'आत्मत्राण' कविता को पढ़ने के बाद, उसके कवि की किन दो विशेषताओं को आप अपने चरित्र में समायोजित करना चाहेंगे और क्यों ?
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:18 · grounding rag
Model Answer
'आत्मत्राण' कविता पढ़कर मैं कवि की निम्न दो विशेषताएँ अपनाना चाहूँगा:
- आत्मबल और निर्भयता — कवि विपदाओं से बचाने की प्रार्थना न करके भय से मुक्त रहने की कामना करता है। यह आत्मनिर्भरता जीवन में संघर्ष करने की प्रेरणा देती है।
- ईश्वर पर अटूट विश्वास — कठिन परिस्थितियों में भी कवि ईश्वर पर संशय नहीं करता। यह दृढ़ आस्था मन को स्थिर रखती है।
Source: आत्मत्राण, chapter 7
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Explanation
यह मूल्यपरक प्रश्न है। परीक्षक चाहते हैं कि छात्र कविता से दो ठोस गुण लेकर उन्हें अपने जीवन से जोड़े। 'भय न पाऊँ' और 'संशय न करूँ' — ये कविता की दो केंद्रीय भावनाएँ हैं, इन्हें अपने शब्दों में लिखें। उत्तर में 'क्यों' का स्पष्ट उल्लेख जरूरी है वरना अंक कटते हैं।