Q1. [7]
पीने के पानी की समस्या दिनोंदिन भयावह रूप लेती जा रही है । इसका मुख्य कारण पारंपरिक जल स्रोतों का लगातार सूखते जाना, ज़मीन के अंदर जल स्तर का नीचे जाना और जल स्रोतों का प्रदूषित होना है । यही कारण है कि जिस गति से जनसंख्या बढ़ रही है लोगों को पीने के पानी की कमी होती जा रही है और यह समस्या सिर्फ़ शहरों में ही नहीं बल्कि गाँवों में भी अपने पाँव पसार रही है ।
नदियाँ और ज़मीन के भीतर का जमा जल ही मुख्य रूप से हमारे पारंपरिक जल स्रोत हैं । लेकिन बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के कारण वैश्विक तापमान बढ़ने से पहाड़ों पर जमी बर्फ अब जल्दी पिघलने लगी है, जिससे नदियों में वर्षभर पानी नहीं आ पाता । बरसात की कमी या वर्षा जल का सही संरक्षण न हो पाने के कारण एक ओर ज़मीन उचित मात्रा में जल सोख नहीं पाती तो दूसरी ओर आधुनिक संयंत्रों से धरती और नदी के जल का अधिक दोहन होने लगा है । हर साल ज़मीन के नीचे जितना जल संचय नहीं होता उससे अधिक पानी खींच लिया जाता है । इस तरह सदियों से संचित जल का स्तर काफी नीचे चला गया है । सरकार अब वर्षा जल के संग्रहण के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर रही है, जिसे 'जल-खेती' के नाम से जाना जाता है । वर्षा-जल संग्रहण, पारंपरिक जल स्रोतों के दोहन और जल प्रदूषण पर रोक लगाकर ही इसका समाधान किया जा सकता है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए :
- (i) गद्यांश के आधार पर पीने के पानी की समस्या का भयावह रूप धारण करने का कारण नहीं है : [1]
- (A) पारंपरिक जल स्रोतों का सूखते जाना
- (B) भू-जल स्तर का निरंतर कम होना
- (C) जल स्रोतों का दिनोंदिन प्रदूषित होना
- (D) वैश्विक स्तर पर जलवायु में परिवर्तन होना
- (ii) निम्नलिखित कथन और परिणाम को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : संचित जल से अधिक भू-जल विभिन्न माध्यमों से निकाला जा रहा है ।
परिणाम : भू-जल स्तर दिन प्रतिदिन नीचे जाता जा रहा है । [1]
- (A) कथन सही है, लेकिन परिणाम ग़लत है ।
- (B) कथन और परिणाम दोनों सही हैं ।
- (C) कथन ग़लत है, लेकिन परिणाम सही है ।
- (D) कथन और परिणाम दोनों ग़लत हैं ।
- (iii) 'जल-खेती' से अभिप्राय है : [1]
- (A) जल का संग्रहण
- (B) जल का संरक्षण
- (C) जल के लिए खेती
- (D) जल में खेती
- (iv) वैश्विक तापमान में वृद्धि का क्या दुष्प्रभाव देखने को मिल रहा है ? [2]
- (v) धरती के जल स्तर में आने वाली गिरावट के कारणों की समीक्षा कीजिए । [2]
Previously asked in CBSE board exam
2025 4/2/1 Q2
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:14 · grounding stimulus
Model Answer
(i) (D) वैश्विक स्तर पर जलवायु में परिवर्तन होना
(ii) (B) कथन और परिणाम दोनों सही हैं।
(iii) (A) जल का संग्रहण
(iv) गद्यांश के अनुसार वैश्विक तापमान में वृद्धि के कारण पहाड़ों पर जमी बर्फ पहले की अपेक्षा जल्दी पिघलने लगी है। इसका दुष्प्रभाव यह हो रहा है कि नदियों में वर्षभर पानी नहीं रह पाता, जिससे जल की उपलब्धता कम होती जा रही है और पीने के पानी की समस्या और गहरी होती जा रही है।
(v) धरती के जल स्तर में गिरावट के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं :
- बरसात की कमी या वर्षा जल का सही संरक्षण न होने से ज़मीन उचित मात्रा में जल नहीं सोख पाती।
- आधुनिक संयंत्रों द्वारा धरती और नदियों के जल का अत्यधिक दोहन किया जा रहा है।
- हर साल जितना जल संचय होता है, उससे अधिक पानी खींच लिया जाता है, जिससे सदियों से संचित भू-जल का स्तर काफी नीचे चला गया है।
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Explanation
- (i) 'जलवायु परिवर्तन' को गद्यांश में पीने के पानी की समस्या का प्रत्यक्ष कारण नहीं बताया गया — वैश्विक तापमान वृद्धि (पर्यावरण प्रदूषण का परिणाम) का उल्लेख है, जो अप्रत्यक्ष रूप से नदियों को प्रभावित करती है। इसलिए (D) सही उत्तर है।
- (ii) दोनों कथन और परिणाम गद्यांश में स्पष्ट रूप से दिए गए हैं।
- (iii) गद्यांश में 'जल-खेती' को वर्षा जल के संग्रहण से जोड़ा गया है।
- (iv) & (v) के उत्तर सीधे गद्यांश से लिखें — अपनी ओर से कुछ न जोड़ें। परीक्षक passage-based accuracy देखते हैं।
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