Q1. [7]
भोजन की बर्बादी से तात्पर्य उस भोजन से है जिसे खाया नहीं जाता और फेंक दिया जाता है। अनेक लोग अधिक मात्रा में भोजन खरीदते हैं और समाप्ति तिथि के बाद खोले बिना ही उसे फेंक दिया जाता है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन द्वारा प्रकाशित आँकड़ों के अनुसार दुनियाभर में हर साल 1-3 अरब टन भोजन बर्बाद हो जाता है। यह आँकड़ा मानव उपयोग के लिए बनाए गए सभी खाद्य पदार्थों का एक-तिहाई है। दुनिया भर में लगभग एक अरब लोग कुपोषित या भूखे हैं। हम जिस भोजन को बर्बाद करने की प्रवृत्ति रखते हैं उसका केवल एक-चौथाई हिस्सा ही उन्हें ठीक से खिलाने में मदद कर सकता है। हमारे ग्रह पर उभर रही इस बड़ी समस्या का समाधान माँग के साथ खाद्य उत्पादन को संतुलित करना, खाद्य संचयन, भंडारण, प्रसंस्करण और वितरण प्रणालियों को बेहतर बनाना है। बर्बादी को सीमित करने के लिए अत्यधिक बिक्री को भी कम किया जा सकता है। प्रत्येक व्यक्ति एक योजना के साथ भोजन खरीदे और तैयार करे ताकि कम भोजन बर्बाद हो। खाद्य पुनर्चक्रण सबसे ज्ञात समाधानों में से एक है।
भोजन की बर्बादी पृथ्वी ग्रह पर सबसे बड़ी समस्याओं में से एक रही है जिसमें पृथ्वी को काफी हद तक प्रभावित किया है। इस समस्या को नियंत्रित कर आने वाली पीढ़ियों को भविष्य में होने वाली बड़ी समस्याओं जैसे ग्लोबल वार्मिंग और ग्रीन हाउस गैसों की पहुँच के कारण जलवायु परिवर्तन से बचा सकती है। खाद्य प्रणालियों की दक्षता में वृद्धि और भोजन की बर्बादी में कमी लाने के लिए नवाचार टेक्नोलॉजी व बुनियादी ढाँचे के संसाधनों में निवेश की आवश्यकता है। बर्बाद भोजन को कूड़ा खाद के रूप में इस्तेमाल करके भी पर्यावरण पर इसके दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए :
- (i) इस गद्यांश में लेखक की चिंता का विषय है : [1]
- (A) वैश्विक स्तर पर बढ़ता प्रदूषण का स्तर
- (B) वैश्विक स्तर पर लोगों का कुपोषित होना
- (C) विश्व स्तर पर होने वाली भोजन की बर्बादी
- (D) विश्व की एक-तिहाई आबादी का भूखे रहना
- (ii) मानवीयता के साथ-साथ भोजन की बर्बादी प्रभावित करती है : [1]
- (A) पर्यावरण को
- (B) जीव-जंतुओं को
- (C) अर्थव्यवस्था को
- (D) समाज को
- (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यान से पढ़िए और सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए :
कथन : भोजन की बर्बादी जलवायु परिवर्तन का भी कारक है।
कारण : भूमि पर फेंका गया भोजन तीव्र मात्रा में ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन करता है। [1]
- (A) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
- (B) कारण सही है, लेकिन कथन ग़लत है।
- (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है।
- (D) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
- (iv) भोजन की बर्बादी पर्यावरण को किस प्रकार क्षति पहुँचाती है ? इसे किस प्रकार कम किया जा सकता है ? [2]
- (v) भोजन की बर्बादी से आप क्या समझते हैं और इसके क्या कारण हैं ? [2]
Previously asked in CBSE board exam
2025 4/3/1 Q2
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:21 · grounding stimulus
Model Answer
(i) (C) विश्व स्तर पर होने वाली भोजन की बर्बादी
(ii) (A) पर्यावरण को
(iii) (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है।
(गद्यांश में ग्रीन हाउस गैसों का उल्लेख है, परंतु भूमि पर फेंके गए भोजन से गैस उत्सर्जन का विशेष उल्लेख नहीं है।)
(iv) भोजन की बर्बादी ग्लोबल वार्मिंग और ग्रीन हाउस गैसों के कारण जलवायु परिवर्तन को बढ़ावा देकर पर्यावरण को क्षति पहुँचाती है। इसे निम्न प्रकार कम किया जा सकता है —
- बर्बाद भोजन को कूड़ा खाद के रूप में उपयोग करके।
- नवाचार टेक्नोलॉजी व बुनियादी ढाँचे में निवेश करके खाद्य प्रणालियों की दक्षता बढ़ाकर।
(v) भोजन की बर्बादी से तात्पर्य उस भोजन से है जिसे खाया नहीं जाता और फेंक दिया जाता है। इसके प्रमुख कारण हैं —
- लोगों द्वारा आवश्यकता से अधिक भोजन खरीदना।
- समाप्ति तिथि के बाद भोजन को बिना खोले फेंक देना।
- अत्यधिक बिक्री (over-selling) की प्रवृत्ति।
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Explanation
- (i) पूरा गद्यांश भोजन की बर्बादी पर केंद्रित है, अतः (C) सही है।
- (ii) दूसरा अनुच्छेद स्पष्ट करता है कि भोजन की बर्बादी पर्यावरण (ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन) को प्रभावित करती है।
- (iii) कथन गद्यांश से सही है, लेकिन कारण में जो विशेष तथ्य (भूमि पर फेंके भोजन से गैस उत्सर्जन) दिया गया वह गद्यांश में नहीं है — इसलिए (C) चुनें।
- (iv)–(v) में उत्तर सीधे गद्यांश से लें; परीक्षक पैसेज-based evidence देखते हैं।
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