'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठ में लेखक की माँ के कौन-कौन-से विचार आपको आज के संदर्भ में उपयुक्त लगते हैं और क्यों ? स्पष्ट कीजिए ।
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:16 · grounding rag
Model Answer
लेखक की माँ के दो विचार आज भी प्रासंगिक हैं:
- वे रात को पेड़ों के पत्ते तोड़ने से मना करती थीं, क्योंकि यह पेड़ों को कष्ट देना है।
- वे कहती थीं कि दरिया को सलाम करो, अर्थात् प्रकृति का सम्मान करो।
आज जब पर्यावरण असंतुलन गंभीर समस्या बन चुका है, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान का यह भाव अत्यंत आवश्यक है।
Source: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले, Chapter 12
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Explanation
- Examiners look for two specific ideas from the mother's character connected to nature/environment.
- Link each idea to today's context (environmental crisis, deforestation, climate change).
- Keep the answer concise — 2 marks means 2 points with brief justification, not a long essay.