पढ़ाई के प्रति बड़े भाई साहब और छोटे भाई की सोच में क्या अंतर था? 'बड़े भाई साहब' पाठ के आधार पर लिखिए।
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Model Answer
बड़े भाई साहब पढ़ाई को अत्यंत गंभीरता से लेते थे। वे मानते थे कि बुनियाद मज़बूत होनी चाहिए, इसलिए एक साल का काम दो-तीन साल में करते थे। उनके अनुसार केवल परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि बुद्धि का विकास असली लक्ष्य है।
इसके विपरीत, छोटे भाई का मन पढ़ाई में बिल्कुल नहीं लगता था। वह मौका मिलते ही खेल-कूद में लग जाता था और पढ़ाई को बोझ समझता था।
Source: बड़े भाई साहब, Chapter 8
Explanation
- Examiner expects contrast between the two attitudes — use words like "गंभीर/लापरवाह", "बुनियाद", "बुद्धि का विकास" to score full marks.
- Quote or paraphrase key lines from the text: "बुनियाद ही पुख्ता न हो तो मकान कैसे पायेदार बने" and "महज़ इम्तिहान पास कर लेना कोई चीज़ नहीं।"
- Keep both sides of the contrast clearly separated — one paragraph each is ideal for 2 marks.