मेरे बड़े भाई साहब — यह संज्ञा पदबंध है, क्योंकि इसमें एक से अधिक शब्द मिलकर संज्ञा का कार्य कर रहे हैं।
संज्ञा पदबंध वह होता है जिसमें मुख्य शब्द संज्ञा हो और अन्य शब्द उसके विशेषण या विस्तारक के रूप में हों। यहाँ "भाई साहब" मुख्य संज्ञा है और "मेरे बड़े" उसके विशेषण हैं — मिलकर पूरा पदबंध "मेरे बड़े भाई साहब" बनता है। परीक्षा में पदबंध को रेखांकित करके उसका नाम लिखना पर्याप्त है।