर: D — (I) और (III) सही हैं।
(गद्यांश में मोबाइल थियेटर को मनोरंजन का 'दूसरा नाम' कहा है, 'एकमात्र साधन' नहीं; अतः कथन II गलत है।)

(iv) पारंपरिक थियेटर में गंभीर विषयवस्तु और सादा श्वेत-श्याम मंच होता है, जबकि मोबाइल थियेटर में नाच-गाना, एक्शन, इमोशन जैसे फिल्मी मसाले होते हैं। साथ ही यह चलता-फिरता है और बैनर-पोस्टर से फिल्मों की तरह प्रचार भी करता है।

(v) मोबाइल थियेटर की पहचान को स्थिर रखने वाली दो विशेषताएँ:

  1. विविधता में वास्तविकता — पुरानी तकनीक के बावजूद इनके सेट एकदम असली लगते हैं।
  2. कलाकारों की जीवंत एवं उम्दा प्रस्तुति — मंच पर सजीव अभिनय दर्शकों को बाँधे रखता है।

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Explanation
Q16. [7]
पीने के पानी की समस्या दिनोंदिन भयावह रूप लेती जा रही है । इसका मुख्य कारण पारंपरिक जल स्रोतों का लगातार सूखते जाना, ज़मीन के अंदर जल स्तर का नीचे जाना और जल स्रोतों का प्रदूषित होना है । यही कारण है कि जिस गति से जनसंख्या बढ़ रही है लोगों को पीने के पानी की कमी होती जा रही है और यह समस्या सिर्फ़ शहरों में ही नहीं बल्कि गाँवों में भी अपने पाँव पसार रही है । नदियाँ और ज़मीन के भीतर का जमा जल ही मुख्य रूप से हमारे पारंपरिक जल स्रोत हैं । लेकिन बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के कारण वैश्विक तापमान बढ़ने से पहाड़ों पर जमी बर्फ अब जल्दी पिघलने लगी है, जिससे नदियों में वर्षभर पानी नहीं आ पाता । बरसात की कमी या वर्षा जल का सही संरक्षण न हो पाने के कारण एक ओर ज़मीन उचित मात्रा में जल सोख नहीं पाती तो दूसरी ओर आधुनिक संयंत्रों से धरती और नदी के जल का अधिक दोहन होने लगा है । हर साल ज़मीन के नीचे जितना जल संचय नहीं होता उससे अधिक पानी खींच लिया जाता है । इस तरह सदियों से संचित जल का स्तर काफी नीचे चला गया है । सरकार अब वर्षा जल के संग्रहण के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर रही है, जिसे 'जल-खेती' के नाम से जाना जाता है । वर्षा-जल संग्रहण, पारंपरिक जल स्रोतों के दोहन और जल प्रदूषण पर रोक लगाकर ही इसका समाधान किया जा सकता है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए :
  1. (i) गद्यांश के आधार पर पीने के पानी की समस्या का भयावह रूप धारण करने का कारण नहीं है : [1]
    1. (A) पारंपरिक जल स्रोतों का सूखते जाना
    2. (B) भू-जल स्तर का निरंतर कम होना
    3. (C) जल स्रोतों का दिनोंदिन प्रदूषित होना
    4. (D) वैश्विक स्तर पर जलवायु में परिवर्तन होना
  2. (ii) निम्नलिखित कथन और परिणाम को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : संचित जल से अधिक भू-जल विभिन्न माध्यमों से निकाला जा रहा है । परिणाम : भू-जल स्तर दिन प्रतिदिन नीचे जाता जा रहा है । [1]
    1. (A) कथन सही है, लेकिन परिणाम ग़लत है ।
    2. (B) कथन और परिणाम दोनों सही हैं ।
    3. (C) कथन ग़लत है, लेकिन परिणाम सही है ।
    4. (D) कथन और परिणाम दोनों ग़लत हैं ।
  3. (iii) 'जल-खेती' से अभिप्राय है : [1]
    1. (A) जल का संग्रहण
    2. (B) जल का संरक्षण
    3. (C) जल के लिए खेती
    4. (D) जल में खेती
  4. (iv) वैश्विक तापमान में वृद्धि का क्या दुष्प्रभाव देखने को मिल रहा है ? [2]
  5. (v) धरती के जल स्तर में आने वाली गिरावट के कारणों की समीक्षा कीजिए । [2]
Previously asked in: 2025 4/2/1 Q2
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Model Answer

(i) (D) वैश्विक स्तर पर जलवायु में परिवर्तन होना

(ii) (B) कथन और परिणाम दोनों सही हैं।

(iii) (A) जल का संग्रहण

(iv) गद्यांश के अनुसार वैश्विक तापमान में वृद्धि के कारण पहाड़ों पर जमी बर्फ पहले की अपेक्षा जल्दी पिघलने लगी है। इसका दुष्प्रभाव यह हो रहा है कि नदियों में वर्षभर पानी नहीं रह पाता, जिससे जल की उपलब्धता कम होती जा रही है और पीने के पानी की समस्या और गहरी होती जा रही है।

(v) धरती के जल स्तर में गिरावट के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं :

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Explanation
Q17. [7]
गाँधीजी ने संसार को जो संदेश दिया था, वह सर्वोदय का संदेश था । उस संदेश की जितनी पहले आवश्यकता थी, उतनी ही आज भी है । गाँधीजी ने अपने जीवन-काल में न केवल वाणी और लेखनी द्वारा, बल्कि अपने आचरण द्वारा भी उस महान संदेश का प्रचार किया था । गाँधीजी ने इस पर ख़ूब जोर दिया था कि किसी अच्छे उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए अशुद्ध साधनों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए । उन्होंने हमें सिखाया था कि अशुद्ध साधनों द्वारा उत्तम उद्देश्य हासिल नहीं किया जा सकता । यही कारण था कि उन्होंने देश की स्वतंत्रता के श्रेष्ठ लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हिंसात्मक और आतंकवादी कार्रवाइयों का त्याग करने और सत्य तथा अहिंसा का मार्ग अपनाने की सलाह दी है । इसका परिणाम हम अपनी आँखों से देख चुके हैं । व्यवहार में यह रास्ता ज्यादा सीधा और सरल साबित हुआ । कम-से-कम हानि उठाकर हमने अपनी स्वतंत्रता हासिल की और जो कल तक हमारे विरोधी थे, वही हमारे मित्र बन गए हैं । इसके विपरीत यूरोप के पिछले दो महायुद्धों के उदाहरण भी हमारे सामने हैं । इन महायुद्धों में जन-धन का भयंकर विनाश हुआ, वह तो हुआ ही; उन नैतिक मूल्यों का भी ह्रास हो गया, जिनके कारण मनुष्य मनुष्य कहलाने का अधिकारी होता है । वे समस्याएँ आज भी बनी हुई हैं जिन्हें हल करने के लिए महायुद्ध लड़े गए थे । अत: सर्वोदय सम्मेलन में साधनों की शुद्धता पर जो बल दिया गया है, वह सर्वथा उचित है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए :
  1. (i) 'गाँधीजी ने अपने आचरण द्वारा भी उस महान संदेश का प्रचार किया था ।' – पंक्ति में किस महान संदेश की ओर संकेत किया गया है ? [1]
    1. (A) सत्य और अहिंसा का संदेश
    2. (B) सर्वोदय का संदेश
    3. (C) शुभ आचरण का संदेश
    4. (D) नैतिक मूल्यों का संदेश
  2. (ii) 'गाँधीजी के भौतिक रूप से हमारे बीच उपस्थित न रहने' – से क्या अभिप्राय है ? [1]
    1. (A) आत्मिक रूप से उपस्थित न होना
    2. (B) सैद्धांतिक रूप से उपस्थित न होना
    3. (C) प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित न होना
    4. (D) मानसिक रूप में उपस्थित न होना
  3. (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : सर्वोदय के संदेश की दुनिया को जितनी आवश्यकता पहले थी, उतनी ही आवश्यकता आज भी है । कारण : समाज में विद्यमान समस्याओं के मूल रूप में पहले से अब तक विशेष अंतर नहीं आया है । [1]
    1. (A) कथन ग़लत है, परन्तु कारण सही है ।
    2. (B) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं ।
    3. (C) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
    4. (D) कथन सही है, परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है ।
  4. (iv) देश की स्वतंत्रता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए गाँधीजी ने किस मार्ग को अपनाने की सलाह दी और क्यों ? [2]
  5. (v) स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए गाँधीजी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने के क्या परिणाम निकले ? [2]
Previously asked in: 2025 4/2/1 Q1
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Model Answer

(i) (B) सर्वोदय का संदेश

(ii) (C) प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित न होना

(iii) (D) कथन सही है, परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है ।

(iv) गाँधीजी ने देश की स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए सत्य और अहिंसा का मार्ग अपनाने की सलाह दी। उन्होंने हिंसात्मक और आतंकवादी कार्रवाइयों का त्याग करने को कहा। इसका कारण यह था कि उनके अनुसार अशुद्ध साधनों द्वारा उत्तम उद्देश्य कभी हासिल नहीं किया जा सकता — अर्थात् साधनों की शुद्धता अनिवार्य है।

(v) गाँधीजी के दिखाए सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने के परिणाम बहुत सकारात्मक रहे। यह रास्ता व्यवहार में सीधा और सरल साबित हुआ। कम-से-कम हानि उठाकर देश को स्वतंत्रता मिली और जो अंग्रेज कल तक विरोधी थे, वे भी मित्र बन गए। इसके विपरीत यूरोप के महायुद्धों में हिंसा के कारण जन-धन का भयंकर विनाश हुआ और नैतिक मूल्यों का भी ह्रास हो गया।

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Explanation
Q18. [7]
क्रोध दुःख के चेतन कारण के साक्षात्कार या अनुमान से उत्पन्न होता है। साक्षात्कार के समय दुःख और उसके कारण के संबंध का परिज्ञान आवश्यक है। तीन-चार महीने के बच्चे को कोई हाथ उठाकर मार दे, तो उसने हाथ उठाते तो देखा है पर उसकी पीड़ा और उस हाथ उठाने से क्या संबंध है, यह वह नहीं जानता है। अतः वह केवल रोकर अपना दुःख मात्र प्रकट कर देता है। दुःख के कारण की स्पष्ट धारणा के बिना क्रोध का उदय नहीं होता। दुःख के सज्ञान कारण पर प्रबल प्रभाव डालने में प्रवृत्त करवाने वाला मनोविकार होने के कारण क्रोध का आविर्भाव बहुत पहले देखा जाता है। शिशु अपनी माता की आकृति से परिचित हो जाने पर ज्यों ही यह जान जाता है कि दूध इसी से मिलता है, भूखा होने पर वह उसे देखते ही अपने रोने में कुछ क्रोध का आभास देने लगता है। सामाजिक जीवन में क्रोध की ज़रूरत बराबर पड़ती है। यदि क्रोध न हो तो मनुष्य दूसरों के द्वारा पहुँचाए जाने वाले बहुत से कष्टों की चिरनिवृत्ति का उपाय ही न कर सकेगा। समाज में निराशा और अत्याचार का बोलबाला बढ़ जाएगा। कोई मनुष्य किसी दुष्ट के नित्य दो-चार प्रहार सहता है। यदि उसमें क्रोध का विकास नहीं हुआ है तो वह केवल आह-ऊह करेगा, जिसका उस दुष्ट पर कोई प्रभाव नहीं। उस दुष्ट के हृदय में विवेक, दया आदि उत्पन्न करने में बहुत समय लगेगा। संसार किसी को इतना समय ऐसे छोटे-छोटे कामों के लिए नहीं दे सकता।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए :
  1. (i) क्रोध की उत्पत्ति का क्या कारण है ? [1]
    1. A सामने वाले के हृदय में दया उत्पन्न करना
    2. B दुःख के चेतन कारण के साक्षात्कार का अनुमान
    3. C क्रोध को अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानना
    4. D अपनी भावनाओं पर नियंत्रण न रख पाना
  2. (ii) माँ की गोद में जाते ही शिशु क्यों शांत हो जाता है ? [1]
    1. A माता शिशु की जननी है।
    2. B सुरक्षा का अनुभव करता है।
    3. C माँ की गोद में ममता का अनुभव करता है।
    4. D माँ की आकृति पहचान भूख शांत हो जाने की आशा है।
  3. (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : क्रोध की आह-ऊह का दुष्ट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। कारण : दुष्ट के हृदय में विवेक, दया आदि उत्पन्न करने में बहुत समय लगेगा। [1]
    1. A कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है।
    2. B कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
    3. C कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
    4. D कथन ग़लत है, लेकिन कारण सही है।
  4. (iv) गद्यांश का लेखक सामाजिक जीवन में क्रोध का समर्थन करता है, क्यों ? [2]
  5. (v) गद्यांश के आधार पर क्रोध की व्याख्या कीजिए। [2]
Previously asked in: 2025 4/1/1 Q2
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:14 · grounding stimulus
Model Answer

