'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर लिखिए कि कवि को ऐसा क्यों लगता है कि जैसे अचानक पर्वत पंख लगाकर उड़ गया हो ?
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:13 · grounding rag
Model Answer
वर्षा ऋतु में पर्वत के चारों ओर घने बादल छा जाते हैं। ये बादल पर्वत को पूरी तरह ढक लेते हैं, जिससे पर्वत दिखाई नहीं देता। कवि को ऐसा प्रतीत होता है मानो पर्वत ने बादलों रूपी पंख लगा लिए हों और वह उड़ गया हो। बादलों में पर्वत का अदृश्य हो जाना ही इस भ्रम का कारण है। इस प्रकार कवि ने पर्वत का मानवीकरण करते हुए उसे पक्षी की भाँति उड़ता हुआ दिखाया है।
Source: पर्वत प्रदेश में पावस, प्रश्न-अभ्यास
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Explanation
- परीक्षक यहाँ कारण (बादलों का पर्वत को ढक लेना → पर्वत का अदृश्य होना) और काव्य-युक्ति (मानवीकरण / पंख का बिम्ब) दोनों देखते हैं।
- 3 अंक के लिए तीन बिंदु स्पष्ट करें: (1) बादलों का छाना, (2) पर्वत का दिखाई न देना, (3) पंख लगाकर उड़ने का भ्रम।
- उत्तर संक्षिप्त और बिंदुवार रखें; अनावश्यक विस्तार से बचें।