Q1. [7]
कृत्रिम वर्षा या क्लाउड सीडिंग आधुनिक विज्ञान की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है जिसके माध्यम से बादलों से इच्छानुसार वर्षा कराई जा सकती है । इस तकनीक में सिल्वर आयोडाइड या ठोस आइस जैसे रसायनों को बादलों के बहाव के साथ फैला दिया जाता है । जहाँ बारिश करानी होती है वहाँ पर हवा की विपरीत दिशा में इसका छिड़काव किया जाता है । ये रसायन बादलों में मौजूद जलवाष्प के कणों को संघनित (और घना) करने में सहायता करते हैं, जिससे बूँदें बनती हैं और वर्षा होती है । यह प्रक्रिया विशेष रूप से सुसज्जित विमानों या ज़मीन से दागे जाने वाले रॉकेटों के माध्यम से संपन्न की जाती है ।
कृत्रिम वर्षा की आवश्यकता मुख्यतः उन क्षेत्रों में होती है जहाँ सूखा पड़ता है, जल संकट होता है या कृषि के लिए पर्याप्त वर्षा नहीं होती । संयुक्त अरब अमीरात, चीन, भारत और अमेरिका जैसे देश इस तकनीक का सफलतापूर्वक उपयोग कर रहे हैं । यह तकनीक वायु प्रदूषण को कम करने, जंगल की आग बुझाने और बाँधों में जलस्तर बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध हुई है । कहाँ और किस बादल पर इसे छिड़कने से बारिश की संभावना ज़्यादा होगी, इसका निर्णय मौसम वैज्ञानिक करते हैं । इसके लिए मौसम के आँकड़ों का सहारा लिया जाता है ।
कृत्रिम वर्षा के कुछ दुष्प्रभाव भी हैं । अत्यधिक रसायनों के प्रयोग से पर्यावरण प्रदूषित हो सकता है और मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है । इसके अतिरिक्त यह तकनीक अत्यंत महँगी और इसकी सफलता की दर 10 से 30 प्रतिशत तक होती है । कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि यह प्राकृतिक जल चक्र को भी बाधित कर सकती है । फिर भी, जलवायु परिवर्तन के इस युग में कृत्रिम वर्षा जल संकट के समाधान का एक महत्त्वपूर्ण विकल्प बनती जा रही है । आवश्यकता इसके समझदारपूर्ण उपयोग की है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
- (i) कृत्रिम वर्षा में प्रयुक्त रसायनों का मुख्य कार्य क्या है ? [1]
- (A) बादलों को एकत्रित करना
- (B) जलवाष्प के कणों को घना करना
- (C) हवा की गति को नियंत्रित करना
- (D) तापमान को नियंत्रित करना
- (ii) कृत्रिम वर्षा के दुष्प्रभावों के विषय में निम्नलिखित में से कौन से / सा कथन सही हैं / है ?
(1) इससे पर्यावरण प्रदूषित हो सकता है ।
(2) मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ जाती है ।
(3) जलवायु परिवर्तन को प्रभावित करती है । [1]
- (A) केवल (1) सही है ।
- (B) केवल (3) सही है ।
- (C) (2) और (3) सही हैं ।
- (D) (1) और (3) सही हैं ।
- (iii) कृत्रिम वर्षा का नकारात्मक पहलू क्या है ? [1]
- (A) इसके लिए अधिक ऊर्जा चाहिए ।
- (B) इसके लिए संसाधन चाहिए ।
- (C) यह प्राकृतिक जल चक्र को प्रभावित कर सकती है ।
- (D) इसके लिए तकनीक की आवश्यकता होती है ।
- (iv) कृत्रिम वर्षा की आवश्यकता किन परिस्थितियों में होती है ? [2]
- (v) जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में कृत्रिम वर्षा का क्या महत्त्व है ? [2]
Previously asked in CBSE board exam
2026 4/5/1 Q1
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding stimulus
Model Answer
(i) (B) जलवाष्प के कणों को घना करना
---
(ii) (D) (1) और (3) सही हैं।
---
(iii) (C) यह प्राकृतिक जल चक्र को प्रभावित कर सकती है।
---
(iv) कृत्रिम वर्षा की आवश्यकता मुख्यतः निम्नलिखित परिस्थितियों में होती है :
- जब किसी क्षेत्र में सूखा पड़ता है।
- जब जल संकट उत्पन्न होता है।
- जब कृषि के लिए पर्याप्त वर्षा नहीं होती।
- इसके अतिरिक्त वायु प्रदूषण कम करने, जंगल की आग बुझाने और बाँधों में जलस्तर बढ़ाने के लिए भी इसका उपयोग होता है।
---
(v) जलवायु परिवर्तन के इस युग में अनियमित वर्षा और बढ़ते जल संकट की समस्या गंभीर हो गई है। ऐसे में कृत्रिम वर्षा जल संकट के समाधान का एक महत्त्वपूर्ण विकल्प बनती जा रही है। यह तकनीक सूखाग्रस्त क्षेत्रों में राहत दे सकती है और कृषि को बचाने में सहायक है। संयुक्त अरब अमीरात, चीन जैसे देश इसका सफलतापूर्वक उपयोग कर रहे हैं। आवश्यकता केवल इसके समझदारपूर्ण उपयोग की है।
Source: गद्यांश — कृत्रिम वर्षा (क्लाउड सीडिंग)
---
Explanation
- (i)–(iii): MCQ उत्तर सीधे गद्यांश से लिए गए हैं — केवल सही विकल्प का अक्षर और संक्षिप्त पाठ लिखें।
- (iv): 2 अंक के लिए कम-से-कम 3–4 बिंदु लिखें; गद्यांश के दूसरे अनुच्छेद से उत्तर मिलता है।
- (v): 2 अंक — जलवायु परिवर्तन + जल संकट + समाधान के रूप में महत्त्व — यही तीन बिंदु परीक्षक देखता है। गद्यांश की अंतिम पंक्ति अवश्य शामिल करें।
- कथन (2) "मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ जाती है" गलत है क्योंकि गद्यांश में लिखा है "मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है" (नकारात्मक अर्थ में)।
If a question refers to an image, map, graph or diagram that is not shown here, open the Study Guide single page app, go to
Library and find the actual CBSE question paper. The original papers are also available on the CBSE website:
cbse.gov.in.