(i) उत्तर : B — दुःख के चेतन कारण के साक्षात्कार का अनुमान।

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(ii) उत्तर : D — माँ की आकृति पहचान, भूख शांत हो जाने की आशा है।
(शिशु जान लेता है कि दूध माँ से ही मिलता है, इसलिए माँ को देखते ही उसका क्रोध-मिश्रित रोना थमने लगता है।)

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(iii) उत्तर : C — कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।

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(iv) लेखक सामाजिक जीवन में क्रोध का समर्थन इसलिए करता है क्योंकि क्रोध न हो तो मनुष्य दूसरों द्वारा पहुँचाए जाने वाले कष्टों को दूर करने का उपाय नहीं कर सकेगा। इससे समाज में निराशा और अत्याचार बढ़ जाएगा। क्रोध दुष्ट पर तत्काल प्रबल प्रभाव डालता है, जबकि दुष्ट के हृदय में विवेक और दया उत्पन्न करने में बहुत अधिक समय लगता है जो संसार नहीं दे सकता।

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(v) लेखक के अनुसार क्रोध एक मनोविकार है जो दुःख के चेतन कारण के साक्षात्कार या अनुमान से उत्पन्न होता है। केवल दुःख अनुभव करना पर्याप्त नहीं; उस दुःख और उसके कारण के संबंध का ज्ञान होना आवश्यक है। तभी क्रोध का उदय होता है। उदाहरण के लिए, तीन-चार महीने का शिशु मार खाने पर केवल रोता है क्योंकि वह पीड़ा और उसके कारण का संबंध नहीं जानता। किंतु जब शिशु माँ को दूध का स्रोत पहचान लेता है, तब भूखे रहने पर माँ को देखकर उसके रोने में क्रोध का आभास मिलने लगता है।

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Source: गद्यांश (क्रोध — मनोविकार विषयक निबंध)

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Explanation
Q19. [7]
भारतीय चिंतन में स्वास्थ्य का अर्थ 'स्व' में स्थित होता है। दूसरे शब्दों में एक आत्मस्थ व्यक्ति को स्वस्थ कहा जा सकता है। जीवन का आनंद लेने के लिए स्वस्थ रहने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य व्यक्ति के व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन के लिए महत्त्वपूर्ण है। समाज का एक उत्पादक सदस्य होने के नाते हमें जागरूक और शरीर से क्रियाशील होने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य मनोविज्ञान में वे मनोवैज्ञानिक कारक आते हैं जो स्वास्थ्य को बनाए रखने और उन्नत करने में सहायक होते हैं। यह उन कारकों की भी खोज करता है जो रोग की स्थिति पैदा करते हैं। हमारी जीवन शैली और सोचने एवं व्यवहार करने के तरीके लोगों के स्वास्थ्य स्तर में योगदान करते हैं। व्यायाम, पौष्टिक भोजन लेने और धूम्रपान जैसे दुर्व्यसनों में परिवर्तन से शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है। स्वास्थ्य शारीरिक और मानसिक कुशलक्षेम की अवस्था को कहते हैं। यह एक सकारात्मक अवस्था है। लोगों के व्यक्तिगत तथा सामाजिक जीवन में स्वास्थ्य का केन्द्रीय स्थान है। आज की दुनिया में लोगों के गुणात्मक जीवन को चारों ओर से चुनौतियों का सामना करना पड़ता है जिसका परिणाम लोगों का गिरता स्वास्थ्य है। एक ओर बाहरी पर्यावरण बड़ी तेजी से बदल रहा है। इससे अनेक पर्यावरणीय तनावों से सफलतापूर्वक निपटने की आवश्यकता है। सामाजिक संरचना में आए बदलाव जैसे परिवार और अन्य सामाजिक संस्थाओं का विघटन, प्रतिस्पर्धा और उपभोक्तावादी संस्कृति द्वंद्व और असहयोग को बढ़ावा प्रदान कर स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए :
  1. (i) गद्यांश के अनुसार व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन के लिए महत्त्वपूर्ण है : [1]
    1. A धन
    2. B संघर्ष
    3. C स्वास्थ्य
    4. D परिश्रम
  2. (ii) 'समाज का उत्पादक सदस्य होने से' क्या अभिप्राय है ? [1]
    1. A समाज के विकास में योगदान देने वाला सक्रिय नागरिक
    2. B कल-कारखानों में काम करने वाला मेहनती श्रमिक
    3. C खेत-खलिहानों में काम करने वाला परिश्रमी किसान
    4. D देश के विकास में योगदान देने वाला चिंतनशील वैज्ञानिक
  3. (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : उत्तम स्वास्थ्य व्यक्ति के व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन के लिए आवश्यक है। कारण : मन की जागरूकता और शरीर की क्रियाशीलता स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है। [1]
    1. A कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है।
    2. B कथन और कारण दोनों सही हैं।
    3. C कथन ग़लत है, लेकिन कारण सही है।
    4. D कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
  4. (iv) स्वास्थ्य पर प्रभाव डालने वाले नकारात्मक कारकों का उल्लेख कीजिए। [2]
  5. (v) स्वास्थ्य किसे कहते हैं ? शरीर को स्वस्थ कैसे रखा जा सकता है ? [2]
Previously asked in: 2025 4/1/1 Q1
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Model Answer

(i) C — स्वास्थ्य

(ii) A — समाज के विकास में योगदान देने वाला सक्रिय नागरिक

(iii) B — कथन और कारण दोनों सही हैं।

(iv) गद्यांश के अनुसार स्वास्थ्य पर प्रभाव डालने वाले नकारात्मक कारक निम्नलिखित हैं:

(v) स्वास्थ्य शारीरिक और मानसिक कुशलक्षेम की सकारात्मक अवस्था को कहते हैं। भारतीय चिंतन में स्वास्थ्य का अर्थ 'स्व' में स्थित होना है अर्थात् आत्मस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ होता है।
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम करना, पौष्टिक भोजन लेना तथा धूम्रपान जैसे दुर्व्यसनों से दूर रहना आवश्यक है। इसके साथ ही सकारात्मक जीवनशैली और उचित सोच-व्यवहार भी स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक होते हैं।

Source: अपठित गद्यांश (स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य मनोविज्ञान)

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Explanation
Q20. [7]
'किडल्टिंग' दो शब्दों के मेल से बना है – 'किड' और 'एडल्ट' । यानि बचपन और वयस्क की संधि । इस शब्द का इस्तेमाल पिछले कुछ वर्षों से हो रहा है । वास्तव में यह बचपन की जानी-पहचानी गतिविधियों की ओर एक स्वाभाविक सरल वापसी है । 'किडल्टिंग' ज़िंदगी के भागमभाग में फँसे, अकेले रह गए या अवसाद से जूझ रहे लोगों को बहुत पसंद आ रहा है । पसंदीदा गतिविधियाँ करना अकसर तनाव दूर करने के लिए एकदम सही विकल्प होता है । बड़ी कंपनियाँ भी ऐसी गतिविधियों के चलन को बढ़ावा देने में तेज़ी से जुट गई हैं । लंदन और मैट्रिड में एक संवाद संग्रहालय 'डोपामाइन लैंड' अपने अंदर के बच्चे को जगाने के लिए बचपन और वयस्क अवस्था के संधिकाल की गतिविधियाँ करवाता है । दिनभर मोबाइल और कंप्यूटर से ऊबे हुए कामकाजी लोग इससे दूरी बनाने के दिलचस्प बहाने खोजने लगे हैं । ऐसे में बचपन की दुनिया में वापसी उन्हें पसंद आ रही है क्योंकि इसमें वे बिना मोबाइल और कंप्यूटर वाले बीते जीवन को जीते हैं । खबर यह भी है कि 'डोपामाइन लैंड' जैसी जगहें 'हैप्पी हॉर्मोन्स' को भी सक्रिय कर रही हैं । आखिर कुछ तो कारण होगा कि वर्तमान में तमाम सुविधाओं के बावजूद लोग ऐसी परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं जिसमें वे जीवन की संवेदनाओं का अहसास नहीं कर पाते ।
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (i) तनाव को कम करने का सबसे अच्छा तरीका है : [1]
    1. (A) अपने पसंदीदा कार्यों में समय लगाना
    2. (B) स्क्रीन पर और अधिक समय बिताना
    3. (C) काम में और अधिक ध्यान लगाना
    4. (D) नियत कार्य को समय से पूर्व निबटाना
  2. (ii) 'डोपामाइन लैंड' क्या है ? [1]
    1. (A) बच्चों के खेलने की खुली जगह
    2. (B) एक विशेष हॉर्मोन मिलने की जगह
    3. (C) बड़ों के खेलने के लिए निर्मित स्थान
    4. (D) बच्चों के हॉर्मोन संतुलित करने का स्थान
  3. (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : वर्तमान में सुख-सुविधाओं से भरी ज़िंदगी में खुशियों के अहसास की कमी हो गई है । कारण : प्रसन्न रहने के लिए सिर्फ भौतिक सुख-सुविधाएँ ही पर्याप्त नहीं हैं । [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं ।
    2. (B) कथन सही है, लेकिन कारण ग़लत है ।
    3. (C) कथन ग़लत है, लेकिन कारण सही है ।
    4. (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
  4. (iv) बड़ी-बड़ी कंपनियों के 'डोपामाइन लैंड' जैसी गतिविधियों में बढ़ती रुचि के क्या कारण हैं ? [2]
  5. (v) वर्तमान में 'किडल्टिंग' की आवश्यकता क्यों महसूस हो रही है ? [2]
Previously asked in: 2026 4/3/1 Q2
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Model Answer

(i) (A) अपने पसंदीदा कार्यों में समय लगाना

(ii) (C) बड़ों के खेलने के लिए निर्मित स्थान

(iii) (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।

(iv) बड़ी-बड़ी कंपनियाँ 'डोपामाइन लैंड' जैसी गतिविधियों में इसलिए रुचि ले रही हैं क्योंकि आज के व्यस्त और तनावग्रस्त जीवन में लोग मोबाइल व कंप्यूटर से दूरी चाहते हैं। बचपन की गतिविधियाँ 'हैप्पी हॉर्मोन्स' को सक्रिय करती हैं, जिससे लोगों को मानसिक राहत मिलती है। यह चलन तेज़ी से बढ़ रहा है, इसलिए इसमें व्यावसायिक अवसर भी भरपूर हैं।

(v) वर्तमान में लोग भागमभाग भरी ज़िंदगी, अकेलेपन और अवसाद से जूझ रहे हैं। तमाम भौतिक सुविधाओं के बावजूद वे जीवन की संवेदनाओं का अहसास नहीं कर पाते। दिनभर मोबाइल और कंप्यूटर पर काम करने से मानसिक थकान बढ़ गई है। ऐसे में बचपन की सरल गतिविधियों की ओर वापसी — यानी 'किडल्टिंग' — तनाव दूर करने और खुशी पाने का स्वाभाविक उपाय बन गई है।

