कर्मधारय: पीत (पीला) है जो अंबर (वस्त्र) — पीला वस्त्र।
बहुव्रीहि: पीत है अंबर जिसका — अर्थात् विष्णु/श्रीकृष्ण।
कर्मधारय में दोनों पद एक ही वस्तु के विशेषण-विशेष्य होते हैं; बहुव्रीहि में समस्तपद किसी तीसरे (यहाँ श्रीकृष्ण) का विशेषण बनता है। परीक्षा में दोनों विग्रह और अर्थ लिखना आवश्यक है।