मीरा के 'पद' के आधार पर लिखिए कि द्रौपदी, प्रह्लाद आदि का उल्लेख कर मीरा भगवान को उनका कौन-सा रूप स्मरण करवा रही है और क्यों ?
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Model Answer
मीरा द्रौपदी की लाज रखने, प्रह्लाद के लिए नरसिंह रूप धारण करने और गजराज (हाथी) की पीड़ा हरने जैसे भक्त-रक्षक कार्यों का स्मरण कराती हैं। इन उदाहरणों द्वारा वे भगवान को उनके भक्त-रक्षक (भक्त-वत्सल) रूप की याद दिलाती हैं। मीरा का उद्देश्य यह है कि जैसे ईश्वर ने पहले अपने भक्तों की पीड़ा हरी, वैसे ही अब वे दासी मीरा की भी पीड़ा (भीर) दूर करें। यह भाव विनती और उलाहने का मिश्रण है।
Source: पद (पाठ 2), स्पर्श भाग-2
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Explanation
- The examiner looks for two things: (1) कौन-सा रूप — भक्त-रक्षक/भक्त-वत्सल रूप, and (2) क्यों — ताकि मीरा की पीड़ा भी उसी तरह हरें।
- Mention at least 2-3 examples from the पद (द्रौपदी, नरहरि/प्रह्लाद, गजराज) to get full marks.
- Do not just translate the पद; draw the inference about purpose — यह परीक्षक की मुख्य माँग है।