Source: अपठित गद्यांश ('किडल्टिंग')

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Explanation
Q21. [7]
प्राकृतिक आपदा का अर्थ है – प्रकृति की ओर से आए संकट । बाढ़, बारिश, तपिश, सूखा, कहने को तो प्राकृतिक घटनाएँ हैं; लेकिन जिस तरह अब इनका रौद्ररूप मौसम–बेमौसम दिखने लगा है, यह चिंताजनक है । बीते साल बाढ़, वनों की आग, तूफान और उच्च तापमान की बेतहाशा घटनाओं ने कई देशों को झकझोर दिया है । ये घटनाएँ न तो साधारण हैं, न प्राकृतिक । पहले भी मौसम का प्रकोप दिखता था, लेकिन भयावहता का ऐसा मंजर यदा-कदा ही दिखा । इसके कारणों को जानते-समझते हुए भी हमारे अनजान बने रहने से प्राकृतिक आपदाएँ दिनोंदिन और विकराल होती जा रही हैं । जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स में प्रकाशित एक शोध ने वैज्ञानिकों, पर्यावरणविदों और प्रकृति को लेकर चिंतित संगठनों की नींद उड़ा दी है । भूजल दोहन के अनुपात में पानी वापस धरती में नहीं पहुँच रहा है । परिणामस्वरूप भूजल का स्तर दिनोंदिन गिरता जा रहा है । पृथ्वी अपने अक्ष पर झुकने लगी है । प्रकृति के साथ छेड़छाड़ कर हम उसे जो हानि पहुँचा रहे हैं, उस पर हमें नियंत्रण करना होगा । गांधी जी ने कहा था – 'यह प्रकृति करोड़ों क्या अरबों-अरबों लोगों का पालन बड़े आराम से कर सकती है किंतु एक इंसान की तृष्णा पूरी नहीं कर सकती ।' – इस संदेश को जीवन में उतारना होगा । साथ ही हमें प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए हमेशा तैयार रहना होगा । तभी हम मौत के किसी भी जलजले से बच सकते हैं ।
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (i) पृथ्वी के अक्ष में विचलन का मुख्य कारण है : [1]
    1. (A) भूजल का अतिदोहन
    2. (B) निरंतर बढ़ता तापमान
    3. (C) कम होते जंगल
    4. (D) बिना मौसम बरसात
  2. (ii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : विगत वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं का स्वरूप भयावह हुआ है । कारण : प्राकृतिक संसाधनों के प्रति असंवेदनशील मानवीय कृत्यों ने प्रकृति के सहज स्वरूप को प्रभावित किया है । [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं ।
    2. (B) कारण सही है, किंतु कथन ग़लत है ।
    3. (C) कथन सही है, किंतु कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है ।
    4. (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
  3. (iii) 'जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स' में प्रकाशित शोध में किस खतरे का ज़िक्र है ? [1]
    1. (A) तेज़ी से बदलता मौसम-चक्र
    2. (B) भूजल का कम होता स्तर
    3. (C) पृथ्वी के अक्ष में झुकाव
    4. (D) बेतहाशा बढ़ती प्राकृतिक आपदाएँ
  4. (iv) भूजल के बड़े पैमाने पर दोहन से पृथ्वी पर क्या असर पड़ा ? [2]
  5. (v) प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए क्या अनिवार्य है ? [2]
Previously asked in: 2026 4/3/1 Q1
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Model Answer

(i) (A) भूजल का अतिदोहन

(ii) (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।

(iii) (C) पृथ्वी के अक्ष में झुकाव

(iv) भूजल के बड़े पैमाने पर दोहन के कारण जितना पानी निकाला जा रहा है, उतना पानी वापस धरती में नहीं पहुँच पा रहा है। इसके दो प्रमुख परिणाम हुए — पहला, भूजल का स्तर दिनोंदिन गिरता जा रहा है, और दूसरा, पृथ्वी अपने अक्ष पर झुकने लगी है। इस खतरे ने वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों की नींद उड़ा दी है।

(v) प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए दो बातें अनिवार्य हैं। पहली, हमें प्रकृति के साथ छेड़छाड़ बंद करनी होगी और उसे होने वाली हानि पर नियंत्रण रखना होगा। दूसरी, गांधी जी के संदेश — कि प्रकृति सबका पालन कर सकती है किंतु एक इंसान की तृष्णा पूरी नहीं कर सकती — को जीवन में उतारना होगा। साथ ही आपदाओं से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहना होगा।

Source: अपठित गद्यांश — प्राकृतिक आपदा

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Explanation
Q22. [7]
साइकिल की सवारी न केवल हमारे स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सक्षम है, बल्कि सामाजिक समानता और सतत विकास की दिशा में भी योगदान देती है। यह परिवहन का ही साधन नहीं है बल्कि एक ऐसी विचारधारा भी है जो आधुनिकता के कोलाहल में खोई मानवता को फिर से जोड़ती है। साइकिल एक सस्ता, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल माध्यम है जो न केवल शहरों की भीड़ और प्रदूषण को कम करता है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक सुविधाओं तक समाज के प्रत्येक वर्ग की पहुँच को आसान करता है। मार्च 2022 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें साइकिल को सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में मुख्यधारा में लाने की बात कही गई। साथ ही इसे सतत उपभोग और उत्पादन को बढ़ावा देने वाला, जलवायु परिवर्तन से लड़ाई में सकारात्मक भूमिका निभाने वाला एक साधन बताया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक का कहना है कि पैदल चलना और साइकिल चलाना स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और शहरों को ज़्यादा टिकाऊ बनाता है। रोजाना आधा घंटा साइकिल चलाने से न केवल सेहत अच्छी रहती है, बल्कि सालाना 150 किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन को भी रोका जा सकता है। समाज का वह वर्ग, जो महँगे निजी वाहन नहीं खरीद सकता, यह उनके लिए आवागमन का मुख्य साधन है। यह उन्हें उनके कार्यक्षेत्र, स्कूल, अस्पताल जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुँच प्रदान करती है। इस तरह साइकिल न केवल स्वास्थ्य के लिए बल्कि सामाजिक समानता और आर्थिक रूप से भी एक प्रभावी विकल्प है।
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (i) सार्वजनिक परिवहन प्रणाली से आशय है : [1]
    1. (A) देश की आम जनता के आवागमन के लिए उपलब्ध यातायात के साधन
    2. (B) देश की विशिष्ट जनता के आवागमन के लिए उपलब्ध यातायात के साधन
    3. (C) देश के वरिष्ठ नागरिकों के आवागमन के लिए उपलब्ध यातायात के साधन
    4. (D) देश के बच्चों के आवागमन के लिए उपलब्ध यातायात के साधन
  2. (ii) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : साइकिल जलवायु परिवर्तन से लड़ाई में सकारात्मक भूमिका निभाने वाला एक प्रमुख साधन है। कारण : साइकिल जीरो-कार्बन उत्सर्जन के साथ चलती है। [1]
    1. (A) कथन तथा कारण दोनों ग़लत हैं।
    2. (B) कारण सही है, लेकिन कथन ग़लत है।
    3. (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
    4. (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
  3. (iii) साइकिल से होने वाले लाभों के विषय में कौन-सा कथन असत्य है ? [1]
    1. (A) सामाजिक समानता का माध्यम है।
    2. (B) पर्यावरण को सुरक्षित रखती है।
    3. (C) शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।
    4. (D) आर्थिक समानता को बढ़ावा देती है।
  4. (iv) साइकिल स्वच्छ पर्यावरण के लिए अनुकूल माध्यम कैसे है ? [2]
  5. (v) साइकिल के सस्ता, सुलभ और लाभकारी साधन होते हुए भी लोग इसके प्रयोग को प्राथमिकता क्यों नहीं देते ? [2]
Previously asked in: 2026 4/2/1 Q2
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding stimulus
Model Answer

(i) (A) देश की आम जनता के आवागमन के लिए उपलब्ध यातायात के साधन

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(ii) (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

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(iii) (D) आर्थिक समानता को बढ़ावा देती है।

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(iv) साइकिल स्वच्छ पर्यावरण के लिए इसलिए अनुकूल है क्योंकि यह किसी भी प्रकार का धुआँ या प्रदूषण नहीं फैलाती। रोज़ाना आधा घंटा साइकिल चलाने से सालाना 150 किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन को रोका जा सकता है। यह शहरों की भीड़ और प्रदूषण को कम करती है तथा जलवायु परिवर्तन से लड़ाई में सकारात्मक भूमिका निभाती है।

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(v) गद्यांश में इसका सीधा कारण नहीं दिया गया है, फिर भी संदर्भ से समझा जा सकता है कि आधुनिकता के कोलाहल में लोग महँगे निजी वाहनों को सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक मानने लगे हैं। साइकिल को पिछड़ेपन से जोड़कर देखा जाता है। इसके अतिरिक्त, आरामदायक यात्रा और तेज़ गति की चाहत भी लोगों को साइकिल से दूर करती है।

Source: अपठित गद्यांश (साइकिल की सवारी)

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Explanation
Q23. [7]
पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने और पृथ्वी को संरक्षित करने के लिए स्वीडन से 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस आयोजित करने का सिलसिला प्रारंभ हुआ। वर्ष 2025 में पर्यावरण दिवस का विषय था — 'वैश्विक प्लास्टिक प्रदूषण का अंत'। प्लास्टिक हमारे जीवन के अनेक पहलुओं में आवश्यक है मगर इसके कारण 'एक बार प्रयोग होने वाली उपभोक्ता संस्कृति' और 'इस्तेमाल करो और फेंको' पीढ़ी का जन्म हुआ है। मनुष्य की इस गतिविधि का नुकसान उसके साथ-साथ असहाय पशु-पक्षियों और प्रकृति को भी भुगतना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण की एक रिपोर्ट के अनुसार एक दिन में लगभग 144 करोड़ प्लास्टिक की बोतलों का उपयोग होता है। हम पृथ्वी पर प्लास्टिक कचरे की ऐसी विरासत छोड़ रहे हैं जिसका कोई अंत नहीं। शहरों में जल जमाव की समस्या का मुख्य कारण प्लास्टिक कचरा ही है। 99 प्रतिशत प्लास्टिक जीवाश्म ईंधन से तैयार होता है जो जैविक रूप से कभी नष्ट नहीं होता। लोगों में यह भ्रांति है कि समस्त प्लास्टिक का पुन: उपयोग हो जाता है। देश में मात्र 12 प्रतिशत प्लास्टिक का ही पुन: उपयोग हो रहा है और 20 प्रतिशत प्लास्टिक कचरा जलाया जा रहा है जिससे पर्यावरण को क्षति पहुँच रही है। अजर-अमर दिखने वाले दानव का वध करने के लिए लोगों को इसके समाधान का हिस्सा बनना होगा। प्लास्टिक उत्पादक उद्यमों को इसके विकल्पों को तलाशने और इसके पुनर्चक्रण पर ध्यान देना होगा। आम नागरिकों को अहम् भूमिका निभानी होगी क्योंकि यदि नागरिकों को कर्त्तव्य समझ में आ जाएँ तो स्थिति में सुधार लाया जा सकता है। हम सब अपने और अपने परिजनों के लिए स्वस्थ जीवन चाहते हैं तो हमें अपनी आदतों में बदलाव लाना होगा। बदलाव कठिन हो सकता है लेकिन पर्यावरण बिगाड़ने वाली इस बिल्ली के गले में घंटी बाँधनी ही होगी।
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (i) पर्यावरण बिगाड़ने वाली 'बिल्ली के गले में घंटी बाँधने' से क्या अभिप्राय है ? [1]
    1. (A) नदियों में अपशिष्ट पदार्थों को न डालने की शुरुआत
    2. (B) कूड़े-कचरे को जलाना बंद करने की शुरुआत
    3. (C) सूखे और गीले कचरे को अलग करने की शुरुआत
    4. (D) प्लास्टिक के प्रयोग को धीरे-धीरे बंद करने की शुरुआत
  2. (ii) प्लास्टिक के विषय में लोगों में क्या भ्रांति है ? [1]
    1. (A) सफ़ेद प्लास्टिक की थैलियों में रखी खाद्य सामग्री सुरक्षित है।
    2. (B) समस्त प्लास्टिक कचरे को पुन: उपयोग योग्य बनाया जा सकता है।
    3. (C) समय के साथ प्लास्टिक स्वयं ही धीरे-धीरे नष्ट हो जाता है।
    4. (D) प्लास्टिक कचरे से पर्यावरण को कोई क्षति नहीं पहुँचती।
  3. (iii) गद्यांश के अनुसार शहरों में जल जमाव की समस्या का मुख्य कारण है : [1]
    1. (A) प्लास्टिक कचरा
    2. (B) बढ़ती आबादी
    3. (C) पारंपरिक बनावट
    4. (D) अतिक्रमण
  4. (iv) प्लास्टिक के प्रयोग ने किस नई संस्कृति को जन्म दिया है और उसके क्या दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं ? [2]
  5. (v) 'प्लास्टिक प्रदूषण पर रोकथाम आम आदमी की सहभागिता से ही लग सकता है' – कैसे ? स्पष्ट कीजिए। [2]
Previously asked in: 2026 4/2/1 Q1
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding stimulus
Model Answer

