बहुव्रीहि समास में कोई भी पद (न पूर्वपद, न उत्तरपद) प्रधान नहीं होता — अन्य पद (तृतीय पद) प्रधान होता है।
बहुव्रीहि समास की पहचान यही है कि दोनों पद मिलकर किसी तीसरे (अन्य) व्यक्ति या वस्तु का विशेषण बनते हैं, जैसे "नीलकंठ" = जिसका कंठ नीला है — वह (शिव)। परीक्षा में यही एक-पंक्ति उत्तर पर्याप्त है।