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Hindi — CBSE Class 10 board question

Q1. [5]
अठारह साल के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानंदा इन दिनों छाए हुए हैं । पाँच बार विश्व चैंपियन रहे मैग्नस कार्लसन के साथ शतरंज वर्ल्ड कप का अंतिम मुकाबला भले ही वह नहीं जीत पाए । पर, कम उम्र में ही सफलता और उम्मीदों का भारी ताज वह पहन चुके हैं । उनकी सादगी, शालीनता पसंद की जा रही है । अच्छी बात है कि वे हार-जीत दोनों में सहज दिखते हैं । बीते साल एक ऑनलाइन शतरंज टूर्नामेंट में कार्लसन को हराने के बाद प्रज्ञान ने कमाल बात कही । उन्होंने कहा, 'यह केवल एक जीत है, कोई अंतिम नहीं । आगे कई चुनौतियाँ हैं । बहुत कुछ करना है । यही हार के साथ होता है । किसी एक हार से सब खत्म नहीं हो जाता ।' अब सवाल यह है क्या अपनी सफलता की खुशी मनाना ग़लत है ? माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स कहते हैं, 'सफलता की खुशी मनाने में हर्ज नहीं है । पर ज्यादा जरूरी है कि हम असफलताओं के सबक पर भी ध्यान देते रहें ।' सफलता के साथ बहुत कुछ बदलता है । कभी हम बदल जाते हैं तो कभी दूसरे । कितनी ही बार तो हमें अपने से आगे दिखना ही बंद हो जाता है । इस कारण कभी हम अतिआत्मविश्वास के शिकार होकर जरूरी मेहनत नहीं करते, तो कभी दूसरों से हमारे रिश्ते खराब हो जाते हैं । ऐसे में सबसे पहले अपने घमंड और आक्रामक होने की इच्छा को काबू करना जरूरी हो जाता है । कितनी ही प्रतिभाएँ एक-दो बड़ी जीत की चमक-धमक में ही अटक कर रह जाती हैं । या समझ नहीं आता कि आगे क्या ? ऐसे में सहजता ही हमारी उपलब्धियों के कद को बढ़ाती है । हम विनम्र रहें, सफलता की चाह हो और मेहनत करने में आगे रहें । ध्यान प्रक्रिया पर हो । हम नतीजा भले ही हार जाएँ, पर हमारा उत्साह हमेशा बना रहे ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इस पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
  1. (i) प्रज्ञानंदा की प्रसिद्धि का कारण है : [1]
    1. (A) कम उम्र में शतरंज के क्षेत्र में नाम कमाना
    2. (B) उनकी सादगी, सरलता और शालीनता
    3. (C) हार-जीत को समान भाव से स्वीकारना
    4. (D) जीवन को चुनौती के रूप में स्वीकारना
  2. (ii) 'किसी एक हार से सब खत्म नहीं हो जाता' — पंक्ति का आशय है : [1]
    1. (A) जीत-हार जीवन के दिन और रात हैं ।
    2. (B) असफल होने से जीवन समाप्त नहीं होता ।
    3. (C) हार के बाद जीत अवश्य आती है ।
    4. (D) लक्ष्य प्राप्ति के लिए संघर्ष करना चाहिए ।
  3. (iii) बिल गेट्स के अनुसार सफलता की खुशी मनाने से अधिक आवश्यक है : [1]
    1. (A) असफलताओं की चुनौतियों को स्वीकारना
    2. (B) असफलताओं के कारणों पर ध्यान देना
    3. (C) नए लक्ष्य के लिए संघर्ष करना
    4. (D) असफलताओं से शिक्षा ग्रहण करना
  4. (iv) सफलता प्राप्ति के बाद किसे अपने नियंत्रण में रखना आवश्यक है ? [1]
    1. (A) दूसरों के प्रति अपने व्यवहार को
    2. (B) अहंकार और आक्रोश की इच्छा को
    3. (C) आत्मविश्वास और जीत की खुशी को
    4. (D) अपने प्रति दूसरों के व्यवहार को
  5. (v) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए । कथन : सफलता के मद में हमें अपने से आगे दिखना ही बंद हो जाता है । कारण : हम अति आत्मविश्वास के शिकार होकर जरूरी मेहनत नहीं करते । [1]
    1. (A) कथन तथा कारण दोनों ग़लत हैं ।
    2. (B) कथन ग़लत है लेकिन कारण सही है ।
    3. (C) कथन सही है लेकिन कारण उसकी ग़लत व्याख्या करता है ।
    4. (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
Previously asked in CBSE board exam
2024 4/4/1 Q2
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding stimulus
Model Answer

(i) (A) कम उम्र में शतरंज के क्षेत्र में नाम कमाना

(गद्यांश में स्पष्ट है कि प्रज्ञानंदा कम उम्र में ही सफलता और उम्मीदों का भारी ताज पहन चुके हैं।)

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(ii) (B) असफल होने से जीवन समाप्त नहीं होता ।

(प्रज्ञानंदा के शब्दों का आशय है कि एक हार अंत नहीं है, आगे बढ़ते रहना चाहिए।)

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(iii) (D) असफलताओं से शिक्षा ग्रहण करना

(बिल गेट्स ने कहा — 'असफलताओं के सबक पर ध्यान देते रहें।')

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(iv) (B) अहंकार और आक्रोश की इच्छा को

(गद्यांश में लिखा है — 'अपने घमंड और आक्रामक होने की इच्छा को काबू करना जरूरी है।')

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(v) (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।

(गद्यांश में यही क्रम है — अति आत्मविश्वास के कारण हमें अपने से आगे दिखना बंद हो जाता है।)

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Source: अपठित गद्यांश (प्रज्ञानंदा एवं सफलता पर आधारित)

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Explanation
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