लेखक और हरिहर काका के बीच घनिष्ठ संबंध के दो प्रमुख कारण हैं:
पड़ोस का संबंध: हरिहर काका लेखक के पड़ोस में रहते हैं, जिससे उनका निरंतर मेल-जोल रहा।
बचपन का प्रेम एवं मित्रता: लेखक की माँ बताती हैं कि हरिहर काका बचपन में लेखक को कंधे पर बैठाकर घुमाते थे और एक पिता से भी अधिक प्यार करते थे। बड़े होने पर उनकी पहली गहरी दोस्ती लेखक से ही हुई — वे उससे कुछ नहीं छिपाते थे और खुलकर बातें करते थे।
इसीलिए लेखक हरिहर काका की कठिन परिस्थितियों से गहरे रूप से चिंतित है और उन्हें सम्मान देने वाले गिने-चुने लोगों में उनका स्थान है।
Source: हरिहर काका, आरंभिक अनुच्छेद
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