Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:17 · grounding rag
Model Answer
शैलेंद्र की फिल्म 'तीसरी कसम' की कहानी सुनकर राजकपूर ने कहा कि यह फिल्म कभी नहीं चलेगी और उन्होंने शैलेंद्र को असफलता के खतरों से आगाह किया। यह सुनकर शैलेंद्र का चेहरा मुरझा गया, फिर भी उन्होंने फिल्म बनाने का निर्णय नहीं बदला।
Source: तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र, प्रश्न-अभ्यास
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Explanation
- परीक्षक यहाँ दो बातें चाहते हैं: (1) राजकपूर की प्रतिक्रिया — फिल्म न चलने की चेतावनी, (2) शैलेंद्र पर उसका असर — चेहरा मुरझाना।
- उत्तर 2 अंक का है, इसलिए दोनों बिंदु अवश्य लिखें।
- पाठ से सटे शब्दों का प्रयोग करें जैसे "असफलता के खतरों से आगाह करना"।