‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता के आधार पर लिखिए कि कवि ने वृक्षों को पर्वतों की उच्चाकांक्षाएँ क्यों कहा है ?
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:13 · grounding rag
Model Answer
कवि ने वृक्षों को पर्वतों की उच्चाकांक्षाएँ इसलिए कहा है क्योंकि वृक्ष पर्वत के हृदय से उठकर आकाश की ओर ऊँचे-ऊँचे झाँक रहे हैं। जिस प्रकार मनुष्य की उच्चाकांक्षाएँ उसे ऊपर उठने की प्रेरणा देती हैं, उसी प्रकार ये वृक्ष पर्वत की ऊँचाई पाने की चाहत को व्यक्त करते हैं — अनिमेष, अटल और चिंतामग्न।
Source: पर्वत प्रदेश में पावस, प्रश्न-अभ्यास (प्रश्न 5)
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Explanation
- परीक्षक यहाँ मानवीकरण की समझ देखते हैं — पर्वत को सजीव मानकर वृक्षों को उसकी महत्त्वाकांक्षा बताया गया है।
- काव्य-पंक्ति का संदर्भ देना जरूरी है: "उच्चाकांक्षाओं से तरुवर / हैं झाँक रहे नीरव नभ पर / अनिमेष, अटल, कुछ चिंतापर।"
- 2 अंक के लिए कारण + भाव दोनों लिखें, एक-दो वाक्यों में।