'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर 'अवलोक रहा है बार-बार' पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए ।
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Model Answer
'अवलोक रहा है बार-बार' पंक्ति का आशय है कि विशाल मेखलाकार पर्वत अपने पैरों में फैले विशाल तालाब को दर्पण की तरह उपयोग करते हुए बार-बार उसमें अपना प्रतिबिंब देख रहा है। यहाँ मानवीकरण अलंकार है — पर्वत को एक अहंकारी विशालकाय पुरुष की भाँति चित्रित किया गया है।
Source: पर्वत प्रदेश में पावस, chapter 4
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Explanation
- मुख्य बिंदु: तालाब = दर्पण, पर्वत = विशाल पुरुष जो बार-बार अपना प्रतिबिंब निहारता है।
- परीक्षक मानवीकरण का उल्लेख देखते हैं — इसे अवश्य लिखें।
- 'बार-बार' शब्द पर्वत की विशालता के प्रति उसके मुग्ध भाव को दर्शाता है — यह बताना उत्तर को पूर्ण बनाता है।