Q1. [2]
'अब कहाँ दूसरों के दुख से दुखी होने वाले' पाठ में लेखक ने मानवीय क्रियाकलापों और असंवेदनशीलता द्वारा पर्यावरण और प्रकृति को काफी नुकसान पहुँचने की बात की है ? क्या वर्तमान में इसे कम एवं नियंत्रित करना संभव है ? तर्कसम्मत उत्तर लिखिए ।
Previously asked in CBSE board exam
2026 4/5/1 Q8 (iii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:16 · grounding rag
Model Answer
हाँ, वर्तमान में पर्यावरण क्षति को कम और नियंत्रित करना संभव है। इसके लिए:
- वृक्षारोपण को बढ़ावा देना होगा।
- बड़े-बड़े बिल्डरों द्वारा समुद्र और वनों के अतिक्रमण पर सख्त कानूनी रोक लगानी होगी।
- प्रदूषण नियंत्रण के उपाय अपनाने होंगे।
- मनुष्य को प्रकृति के साथ संवेदनशीलता से व्यवहार करना होगा, क्योंकि धरती पर पशु-पक्षी, नदी, पर्वत सबका समान अधिकार है।
Source: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले, Chapter 12
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Explanation
- यह एक मूल्यपरक (value-based) प्रश्न है जो पाठ के केंद्रीय विचार — मानव की असंवेदनशीलता और प्रकृति के असंतुलन — से जुड़ा है।
- उत्तर में पाठ के तथ्य (समुद्र को धकेलना, पेड़ काटना, प्रदूषण) का संदर्भ अवश्य दें।
- तर्क में "हाँ/नहीं" स्पष्ट करें और व्यावहारिक उपाय बताएँ।
- 2 अंक के लिए: एक पक्ष + 2-3 व्यावहारिक उपाय पर्याप्त हैं।
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