Q1. [3]
'जिनसे अपनापन मिले, अपने वे ही होते हैं फिर चाहे वे अलग परिवार, जाति, धर्म के ही क्यों न हों ।' – 'टोपी शुक्ला' पाठ के आधार पर इस कथन के पक्ष में अपने विचार व्यक्त कीजिए ।
Previously asked in CBSE board exam
2026 4/4/1 Q11 (i)
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Model Answer
'टोपी शुक्ला' पाठ में टोपी (हिंदू) और इफ़्फ़न (मुस्लिम) की गहरी दोस्ती तथा टोपी और इफ़्फ़न की दादी का अटूट रिश्ता इस कथन को पूरी तरह सिद्ध करता है। दोनों अलग धर्म और परिवार के थे, फिर भी दोनों में सच्चा अपनापन था। टोपी को अपनी दादी से नफ़रत थी, पर इफ़्फ़न की दादी की पूरबी बोली और स्नेह उसे माँ जैसा लगता था। दादी के मरने के बाद भरा घर भी टोपी को खाली लगा। लेखक के शब्दों में — "दोनों अपने घरों में अजनबी और भरे घर में अकेले थे। दोनों ने एक-दूसरे का अकेलापन मिटा दिया था।" सच्चा अपनापन जाति-धर्म नहीं, भावनात्मक जुड़ाव देखता है।
Source: टोपी शुक्ला, खंड 1-2
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Explanation
- परीक्षक इस प्रश्न में पाठ के प्रमाण और व्यक्तिगत विचार दोनों चाहते हैं।
- टोपी-इफ़्फ़न की दोस्ती और टोपी-दादी का रिश्ता — दोनों उदाहरण देना ज़रूरी है।
- पाठ से सीधा उद्धरण देने पर अतिरिक्त प्रभाव पड़ता है।
- उत्तर को नारेबाज़ी ("हिंदू-मुस्लिम भाई-भाई") से बचाएँ — लेखक स्वयं ऐसा नहीं चाहते; ठोस घटनाओं पर ध्यान दें।
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