Q1. [7]
प्राकृतिक आपदा का अर्थ है – प्रकृति की ओर से आए संकट । बाढ़, बारिश, तपिश, सूखा, कहने को तो प्राकृतिक घटनाएँ हैं; लेकिन जिस तरह अब इनका रौद्ररूप मौसम–बेमौसम दिखने लगा है, यह चिंताजनक है । बीते साल बाढ़, वनों की आग, तूफान और उच्च तापमान की बेतहाशा घटनाओं ने कई देशों को झकझोर दिया है । ये घटनाएँ न तो साधारण हैं, न प्राकृतिक । पहले भी मौसम का प्रकोप दिखता था, लेकिन भयावहता का ऐसा मंजर यदा-कदा ही दिखा । इसके कारणों को जानते-समझते हुए भी हमारे अनजान बने रहने से प्राकृतिक आपदाएँ दिनोंदिन और विकराल होती जा रही हैं । जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स में प्रकाशित एक शोध ने वैज्ञानिकों, पर्यावरणविदों और प्रकृति को लेकर चिंतित संगठनों की नींद उड़ा दी है । भूजल दोहन के अनुपात में पानी वापस धरती में नहीं पहुँच रहा है । परिणामस्वरूप भूजल का स्तर दिनोंदिन गिरता जा रहा है । पृथ्वी अपने अक्ष पर झुकने लगी है । प्रकृति के साथ छेड़छाड़ कर हम उसे जो हानि पहुँचा रहे हैं, उस पर हमें नियंत्रण करना होगा । गांधी जी ने कहा था – 'यह प्रकृति करोड़ों क्या अरबों-अरबों लोगों का पालन बड़े आराम से कर सकती है किंतु एक इंसान की तृष्णा पूरी नहीं कर सकती ।' – इस संदेश को जीवन में उतारना होगा । साथ ही हमें प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए हमेशा तैयार रहना होगा । तभी हम मौत के किसी भी जलजले से बच सकते हैं ।
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
- (i) पृथ्वी के अक्ष में विचलन का मुख्य कारण है : [1]
- (A) भूजल का अतिदोहन
- (B) निरंतर बढ़ता तापमान
- (C) कम होते जंगल
- (D) बिना मौसम बरसात
- (ii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : विगत वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं का स्वरूप भयावह हुआ है ।
कारण : प्राकृतिक संसाधनों के प्रति असंवेदनशील मानवीय कृत्यों ने प्रकृति के सहज स्वरूप को प्रभावित किया है । [1]
- (A) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं ।
- (B) कारण सही है, किंतु कथन ग़लत है ।
- (C) कथन सही है, किंतु कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है ।
- (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
- (iii) 'जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स' में प्रकाशित शोध में किस खतरे का ज़िक्र है ? [1]
- (A) तेज़ी से बदलता मौसम-चक्र
- (B) भूजल का कम होता स्तर
- (C) पृथ्वी के अक्ष में झुकाव
- (D) बेतहाशा बढ़ती प्राकृतिक आपदाएँ
- (iv) भूजल के बड़े पैमाने पर दोहन से पृथ्वी पर क्या असर पड़ा ? [2]
- (v) प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए क्या अनिवार्य है ? [2]
Previously asked in CBSE board exam
2026 4/3/1 Q1
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding stimulus
Model Answer
(i) (A) भूजल का अतिदोहन
(ii) (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
(iii) (C) पृथ्वी के अक्ष में झुकाव
(iv) भूजल के बड़े पैमाने पर दोहन के कारण जितना पानी निकाला जा रहा है, उतना पानी वापस धरती में नहीं पहुँच पा रहा है। इसके दो प्रमुख परिणाम हुए — पहला, भूजल का स्तर दिनोंदिन गिरता जा रहा है, और दूसरा, पृथ्वी अपने अक्ष पर झुकने लगी है। इस खतरे ने वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों की नींद उड़ा दी है।
(v) प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए दो बातें अनिवार्य हैं। पहली, हमें प्रकृति के साथ छेड़छाड़ बंद करनी होगी और उसे होने वाली हानि पर नियंत्रण रखना होगा। दूसरी, गांधी जी के संदेश — कि प्रकृति सबका पालन कर सकती है किंतु एक इंसान की तृष्णा पूरी नहीं कर सकती — को जीवन में उतारना होगा। साथ ही आपदाओं से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहना होगा।
Source: अपठित गद्यांश — प्राकृतिक आपदा
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Explanation
- (i) & (iii): गद्यांश में स्पष्ट है कि भूजल दोहन से पहले स्तर गिरा, फिर पृथ्वी अक्ष पर झुकी — इसलिए (i) का उत्तर (A) और (iii) का उत्तर (C) है।
- (ii): गद्यांश दोनों बातें समर्थन करता है — आपदाएँ भयावह हुई हैं और मानवीय हस्तक्षेप इसका कारण है।
- (iv) & (v): उत्तर सीधे गद्यांश से लिखें; अपनी तरफ से कुछ न जोड़ें। परीक्षक प्रमुख बिंदुओं की जाँच करते हैं — भूजल स्तर का गिरना, अक्ष में झुकाव, तृष्णा पर नियंत्रण और तैयारी।
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