राह कुर्बानियों की न वीरान हो
तुम सजाते ही रहना नए काफ़िले
फ़तह का जश्न इस जश्न के बाद है
ज़िंदगी मौत से मिल रही है गले
बाँध लो अपने सर से कफ़न साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो ।
पठित काव्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:12 · grounding stimulus+chapter
Model Answer
(i) (a) देश की सुरक्षा की
(ii) (b) केवल (ग)
सैनिक सर पर कफ़न बाँधने की बात इसलिए करते हैं क्योंकि वे देशहित में मृत्यु का भी सामना करने के लिए तैयार हैं।
(iii) (d) देश की रक्षा हेतु तत्पर सैनिकों के काफ़िले को
कवि चाहता है कि बलिदान की राह पर चलने वाले नए सैनिकों के काफ़िले सजते रहें।
(iv) (a) देश की रक्षा हेतु कुर्बान होते सैनिकों के लिए
'हमारे' संबोधन उन वीर सैनिकों के लिए है जो मातृभूमि की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर देते हैं।
(v) (b) मातृभूमि की रक्षा हेतु बलिदान की राह
कवि चाहता है कि देशवासी कुर्बानियों की इस राह को कभी सूना न होने दें और देश-रक्षा का सिलसिला जारी रखें।
Source: कर चले हम फ़िदा, पद्यांश (अंतिम छंद)
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Explanation
- MCQ-based comprehension — उत्तर सीधे पद्यांश से चुनना है; विकल्प + एक पंक्ति में कारण लिखने से पूरे अंक मिलते हैं।
- (ii) में ध्यान दें: कफ़न बाँधना मृत्यु का भय नहीं, बल्कि देशहित में मृत्यु की स्वीकृति है — इसलिए केवल (ग) सही है।
- (iii) में 'काफ़िले' का अर्थ यात्रियों/सैनिकों का समूह है (शब्दार्थ से); 'नए काफ़िले सजाना' = नई पीढ़ी के देश-रक्षकों को तैयार करना।
- हर उत्तर के साथ एक-दो शब्दों में कारण लिखना परीक्षा में उपयोगी रहता है।