Q1. [5]
शोर से होने वाली बहरेपन की बीमारी एक गंभीर स्वास्थ्यगत समस्या है । तेज आवाज हमारी श्रवण कोशिकाओं पर बहुत दबाव डालती है, जिससे वे स्थायी रूप से चोटिल हो सकती हैं । यदि सुनने की क्षमता एकबार चली गई तो उसे पुनः पाना नामुमकिन है । विश्व स्वास्थ्य संगठन की 'वर्ल्ड हीयरिंग रिपोर्ट' के मुताबिक विश्व की 1.5 अरब आबादी बहरेपन के साथ जी रही है । ध्वनि प्रदूषण दरअसल ऐसे अवांछित विद्युत चुंबकीय संकेत है, जो इंसान को कई रूपों में नुकसान पहुँचाते हैं । इसीलिए, शोर-प्रेरित बहरेपन पर फौरन ध्यान देने की जरूरत है । वैश्विक अध्ययन बताते हैं कि निर्माण कार्य, औद्योगिक कामकाज, जहाज बनाने या मरम्मत करने संबंधी काम, अग्निशमन, नागरिक उड्डयन आदि सेवाओं में लगे श्रमिकों में शोर-प्रेरित बहरेपन का खतरा अधिक होता है । आकलन है कि 15 फीसदी नौजवान संगीत-कार्यक्रमों, खेल-आयोजनों और दैनिक कामकाज में होने वाले शोर से बहरेपन का शिकार होते हैं । शोर-प्रेरित बहरेपन की समस्या विकासशील देशों में ज्यादा है, जहाँ तीव्र औद्योगीकरण, अनौपचारिक क्षेत्र के विस्तार और सुरक्षात्मक व शोर-नियंत्रणरोधी उपायों की कमी से लोग चौतरफा शोर-शराबे में दिन बिताने को अभिशप्त हैं । हमें यह समझना ही होगा कि श्रवण-शक्ति का ह्रास न सिर्फ इंसान को प्रभावित करता है, बल्कि समाज पर भी नकारात्मक असर डालता है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इस पर आधारित प्रश्नों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
- (i) शोर-प्रेरित बहरेपन का खतरा किस क्षेत्र से जुड़े लोगों को कम है ? [1]
- (a) जहाज-निर्माण से जुड़े लोगों को
- (b) स्वास्थ्य-सेवाओं से जुड़े लोगों को
- (c) खेल-आयोजनों से जुड़े लोगों को
- (d) संगीत-कार्यक्रमों से जुड़े लोगों को
- (ii) गद्यांश के संदर्भ में अनुपयुक्त कथन है – [1]
- (a) विकासशील देशों में अनौपचारिक क्षेत्र विस्तार की समस्या नहीं है ।
- (b) विकासशील देशों में शोर-नियंत्रणरोधी उपायों पर अधिक ध्यान नहीं दिया जाता है ।
- (c) कुछ सेवाओं से जुड़े लोग अन्य की तुलना में बहरेपन के अधिक शिकार हैं ।
- (d) कुछ खास सेवाओं से जुड़े युवा भी आज बहरेपन का शिकार हो रहे हैं ।
- (iii) विकासशील देशों के लोगों के जीवन को अभिशप्त क्यों कहा गया है ? [1]
- (a) उनका जीवन अनेक सामाजिक संकटों से घिरा है ।
- (b) उनका जीवन अनेक आर्थिक संकटों से घिरा है ।
- (c) वे खराब सेहत वाली विवश जिंदगी बसर करते हैं ।
- (d) वे शोर-शराबे से भरी जिंदगी जीने को विवश हैं ।
- (iv) तीव्र आवाज़ का हमारे शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है ? [1]
- (a) तंत्रिका-कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त
- (b) श्रवण-कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त
- (c) रक्त-कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त
- (d) हृदय-कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त
- (v) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए : कथन (A) – वर्तमान में श्रवण शक्ति का ह्रास एक सार्वजनिक समस्या बन गई है । कारण (R) – आर्थिक विकास की अनियमित होड़ इस समस्या के मूल कारणों में से एक है । [1]
- (a) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत हैं ।
- (b) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है ।
- (c) कथन (A) सही है तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है ।
- (d) कथन (A) सही है, परंतु कारण (R) कथन (A) की गलत व्याख्या करता है ।
Previously asked in CBSE board exam
2023 4/6/1 Q2
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:16 · grounding stimulus
Model Answer
(i) (b) स्वास्थ्य-सेवाओं से जुड़े लोगों को
(ii) (a) विकासशील देशों में अनौपचारिक क्षेत्र विस्तार की समस्या नहीं है ।
(iii) (d) वे शोर-शराबे से भरी जिंदगी जीने को विवश हैं ।
(iv) (b) श्रवण-कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त
(v) (c) कथन (A) सही है तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है ।
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Explanation
- (i) गद्यांश में निर्माण, जहाज-निर्माण, अग्निशमन, नागरिक उड्डयन आदि का उल्लेख है; स्वास्थ्य-सेवाओं का नहीं — इसलिए वे कम खतरे में हैं।
- (ii) गद्यांश स्पष्ट कहता है कि विकासशील देशों में अनौपचारिक क्षेत्र का विस्तार है, अतः विकल्प (a) अनुपयुक्त (गलत) कथन है।
- (iii) 'अभिशप्त' शब्द गद्यांश में 'चौतरफा शोर-शराबे में दिन बिताने' के संदर्भ में प्रयुक्त है।
- (iv) गद्यांश की पहली-दूसरी पंक्ति में स्पष्ट है — "तेज आवाज हमारी श्रवण कोशिकाओं पर बहुत दबाव डालती है।"
- (v) श्रवण-शक्ति का ह्रास व्यक्ति और समाज दोनों को प्रभावित करता है (सार्वजनिक समस्या), और इसका मूल कारण तीव्र औद्योगीकरण यानी आर्थिक विकास की होड़ है — अतः (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
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