'मीराबाई' के पद के आधार पर लिखिए कि अभीष्ट की प्राप्ति के लिए वह सेविका बनने के लिए भी क्यों तैयार है ।
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Model Answer
मीराबाई अपने अभीष्ट (श्रीकृष्ण के दर्शन, स्मरण और भक्ति) की प्राप्ति के लिए सेविका बनने को तैयार हैं क्योंकि चाकरी में उन्हें कृष्ण के दर्शन मिलेंगे, सुमरण रूपी खर्ची मिलेगी और भाव-भक्ति रूपी जागीर मिलेगी। इस प्रकार सेवा करने से तीनों लाभ एक साथ प्राप्त हो जाएँगे।
Source: पद (2), मीराँ ग्रंथावली-2, Chapter 2
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Explanation
- परीक्षक यहाँ पद (2) की इन पंक्तियों पर ध्यान देंगे: "चाकरी में दरसण पास्यूँ, सुमरण पास्यूँ खरची / भाव भगती जागीरी पास्यूँ, तीनूँ बाताँ सरसी।"
- 'अभीष्ट' = मनचाहा/वांछित (दर्शन + स्मरण + भक्ति) — तीनों बातें सेवा से ही पूरी होती हैं, यही मुख्य कारण है।
- उत्तर में तीनों लाभ (दर्शन, सुमरण, भाव-भक्ति) अवश्य लिखें।