बहुव्रीहि समास का उदाहरण — चतुर्भुज (चार हैं भुजाएँ जिसकी, अर्थात् विष्णु)। इसमें दोनों पद मिलकर किसी तीसरे अर्थ का बोध कराते हैं।
बहुव्रीहि समास में समस्त पद का अर्थ दोनों पदों से भिन्न होता है — वह किसी तीसरे व्यक्ति/वस्तु का विशेषण बन जाता है। अन्य स्वीकार्य उदाहरण: नीलकंठ (नीला है कंठ जिसका = शिव), लंबोदर (लंबा है उदर जिसका = गणेश)। परीक्षा में उदाहरण के साथ संक्षिप्त विग्रह लिखना अंक दिलाता है।