'मीराबाई' रचित 'द्वितीय पद' के अनुसार अपने आराध्य को पाने के लिए मीरा क्या-क्या करना चाहती हैं और क्यों ?
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Model Answer
द्वितीय पद में मीरा श्याम (श्रीकृष्ण) की चाकरी (सेविका) बनना चाहती हैं। इसके लिए वे निम्न कार्य करना चाहती हैं:
- बाग लगाना — ताकि प्रतिदिन उठकर प्रभु का दर्शन मिले।
- वृंदावन की कुंज गलियों में गोविंद की लीला गाना।
- ऊँचे महल बनाना और बीच-बीच में बगीचा रखना, कुसुम्बी साड़ी पहनकर दर्शन पाना।
- यमुना तट पर रात्रि में प्रभु-दर्शन की याचना करना।
कारण: चाकरी करने से उन्हें दर्शन (ईश्वर के दर्शन), स्मरण (भजन) और भाव-भक्ति — तीनों एक साथ प्राप्त होंगे।
Source: पद (द्वितीय पद), मीराबाई, क्षितिज भाग-2, अध्याय 2
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Explanation
- परीक्षक दो बातें देखते हैं: मीरा क्या-क्या करना चाहती हैं (कम से कम 3-4 कार्य) और क्यों (चाकरी से दर्शन + सुमरण + भक्ति तीनों मिलती हैं)।
- पद की पंक्ति "चाकरी में दरसण पास्यूँ, सुमरण पास्यूँ खरची, भाव भगती जागीरी पास्यूँ" ही "क्यों" का सीधा उत्तर है — इसे जरूर शामिल करें।
- उत्तर राजस्थानी शब्दों के हिंदी अर्थ सहित लिखें; परीक्षक स्पष्टता को महत्व देते हैं।