(d) मिश्र
इस वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य ("कर्नल ने खेमा लगाया था") और एक आश्रित/गौण उपवाक्य ("जो खेमा लगाया था वो वज़ीर अली को पकड़ने के लिए था") है। जब किसी वाक्य में एक से अधिक उपवाक्य हों और एक उपवाक्य दूसरे पर आश्रित हो, तो उसे मिश्र वाक्य कहते हैं। "जो...वो" जैसे संयोजक शब्द मिश्र वाक्य की पहचान हैं। 'सरल/साधारण' एक ही क्रिया वाले वाक्य होते हैं, और 'संयुक्त' में दो स्वतंत्र उपवाक्य होते हैं।