काव्य-खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए सर्वाधिक उचित उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए : 'मनुष्यता' कविता से उद्धृत – "तभी समर्थ भाव है कि तारता हुआ तरे" – पंक्ति का भाव है –
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:15 · grounding rag
Model Answer
उत्तर: (B) मानव जीवन की सार्थकता सबको साथ लेकर चलने में है।
पंक्ति का भाव है कि सच्ची सामर्थ्य वही है जिसमें व्यक्ति स्वयं तरते हुए दूसरों को भी तारे — अर्थात् सबको साथ लेकर चले।
Source: मनुष्यता, chapter 3
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Explanation
- पंक्ति "तभी समर्थ भाव है कि तारता हुआ तरे" में कवि कहता है कि वास्तविक सामर्थ्य तभी सिद्ध होती है जब मनुष्य खुद उन्नति करते हुए दूसरों को भी ऊपर उठाए।
- Option B सटीक है क्योंकि पूरी कविता का केंद्रीय भाव "सबको साथ लेकर चलना" और परोपकार है।
- Option C आंशिक सच है लेकिन पंक्ति का पूर्ण भाव नहीं पकड़ता; Option A और D पंक्ति के भाव से मेल नहीं खाते।