सच्चा मित्र
राहुल और सोनू बचपन के親友 थे। दोनों एक ही कक्षा में पढ़ते थे।
एक बार राहुल बुरी संगत में पड़कर परीक्षा में नकल करने की सोचने लगा। सोनू को यह बात पता चली। उसने राहुल को समझाया — "यह गलत है। इससे तुम्हारा भविष्य बर्बाद हो जाएगा।"
राहुल ने पहले सोनू की बात नहीं मानी, बल्कि उससे नाराज हो गया। परंतु सोनू ने हार नहीं मानी। उसने राहुल को रोज़ पढ़ाया और उसका हौसला बढ़ाया।
परीक्षा में राहुल ने ईमानदारी से उत्तर लिखे और अच्छे अंक प्राप्त किए। उसने सोनू को गले लगाते हुए कहा — "तुम सच्चे मित्र हो। तुमने मुझे सही राह दिखाई।"
सीख: सच्चा मित्र वही है जो बुरे समय में सच बोले और सही मार्ग दिखाए।
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