Q1. [7]
धरती के भीतर होने वाले कंपन कई बार नदियों का मार्ग बदल चुके हैं । ऐसे में नदी कभी-कभी अपने मूल स्थान से मीलों दूर चली जाती है । इससे तटवर्ती नगरों-महानगरों के निर्माण तो ध्वस्त होते ही हैं, एक बड़े परिक्षेत्र की कृषि योग्य भूमि भी जलमग्न हो जाती है । अपने सबसे घातक और विनाशकारी रूप में आने वाला भूकंप सड़कों, राजमार्गों को तोड़ते हुए पूरे परिदृश्य को मौलिक रूप से बदलने के साथ ही, नई-नई झीलें भी बना सकता है । विश्व में अनेक ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों में घनी आबादी बसती है और नदियाँ भी बहती हैं । वहाँ गंभीर संकट मुँह बाए खड़ा है । यह जोखिम भरी स्थिति है ।
जब धरती की सतह के भीतर टेक्टोनिक प्लेटें एक-दूसरे के विरुद्ध घिसती हैं या खिसकती हैं, तो वे कंपन पैदा करती हैं और धरती पर भूकंप आता है, और जब इसका केन्द्र नदी के क़रीब होता है तो अनेक बार नदी अपना रास्ता बदल देती है, भारी तबाही लाती है । चीन, भारत और जापान में आया भूकंप इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है जो जान-माल की हानि का कारण बना ।
नदी के बदलावों के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों में विकास को सीमित कर, बाढ़ के मैदानों को खुली जगह या कृषि भूमि में वर्गीकृत कर विज्ञान और सतर्कता से इनका सामना किया जा सकता है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
- (I) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए ।
कथन : भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में घनी आबादी का बसना जोखिमपूर्ण है ।
कारण : प्राकृतिक आपदा के समय जान-माल की रक्षा करना चुनौतीपूर्ण कार्य है । [1]
- (A) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है ।
- (B) कथन गलत है, किन्तु कारण सही है ।
- (C) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है ।
- (D) कथन और कारण दोनों ही गलत हैं ।
- (II) धरती की सतह पर भूकंप आने का कारण है – [1]
- (A) नदियों द्वारा अपना रास्ता बदलना ।
- (B) धरती के भीतर प्लेटों का प्रतिकूल दिशा में खिसकना ।
- (C) मनुष्य द्वारा प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया जाना ।
- (D) मनुष्य द्वारा प्रकृति को क्षति पहुँचाकर विकास कार्यों में तेजी लाना ।
- (III) गद्यांश के मूल भावों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सत्य है/हैं ?
(i) भूकंप के कारण नदियाँ अपना रुख बदल लेती हैं ।
(ii) विकास की गति को प्रतिबंधित कर भूकंप से बचा जा सकता है ।
(iii) विनाशकारी भूकंप धरती पर जल के नए स्रोतों को जन्म दे सकता है ।
(iv) मानवीय गतिविधियाँ नदियों को अपने मूल स्थानों से दूर ले जाने का कारण हैं । [1]
- (A) (i) और (iv) सही हैं ।
- (B) (ii) और (iv) सही हैं ।
- (C) (ii) और (iii) सही हैं ।
- (D) (i) और (iii) सही हैं ।
- (IV) भूकंप के कारण नदी का मार्ग कैसे बदल जाता है ? [2]
- (V) धरती के भीतर उठने वाले 'कंपन' को क्या कहते हैं और उसके क्या परिणाम होते हैं ? [2]
Previously asked in CBSE board exam
2025 4/5/1 Q2
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:15 · grounding stimulus
Model Answer
(I) (A) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है ।
(II) (B) धरती के भीतर प्लेटों का प्रतिकूल दिशा में खिसकना ।
(III) (D) (i) और (iii) सही हैं ।
(IV) जब धरती की सतह के भीतर टेक्टोनिक प्लेटें एक-दूसरे के विरुद्ध घिसती या खिसकती हैं, तो भूकंप आता है । जब इस भूकंप का केंद्र किसी नदी के निकट होता है, तो धरती के भीतर होने वाले कंपन के कारण नदी अपना मूल मार्ग छोड़कर मीलों दूर चली जाती है, जिससे तटवर्ती नगर ध्वस्त हो जाते हैं और कृषि भूमि जलमग्न हो जाती है ।
(V) धरती के भीतर उठने वाले कंपन को भूकंप कहते हैं । इसके परिणामस्वरूप नदियाँ अपना मार्ग बदल लेती हैं, तटवर्ती नगरों के निर्माण ध्वस्त होते हैं, कृषि योग्य भूमि जलमग्न हो जाती है, सड़कें-राजमार्ग टूट जाते हैं और नई झीलें भी बन सकती हैं । जान-माल की भारी हानि होती है ।
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Explanation
- (I): गद्यांश में स्पष्ट है कि संवेदनशील इलाकों में घनी आबादी का बसना गंभीर संकट और जोखिम है; कारण इसकी सही व्याख्या करता है।
- (II): गद्यांश सीधे कहता है — टेक्टोनिक प्लेटों का घिसना/खिसकना भूकंप का कारण है।
- (III): (i) सत्य है (भूकंप से नदियाँ रास्ता बदलती हैं); (iii) सत्य है (विनाशकारी भूकंप नई झीलें बनाता है — जल का नया स्रोत)। (ii) गलत है क्योंकि विकास सीमित करने से भूकंप नहीं रुकता, केवल क्षति कम होती है। (iv) गलत है — नदी मार्ग बदलाव का कारण मानवीय गतिविधि नहीं, भूकंप है।
- (IV–V): उत्तर गद्यांश के तथ्यों पर आधारित रखें; अपनी ओर से कुछ न जोड़ें।
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