(i) (D) प्लास्टिक के प्रयोग को धीरे-धीरे बंद करने की शुरुआत

(ii) (B) समस्त प्लास्टिक कचरे को पुन: उपयोग योग्य बनाया जा सकता है।

(iii) (A) प्लास्टिक कचरा

(iv) प्लास्टिक के प्रयोग ने 'एक बार प्रयोग होने वाली उपभोक्ता संस्कृति' और 'इस्तेमाल करो और फेंको' जैसी पीढ़ी को जन्म दिया है। इसके दुष्परिणाम यह हैं कि मनुष्य के साथ-साथ असहाय पशु-पक्षियों और प्रकृति को भी इसका नुकसान झेलना पड़ रहा है। शहरों में जल जमाव की समस्या उत्पन्न हो रही है तथा पृथ्वी पर अंतहीन प्लास्टिक कचरे की विरासत छूट रही है।

(v) गद्यांश के अनुसार यदि आम नागरिक अपने कर्तव्य समझ लें तो स्थिति में सुधार संभव है। नागरिक प्लास्टिक का उपयोग कम करके, उसके विकल्प अपनाकर तथा अपनी आदतों में बदलाव लाकर इस समस्या से लड़ सकते हैं। प्लास्टिक उत्पादक उद्यमों को भी पुनर्चक्रण और विकल्पों पर ध्यान देना होगा। जन-सहभागिता के बिना केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे।

Source: अपठित गद्यांश — प्लास्टिक प्रदूषण

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Explanation
Q24. [5]
उस छोटी लड़की का जीवन निराशा से भरा हुआ था । माता-पिता भी लाचार थे । वे चाहकर भी अपनी बेटी के लिए कुछ नहीं कर पाते थे । बचपन से ही वह चलने-फिरने में अक्षम थी । बैसाखी के बिना उसका एक कदम भी चलना मुश्किल था । एक शाम वह लड़की अपने घर के पास ही पार्क में चुपचाप बैठी थी । उसकी नजर पत्थर की उस मूर्ति पर पड़ी, जिसमें एक युवती दौड़ने की मुद्रा में खड़ी थी । वह मूर्ति इतनी जीवंत थी, गोया अभी दौड़ पड़ेगी । लड़की मूर्ति को देखकर सोचने लगी, क्या ऐसा नहीं हो सकता कि मैं भी उस मूर्ति की मुद्रा में दौड़ पाऊँ ? मुझे कोशिश तो करनी चाहिए । अगली सुबह वह उस प्रतिमा के पास देर तक उसी मुद्रा में टिकने की कोशिश करती, बार-बार गिरती, किंतु हरेक विफलता के साथ उसका हौसला दोगुना हो जाता । उसे घोर पीड़ा होती थी, पैर भी लहूलुहान हो जाते थे, किंतु उसने प्रयास करना नहीं छोड़ा और एक दिन वह अपने पैरों पर सीधी खड़ी हो गई । उस लड़की की अथक कोशिश में मानव जीवन के लिए एक गहरा संदेश छिपा है — हमारी सोच से ही हमारे जीवन और संस्कारों का निर्माण होता है । सोच सकारात्मक हो, उसके प्रति दृढ़ रहा जाए, तो हम दुनिया की हर तस्वीर को बदल सकते हैं । स्वामी विवेकानंद कहा करते थे, हम सभी वही होते हैं, जो हमारे विचार हमें बनाते हैं । इसलिए आप जो सोचते हैं उसके बारे में ध्यान रखना चाहिए । हमारे विचार दूर तक जाते हैं । हम अपने जीवन में हज़ारों बार असफल हो सकते हैं, लेकिन ख़ुद को कभी भी हारा हुआ नहीं समझना चाहिए । हालाँकि विफलता के बाद सोच को स्थिर रखना आसान नहीं होता । इसके लिए मस्तिष्क के अनुकूलन की जरूरत होती है । इसलिए नकारात्मक सोच से हमें सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि गिरना तो जीवन की कुदरती प्रक्रिया है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) छोटी लड़की का जीवन निराशापूर्ण क्यों था ?
    1. (a) माता-पिता की बेबसी के कारण
    2. (b) चलने-फिरने की अक्षमता के कारण
    3. (c) पैरों का इलाज ठीक से न होने के कारण
    4. (d) घर में आर्थिक अभावों के कारण
  2. (ii) छोटी लड़की के चलने का श्रेय जाता है :
    1. (a) छोटी लड़की के अथक प्रयासों को
    2. (b) छोटी लड़की की सकारात्मक सोच को
    3. (c) पार्क में दौड़ने की मुद्रा में लगी मूर्ति को
    4. (d) छोटी लड़की की सकारात्मक सोच व कोशिश को
  3. (iii) गद्यांश में प्रयुक्त 'मुद्रा' शब्द का उचित अर्थ है :
    1. (a) मुहर
    2. (b) आकृति
    3. (c) धन
    4. (d) सिक्का
  4. (iv) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : (क) हमारी सोच से ही हमारे जीवन और संस्कारों का निर्माण होता है । (ख) अपने विचारों के साथ दूसरों की सोच पर भी ध्यान दीजिए । (ग) नकारात्मक सोच से हमें सावधान रहने की जरूरत है । (घ) असफलता के बाद जीवन में आराम की जरूरत है । उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं ?
    1. (a) (क) और (ग)
    2. (b) केवल (क)
    3. (c) केवल (ख)
    4. (d) (क), (ख) और (ग)
  5. (v) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए । कथन (A) : विफलता के बाद सोच को स्थिर रखना आसान नहीं होता । कारण (R) : व्यक्ति का मनोबल टूट जाता है । मस्तिष्क को अनुकूलन की जरूरत होती है ।
    1. (a) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों ग़लत हैं ।
    2. (b) कथन (A) ग़लत है, लेकिन कारण (R) सही है ।
    3. (c) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R), कथन (A) की ग़लत व्याख्या करता है ।
    4. (d) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है ।
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q2
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding stimulus
Model Answer

(i) (b) चलने-फिरने की अक्षमता के कारण

(ii) (d) छोटी लड़की की सकारात्मक सोच व कोशिश को

(iii) (b) आकृति

(iv) (a) (क) और (ग)

(v) (d) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।

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Explanation
Q25. [5]
जलवायु परिवर्तन के दौर में गरमी का बढ़ता प्रकोप अनेक चिंताएँ उत्पन्न कर रहा है । भूमि के सभी क्षेत्र गरमी के प्रकोप से समान रूप से प्रभावित नहीं होते हैं । जहाँ अधिक हरियाली है, पेड़ हैं, वहाँ गरमी की मार अपेक्षाकृत कम है, जहाँ पूरा क्षेत्र सीमेंट-कंक्रीट के निर्माणों और सड़कों से भरा पड़ा है, वहाँ गरमी अधिक होती है । प्रायः किसी भी शहर के लिए एक ही तापमान बताया जाता है, पर वास्तव में एक ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों के तापमान में बहुत अंतर होता है । 10 डिग्री सेल्सियस या उससे भी अधिक का अंतर एक ही महानगर या बड़े शहर के भीतर देखा जा सकता है । वृद्ध और पहले से कमज़ोर स्वास्थ्य के लोगों पर चरम गरमी के दिनों में विशेष ध्यान देने की जरूरत है । गरमी के प्रकोप से उन लोगों की स्थिति और बिगड़ सकती है, जो पहले से साँस व हृदय संबंधी समस्याओं से त्रस्त हैं । पर्यावरणविदों के अनुसार, शहरों में अधिक तापमान के कुछ प्रमुख कारण इस प्रकार हैं । आधुनिक शहरों का आकार-प्रकार वायु के बहाव के हिसाब से ठीक नहीं है । गाँव में हवा रुकती नहीं है, लेकिन शहरों में ऊँची इमारतों की वजह से हवा रुकती है और बेचैनी बढ़ती है । शहर रेगिस्तान की तरह होने लगे हैं । कई जगहों पर किसी वनस्पति का नामोनिशान नहीं होता है, ऐसे इलाकों पर बारिश भी बेअसर होती है । वाष्पीकरण कम होता है और गरमी बढ़ जाती है । शहरों में मानव-जनित ऊष्मा भी बहुत बढ़ गई है । पेट्रोलियम पदार्थों के अधिकतम उपयोग से भी शहरी तापमान बढ़ रहा है । गरमी के प्रकोप को कम करने के लिए बसावट सुधारने से हरियाली बढ़ाने तक बहुत काम हैं, जो हमें करने चाहिए । स्थानीय प्रजाति के वृक्षों की संख्या बढ़ाने तथा परंपरागत जलस्रोतों की रक्षा पर ध्यान देना चाहिए ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) शहरी क्षेत्रों में अधिक तापमान का क्या कारण है ?
    1. (a) शहरों में बहुमंज़िला इमारतों का होना
    2. (b) शहरों में पक्की सड़कों का जाल होना
    3. (c) शहरों में हरियाली का असमान रूप में पाया जाना
    4. (d) शहरों में सीमेंट-कंक्रीट के निर्माण का अधिक होना
  2. (ii) शहरी क्षेत्रों में असमान तापमान का क्या कारण है ?
    1. (a) हरियाली की तुलना में सीमेंट-कंक्रीट का अधिक होना
    2. (b) हरियाली की तुलना में सीमेंट-कंक्रीट के निर्माण का अधिक होना
    3. (c) शहरों में हरियाली का असमान अनुपात
    4. (d) शहरों में हरियाली का कम होना
  3. (iii) गरमी के प्रकोप से किन लोगों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है ?
    1. (a) कमज़ोर लोगों पर
    2. (b) वृद्ध लोगों पर
    3. (c) वृद्ध व कमज़ोर स्वास्थ्य के लोगों पर
    4. (d) साँस व हृदय संबंधी समस्याओं से ग्रसित लोगों पर
  4. (iv) परंपरागत जलस्रोतों का उचित विकल्प है :
    1. (a) कुआँ, पोखर, नलकूप
    2. (b) कुआँ, हैंडपंप, पोखर
    3. (c) कुआँ, तालाब, नलकूप
    4. (d) कुआँ, तालाब, बावड़ी
  5. (v) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए । कथन (A) : गाँव में हवा रुकती नहीं है, लेकिन शहरों में हवा रुकती है । कारण (R) : आधुनिक शहरों का आकार-प्रकार वायु के बहाव के हिसाब से ठीक नहीं है ।
    1. (a) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों ग़लत हैं ।
    2. (b) कथन (A) ग़लत है, लेकिन कारण (R) सही है ।
    3. (c) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R), कथन (A) की ग़लत व्याख्या करता है ।
    4. (d) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है ।
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q1
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Model Answer

