पाठ में लेखक की माँ पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों और प्रकृति के प्रति दयाभाव रखने की हिदायत देती थीं। इसी प्रकार मेरी माँ भी मुझे कई हिदायतें देती हैं —
प्रभाव: इन हिदायतों से मुझमें संवेदनशीलता और करुणा का भाव जागा। मैं अब जीव-जंतुओं को परेशान नहीं करता और दूसरों की पीड़ा को समझने की कोशिश करता हूँ।
Source: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले, Chapter 12
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यह प्रश्न व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है, इसलिए उत्तर में पाठ का संदर्भ लेते हुए अपनी माँ की हिदायतों का उल्लेख करना अनिवार्य है। परीक्षक देखते हैं कि छात्र ने पाठ के भाव (करुणा, सहानुभूति) को अपने जीवन से जोड़ा है या नहीं। हिदायतों के साथ 'क्या प्रभाव पड़ा' — यह भाग ज़रूर लिखें, अन्यथा अंक कटेंगे।