“आपसी फूट के कारण भारत इतने वर्षों तक दूसरों का गुलाम रहा” – क्या आप इस कथन से सहमत हैं ? ‘कारतूस’ एकांकी के आधार पर कारण सहित उत्तर दीजिए ।
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:20 · grounding rag
Model Answer
हाँ, मैं इस कथन से पूरी तरह सहमत हूँ। 'कारतूस' एकांकी में यह स्पष्ट रूप से दिखता है:
- सआदत अली की गद्दारी – सआदत अली अपने ही भतीजे वज़ीर अली का दुश्मन था। उसने अंग्रेज़ों को आधी सल्तनत और दस लाख रुपये देकर उनसे मित्रता कर ली, ताकि वह अवध के तख्त पर बैठ सके।
- अंग्रेज़ों का लाभ – कर्नल ने स्वयं कहा कि सआदत अली उनका दोस्त है और ऐशपसंद है। इस आपसी फूट का फ़ायदा उठाकर अंग्रेज़ों ने अवध पर कब्ज़ा किया।
- वज़ीर अली अकेला लड़ता रहा – वज़ीर अली जैसा जाँबाज़ नवाब मुट्ठीभर साथियों के साथ जंगलों में भटकता रहा क्योंकि उसे अपनों का साथ नहीं मिला।
यदि भारतीय एकजुट होते तो अंग्रेज़ यहाँ इतने वर्षों तक राज नहीं कर पाते।
Source: कारतूस (एकांकी), Chapter 14, प्रश्न-अभ्यास
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Explanation
- CBSE examiners expect you to take a clear stance (हाँ/नहीं) and then support it with textual evidence from the एकांकी.
- The key evidence here is सआदत अली की गद्दारी — this is the most direct example of आपसी फूट in the play.
- Always mention 2–3 specific points from the text; do not write general history.
- End with a brief concluding line that connects back to the question statement.
- Avoid lengthy introductions — get to the point immediately.