सही उत्तर: (C) मनुष्य द्वारा किए गए उसके कर्म
कविता में कहा गया है — "फलानुसार कर्म के अवश्य बाह्य भेद हैं" — अर्थात् संसार में मनुष्यों की स्थिति में भिन्नता उनके कर्मों के अनुसार होती है।
Source: मनुष्यता, chapter 3
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कवि मैथिलीशरण गुप्त स्पष्ट करते हैं कि सभी मनुष्य एक ईश्वर की संतान हैं, अंदर से सब एक हैं — "अंतरैक्य में प्रमाणभूत वेद हैं।" जो बाहरी भेद दिखता है वह केवल कर्मों के फल के कारण है। परीक्षा में सीधे काव्य-पंक्ति उद्धृत करने से पूरा अंक मिलता है।