(i) (d) शहरों में सीमेंट-कंक्रीट के निर्माण का अधिक होना

(ii) (c) शहरों में हरियाली का असमान अनुपात

(iii) (c) वृद्ध व कमज़ोर स्वास्थ्य के लोगों पर

(iv) (d) कुआँ, तालाब, बावड़ी

(v) (d) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है ।

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Explanation
Q26. [5]
देश के एक प्रसिद्ध आयुर्विज्ञान संस्थान के बाल रोग विभाग ने 660 बच्चों का दो साल तक गहन अध्ययन किया है । इस अध्ययन में पाँच साल तक के बच्चों को शामिल किया गया था । पता चला कि ये बच्चे एक घंटा से भी अधिक समय मोबाइल पर बिताते हैं । मोबाइल और टीवी का कुल समय पाँच घंटे निकला । यही नहीं, इनके माता-पिता भी लगभग साढ़े छह घंटे विभिन्न गैजेट्स पर बिताते हैं । इसी अध्ययन में यह भी पाया गया कि 60 प्रतिशत बच्चे सोने से पहले इन उपकरणों के इस्तेमाल के आदी हो चले हैं । यह भी एक तरह का नशा ही है, जिस पर अगर समय रहते ध्यान न दिया गया तो यह आदत आने वाली पीढ़ियों के लिए भारी मुसीबत बन सकती है । विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्पष्ट सलाह है कि दो साल तक के बच्चों के हाथों में गैजेट्स या इलैक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं देने चाहिए । यहाँ तक कि पाँच साल की उम्र में भी इनका 'स्क्रीन टाइम' एक घंटे से अधिक नहीं होना चाहिए । लेकिन संपन्न होते घरों में यह देखने को मिलता है कि इसे वे अपनी हैसियत से जोड़ने लगे हैं । ऐसा करते हुए वे भूल जाते हैं कि वे अपने बच्चों का आज ही नहीं, भविष्य भी बिगाड़ रहे हैं ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) निम्नलिखित में से किस कथन को गद्यांश की सीख के आधार के रूप में कहा जा सकता है ? [1]
    1. (a) इलैक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रयोग नहीं करना चाहिए ।
    2. (b) इलैक्ट्रॉनिक उपकरणों का सीमित उपयोग करना चाहिए ।
    3. (c) इलैक्ट्रॉनिक उपकरणों को हैसियत से नहीं जोड़ना चाहिए ।
    4. (d) इलैक्ट्रॉनिक उपकरणों का आदी नहीं होना चाहिए ।
  2. (ii) माता-पिता की कौन-सी प्रवृत्ति उनके बच्चों के लिए अनुचित है ? [1]
    1. (a) उनका बहुत अधिक साधन-संपन्न होना ।
    2. (b) उनका बहुत अधिक शिक्षा संपन्न होना ।
    3. (c) गैजेट्स को अपनी हैसियत से जोड़ना ।
    4. (d) हैसियत के अनुरूप गैजेट्स न खरीदना ।
  3. (iii) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : (क) सोने से पूर्व गैजेट्स के उपयोग से अच्छी नींद आती है । (ख) आजकल के अभिभावक गैजेट्स को अपनी हैसियत का आधार मानते हैं । (ग) वर्तमान में गैजेट्स का उपयोग एक नशे के समान हो गया है । (घ) गैजेट्स का अनियंत्रित इस्तेमाल बच्चों के भविष्य के लिए हानिकारक है । उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन गद्यांश के आधार पर सही हैं ? [1]
    1. (a) (क) और (घ)
    2. (b) (ख) और (ग)
    3. (c) (क), (ख) और (ग)
    4. (d) (ख), (ग) और (घ)
  4. (iv) गद्यांश के आधार पर छोटे बच्चों के हाथों में इलैक्ट्रॉनिक उपकरण दिए जाने का कारण है : [1]
    1. (a) बच्चों की जिद
    2. (b) समय की माँग
    3. (c) संपन्नता का दिखावा
    4. (d) बच्चों के लिए समय का अभाव
  5. (v) 'स्क्रीन टाइम' से क्या आशय है ? [1]
    1. (a) सिर्फ मोबाइल पर बिताया गया समय
    2. (b) सिर्फ टीवी पर बिताया गया समय
    3. (c) सिर्फ लैपटॉप पर बिताया गया समय
    4. (d) उपर्युक्त तीनों पर बिताया गया समय
Previously asked in: 2023 4/2/1 Q2
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Model Answer

(i) (b) इलैक्ट्रॉनिक उपकरणों का सीमित उपयोग करना चाहिए।

(ii) (c) गैजेट्स को अपनी हैसियत से जोड़ना।

(iii) (d) (ख), (ग) और (घ)
(कथन (क) गलत है क्योंकि गद्यांश के अनुसार सोने से पहले गैजेट्स का उपयोग एक नशे के समान है, इससे अच्छी नींद नहीं आती।)

(iv) (c) संपन्नता का दिखावा

(v) (d) उपर्युक्त तीनों पर बिताया गया समय
('स्क्रीन टाइम' का आशय किसी भी इलैक्ट्रॉनिक स्क्रीन — मोबाइल, टीवी, लैपटॉप — पर बिताए गए कुल समय से है।)

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Explanation
Q27. [5]
पृथ्वी पर लगातार ख़तरे मँडराते रहते हैं । हर साल हज़ारों की संख्या में उल्का पिंड पृथ्वी की ओर आते हैं । और इनसे कभी-कभी वैज्ञानिकों को भी ख़तरा महसूस होने लगता है । उल्का से पैदा ख़तरे से निबटने के लिए वैज्ञानिक तरीके भी खोजते रहे हैं । नासा की सोच रही है कि क्या परमाणु हथियारों के दम पर किसी ख़तरनाक उल्का पिंड को पृथ्वी से टकराने से पहले ही नष्ट किया जा सकता है ? क्या उल्का पिंड की दिशा को रॉकेट बूस्टर इत्यादि से मोड़ा जा सकता है ? अभी इन दोनों ही उपायों पर ज्यादा काम नहीं हुआ है । लेकिन वैज्ञानिकों को यह भी लगता है कि कभी कोई ज्यादा ही ख़तरनाक उल्का पिंड पृथ्वी से टकराया तो क्या होगा ? पृथ्वी के इंसान अगर ख़त्म हो गए तो क्या होगा ? एक समाधान एक अमेरिकी उद्यमी की ओर से आया है, जो काफी रोचक है । बेन हल्डमैन नामक उद्यमी 'लाइफशिप' नामक एक स्टार्टअप के संस्थापक हैं, जिनका सिर्फ एक ही अभियान है — मानव बीज बैंक बनाना । दूसरे शब्दों में कहें तो इस बैंक में मानव डीएनए को संरक्षित किया जाएगा । यह बैंक चाँद पर स्थापित होगा । अगर इस धरती पर इंसान ख़त्म हो गए, तो मानव सभ्यता को फिर शुरू करने में यह बैंक सहायक होगा ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) मानव बीज बैंक में किसे संरक्षित किए जाने की योजना है ? [1]
    1. (a) मानव डीएनए को
    2. (b) मानव कोशिका को
    3. (c) मानव रक्त को
    4. (d) मानव सभ्यता को
  2. (ii) बेन हल्डमैन की भविष्य में इंसानों को बचाने के क्षेत्र में किए जाने वाले प्रयास को क्या कहा जा सकता है ? [1]
    1. (a) रोचक और विचारणीय
    2. (b) अरोचक और विचारणीय
    3. (c) रोचक और अविचारणीय
    4. (d) अरोचक और अविचारणीय
  3. (iii) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए । कथन (A): प्रत्येक वर्ष हज़ारों की संख्या में पृथ्वी की ओर आते उल्का पिंडों को वैज्ञानिक ख़तरा मानते हैं । कारण (R): पृथ्वी की ओर आने वाले उल्का पिंडों को परमाण्विक हथियारों से सफलतापूर्वक पूरी तरह नष्ट किया जा सकता है । [1]
    1. (a) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों ग़लत हैं ।
    2. (b) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) ग़लत है ।
    3. (c) कथन (A) ग़लत है, लेकिन कारण (R) सही है ।
    4. (d) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है ।
  4. (iv) मानव बीज बैंक को कहाँ स्थापित किए जाने की योजना है ? [1]
    1. (a) नासा में
    2. (b) पृथ्वी पर
    3. (c) मंगल पर
    4. (d) चाँद पर
  5. (v) गद्यांश के आधार पर वैज्ञानिकों के चिंतन का कारण इनमें से क्या नहीं है ? [1]
    1. (a) उल्का पिंड का पृथ्वी से टकराना
    2. (b) पृथ्वी के इंसान विहीन हो जाने की स्थिति
    3. (c) उल्का पिंड को पृथ्वी से टकराने से पहले नष्ट करना
    4. (d) परमाणु हथियार के प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभाव रोकना
Previously asked in: 2023 4/2/1 Q1
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Model Answer

(i) (a) मानव डीएनए को

(ii) (a) रोचक और विचारणीय

(iii) (b) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) ग़लत है ।
(गद्यांश के अनुसार परमाण्विक हथियारों के प्रयोग पर अभी ज़्यादा काम नहीं हुआ है, अतः उल्का पिंड को "सफलतापूर्वक पूरी तरह नष्ट किया जा सकता है" — यह कथन सिद्ध नहीं है।)

(iv) (d) चाँद पर

(v) (d) परमाणु हथियार के प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभाव रोकना

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Explanation
Q28. [5]
भारतीय संस्कृति में नदियों, जलाशयों, झीलों, तालाबों एवं कुओं का बहुत महत्त्व है । भारतीय समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक पक्षों से नदियाँ और दूसरे जलस्रोत काफी गहरे से जुड़े हैं । जीवन के अधिकांश पक्ष जलाशयों के किनारे ही पूरे होते हैं । तालाबों ने हमारे सामाजिक जीवन को बहुत अधिक प्रभावित किया है । तालाब अपने जीवन के लिए मानसून एवं प्रकृति पर निर्भर रहते हैं । पहले समाज अपने अस्तित्व के लिए तालाबों पर निर्भर रहता था । तब उसे प्राकृतिक आपदा के समय पीने के पानी की समस्या से कम जूझना पड़ता था क्योंकि तालाबों में पानी का पर्याप्त भण्डार रहता था । उससे ग्रामीण पेयजल और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध रहता था । पहले हमारा समाज प्रकृति के रहस्यों और उसकी शक्तियों के इर्द-गिर्द घूमता था । पानी, वायु, धूप को वह दैवी कृपा मानकर उसकी पूजा करता था । इसका अभिप्राय यह था कि वह मानव जीवन के लिए उपयोगी प्राकृतिक चीज़ों में भगवान को देखता था इसलिए वह उसे गंदा करने या जरूरत से अधिक इस्तेमाल करने का विरोधी था । तालाब निर्माण से लेकर उसकी रक्षा में लोक अपनी जिम्मेदारी समझता था । नल, ट्यूबवेल आदि के आने से पानी के परंपरागत स्रोतों की उपेक्षा हुई । लोग वर्षा जल संग्रह का पुराना तरीका भूलते गए जिससे नए-नए तरह के खतरे हमारे सामने आने लगे । अब सरकारी और ग़ैर-सरकारी स्तर पर फिर से तालाबों के महत्त्व को समझकर उसके लिए काम शुरू हुआ है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इस पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) तालाब अपने अस्तित्व के लिए निर्भर करते हैं : [1]
    1. (A) भूगर्भ में स्थित जल पर
    2. (B) मानवीय कृपा-दृष्टि पर
    3. (C) मानसून और प्रकृति पर
    4. (D) नदियों और जलकूपों पर
  2. (ii) निम्नलिखित में जल का प्राकृतिक स्रोत नहीं है : [1]
    1. (A) नदी
    2. (B) झरने
    3. (C) तालाब
    4. (D) झील
  3. (iii) हमारे समाज द्वारा प्रकृति को दैवी शक्ति के रूप में पूजने का क्या कारण है ? [1]
    1. (A) प्राकृतिक शक्तियों से भयभीत रहना
    2. (B) प्रकृति के रहस्यों को न समझ पाना
    3. (C) प्रकृति के कण-कण में ईश्वर का वास मानना
    4. (D) मानवोपयोगी वस्तुओं को ईश्वर का प्रतिरूप मानना
  4. (iv) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर लिखिए : कथन : भारतीय लोक मानस में तालाब एक स्थूल वस्तु न होकर जीवन का अविभाज्य अंग है । कारण : तालाबों और जलाशयों के देखरेख का काम पूरा समाज करता था । [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं ।
    2. (B) कारण ग़लत है, लेकिन कथन सही है ।
    3. (C) कथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है ।
    4. (D) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
  5. (v) जल के परंपरागत स्रोतों की उपेक्षा का कारण है : [1]
    1. (A) इनका समाप्त हो जाना
    2. (B) अशुद्ध जल का होना
    3. (C) आधुनिक स्रोतों का होना
    4. (D) वर्तमान जीवन-शैली
Previously asked in: 2024 4/5/1 Q2
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding stimulus
Model Answer

