(विकल्प ग — नारी सशक्तिकरण : सुदृढ़ समाज का आधार)
नारी सशक्तिकरण : सुदृढ़ समाज का आधार
नारी सशक्तिकरण का अर्थ है — महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षिक दृष्टि से इतना सक्षम बनाना कि वे स्वतंत्र निर्णय ले सकें। जब नारी सशक्त होती है, तो परिवार, समाज और राष्ट्र — तीनों सुदृढ़ होते हैं।
सशक्तिकरण इसलिए आवश्यक है क्योंकि नारी समाज की आधी शक्ति है। उसकी उपेक्षा से समाज का विकास अधूरा रहता है।
किंतु इस राह में अनेक बाधाएँ हैं — रूढ़िवादी सोच, लिंग-भेद, कम शिक्षा, घरेलू हिंसा और आर्थिक परनिर्भरता।
इन बाधाओं को दूर करने के लिए आवश्यक है कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए, महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलें, कानूनी अधिकारों की जानकारी दी जाए और समाज की मानसिकता बदली जाए। सशक्त नारी ही सशक्त राष्ट्र की नींव है।
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