(a) दूध की मक्खी — यह मुहावरा 'बेकार वस्तु' या 'अनुपयोगी व्यक्ति' के अर्थ में प्रयुक्त होता है।
'दूध की मक्खी' का अर्थ है — वह वस्तु या व्यक्ति जिसे पहले उपयोग किया जाए, फिर निकालकर फेंक दिया जाए; यानी बेकार/अनुपयोगी। बाकी विकल्प अलग अर्थ रखते हैं: 'गिद्ध दृष्टि' = तीखी नज़र, 'मुट्ठी भर' = बहुत कम, 'लगती बात' = चुभने वाली बात।