(i) (C) मानसून और प्रकृति पर

(ii) (C) तालाब
(तालाब मानव-निर्मित जलाशय है, अतः यह प्राकृतिक स्रोत नहीं है।)

(iii) (D) मानवोपयोगी वस्तुओं को ईश्वर का प्रतिरूप मानना
(गद्यांश के अनुसार समाज मानव जीवन के लिए उपयोगी प्राकृतिक चीज़ों में भगवान को देखता था।)

(iv) (D) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
(तालाब समाज के सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन का अंग था और उसकी देखरेख पूरा समाज करता था — यही कथन की व्याख्या है।)

(v) (C) आधुनिक स्रोतों का होना
(नल, ट्यूबवेल आदि आधुनिक साधनों के आने से परंपरागत स्रोतों की उपेक्षा हुई।)

Source: अपठित गद्यांश — भारतीय संस्कृति और जलस्रोत

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Explanation
Q29. [5]
संबंधों के मामले में सलाह देने वाले पेशेवरों का भी यह मानना रहा है कि कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं, जिनको आप जरा-से यत्न से रखें और समुचित मान-सम्मान दें तो हमारी खुशी का कारण बन सकते हैं । अपने निकट के रिश्तों या आत्मीय रिश्तों में सहयोग और सम्मान का भाव संबंधों को न सिर्फ प्रगाढ़ बनाता है, बल्कि दुख-सुख में एक सुंदर सहयोग का तंत्र भी बन सकता है । इनका साथ मन को आंतरिक संतोष और शांति भी देता है । इसलिए समय-समय पर किसी त्योहार के बहाने या जन्मदिन के समारोह के बहाने इनसे मेलजोल बनाए रखना चाहिए और आने वाले रिश्तेदारों को समुचित सम्मान देना चाहिए । जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में परिवार, रिश्तेदार ही तो हमारी सबसे बड़ी ताकत होते हैं जो परेशानियों में हमारी हिम्मत बढ़ाते हैं । मुसीबतों में हमारा समर्थन करते हैं और खुशियों को सौ गुना बढ़ा देते हैं । अकेले रहने वाला इंसान हमेशा चिंताग्रस्त रहता है । उसके पास अपनी समस्याओं को साझा करने के लिए, उन्हें सँभालने के लिए कोई अपना नहीं होता । रिश्तेदारों के बीच रहकर ही व्यक्ति आपसी प्रेम के महत्त्व को, अपनी जिम्मेदारी को समझता है और मुसीबत में पड़े दूसरे लोगों की मदद करता है । इसलिए छोटी-छोटी बातों में रिश्तेदारों की अनदेखी करना, उनसे किनारा करना उचित नहीं है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इसके आधार पर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) खुशी पाई जा सकती है यदि : [1]
    1. (A) रिश्तों के मामले में पेशेवरों की सलाह मानें
    2. (B) रिश्तों को प्रेमपूर्वक समुचित मान-सम्मान से बनाए रखें
    3. (C) जो रिश्ते बोझ हैं उन्हें भी समझाकर अपने मन के अनुसार ढालें
    4. (D) दोस्तों के साथ अधिक-से-अधिक समय बिताएँ
  2. (ii) संबंधों में परस्पर सहयोग और सम्मान का भाव किस कार्य की पूर्ति करता है ? I. रिश्तों को घनिष्ठ बनाता है II. बेहतरीन सहयोग का तंत्र बनता है III. अड़ोस-पड़ोस भी आपकी मदद करता है IV. ज्यादा लोग आपका ध्यान रखते हैं [1]
    1. (A) I, IV
    2. (B) II, III
    3. (C) III, IV
    4. (D) I, II
  3. (iii) निम्नलिखित कथन तथा कारण को पढ़कर, सही विकल्प चुनकर लिखिए : कथन : समय-समय पर अपने सगे-संबंधियों से त्योहार, जन्मदिन या अन्य समारोह के बहाने मिलते रहना चाहिए । कारण : ये मिलन मन को संतोष और शांति देते हैं । [1]
    1. (A) कथन ग़लत है, लेकिन कारण सही है ।
    2. (B) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं ।
    3. (C) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
    4. (D) कथन सही है, लेकिन कारण उसकी ग़लत व्याख्या करता है ।
  4. (iv) जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में संबंधी हमारी सबसे बड़ी ताकत क्यों हैं ? [1]
    1. (A) संकटों में समर्थन और सहयोग के लिए
    2. (B) समाज में अपनी ताकत दिखाने के लिए
    3. (C) अपनी जिम्मेदारियों को आसानी से समझने के लिए
    4. (D) सुख-दुख में सच्चे हृदय से साथ देने के लिए
  5. (v) निम्नलिखित कथनों में गद्यांश के विचारों से कौन-सा/से विचार मेल खाते हैं ? उचित विकल्प का चयन करके लिखिए : I. आत्मीय रिश्तेदार सुख-दुख के सच्चे साथी होते हैं । II. अकेला व्यक्ति जीवन में सफलता प्राप्त नहीं कर सकता । III. रिश्तेदारों से त्योहारों के अवसर पर ही मिलना चाहिए । IV. रिश्तेदार सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वाह करना सिखाते हैं । [1]
    1. (A) केवल I
    2. (B) I और III
    3. (C) II और IV
    4. (D) I और IV
Previously asked in: 2024 4/5/1 Q1
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Model Answer

(i) (B) रिश्तों को प्रेमपूर्वक समुचित मान-सम्मान से बनाए रखें

(ii) (D) I, II

(iii) (C) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।

(iv) (A) संकटों में समर्थन और सहयोग के लिए

(v) (D) I और IV

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Explanation
Q30. [5]
अठारह साल के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानंदा इन दिनों छाए हुए हैं । पाँच बार विश्व चैंपियन रहे मैग्नस कार्लसन के साथ शतरंज वर्ल्ड कप का अंतिम मुकाबला भले ही वह नहीं जीत पाए । पर, कम उम्र में ही सफलता और उम्मीदों का भारी ताज वह पहन चुके हैं । उनकी सादगी, शालीनता पसंद की जा रही है । अच्छी बात है कि वे हार-जीत दोनों में सहज दिखते हैं । बीते साल एक ऑनलाइन शतरंज टूर्नामेंट में कार्लसन को हराने के बाद प्रज्ञान ने कमाल बात कही । उन्होंने कहा, 'यह केवल एक जीत है, कोई अंतिम नहीं । आगे कई चुनौतियाँ हैं । बहुत कुछ करना है । यही हार के साथ होता है । किसी एक हार से सब खत्म नहीं हो जाता ।' अब सवाल यह है क्या अपनी सफलता की खुशी मनाना ग़लत है ? माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स कहते हैं, 'सफलता की खुशी मनाने में हर्ज नहीं है । पर ज्यादा जरूरी है कि हम असफलताओं के सबक पर भी ध्यान देते रहें ।' सफलता के साथ बहुत कुछ बदलता है । कभी हम बदल जाते हैं तो कभी दूसरे । कितनी ही बार तो हमें अपने से आगे दिखना ही बंद हो जाता है । इस कारण कभी हम अतिआत्मविश्वास के शिकार होकर जरूरी मेहनत नहीं करते, तो कभी दूसरों से हमारे रिश्ते खराब हो जाते हैं । ऐसे में सबसे पहले अपने घमंड और आक्रामक होने की इच्छा को काबू करना जरूरी हो जाता है । कितनी ही प्रतिभाएँ एक-दो बड़ी जीत की चमक-धमक में ही अटक कर रह जाती हैं । या समझ नहीं आता कि आगे क्या ? ऐसे में सहजता ही हमारी उपलब्धियों के कद को बढ़ाती है । हम विनम्र रहें, सफलता की चाह हो और मेहनत करने में आगे रहें । ध्यान प्रक्रिया पर हो । हम नतीजा भले ही हार जाएँ, पर हमारा उत्साह हमेशा बना रहे ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इस पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) प्रज्ञानंदा की प्रसिद्धि का कारण है : [1]
    1. (A) कम उम्र में शतरंज के क्षेत्र में नाम कमाना
    2. (B) उनकी सादगी, सरलता और शालीनता
    3. (C) हार-जीत को समान भाव से स्वीकारना
    4. (D) जीवन को चुनौती के रूप में स्वीकारना
  2. (ii) 'किसी एक हार से सब खत्म नहीं हो जाता' — पंक्ति का आशय है : [1]
    1. (A) जीत-हार जीवन के दिन और रात हैं ।
    2. (B) असफल होने से जीवन समाप्त नहीं होता ।
    3. (C) हार के बाद जीत अवश्य आती है ।
    4. (D) लक्ष्य प्राप्ति के लिए संघर्ष करना चाहिए ।
  3. (iii) बिल गेट्स के अनुसार सफलता की खुशी मनाने से अधिक आवश्यक है : [1]
    1. (A) असफलताओं की चुनौतियों को स्वीकारना
    2. (B) असफलताओं के कारणों पर ध्यान देना
    3. (C) नए लक्ष्य के लिए संघर्ष करना
    4. (D) असफलताओं से शिक्षा ग्रहण करना
  4. (iv) सफलता प्राप्ति के बाद किसे अपने नियंत्रण में रखना आवश्यक है ? [1]
    1. (A) दूसरों के प्रति अपने व्यवहार को
    2. (B) अहंकार और आक्रोश की इच्छा को
    3. (C) आत्मविश्वास और जीत की खुशी को
    4. (D) अपने प्रति दूसरों के व्यवहार को
  5. (v) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए । कथन : सफलता के मद में हमें अपने से आगे दिखना ही बंद हो जाता है । कारण : हम अति आत्मविश्वास के शिकार होकर जरूरी मेहनत नहीं करते । [1]
    1. (A) कथन तथा कारण दोनों ग़लत हैं ।
    2. (B) कथन ग़लत है लेकिन कारण सही है ।
    3. (C) कथन सही है लेकिन कारण उसकी ग़लत व्याख्या करता है ।
    4. (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
Previously asked in: 2024 4/4/1 Q2
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Model Answer

(i) (A) कम उम्र में शतरंज के क्षेत्र में नाम कमाना

(गद्यांश में स्पष्ट है कि प्रज्ञानंदा कम उम्र में ही सफलता और उम्मीदों का भारी ताज पहन चुके हैं।)

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(ii) (B) असफल होने से जीवन समाप्त नहीं होता ।

(प्रज्ञानंदा के शब्दों का आशय है कि एक हार अंत नहीं है, आगे बढ़ते रहना चाहिए।)

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(iii) (D) असफलताओं से शिक्षा ग्रहण करना

(बिल गेट्स ने कहा — 'असफलताओं के सबक पर ध्यान देते रहें।')

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(iv) (B) अहंकार और आक्रोश की इच्छा को

(गद्यांश में लिखा है — 'अपने घमंड और आक्रामक होने की इच्छा को काबू करना जरूरी है।')

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(v) (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।

(गद्यांश में यही क्रम है — अति आत्मविश्वास के कारण हमें अपने से आगे दिखना बंद हो जाता है।)

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Source: अपठित गद्यांश (प्रज्ञानंदा एवं सफलता पर आधारित)

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Explanation
Q31. [5]
आज के दौर में जिसे देखो, वही दुखी, परेशान, हताश और उदास नज़र आता है । तमाम तरह की चिंताओं ने लोगों को घेर रखा है । कोई अपनी सेहत को लेकर परेशान रहता है, तो कोई काम-धंधे की मंदी या वेतन में कटौती से दुखी है । किसी को भविष्य की चिंता सता रही है तो कोई अपने मान-सम्मान के बारे में सोच कर मायूस महसूस कर रहा है । ज़ाहिर है, ऐसे में हर कोई खुशी के पीछे भाग रहा है । कई लोग सोचते हैं कि अमीर उद्योगपति या मोटा वेतन पाने वाले पेशेवर लोग खुश रहते हैं और ग़रीबी या आर्थिक विपन्नता ही खुशी से वंचित रहने की एकमात्र वजह है । लेकिन अगर धन से खुशी आती तो दुनिया में कई धनी लोग कुंठा और हताशा में जीवन नहीं जीते । खुशी पैसा नहीं, संतुष्टि का भाव है । यह पैसे से नहीं, हमारे प्रयासों से आती है और सबसे बड़ी बात है कि खुशी के पीछे भागने से खुशी नहीं मिलती । खुशी हमारे बिल्कुल आसपास होती है, जिसे हमें पहचानना और ग्रहण करना होता है । ज्यादातर लोग खुशी हमेशा बाहर खोजते हैं, जबकि यह उसी परिवार में उपलब्ध होती है, जिसका हम अहम हिस्सा होते हैं । मुश्किल यह है कि आजकल परिवार की परिभाषा सिकुड़ गई है । हम सिर्फ पति-पत्नी और अपने बच्चों को ही परिवार मानने लगे हैं जबकि भाई-बहन, देवर-देवरानी, जेठ-जेठानी, सास-ससुर, चाचा-मामा आदि सभी इस परिवार के सदस्य होते हैं । जब हम अपने परिवार के सदस्यों की खुशी में सच्चे मन से सम्मिलित होने लगते हैं और उनकी खुशी के लिए सक्रिय रहते हैं, तो खुशी स्वयं हमारे पास आती है । जब हम इस मानसिकता से व्यवहार करते हैं, तो परिवार के दूसरे सदस्य भी हमारे लिए ऐसा ही करते हैं । फिर खुशी न मिलने का कोई कारण नहीं हो सकता । इसलिए हम भले ही एक चारदीवारी में न रह कर अलग रहते हों, अलग खाना बनाते हैं, लेकिन मन से हम अपने संपूर्ण परिवार से जुड़े रह सकते हैं ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इसके आधार पर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) आजकल लोगों की चिंता के कारण हैं : [1]
    1. (A) अस्वस्थ होना, वेतन कटौती, व्यावसायिक मंदी
    2. (B) आर्थिक मंदी, अस्वस्थ होना, हताशा
    3. (C) उदासी, वेतन कटौती, व्यावसायिक मंदी
    4. (D) निराशा, आर्थिक मंदी, अस्वस्थ होना
  2. (ii) खुश रहने के लिए आवश्यक है : [1]
    1. (A) आर्थिक संपन्नता
    2. (B) प्रतिष्ठित होना
    3. (C) उद्योगपति होना
    4. (D) संतोषी होना
  3. (iii) प्रत्येक व्यक्ति खुशी के पीछे क्यों भाग रहा है ? [1]
    1. (A) आर्थिक विपन्नता के कारण
    2. (B) विभिन्न चिंताओं से घिरे होने के कारण
    3. (C) 'खुशी' से स्वस्थ रह पाएँगे, ऐसी सोच के कारण
    4. (D) 'खुशी' से पैसा आएगा, ऐसी सोच के कारण
  4. (iv) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर लिखिए : कथन : हमें अपने परिवार की खुशियों में सच्चे मन से और सक्रियता से उपस्थित रहना चाहिए । कारण : यही प्रसन्न रहने का एकमात्र साधन है । [1]
    1. (A) कथन तथा कारण दोनों ग़लत हैं ।
    2. (B) कथन ग़लत है, लेकिन कारण सही है ।
    3. (C) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
    4. (D) कथन सही है, लेकिन कारण उसकी ग़लत व्याख्या करता है ।
  5. (v) निम्नलिखित में से कौन-सा/से वाक्य गद्यांश से मेल खाते हैं ? I. संपूर्ण परिवार से जुड़कर खुशी पाई जा सकती है । II. दादा-दादी, चाचा-चाची, बुआ आदि को मिलाकर परिवार मानना चाहिए । III. दुनिया में सभी धनी कुंठाग्रस्त और हताश नहीं हैं । IV. तथाकथित खुशी को धन से नहीं खरीदा जा सकता । [1]
    1. (A) केवल I
    2. (B) II और III
    3. (C) केवल IV
    4. (D) I, II, IV
Previously asked in: 2024 4/4/1 Q1
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Model Answer

(i) (A) अस्वस्थ होना, वेतन कटौती, व्यावसायिक मंदी

(ii) (D) संतोषी होना

(iii) (B) विभिन्न चिंताओं से घिरे होने के कारण

(iv) (D) कथन सही है, लेकिन कारण उसकी ग़लत व्याख्या करता है ।

(v) (D) I, II, IV

Source: अपठित गद्यांश — खुशी और परिवार

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Explanation
Q32. [7]
विटामिन–डी एक ऐसा पोषक तत्त्व है, जिसे अकसर 'सनशाइन विटामिन' भी कहा जाता है, क्योंकि यह प्राकृतिक रूप से सूर्य की रोशनी से प्राप्त होता है । हमारे शरीर में यह विटामिन हड्डियों को मज़बूत बनाने, कैल्सियम और फॉस्फोरस के संतुलन को बनाए रखने तथा प्रतिरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है । हाल के वर्षों में दुनिया-भर में विटामिन–डी की कमी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या के रूप में उभर कर सामने आई है । आधुनिक जीवन–शैली, प्रदूषण और दफ़्तर तथा घर के भीतर लगातार रहने के कारण बहुत से लोगों में इस विटामिन की कमी हो रही है । यह कमी न केवल शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालती है, बल्कि मानसिक और सामाजिक स्तर पर भी इसके दूरगामी प्रभाव देखने को मिलते हैं । सूर्य की किरणें हमारे स्वास्थ्य के लिए एक अनमोल उपहार है, लेकिन आज के समय में लोग कम्प्यूटर, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ इतने व्यस्त हो गए हैं कि वे बाहरी वातावरण में निकलने का समय ही नहीं निकाल पाते । परिणामस्वरूप उन्हें सूर्य की किरणों का लाभ नहीं मिल पाता । हमारे शरीर को आवश्यक मात्रा में यह विटामिन प्राप्त करने के लिए सूर्य की रोशनी के साथ–साथ संतुलित आहार भी उतना ही अहम् है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (i) गद्यांश के अनुसार आधुनिक जीवन–शैली का कौन सा दुष्प्रभाव स्वास्थ्य पर प्रमुख रूप से दिखाई दे रहा है ? [1]
    1. (A) शरीर में विटामिन डी की कमी
    2. (B) मानसिक तनाव में वृद्धि
    3. (C) शरीर के पाचन तंत्र पर प्रभाव
    4. (D) शारीरिक विकास पर दुष्प्रभाव
  2. (ii) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए : कथन : विटामिन–डी को 'सनशाइन विटामिन' भी कहा जाता है । कारण : यह प्राकृतिक रूप से सूर्य की रोशनी से प्राप्त होता है । [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
    2. (B) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है ।
    3. (C) कथन गलत है, किन्तु कारण सही है ।
    4. (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या है ।
  3. (iii) निम्नलिखित में से मानव शरीर में विटामिन–डी की कोई भूमिका नहीं होती ? [1]
    1. (A) हड्डियों को मज़बूत करना
    2. (B) प्रदूषक तत्त्वों का अवशोषण
    3. (C) कैल्सियम-फॉस्फोरस का संतुलन
    4. (D) प्रतिरक्षा प्रणाली की सुदृढ़ता
  4. (iv) विटामिन–डी किन-किन स्रोतों से प्राप्त किया जा सकता है ? [2]
  5. (v) विटामिन–डी की कमी के प्रमुख कारण लिखिए । [2]
Previously asked in: 2026 4/5/1 Q2
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Model Answer

(i) (A) शरीर में विटामिन डी की कमी

(ii) (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या है।

(iii) (B) प्रदूषक तत्त्वों का अवशोषण

(iv) गद्यांश के अनुसार विटामिन–डी दो प्रमुख स्रोतों से प्राप्त किया जा सकता है —

(v) विटामिन–डी की कमी के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं —

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Explanation
Q33. [7]
कृत्रिम वर्षा या क्लाउड सीडिंग आधुनिक विज्ञान की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है जिसके माध्यम से बादलों से इच्छानुसार वर्षा कराई जा सकती है । इस तकनीक में सिल्वर आयोडाइड या ठोस आइस जैसे रसायनों को बादलों के बहाव के साथ फैला दिया जाता है । जहाँ बारिश करानी होती है वहाँ पर हवा की विपरीत दिशा में इसका छिड़काव किया जाता है । ये रसायन बादलों में मौजूद जलवाष्प के कणों को संघनित (और घना) करने में सहायता करते हैं, जिससे बूँदें बनती हैं और वर्षा होती है । यह प्रक्रिया विशेष रूप से सुसज्जित विमानों या ज़मीन से दागे जाने वाले रॉकेटों के माध्यम से संपन्न की जाती है । कृत्रिम वर्षा की आवश्यकता मुख्यतः उन क्षेत्रों में होती है जहाँ सूखा पड़ता है, जल संकट होता है या कृषि के लिए पर्याप्त वर्षा नहीं होती । संयुक्त अरब अमीरात, चीन, भारत और अमेरिका जैसे देश इस तकनीक का सफलतापूर्वक उपयोग कर रहे हैं । यह तकनीक वायु प्रदूषण को कम करने, जंगल की आग बुझाने और बाँधों में जलस्तर बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध हुई है । कहाँ और किस बादल पर इसे छिड़कने से बारिश की संभावना ज़्यादा होगी, इसका निर्णय मौसम वैज्ञानिक करते हैं । इसके लिए मौसम के आँकड़ों का सहारा लिया जाता है । कृत्रिम वर्षा के कुछ दुष्प्रभाव भी हैं । अत्यधिक रसायनों के प्रयोग से पर्यावरण प्रदूषित हो सकता है और मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है । इसके अतिरिक्त यह तकनीक अत्यंत महँगी और इसकी सफलता की दर 10 से 30 प्रतिशत तक होती है । कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि यह प्राकृतिक जल चक्र को भी बाधित कर सकती है । फिर भी, जलवायु परिवर्तन के इस युग में कृत्रिम वर्षा जल संकट के समाधान का एक महत्त्वपूर्ण विकल्प बनती जा रही है । आवश्यकता इसके समझदारपूर्ण उपयोग की है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (i) कृत्रिम वर्षा में प्रयुक्त रसायनों का मुख्य कार्य क्या है ? [1]
    1. (A) बादलों को एकत्रित करना
    2. (B) जलवाष्प के कणों को घना करना
    3. (C) हवा की गति को नियंत्रित करना
    4. (D) तापमान को नियंत्रित करना
  2. (ii) कृत्रिम वर्षा के दुष्प्रभावों के विषय में निम्नलिखित में से कौन से / सा कथन सही हैं / है ? (1) इससे पर्यावरण प्रदूषित हो सकता है । (2) मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ जाती है । (3) जलवायु परिवर्तन को प्रभावित करती है । [1]
    1. (A) केवल (1) सही है ।
    2. (B) केवल (3) सही है ।
    3. (C) (2) और (3) सही हैं ।
    4. (D) (1) और (3) सही हैं ।
  3. (iii) कृत्रिम वर्षा का नकारात्मक पहलू क्या है ? [1]
    1. (A) इसके लिए अधिक ऊर्जा चाहिए ।
    2. (B) इसके लिए संसाधन चाहिए ।
    3. (C) यह प्राकृतिक जल चक्र को प्रभावित कर सकती है ।
    4. (D) इसके लिए तकनीक की आवश्यकता होती है ।
  4. (iv) कृत्रिम वर्षा की आवश्यकता किन परिस्थितियों में होती है ? [2]
  5. (v) जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में कृत्रिम वर्षा का क्या महत्त्व है ? [2]
Previously asked in: 2026 4/5/1 Q1
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Model Answer

(i) (B) जलवाष्प के कणों को घना करना

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(ii) (D) (1) और (3) सही हैं।

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(iii) (C) यह प्राकृतिक जल चक्र को प्रभावित कर सकती है।

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(iv) कृत्रिम वर्षा की आवश्यकता मुख्यतः निम्नलिखित परिस्थितियों में होती है :

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(v) जलवायु परिवर्तन के इस युग में अनियमित वर्षा और बढ़ते जल संकट की समस्या गंभीर हो गई है। ऐसे में कृत्रिम वर्षा जल संकट के समाधान का एक महत्त्वपूर्ण विकल्प बनती जा रही है। यह तकनीक सूखाग्रस्त क्षेत्रों में राहत दे सकती है और कृषि को बचाने में सहायक है। संयुक्त अरब अमीरात, चीन जैसे देश इसका सफलतापूर्वक उपयोग कर रहे हैं। आवश्यकता केवल इसके समझदारपूर्ण उपयोग की है।

Source: गद्यांश — कृत्रिम वर्षा (क्लाउड सीडिंग)

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Explanation
Q34. [7]
फ्रैंकलिन का प्रसिद्ध कथन है – 'वक्त को बरबाद न करो क्योंकि जीवन इसी से बना है ।' समय ही जीवन है । जो अवसरों और संभावनाओं से भरा हुआ है । जो बुद्धिमानी से इसका उपयोग करते हैं, वे सफलता की नींव रखते हैं, जबकि समय को व्यर्थ करने वाले अधूरे कार्यों और अपूर्ण लक्ष्यों के साथ रह जाते हैं । शास्त्रों में कहा गया है, 'एक-एक पैसे को जोड़कर कोई धनी बनता है, और एक-एक क्षण का उपयोग करके कोई विद्वान ।' समय वास्तव में सीमित संसाधन है । जब हम किसी एक चीज के लिए 'हाँ' कहते हैं, तो किसी दूसरी चीज के लिए 'ना' कह रहे होते हैं । प्राचीन ज्ञान भी यही सिखाता है । अवसर को समय रहते पहचानो और उसका सदुपयोग करो । मानव जीवन एक दुर्लभ उपहार है । यही जीवन हमें विवेक देता है, जो लाभकारी और सुखद के बीच अंतर करने में सक्षम बनाता है । इसलिए हर क्षण का विवेकपूर्ण उपयोग आवश्यक है । जैसे विद्यार्थी परीक्षा के आने के ठीक पहले समय को अच्छी तरह समझकर पूरी निष्ठा से पढ़ाई करते हैं, वैसे ही हमें भी जीवन के हर क्षण को उद्देश्यपूर्ण बनाना चाहिए । हम अकसर कहते हैं, 'काश मेरे पास और समय होता ।' यह सोच हमें थकान और असंतोष की ओर ले जाती है । साथ ही, हम एक तरह की नकारात्मकता से घिर जाते हैं । सच यह है कि हम सबको समान 24 घंटे मिलते हैं । फ़र्क सिर्फ इस बात से पड़ता है कि हम उनका उपयोग कैसे करते हैं । विद्वानों ने सिखाया कि सफलता उन्हीं को मिलती है, जो अपने समय को केवल सबसे महत्त्वपूर्ण कार्यों में निवेश करते हैं । प्रकृति हमें हर दिन समय का समान उपहार देती है । समय की कद्र कीजिए, घड़ी की सूइयों की फुसफुसाहट को सुनिए और उसके संकेतों को समझिए । जो लोग हर क्षण को सार्थक बनाते हैं, वे ही जीवन में संतोष और सफलता का सच्चा संतुलन पाते हैं ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (i) निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प चुनिए : कथन : समय के सदुपयोग का सफलता से गहरा नाता है । कारण : सफलता उन्हीं को मिलती है, जो अपने समय को सबसे महत्त्वपूर्ण कार्यों में निवेश करते हैं । [1]
    1. (A) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है ।
    2. (B) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
    3. (C) कथन गलत है और कारण सही है ।
    4. (D) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
  2. (ii) गद्यांश के आधार पर लिखिए कि जो व्यक्ति समय का सदुपयोग करते हैं, उनका जीवन कैसा होता है ? (I) सफल (II) व्यस्त (III) सार्थक (IV) अनियमित [1]
    1. (A) केवल विकल्प (I) सही है ।
    2. (B) (II) और (III) सही हैं ।
    3. (C) (I), (II) और (III) सही हैं ।
    4. (D) (I) और (III) सही हैं ।
  3. (iii) 'काश मेरे पास और समय होता ।' ऐसी सोच किस प्रकार के व्यक्तियों की होती है ? [1]
    1. (A) अकर्मण्य और आलसी लोगों की
    2. (B) भाग्यवादी लोगों की
    3. (C) समय की कद्र करने वालों की
    4. (D) परिश्रमी लोगों की
  4. (iv) समय को व्यर्थ गँवाने के क्या परिणाम होते हैं ? [2]
  5. (v) हर क्षण का विवेकपूर्ण उपयोग क्यों आवश्यक है ? [2]
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q2
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Model Answer

(i) (B) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।

(ii) (D) (I) और (III) सही हैं।

(iii) (A) अकर्मण्य और आलसी लोगों की

(iv) गद्यांश के अनुसार, समय को व्यर्थ गँवाने वाले लोगों के कार्य अधूरे रह जाते हैं और उनके लक्ष्य अपूर्ण रहते हैं। वे जीवन में सफलता की नींव नहीं रख पाते। ऐसे लोग 'काश मेरे पास और समय होता' जैसी सोच रखते हैं, जिससे उनमें थकान, असंतोष और नकारात्मकता आ जाती है। अंततः वे संतोष और सफलता के सच्चे संतुलन से वंचित रह जाते हैं।

(v) हर क्षण का विवेकपूर्ण उपयोग इसलिए आवश्यक है क्योंकि मानव जीवन एक दुर्लभ उपहार है। यह जीवन हमें विवेक देता है जो लाभकारी और सुखद के बीच अंतर करने में सक्षम बनाता है। समय एक सीमित संसाधन है, अतः प्रत्येक क्षण को उद्देश्यपूर्ण बनाना जरूरी है ताकि जीवन में सफलता और संतोष दोनों प्राप्त हो सकें।

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Explanation
Q35. [7]
विश्व में जल-संकट बड़ी समस्या बन चुकी है । इससे हर साल करोड़ों लोग प्रभावित होते हैं । गर्मियों में यह संकट और बढ़ जाता है । गाँवों से महानगरों तक पानी के लिए त्राहि-त्राहि मचने लगती है । यह संकट न केवल ग्रामीण और शहरी आबादी के लिए गंभीर चुनौती है बल्कि कृषि पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ रहा है । लगातार गिरता भू-जल स्तर, जल संसाधनों की बर्बादी, बढ़ती जनसंख्या और जलवायु परिवर्तन इस संकट को और विकराल बना रहे हैं । अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है । जल-संकट गहराने के कई कारण हैं । हमें पता है कि पानी सीमित है, फिर भी उसे बूँद-बूँद बचाने के बजाए हम उसे व्यर्थ बहा रहे हैं । विश्व की तेजी से बढ़ती आबादी के कारण पानी की माँग बढ़ती जा रही है लेकिन जल संसाधनों का उतनी ही अधिक तेजी से क्षय हो रहा है । कृषि, उद्योग और घरेलू उपयोग के लिए भू-जल का अत्यधिक दोहन किया जा रहा है, जिससे भू-जल का स्तर गिरता जा रहा है । नदियों, झीलों और भू-जल में औद्योगिक कचरे, रसायनों और प्लास्टिक के बढ़ते स्तर के कारण पीने योग्य पानी की लगातार कमी आ रही है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (i) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यान से पढ़िए और उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : कथन : भूमिगत जल के प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ा है । कारण : जल के विविध स्रोतों को संरक्षित एवं सुरक्षित रखने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं । [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
    2. (B) कथन सही है, किंतु कारण गलत है ।
    3. (C) कथन गलत है, किंतु कारण सही है ।
    4. (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
  2. (ii) विश्व में पानी की माँग दिनोंदिन क्यों बढ़ रही है [1]
    1. (A) जलवायु परिवर्तन के कारण
    2. (B) भू-जल के गिरते स्तर के कारण
    3. (C) कृषि योग्य भूमि के विस्तार के कारण
    4. (D) बढ़ती हुई आबादी के कारण
  3. (iii) जल-संकट गहराने के प्रमुख कारण नहीं हैं । [1]
    1. (A) लगातार गिरता भू-जल स्तर
    2. (B) लगातार बढ़ती जनसंख्या
    3. (C) जल स्रोतों का सुनियोजित उपयोग
    4. (D) जल संरक्षण के अनुपयुक्त उपाय
  4. (iv) 'पानी को बूँद-बूँद बचाने के बजाए हम उसे व्यर्थ कर रहे हैं ।' कथन – का आशय स्पष्ट कीजिए । [2]
  5. (v) पेय जल की उपलब्धता में निरंतर गिरावट क्यों आ रही है ? [2]
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q1
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding stimulus
Model Answer

(i) (B) कथन सही है, किंतु कारण गलत है ।

(गद्यांश के अनुसार नदियों, झीलों और भू-जल में औद्योगिक कचरे व रसायनों से प्रदूषण बढ़ा है; जल स्रोतों को संरक्षित रखने के प्रयास नहीं, बल्कि उनका दोहन हो रहा है ।)

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(ii) (D) बढ़ती हुई आबादी के कारण

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(iii) (C) जल स्रोतों का सुनियोजित उपयोग

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(iv) इस कथन का आशय है कि मनुष्य जानता है कि जल एक सीमित और अमूल्य संसाधन है, फिर भी वह उसे संरक्षित करने के बजाए बर्बाद करता रहता है । दैनिक जीवन में पानी की अनावश्यक बर्बादी हो रही है, जो जल-संकट को और गहरा करती है ।

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(v) गद्यांश के अनुसार, नदियों, झीलों और भू-जल में औद्योगिक कचरे, रसायनों और प्लास्टिक के बढ़ते स्तर के कारण पानी प्रदूषित होता जा रहा है, जिससे पीने योग्य पानी की मात्रा निरंतर घट रही है । इसके साथ ही कृषि, उद्योग और घरेलू उपयोग के लिए भू-जल का अत्यधिक दोहन भी पेय जल की उपलब्धता कम करने में बड़ी भूमिका निभा रहा है ।

Source: गद्यांश (जल-संकट), अनुच्छेद 1 और 2

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Explanation
Previous-year CBSE Grade 10 board exam questions, organised by subject and chapter, each with a model answer — free to read and print.